भारत की शीर्ष 10 सबसे मशहूर पेंटिंग

गुफा कला के इतिहास से लेकर, अजंता और एलोरा के भित्ति चित्र, राजपूत और हिल स्कूल की पेंटिंग्स और मुगलों द्वारा बनायी गयी लघु कृतियां तक भारत के इतिहास में कला ने महत्वपूर्ण किरदार अदा किया है. यहां हम आपको भारतीय आधुनिक कलाकारों द्वारा भारत की आजादी से लेकर अबतक बनायी गयी शीर्ष 10 पेंटिंग की सूची दिखाने जा रहे हैं.

जटायु वधम

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जटायु वधम को राजा रवि वर्मा द्वारा बनाया गया था. वह भारतीय कला के सबसे प्रसिद्ध छवियों में से एक थे. जटायु वधम पेंटिंग में महाकाव्य कहानी रामायण का एक किस्सा दिखाया गया था. जिसमें रावण द्वारा, सीता को बचाने की कोशिश कर रहे जटायु गिद्ध के पंख काटते दिखाया गया था.

तीन लडकियाँ

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“तीन लड़कियों” की पेंटिंग को अमृता शेरगिल द्वारा बनाया गया था. इस पेंटिंग में तीन लडकियों की शादी से पहले उनकी मासूमियत को दिखाया गया है, जो अभी व्यस्क भी नहीं हुईं. इस पेंटिंग को आजादी से पहले तैयार किया गया था और इस पेंटिंग ने कला की दुनिया में अपना बहुत प्रभाव छोड़ा था. इस पेंटिंग को फिर 1935 में नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट, दिल्ली में रखा गया.

भारत माता

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“भारत माता” पेंटिंग को अवनीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा बनाया गया था. वह रबिन्द्रनाथ टैगोर के भतीजे थे. वह “इंडियन सोसाइटी ऑफ़ ओरिएंटल आर्ट” के संस्थापक सदस्य और प्रिंसिपल कलाकार थे.

मदर टेरेसा का प्रतिष्ठित चित्र

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मदर टेरेसा की प्रतिष्ठित पेंटिंग को एम्.ऍफ़ हुसैन द्वारा बनाया गया था। इस पेंटिंग में मदर टेरेसा को सफेद साड़ी पहने हुए दिखाया गया था और उस साड़ी के किनारे नीली रेखा के थे. इस पेंटिंग में मदर टेरेसा की पवित्रता को दिखाया गया था. यह पेंटिंग एम.ऍफ़ हुसैन के हाथों बनी होने की वजह से मदर टेरेसा की विरासत का हिस्सा बन गयी थी.

डांडी मार्च

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डांडी मार्च की पेंटिंग को काले और सफेद लिनोकट में नंदलाल बोस द्वारा बनाया गया था. इस पेंटिंग में महात्मा गांधी द्वारा किया गया भारत के औपनिवेश्क के दिनों में अंग्रेजों के खिलाफ मशहूर दांडी मार्च दिखाया गया था. इस पेंटिंग को 1930 में तैयार किया गया था, अब यह पेंटिंग दिल्ली में नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट का हिस्सा है.

सोहनी महिवाल

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“सोहनी महिवाल” की पेंटिंग को महान चित्रकार शोभा सिंह द्वारा बनाया गया था. यह पेंटिंग सोहनी महिवाल की दुखद प्रेम कहानी को दर्शाती है. इस कलाकार ने सोहनी महिवाल प्रेम कहानी पर 1937 और 1979 के बीच कई मशहूर पेंटिंग बनायी थी. लेकिन उन सब में से यह सबसे प्रसिद्ध थी.

तारा जो टिमटिमाता है

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“तारा जो टिमटिमाता है (The Star that Beckons) “ की पेंटिंग को जहाँगीर सबावाला द्वारा तैयार किया गया था. इस पेंटिंग में उन्होंने प्रकाश और अंतरिक्ष के साथ-2 समुन्द्र, रेत और आकाश के मिश्रणों को दिखाया था. सबावाला भारत के एक विशाल कलाकार थे जिन्होंने अपने करियर में 60 से अधिक वर्षों तक काम किया था.

कुल्लू की बसंत में कृष्ण

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“कुल्लू की बसंत में कृष्ण” की पेंटिंग को रूस के कलाकार निकोलस रोरिक द्वारा तैयार किया गया था. इस पेंटिंग को न्यूयॉर्क में निकोलस के संग्रहालय में रखा गया है. इस पेंटिंग में भगवान कृष्ण को बसंत के मौसम में बर्फ के पहाड़ों के बीच पेड़ के नीचे बैठकर बांसुरी बजाते हुए दिखाया गया है.

महिषासुर

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महिषासुर की पेंटिंग को तयेब मेहता द्वारा बनाया गया था. इस पेंटिंग में हिन्दू देवी दुर्गा द्वारा भैंस का अवतार लिए हुए दानव महिषासुर का वध करते हुए दिखाया गया था. इस पेंटिंग को 6 करोड़ रुपए में बेचा गया था. तयेब मेहता ने अपनी कला से भारतीय कलाकारों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी थी.

पूर्ण सरपट चाल में दौड़ता हुआ घोड़ा

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“पूर्ण सरपट चाल में दौड़ते हुए घोड़े” की पेंटिंग को एम्.ऍफ़ हुसैन द्वारा बनाया गया था. यह पेंटिंग उन्होंने अपने शुरुआती करियर के दौरान बनायी थी. इस पेंटिंग में घोड़ा सर ऊपर उठाकर मजबूत स्थिति में सरपट दौड़ता दिखाया गया है. यह पेंटिंग एम्.ऍफ़. हुसैन द्वारा बनायी गयी सबसे मशहूर पेंटिंग थी.

साल 2018 में सेलिब्रिटी शादियां जो ख़ास रहीं

वैसे तो हर साल कोई न कोई यादगार शादी होती है लेकिन सेलिब्रिटीज की शादियों के लिहाज से साल 2018 खास रहा। इस साल बहुत सारी बड़ी हस्तियों ने बड़ी धूमधाम से शाही शादियां रचाई। ब्रिटेन के राजकुमार हैरी और हॉलीवुड स्टार मेगन मर्केल, पूर्व विश्व सुन्दरी प्रियंका चोपड़ा, मिलिंद सोमन, दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह, कॉमेडी स्टार कपिल शर्मा, भारतीय बैडमिन्टन स्टार साइना नेहवाल आदि कई सेलिब्रिटी अपने-2 पार्टनर के साथ विवाह बंधन में बंध गये.

आइए देखते हैं साल 2018 में सेलिब्रिटीज की शादियां जिन्होंने खूब सुर्खियाँ बटोरीं.

प्रिंस हैरी- मेगन मर्केल

ब्रिटेन के राजकुमार प्रिंस हैरी और उनकी मंगेतर मेगन मर्केल की 19 मई 2018 को शादी हो गयी। उन्होंने विंडसर के सेंट जार्ज चैपेल में शादी की। इस शाही शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हुई।

प्रियंका चोपड़ा- निक जोनस

बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक धूम मचाने वाली भारतीय विश्व-सुन्दरी और स्टार अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा हॉलीवुड सिंगर और एक्टर निक जोनस के साथ शादी के बंधन में बंध गई। यह शादी हिंदू और ईसाई दोनों रीति-रिवाजों से हुई। इस शादी पर नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया की निगाहें रही। यह शादी 1-2 दिसंबर को जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में हुई। इस शाही शादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर बॉलीवुड के तमाम सितारें शामिल हुए।

दीपिका पादुकोण – रणवीर सिंह

बॉलीवुड की यह मशहूर बॉलीवुड स्टार जोड़ी 14- 15 नवंबर को शादी के बंधन में बंध गयी। इनकी शादी इटली के लेक कोमो में हुई। लेकिन इस जोड़ी ने फैन्स को शादी की तस्वीरों के लिए ख़ूब इंतज़ार कराया। इटली से लौटने के बाद एक रिसेप्शन बैंगलुरु में और दो रिसेप्शन मुंबई में रखी गई।

साइना नेहवाल- पारुपल्ली कश्यप

भारतीय स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने बैडमिंटन खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप से शादी की। साल 2005 से दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे थे। उन्होंने 14 दिसंबर 2018 को साइबराबाद के रायदुर्गम स्थित घर ओरियन विला में बहुत सादगी पूर्ण तरीके से शादी की। 16 दिसंबर 2018 को हैदराबाद में ग्रैंड रिसेप्शन दिया।

कपिल शर्मा- गिन्नी चतरथ

कॉमेडियन कपिल शर्मा अपनी गर्लफ्रेंड गिन्नी चतरथ से शादी के बंधन में बंध चुके हैं। यह शादी 12 दिसंबर 2018 को जालंधर में हुई। यह शादी सिख और हिंदू, दोनों रीति-रिवाजों से हुई। 14 दिसंबर को अमृतसर में पहला रिसेप्शन दिया गया, जिसमें उनके परिवारवाले और करीबी दोस्त ही शामिल हुए। 24 दिसंबर को मुंबई में रिसेप्शन दिया गया, जिसमें बॉलीवुड के तमाम सितारें मौजूद थे।

सोनम कपूर- आनंद आहूजा

अनिल कपूर की अभिनेत्री बेटी सोनम कपूर अपने बॉयफ्रेंड आनंद आहूजा के साथ 8 मई 2018 को शादी के बंधन में बंध गईं। मुंबई में हुई इस ग्रैंड शादी में बॉलीवुड के तमाम सितारें मौजूद थे।

नेहा धूपिया- अंगद बेदी

अभिनेत्री नेहा धूपिया ने अभिनेता अंगद बेदी के साथ अचानक शादी रचाकर सभी को हैरान कर दिया। 10 मई 2018 को दिल्ली में परिवार की मौजूदगी में दोनों ने शादी की। इनकी शादी की तस्वीरे सोशल मीडिया पर ख़ूब धमाल मचाती दिखी।

हिमेश रेशमिया- सोनिया कपूर

हिमेश रेशमिया भी अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड और एक्ट्रेस सोनिया कपूर के साथ शादी के बंधन में बंध गए हैं। हिमेश की यह दूसरी शादी है, 2017 में पहली पत्नी को उन्होंने तलाक देकर अपना 22 साल का रिश्ता खत्म कर दिया था।

ईशा अंबानी- आनंद पीरामल

2018 की सबसे ग्रैंड शादी रही, मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की। 12 दिसंबर 2018 को ईशा अंबानी उद्योगपति आनंद पीरामल से शादी के बंध गई हैं। मुंबई में हुई इस शाही शादी में बॉलीवुड के तमाम सितारें मौजूद थे। इस शादी ने भारत के साथ- साथ विदेशों में भी ख़ूब सुर्खियाँ बटोरी।

मिलिंद सोमन- अंकिता कोंवर

मॉडल और अभिनेता मिलिंद सोमन अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड अंकिता कोंवर के साथ शादी के बंधन में बंध गए हैं। दोनों ने 22 अप्रैल 2018 को महाराष्ट्र के अलीबाग में शादी की। इस शादी ने मीडिया में ख़ूब सुर्ख़ियां बटोरी थी।

अन्य चर्चित शादियाँ

गौतम रोडे- पंखुड़ी अवस्थी

टीवी स्टार्स गौतम रोडे और पंखुड़ी अवस्थी पिछले कुछ टाइम से रिलेशनशिप में थे। एक लम्बे रिलेशनशिप के बाद उन्होंने ने पिछले साल सगाई की थी। 4 फेब्रुअरी 2018 को दोनों शादी की बंधन में बंध चुके हैं। इन्होंने शादी के लिए राजस्थान के अल्वर Tijara Fort Palace को चुना था।

मोहित मारवाह- अंतरा मोतीवाला

टीवी स्टार मोहित मारवाह ने अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड अंतरा मोतीवाल से 21 फेब्रुअरी 2018 को शादी की। दुबई के रस उल खैमाह में उनकी शादी हुई। इस रॉयल शादी में अंबानी से लेकर पुरे बॉलीवुड के स्टार शामिल थे।

किट हैरिंगटन- रोज लेस्ली

‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ के एक्टर किट हैरिंगटन अपनी को स्टार रोज लेसली के साथ 23 जून 2018 को शादी के बंधन में बंध गए हैं। उनकी शादी अबेर्डीनशायर के वार्डीहिल केशल में हुई, जहां लेसली का परिवार पिछले 900 साल से बसा हुआ है। उनकी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब छाई रही।

सुमित व्यास- एकता कौल

बॉलीवुड अभिनेता सुमित व्यास टीवी स्टार एकता कौल से 15 सितम्बर 2018 को शादी के बंधन में बंध चुके हैं। यह शादी जम्मू में हुई। सुमित व्यास ने यह दूसरी शादी की है।

प्रिंस नरूला- युविका चौधरी

बिग बॉस सीज़न 9 में बनी जोड़ी प्रिंस नरूला और युविका चौधरी 11 अक्टूबर 2018 को शादी के बंधन में बंध चुके हैं। यह शादी मुंबई में पंजाबी रीति-रिवाज से हुई। इनकी शादी की तस्वीरें इंटरनेट पर ख़ूब वायरल हुई।

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टॉप 14 सबसे महंगी भारतीय पेंटिंग्स

कला और प्रतिभा अनमोल है. भारत में बहुत प्रसिद्ध और बेजोड़ चित्रकार यानी पेंटर्स हुए हैं, जिनमें एम.ऍफ़. हुसैन, वी.एस.गायतोंडे, अमृता शेरगिल, तयेब मेहता, एस.एच. राजा प्रमुख हैं.

एम.एफ.हुसैन भारत के सबसे प्रसिद्ध पेंटर के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं की सबसे महंगी भारतीय पेंटिंग्स की इस सूची में उनकी एक भी पेंटिंग नहीं है! हाँ यह सच है!

इस सूची में सबसे महँगी पेंटिंग 23 करोड़ 70 लाख रुपये की है, और सबसे कम कीमत वाली पेंटिंग 11 करोड़ 84 लाख रूपये की!

(शीर्षकहीन) – वासुदेव एस गायतोंडे, 23 करोड़ 70 लाख

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पेंटर: वासुदेव एस गायतोंडे
शीर्षक: शीर्षकहीन
साइज़: 60 x 40 इंच
माध्यम: तेलों के रंग में कैनवस पर बना चित्र
पेंटिंग का साल: 1979
बिक्री चैनल: क्रिस्टीज
बिक्री का साल: 2013
कीमत: 23 करोड़ 70 लाख 25 हज़ार रुपए

महिषासुर – तयेब मेहता, 19 करोड़ 78 लाख

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पेंटर: तयेब मेहता
शीर्षक: महिषासुर
साइज़: 59×47 इंच
माध्यम: कैनवास पर एक्रिलिक
पेंटिंग का साल: 1994
बिक्री चैनल: क्रिस्टीज
बिक्री का साल: 2013
कीमत: 19 करोड़ 78 लाख 25 हज़ार रुपए

ला तेर्रे – एस.एच. राजा, 18 करोड़ 61 लाख

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पेंटर: एस.एच. राजा
शीर्षक: ला तेर्रे
साइज़: 74×74 इंच
माध्यम: कैनवास पर एक्रिलिक
पेंटिंग का साल: 1973
बिक्री चैनल: क्रिस्टीज
बिक्री का साल: 1973
कीमत: 18 करोड़ 61 लाख 91 हज़ार 325 रुपए

शीर्षकहीन (स्व – पोर्ट्रेट) – अमृता शेरगिल, 18 करोड़ 28 लाख

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पेंटर: अमृता शेरगिल
शीर्षक: शीर्षकहीन (स्व – पोर्ट्रेट)
साइज़: 18 x 13 इंच
माध्यम: तेल के रंगों से केन्वस पर बना चित्र
पेंटिंग का साल: 1933
बिक्री चैनल: सोथबीस
बिक्री का साल: 2015
कीमत: 18 करोड़ 28 लाख 42 हज़ार 830 रुपए

(शीर्षकहीन) – वासुदेव एस गायतोंडे, 18 करोड़ 15 लाख

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पेंटर: वासुदेव एस गायतोंडे
शीर्षक: शीर्षकहीन.
साइज़: 60 x 40 इंच.
माध्यम: तेल के रंगों से केन्वस पर बना चित्र.
पेंटिंग का साल: 1982.
बिक्री चैनल: पुंदोलेस.
बिक्री का साल: 2015.
कीमत: 18 करोड़ 15 लाख रुपए.

(शीर्षकहीन) – तयेब मेहता, 17 करोड़ 54 लाख

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पेंटर: तयेब मेहता
शीर्षक: शीर्षकहीन (गिरता हुआ बैल)
साइज़: 69 x 59 1/8 इंच
माध्यम: कैनवास पर एक्रिलिक
पेंटिंग का साल: 1999
बिक्री चैनल: क्रिस्टीज
बिक्री का साल: 2014
कीमत: 17 करोड़ 54 लाख 25 हज़ार रुपए

शीर्षकहीन (स्व – पोर्ट्रेट) – अमृता शेरगिल, 17 करोड़ 51 लाख

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पेंटर: अमृता शेरगिल
शीर्षक: शीर्षकहीन (स्व – पोर्ट्रेट)
साइज़: 25.6×21.25 इंच
माध्यम: तेल के रंगों से केन्वस पर बना चित्र
पेंटिंग का साल: 1931
बिक्री चैनल: क्रिस्टीज
बिक्री का साल: 2015
कीमत: 17 करोड़ 51 लाख 24 हज़ार 620 रुपए

सौराष्ट्र – एस.एच. राजा, 16 करोड़ 51 लाख

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पेंटर: एस.एच. राजा.
शीर्षक: सौराष्ट्र.
साइज़: 78×78 इंच.
माध्यम: कैनवास पर एक्रिलिक.
पेंटिंग का साल: 1983.
बिक्री चैनल: क्रिस्टीज.
बिक्री का साल: 2010.
कीमत: 16 करोड़ 51 लाख 34 हज़ार रुपए.

देवनागरी ओन रिवर्स – वासुदेव एस गायतोंडे, 15 करोड़ 36 लाख

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पेंटर: वासुदेव एस गायतोंडे.
शीर्षक: देवनागरी ओन रिवर्स.
साइज़: 39.5 x 49.5 इंच.
माध्यम: तेल के रंगों से केन्वस पर बना चित्र.
पेंटिंग का साल: 1962.
बिक्री चैनल: सोथबीस.
बिक्री का साल: 2014.
कीमत: 15 करोड़ 36 लाख 63 हज़ार 004 रुपए.

रिक्शे पर चित्र – तयेब मेहता, 14 करोड़ 40 लाख

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पेंटर: तयेब मेहता.
शीर्षक: रिक्शे पर चित्र.
साइज़: 59 x 47 इंच.
माध्यम: तेल के रंगों से केन्वस पर बना चित्र.
पेंटिंग का साल: 1984.
बिक्री चैनल: क्रिस्टीज.
बिक्री का साल: 2011.
कीमत: 14 करोड़ 40 लाख रुपए.

(शीर्षकहीन) –  वासुदेव एस गायतोंडे, 14 करोड़ 33 लाख

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पेंटर: वासुदेव एस गायतोंडे.
शीर्षक: शीर्षकहीन.
साइज़: 45 x 38 इंच.
माध्यम: तेल के रंगों से केन्वस पर बना चित्र.
पेंटिंग का साल: 1963.
बिक्री चैनल: सोथबीस.
बिक्री का साल: 2015.
कीमत: 14 करोड़ 33 लाख 93 हज़ार 863 रुपए.

(शीर्षकहीन) – वासुदेव एस गायतोंडे, 13 करोड़ 73 लाख

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पेंटर: वासुदेव एस गायतोंडे.
शीर्षक: शीर्षकहीन.
साइज़: 72 x 60 इंच.
माध्यम: कैनवास पर एक्रिलिक.
पेंटिंग का साल: 2000.
बिक्री चैनल: क्रिस्टीज.
बिक्री का साल: 2014.
कीमत: 13 करोड़ 73 लाख 28 हज़ार 500 रुपए.

बैल – तयेब मेहता, 12 करोड़ 43 लाख

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पेंटर: तयेब मेहता.
शीर्षक: बैल.
साइज़: 78 x 60 इंच.
माध्यम: कैनवास पर एक्रिलिक.
पेंटिंग का साल: 2007.
बिक्री चैनल: क्रिस्टीज.
बिक्री का साल: 2011.
कीमत: 12 करोड़ 43 लाख 66 हज़ार रुपए.

(शीर्षकहीन) – तयेब मेहता, 11.84 करोड़

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पेंटर: तयेब मेहता.
शीर्षक: शीर्षकहीन.
साइज़: 59 x 48 इंच.
माध्यम: तेल के रंगों से केन्वस पर बना चित्र.
पेंटिंग का साल: 1998.
बिक्री चैनल: क्रिस्टीज.
बिक्री का साल: 2012.
कीमत: 11 करोड़ 84 लाख 73 हज़ार रुपए.

भारत की सबसे लम्बी नदियों में से एक है ताप्ती नदी

ताप्ती नदी (संस्कृत : तापी) पश्चिमी भारत की मुख्य नदी है। यह मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई से निकलकर सतपुड़ा पहाड़ियों के मध्य से पश्चिम की ओर बहती है. महाराष्ट्र के खानदेश के पठार एवं सूरत के मैदान को पार करती हुई यह अरब सागर में गिरती है।

ताप्ती नदी का उद्गगम् स्थल मुल्ताई है। यह भारत की उन मुख्य नदियों में है जो पूर्व से पश्चिम की तरफ बहती हैं। अन्य दो जो पूर्व से पश्चिम की तरफ बहती हैं – नर्मदा नदी और माही नदी। यह नदी पूर्व से पश्चिम की ओर लगभग 740 किलोमीटर की दूरी तक बहती है और खम्बात की खाड़ी में जाकर मिलती है। सूरत बन्दरगाह इसी नदी के मुहाने पर स्थित है।

ताप्ती नदी का सफर

यह नदी मध्य प्रदेश राज्य के बैतूल जिले से निकलती है जो कि 762 मीटर की उचाई पर स्थित है। अंत में यह नदी खम्बात की खाड़ी में गिरती है। इस नदी की लम्बाई 724 किमी है। इसकी प्रधान उपनदी का नाम पूर्णा है। तापी नदी को सूर्यपुत्री भी कहा जाता है।

मूल नाम मूलतापी

यह नदी मध्‍यप्रदेश, गुजरात, महाराष्‍ट्र से होकर गुजरती है। जहां से यह नदी निकलती है, उसका मूल नाम मूलतापी है। इस नदी पर बने दो मुख्य बॉध काकडापार और उकाई बॉध है। सूरत शहर इसी नदी के किनारे बसा हुआ है।

विस्तार और सहायक नदियाँ

ताप्ती नदी की घाटी का विस्तार कुल 65,145 कि.मी² में है, जो भारत के कुल क्षेत्रफ़ल का २ प्रतिशत है। यह घाटी क्षेत्र महाराष्ट्र में 51,504 कि.मी², मध्य प्रदेश में 9,804 कि.मी² एवं गुजरात में 3,837 कि.मीm² है। ये घाटी महाराष्ट्र उत्तरी एवं पूर्वी जिलों जैसे अमरावती, अकोला, बुल्ढाना, वाशिम, जलगांव, धुले, नंदुरबार एवम नासिक में फ़ैली है, साथ ही मध्य प्रदेश के बैतूल और बुरहानपुर तथा गुजरात के सूरत एवं तापी जिलों में इसका विस्तार है। इसके जलग्रहण क्षेत्र का 79% गुजरात शेष मध्य प्रदेश तथा महाराष्ट्र राज्य में पड़ता है. पूर्णा, बल्‍गुर, गिर्ना, बोरो, पंजरा और ओनर मुख्य सहायक नदियाँ है।

तापी नदी के सात कुण्ड

तापी नदी पर सूर्यकुण्ड, ताप्ती कुण्ड, धर्म कुण्ड, पाप कुण्ड, नारद कुण्ड, शनि कुण्ड, नागा बाबा कुण्ड यह सात कुण्ड बने हुए है, जिनकी अपनी अलग-अलग  धार्मिक कहानियां प्रचलित है।

हिन्दू मान्यता में

हिन्दू मान्यता अनुसार तापी को सूर्य की पत्नी छाया की पुत्री माना जाता है और ये शनि की बहन है। इसको ताप्ती नदी के नाम से भी जाना जाता है। तापी नदी का विवाह संवरण नामक राजा के साथ हुआ था जो कि वरुण देवता के अवतार थे।

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2021 तक सड़कों पर दौड़ेगी बिना ड्राईवर वाली कार!

बिना ड्राईवर की कार:- आने वाले समय में आपको ऐसी कारें मिलेंगी, जिनमें ड्राईवर नहीं होगा। कैलिफोर्निया के डिपार्टमेंट ऑफ मोटर व्हीकल से सात कंपनियों ने बिना ड्राइवर वाली कार के परीक्षण के लिए लाइसेंस ले रखा है। गूगल कंपनी ने इस प्रोजेक्ट पर 2012 से अपना काम शुरू कर दिया था और अभी इस कार को गूगल इंजिनियर सेबेस्टियन टीम अपनी लैब में अलग- अलग परीक्षाओं से गुज़ार रही हैं।

2015 में गूगल ने बिना ड्राइवर वाली कार का सफल परीक्षण किया था। गूगल की यह कार टू सीटर थी, जिसमें पारंपरिक स्टीयरिंग, एक्सेलरेटर, ब्रेक आदि हैं। यह कार पूरी तरह से इलेक्ट्रिक है। गूगल अभी इसे लेकर परीक्षण कर रही है। शुरुआत में जो मॉडल तैयार हुआ है, उसका अगला वर्जन भी जल्द ही कंपनी ला सकती है।

इस कार के अगले वर्जन में न ही गियर होगा, न ही ब्रेक और न ही स्टीयरिंग। यह कार पूरी तरह से ऑटोनॉमस होगी। इसका मतलब है कि आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। आपको बस कार में बैठना है और चल देना है। भविष्य में यह कार सुरक्षित होने का वादा करती है, क्योंकि उनमें प्रभावशाली सेंसर और कैमरे लगे हैं, जो संभावित खतरे से निपटने के लिए इंसान के मुकाबले ज़्यादा समझ मुहैया करा सकेंगें।

गूगल इस प्रोजेक्ट कई सालों से काम कर रहा है। इसका टायल वर्जन त्यार कर के इसे कैलिफोर्निया की सड़कों पर टेस्ट किया जा रहा है। गूगल के मुताबिक इस टेस्ट के दौरान कार 14 छोटे बड़े हादसों का शिकार हुई। गूगल वहां ऐसी 25 कारों को ट्रैफिक के बीच चलाकर उनके नतीजों की जाँच कर रहा है।

गौरतलब है कि गूगल, टेस्ला और ऊबर जैसी बड़ी कंपनियां बिना ड्राइवर के चलने वाली कार पर तेज़ी से काम कर रही है। गूगल इस प्रोजेक्ट को 2020-21 तक पूरा कर देना चाहता है।

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भूलकर भी ना रखें घर में ये चीजें, लाती हैं दुर्भाग्य!!

बहुत से लोग घर बनाने, सजाने-सँवारने और रख-रखाव के लिए वास्तुशास्त्र की मदद लेते हैं. वास्तुशास्त्र में, घर के दरवाजे, रसोई, शयन, बैठक, बाथरूम आदि किस दिशा में होने चाहिए और नहीं होने चाहिए, इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी है. इसके साथ ही घर में सौभाग्य और दुर्भाग्य लाने और ले जाने वाले विभिन्न उपाय और टोटके भी दिए गये हैं जिनको अपना कर लोग फायदा उठा सकते हैं.

माना जाता है कि जैसे दिशा का ज्ञान (उतर-दक्षिण), कोण, ग्रहों-नक्षत्रों की स्थिति आदि धरती के जीवन पर कुछ न कुछ प्रभाव डालती है. वैसे ही कुछ चीज़ों की उपस्थिति भी मनुष्य के दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है. इसी से सम्बंधित कुछ जानकारी और उपाय हम इस पोस्ट के माध्यम से अपने पाठकों के समक्ष रख रहे हैं.

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में क्या रखना चाहिए और क्या नहीं, इसकी जानकारी होना बहुत ही जरूरी है. कई बार हम घर में कुछ ऐसी वस्तुएं रख लेते है जो कि हमारे जीवन बुरा प्रभाव डालती हैं. ऐसी वस्तुओं को घर में रखने से बरकत नहीं होती यानि आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है और कमाई भी सीमित हो जाती है.

तो आईये देखते हैं कौन सी चीज़ें हैं जो वास्तुशास्त्र के अनुसार दुर्भाग्य लाती हैं और इन्हें हमें जितना संभव हो सके अपने घरों में रखने से बचना चाहिए.

  • घर में कभी भी टूटी हुई वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए चाहे वह टूटे-फूटे बर्तन, तस्वीर, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि ही क्यों न हो. टूटी हुई वस्तुओं से घर में नकारात्मक ऊर्जा का निर्माण होता है. यह भी माना जाता है कि इससे घर में लक्ष्मी का आगमन भी नहीं हो पाता है.
  • घर में टूटी हुई कुर्सी या टेबल है तो उसे तुरंत घर से हटा दें. माना जाता है कि यह सब चीजें पैसे और तरक्की को रोक देती है.
  • फटे-पुराने कपड़ों को देखने से मन में बुरे विचारों का निर्माण होता है. घर में पड़े फटे-पुराने कपड़ों को किसी को दान कर देना चाहिए.
  • अक्सर घर के किसी कोने के उपरी हिस्से में मकड़ी के जाले बने होते हैं. घर में बनने वाले मकड़ी के जाले भी अच्छे संकेत नहीं होते है ऐसा माना जाता है कि घर में मकड़ी के जाले होने से अच्छे दिन बुरे दिनों में बदल सकते हैं.
  • यदि घर में टूटी हुई अलमारी या अलमारियों को बंद करने का दरवाजा नहीं है तो वह खुली मानी जाएगी. ऐसा माना गया है कि अलमारी में दरवाजा ना होने से कार्यों में रुकावट आती है और पैसा भी पानी की तरह बहता है.
  • अपने घरों में कभी भी युद्ध की तस्वीरें, नटराज की मूर्ति या तस्वीर, ताजमहल की तस्वीर, डूबते हुए जहाज की तस्वीर, जंगली जानवरों की तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए.
    ऐसा माना जाता है कि इन तस्वीरों से दिमाग पर बुरा प्रभाव पड़ता है और उनको देखने से मन में नकारात्मक विचार आते है. जैसे महाभारत युद्ध की तस्वीर से घर में क्लेश बढ़ता है. नटराज की मूर्ति या‍ तस्वीर, शिव भगवान के तांडव नृत्य को दर्शाती हैं, जो कि विनाश का प्रतीक माना गया है. ताजमहल बेगम मुमताज का मकबरा है और मकबरे को घर में रखना अशुभ होता है.
  • अक्सर लोग घर में कबाड़ जमा करके रखते हैं. माना गया है कि घर में रखे हुए कबाड़ को देख कर मन में निराशा उत्पन्न होती है जो आपको आगे बढऩे से रोकती हैं.
  • लोग घर को सजाने के लिए क्या कुछ नहीं करते है. कुछ लोग घर को सजाने के लिए घर में कांटेदार पौधे लगा लेते हैं. माना गया है कि घर में कांटेदार पौधे लगाने से पारिवारिक संबंधों में भी कांटों-की-सी चुभन पैदा होने लगती है. इसलिए घर में कभी भी कांटेदार पौधे ना लगाए.
  • घर में ऐसी कई हानिकारक वस्तुएं जैसे कि जहरीले रसायन, एंटीबायोटिक दवा, एसिड की बोतल आदि नहीं रखनी चाहिए. ऐसी हानिकारक वस्तुएं से घर का वातावरण ‍विषैला बन जाता है.
  • पर्स या तिजोरी में किसी भी प्रकार की अपवित्र वस्तुएं न रखें.

कर्नाटक के ब्रह्मगिरि पर्वत से बहती कावेरी नदी

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कावेरी नदी दक्षिण भारत की नदी है, जिसे दक्षिण की गंगा भी कहा जाता है। दक्षिण भारत में इस नदी को ‘कावेरी अम्मा’ के नाम से भी जाना जाता हैं, यह नाम उनका भगवान गणेश जी ने रखा था। इस नदी को भी गंगा की तरह ही पवित्र माना जाता है। पुराणों में कावेरी को अग्नि देवता की 16 नदी पत्नियों में से एक बताया गया है।

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कावेरी नदी का सफर

यह नदी कर्नाटक के कुर्ग के पास ब्रह्मगिरि पर्वत की 1320 मीटर की उचाई से निकलती है। इस नदी की लम्बाई 765 किलोमीटर है। अपने इस सफर में यह नदी अपने अनेक रूप धारण करती है। कहीं छोटे झरने के रूप में तो कहीं विशाल नदी के रूप में।

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अन्य जानकारी

यह नदी कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश से बहती हुई बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है। मैसूर नगर से क़रीब 56 कि.मी. पर पहाड़ की बनावट के कारण इसका जल विशाल झील की तरह दिखाई देता है। मैसूर में स्थित वृंदावन गार्डन इसी नदी के किनारे पर स्थित है।

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कावेरी नदी की सहायक नदियाँ

हरंगी, हेमवती, नोयिल, अमरावती, सिमसा, लक्ष्मण तीर्थ, भवानी, काबिनी इसकी मुख्य सहायक नदियाँ है।

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कावेरी नदी से जुड़ी धार्मिक भावनाएं

पुराणों के अनुसार इस नदी का जन्म तुला संक्रांति के दिन हुआ था। इसके उदगम-स्थान पर हर साल अक्टूबर में सक्रांति के दिन श्रद्धालु कावेरी की पूजा करते है। इस नदी के तट पर बसा हुआ कुंभकोणम् शहर दक्षिण भारत का प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है। यहां 12 वर्ष बाद कुम्भ का मेला लगता है।

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1 हफ्ते में सफेद बालों को काले बना देंगे ये घरेलू उपाय

बढ़ती उम्र के साथ बालों का सफेद होना स्वाभाविक है। लेकिन आज कल तो छोटी उम्र में बाल सफेद होना आम बात हो गई है। हेयर कलर या केमिकल युक्त डाय कुछ दिनों के लिए तो बाल काले कर देते हैं, पर इनसे बाल कमज़ोर हो जाते हैं। समय रहते अगर हम अपने बालों पर ध्यान दें, तो बालों को सफेद होने से रोका जा सकता है। आइए जानते हैं बाल काले करने के कुछ घरेलू उपाय, जिनसे बाल मज़बूत और घने भी होते हैं।

बाल सफेद होने के मुख्य कारण

  • प्रदूषण
  • तनाव
  • हार्मोन
  • सही खानपान ना होना
  • हल्की क्वालिटी के प्रोडक्ट यूज़ करना
  • ज्यादा हेयर प्रोडक्ट का यूज़ करना

बाल काले करने के उपाय

प्याज

बालों की जड़ों में प्याज का रस लगाने से बाल झड़ने और उम्र से पहले गंजापन आने की समस्या खत्म हो जाती है। रोज़ाना बालों पर प्याज का पेस्ट लगाए और कुछ टाइम बाद धों लें, इससे बालों में शाइन आ जाती है।

ब्लैक कॉफी

ब्लैक कॉफी को बालों में लगाएं और कुछ टाइम के बाद बाल धों लें। इस तरिके को लगातार यूज़ करने से बाल प्राकृतिक तरीके से काले होंगे और इससे कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा।

आंवला

आंवले के कुछ टुकड़ों को नारियल के तेल में उबालें और जब तक आंवले का रंग नहीं चला जाता, तब तक इसे उबलने दें। नियमित रूप से इस तेल से सिर की मालिश करें। इससे आपके बाल काले और लंबे होगें।

अमरूद के पत्ते

अमरूद के पत्तों में विटामिन बी और सी की मात्रा पाई जाती है। विटामिन बी और सी बालों को झड़ने से रोकते हैं और उन्हें दोबारा उगने में मदद करते हैं। अमरूद के पत्तों को पीसकर बालों में लगाना चाहिए।

चाय पत्त‍ी

2 चम्मच चाय पत्त‍ी को पानी में उबालकर, उस पानी से बालों को धोने से बाल काले होते हैं। इससे बालों में चमक आती हैं और बाल खूबसूरत दिखने लगते हैं ।

अदरक

अदरक को पीसकर शहद के साथ मिलाकर बालों में लगाएं, कुछ टाइम रखने के बाद बाल धों लें। कुछ दिन इस तरीके का उपयोग करने के बाद बाल टूटने कम हो जायेगें और इससे बाल काले भी होगें।

नीम के पत्ते

नीम के पत्तों को नारियल के तेल में उबालें और इस तेल को कुछ देर तक ठंडा होने दें। हफ्ते में 2 बार इस तेल से सिर में मसाज करें और 1 घंटे बाद बालों को शैम्पू से धों लें। 1 महीने तक इस उपाय को करें। इस उपाय से बाल बढ़ने और काले भी होने लगते हैं।

नारियल का तेल

नारियल के तेल में नींबू के रस की कुछ बूंदे मिलाकर सिर की मालिश करें, इससे बालों में चमक आती है।

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क्वॉलिटी चेक करने के लिए बेटे को मोजे में ठूंसा, वीडियो वायरल!

क्वॉलिटी चेक‘पीपल्स डेली चाइना’ ने यूट्यूब पर एक ऐसा वीडियो पोस्ट किया है जिसमें एक शख्स ने मोजे की मजबूती का डेमो देने के लिए अपने 8 साल के बेटे को ही इसमें ठूंस दिया, और उसकी वीडियो बना ली ताकि ग्राहकों को तसल्ली हो सके.

वीडियो में नजर आ रहे शख्स का नाम चेंग है और पेशे से यह व्यापारी है। चीन के हेनान का रहनेवाला यह बिजनेसमैन महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले टाइट्स (पैर से लेकर कमर तक लंबे मोजे) का बिजनेस करता है।

वीडियो में यह दुकानदार न सिर्फ बेटे को टांग कर अनोखे तरीके से अपने प्रोडक्ट की गारंटी दे रहा है बल्कि पूछ भी रहा है ‘कैसा है ये’।

चेंग कहता है, “पिछले वीकेंड मेरा बेटा फ्री था. सो मैंने सोचा हम मिलकर एक प्रमोशन वीडियो शूट कर सकते हैं. मैंने उसे पैंटीहोज़ पहनाया, और मैंने देखा कि मैं उसे पैंटीहोज़ में आसानी से उठा सकता था. यह एक अच्छी रिप्रजेंटेशन हो सकती थी. इसलिए मैंने अपनी बेटी से वीडियो शूट करने को कहा. यह सब बिज़ी सीजन के बीच हुआ.”

“बहुत सारे क्लाइंट्स वीडियो को शेयर कर रहे थे. उनमें से किसी ने इसे ऑनलाइन शेयर कर दिया. आजकल बिज़नस करना बहुत मुश्किल होता जा रहा है. वीडियो ग्राहकों को विश्वास दिलाने के लिए है कि हमारा प्रोडक्ट वाकई में लाजवाब है.”

किसी प्रोडक्ट का इस तरह से प्रमोशन करने का शायद यह पहला मामला है.

 

अंतरिक्ष स्टेशन: ऐसा होता है अंतरिक्ष यात्री का जीवन

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station, ISS) अंतरिक्ष में रहने योग्य एक कृत्रिम उपग्रह है. यह स्पेस स्टेशन 357 वर्ग फीट में फैला हुआ एक विशाल घर की तरह है, जो हजारों मील प्रतिघण्टा की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है।

ISS  पृथ्वी की कक्षा में मानव निर्मित सबसे बड़ी बस्ती है और इसे अक्सर पृथ्वी से नग्न आंखों से देखा जा सकता है।

कैसे और क्यों बना अंतरिक्ष स्टेशन?

अंतरिक्ष में ग्रहों, तारों, मौसम, एलियन्स, लौकिक और पारलौकिक आदि गतिविधियों और घटनाओं की करीब से निगरानी करने के उद्देश्य से अमेरिका, रूस, फ्रांस, आदि 18 देशों के समूह ने मिल कर स्पेस स्टेशन के प्रोजेक्ट का पहला हिस्सा सन 1998 में अंतरिक्ष में स्थापित किया. सन 2000 से स्टेशन को इंसान के रहने योग्य बनाया गया. तब से लेकर अब तक इस पर कोई न कोई रहता आ रहा है.  इसमें एक समय में अधिकतम छः अंतरिक्ष यात्री रह सकते हैं।

आईएसएस एक सूक्ष्म गुरुत्व और अंतरिक्ष पर्यावरण अनुसंधान प्रयोगशाला के रूप में कार्य करता है जिसमें दल के सदस्य जीव विज्ञान, मानव जीव विज्ञान, भौतिकी, खगोल विज्ञान, मौसम विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में प्रयोग करते हैं। चंद्रमा और मंगल ग्रह के लिए अंतरिक्ष यान प्रणालियों और उपकरणों के परीक्षण के लिए भी यह स्टेशन अनुकूल है। 

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के बारे में रोचक तथ्य

  • इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को 20 नवंबर 1998 को लांच किया गया था.  इसके विभिन्न हिस्सों को 136 उड़ानों के जरिए भेजा गया है. इन हिस्सों को वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में ही जोड़ा।
  • इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन अब तक की सबसे महंगी परियोजना है. इस पर कुल 160 अरब डॉलर का खर्चा आया है। भारतीय करेंसी में यह 11 लाख करोड़ रूपए से ज्यादा के बराबर है.
  • इस अंतरिक्ष स्टेशन को बनाने में 16 देश शामिल हैं। अमेरिका, रूस, कनाडा, जापान, बेल्जियम, ब्राजील, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, नार्वे, स्पेजन, स्वी,डन, स्विजरलैंड और यूके।
  • आईएसएस पर अब तक 18 देशों के 232 अंतरिक्ष यात्री भेजे जा चुके हैं। इस पर 19 बार स्पेसक्राफ्ट भेजे जा चुके हैं, जिनमें हर बार वहां कुछ नई चीजें भेजी गईं। वहां जितनी बार एस्ट्रोनॉट्स को भेजा गया, हर बार अलग स्पेसक्राफ्ट इस्तेमाल किया गया।
  • अंतरिक्ष स्टेशन 357 वर्ग फीट में फैला हुआ है, जो आकर में एक फुटबॉल के मैदान से भी बड़ा है. इसका वजन 420,000 किलोग्राम है. यह 320 कारों के वजन के बराबर है.
  • स्पेस स्टेशन पृथ्वी की कक्षा में 330 से 435 किलोमीटर की ऊँचाई पर गतिशील रहता है। स्पेस स्टेशन 24 घंटे 27,600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पृथ्वी के चारों और चक्कर लगाता रहता है। इस तरह से हर 92 मिनट में यह पृथ्वी का एक चक्कर पूरा कर लेता है और एक दिन में पृथ्वी के साढ़े 15 चक्कर लगा लेता है। कम ऊँचाई के कारण यह कई बार नंगी आंखों से भी दिख जाता है।
  • 2003 में कोलंबिया शटल यान के हादसे का शिकार होने के अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने आईएसएस को खाली छोड़ने का फैसला किया था लेकिन बाद में स्टेशन पर हर वक्त अंतरिक्ष यात्री रखने का फैसला किया। नासा के अनुसार अगर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को खाली छोड़ा गया तो उसके खोने का खतरा बढ़ जाएगा।

अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष स्टेशन में कैसे रहते हैं?

2 नवम्बर 2000 से अब तक गत 17 सालों से इस पर लगातार अंतरिक्ष यात्री भेजे जा रहे हैं। अंतरिक्ष यात्री 6-6 महीने की रोटेशन पर काम करते हैं। हालांकि, वहां रहना धरती जितना आसान नहीं हैं। पेश है इससे जुडी कुछ दिलचस्प जानकारी:

  • अंतरिक्ष में शून्य गुरुत्वाकर्षण की वजह से धरती की तरह चलना सम्भव नहीं है। स्पेस स्टेशन में भी यात्रियों को रित हुए यहां-वहां घूमना पड़ता है। तलवों पर भार नहीं पड़ने की वजह से वहां की चमड़ी उधड़ने लगती है। यदि कोई अंतरिक्ष यात्री तेजी से अपनी जुराबें उतार दे तो सभी और उसके पैरों की डैड स्किन’ के टुकड़े फैल सकते हैं।
  • सोते वक्त भी शुन्य गुरुत्वाकर्षण की वजह से तैरने से बचने के लिए अंतरिक्ष यात्री स्लीपिंग बैग अथवा कम्पार्टमैंट का प्रयोग करते हैं और खुद को हल्के स्ट्रैप से बांध लेते हैं।
  • खाते वक्त भी उन्हें कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। अंतरिक्ष स्टेशन में उनके खाने के लिए 150 तरह की चीजें उपलब्ध रहती हैं। आमतौर पर ये सभी चीजें एयरटाइट कंटेनरों में होती हैं। कुछ में पानी मिलाने या ओवन में गर्म करने से वे खाने के लिए तैयार हो जाती हैं। तरल पीने के लिए वे स्ट्रॉ का प्रयोग करते हैं जिसे सीधे सीलबंद डिब्बों से पीना पड़ता है।
  • अंतरिक्ष में पानी की बेहद कमी रहती है इसलिए अंतरिक्ष यात्री कपड़े धो नहीं सकते हैं। वे एक ही कपडे को कई दिनों तक पहनते हैं और जरूरत पड़ने पर नए कपड़ों से उन्हें बदल लेते हैं।
  • शौच करने के लिए अंतरिक्ष यात्री इंगलिश टॉयलेट जैसी सीट पर खुद को बैल्ट से बांधते हैं ताकि वे उड्ने न लगें। टॉयलेट में लगी वैक्यूम क्लीनर जैसी मशीन सारी गंदगी को खींच लेती है।
  • अंतरिक्ष यात्री नहाते नहीं हैं बल्कि बॉडी शैम्पू लगे गीले तौलिये से खुद को साफ करते हैं। बाल धोने के लिए वे वाटरलैस शैम्पू का इस्तेमाल करते हैं।

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