क्या है कोरोना वायरस के लक्षण और बचाव कैसे करें

चीन में घातक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 2,000 के पार हो गई है जबकि इसके कुल 74,185 मामलों की पुष्टि की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने बताया कि इससे मरने वालों की संख्या 2,004 हो गई है। वहीं इसके 1,749 नए मामले सामने आए हैं।

कोरोना वायरस क्या है?

कोरोना वायरस, वायरसों का एक बड़ा समूह है, जो कि आमतौर पर जानवरों में पाया जाता है। यह वायरस सांप, ऊंट, बिल्ली तथा चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। दुर्लभ स्थिति में पशु मनुष्यों को भी संक्रमित कर रहें  हैं।  इसमें  सांस संबंधी बीमारियां और  बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत इस संक्रमण के लक्षण हैं। यह न्यूमोनिया का कारण भी बन सकता है। इस वायरस स्थिति मिडल ईस्ट रेस्पाइरेट्री सिंड्रोम (एमईआरएस) और सेवल एक्युट रेस्पाइरेट्री सिंड्रोम (सार्स) से काफी मिलती जुलती है।

कोरोना वायरस से व्यक्ति कैसे मरता है?

कोरोना वायरस सांस की बीमारियों के साथ फैलना बहुत आम हैं जैसे  सूखी खांसी, सांस की तकलीफ। कुछ लोगो को बुखार, सिरदर्द, गले में खराश ,थकान आदि होती है । कोरोना वायरस फेफड़ों पर हमला करता है। जैसे ही वायरस फेफड़ों की कोशिकाओं में प्रवेश करता है, यह कोशिकाओं को नष्ट करना शुरू कर देता है। और सूजन पैदा कर देता  है।  इसका मतलब है कि फेफड़ों में वायु की थैली फूल जाती है और द्रव से भर जाती है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। शरीर के अंगों को कार्य करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, इसलिए जब ऑक्सीजन नहीं होता है, तो लिवर और किडनी फ़ैल जाती है। “ऑक्सीजन की कमी से शरीर में अधिक सूजन और समस्याएं उत्पन  हो  जाती है ।  जिससे व्यक्ति  मृत्यु  जाती है।

कोरोना वायरस कैसे फैलता है?

WHO के मुताबिक कोरोना वायरस एक जूनोटिक है। इसका मतलब है कि यह जानवरों के जरिए व्यक्ति में फैला है। ऐसा माना जा रहा है कि यह वायरस सीफूड खाने से फैला था। लेकिन अब कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल रहा है।

यह वायरस कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। जैसे खांसी, छींक या हाथ मिलाना कोरोना वायरस का कारण बन सकता है।

किसी संक्रमित व्यक्ति के छूने और फिर अपने मुंह, नाक या आंखों को छूने से भी वायरस का संक्रमण हो सकता है। इससे सबसे पहले फेफड़े ही प्रभावित हो रहे हैं।

इस वायरस का संक्रमण होते ही संक्रमित व्यक्ति  को खांसी और जी मिचलाना (उल्टी ) की शिकायत हो जाती है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के उपमंत्री ली बिन ने बताया कि कोरोनावायरस सांस के जरिए फैलता है, और इससे ‘वायरल म्यूटेशन’ होने या वायरस के ज़्यादा फैलने की संभावना बनती है l

कोरोना वायरस के लक्षण

  1. सिरदर्द
  2. नाक बहना
  3. खांसी
  4. गले में ख़राश
  5. बुखार
  6. अस्वस्थता का अहसास होना
  7. छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना
  8. थकान महसूस करना
  9. निमोनिया, फेफड़ों में सूजन

रोकथाम

संक्रमण को रोकने के लिए वर्तमान में कोई टीका या उपचार नहीं है। संक्रमण को रोकने का सबसे अच्छा तरीका इस वायरस के संपर्क में आने से बचना है। डॉक्टर केवल बुखार और दर्द की दवाई देकर लक्षणों से राहत दे सकते है। विश्व सवास्थ्य  संगठन  ने सभी देशों को सलाह दी है कि कैसे इस वायरस को कैसे रोका जा सकता है, उसके लिए निम्न उपाय है

  1. कम से कम 20 सेकंड के लिए अपने हाथों को साबुन और पानी से धोएं, खासकर बाथरूम जाने के बाद, और खाना खाने से पहले।
  2. साबुन और पानी आसानी से उपलब्ध न हो तो कम से कम 60% शराब के साथ अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
  3. अगर हाथ दिखने में गंदे हैं तो हमेशा साबुन और पानी से हाथ धोएं।
  4. अपनी आंखों, नाक और मुंह को अनचाहे हाथों से छूने से बचें।
  5. जो लोग बीमार हैं उनके सम्पर्क में आने से बचें।
  6. यदि आप बीमार है, तो घर पर ही रहें भीड़ से बचें।
  7. जब आप खाँसते या छींकते है, तो आपने मुँह को ढक लें, और आपके द्वारा स्पर्श की जाने वाली वस्तुओं को कूड़े में फेंक दे।
  8. नियमित घर की सफाई के लिए स्प्रे या पोंछे का उपयोग  करें।
  9. अंडे और मांस के सेवन से बचेंl

बचाव कैसे करें

कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए सवयं ही अपना बचाव करना होगा जैसे :-

  1. डॉक्टर से सलाह करें और इस वायरस के लक्षणों के बारे में जानकारी प्राप्त करें।
  2. शारीरिक परीक्षण करवायें l
  3. रक्त की जाँच करवायें l
  4. थूक के प्रयोगशाला परीक्षण, गले की खराबी से एक नमूना या अन्य श्वसन नमूनों का परीक्षण कर सकते हैं l

कोरोना वायरस का प्रकोप सबसे पहले दिसंबर माह में चीन के वुहान शहर में देखा गया था । चीन से बाहर 22 देशों में भी कोरोना वायरस के कई मामलों की पुष्टि हुई है l इन देशों में थाईलैंड, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। वैज्ञानिक लियो पून, जिन्होंने पहले वायरस को डिकोड किया था, उन्होंने बताया कि यह वायरस सबसे पहले एक जानवर में शुरू हुआ जोकि अब मनुष्यों में फैल रहा है l भारत में भी इसके तीन मामले सामने आये थे परन्तु अब भारत में इसका एक भी मामला नहीं है।

बाबा जैक्सन – MICHEAL JACKSON OF RAJSTHAN

राजस्थान के जोधपुर के युवराज सिंह उर्फ बाबा जैक्सन का कुछ ही दिनों पहले एक टिक टॉक विडिओ खूब वायरल हुआ। बॉलीवुड स्टार्स ऋत्विक रोशन, रवीना टंडन, अमिताभ बचन और रेमो डिसूज़ा भी इनके टिक टॉक विडिओ को सोशल मीडिया में शेयर करते नजर आये।

कड़ी मेहनत से मुकाम पर पहुंचा

नई फ़िल्म स्ट्रीट डांसर 3 डी के कलाकार वरुण धवन तथा श्रद्धा कपूर भी इस स्ट्रीट डांसर के इतने मुरीद हो गए कि युवराज सिंह उर्फ बाबा जैक्सन के साथ एक टिक टॉक विडिओ कर डाला। यह भी आजकल खूब वायरल हो रहा है।

युवराज सिंह ने टिक टॉक पर अपनी एक विडिओ MJ STYLE और AIR WALK STYLE में डाली जो लोगो को इतना पसंद आया कि कुछ ही घंटो में लाखों लोगो के द्वारा देखा गया। इससे युवराज टिक टॉक स्टार बन गया।jakson

बाद में डारेक्टर/कोरियोग्राफर रेमो डिसूज़ा ने युवराज सिंह उर्फ बाबा जैक्सन को अपनी फ़िल्म में कास्ट करने का एलान कर दिया।

बाबा जैक्सन – YOU-TUBE से डांस सीखा

युवराज उर्फ बाबा जैक्सन एक गरीब परिवार से है। युवराज उर्फ बाबा जैक्सन ने YOU-TUBE से देख कर डांस करना सीखा है। घर पर शीशा नहीं था तो उसने अपनी परछाई को देखकर डांस करना शुरू किया। कड़ी मेहनत का नतीजा सबके सामने है।

ऋत्विक रोशन को वह अपना रोल मॉडल मानते हैं। डांस करते हुए इन्होने अपना एक स्टाइल डिस्कवर किया जिसको AIR WALK स्टाइल बोलते हैं। युवराज को लोग AIR WALKER भी बोलते हैं।

युवराज का कहना है कि उसके माता पिता ने उसको बहुत सपोर्ट किया युवराज ने घर की छत पर विडिओ बनना शुरू किया था तब उनके पास जूते ख़रीदने के भी पैसे नहीं थे।

सीखने पर ध्यान दें

उनका कहना है कि जिंदगी में सफल होने के लिया पैसो तथा अकेडमिक मार्क्स की तरफ ध्यान देने के बजाये सिखने पर ध्यान देना चाहिए । माता पिता को अपने बच्चों की तुलना नहीं कर चाहिए बल्कि उनको हर समय कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

https://youtu.be/7AOOTsfrm7c

दिमाग हिला देने वाले कुछ रोचक तथ्य

रोचक तथ्य

  • एक वयस्क मानव शरीर में 206 हड्डियाँ होती हैं और एक बच्चे के विकासशील शरीर में 300 होती हैं।
  • सांप पूरी तरह से मांसाहारी होते हैं क्योंकि वे केवल अन्य जानवरों को खाते हैं और किसी भी प्रकार की वनस्पति नहीं खाते हैं।
  • दुनिया का सबसे बड़ा उभयचर विशाल सैलामैंडर (giant salamander) है। इसकी लंबाई 5 फीट तक बढ़ सकती है।
  • मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी, मध्य कान में स्थित स्टेप्स या रकाब की हड्डी है। यह लगभग 3 mm होती है।
  • मानव शरीर में सबसे लंबी कोशिकाएँ मोटर न्यूरॉन्स हैं। ये कोशिकाएँ 5 फीट तक लम्बी हो सकती हैं।
  • पिस्सू (fleas) अपनी ऊंचाई से 130 गुना ज्यादा ऊंची छलांग लगा सकते हैं। मानवीय शब्दों में, यह 6 फुट के व्यक्ति के समान है जो हवा में 780 फीट कूदता है।
  • ब्लू व्हेल 188 डेसिबल तक की ध्वनि उत्पन्न कर सकती है, जो कि एक जीवित जानवर द्वारा निर्मित सबसे तेज ध्वनि है।
  • स्टेगोसॉरस डायनासोर की लंबाई 30 फीट मापी गई थी, लेकिन उसके दिमाग का आकार अखरोट जैसा था।
  • मानव की आंख साल में औसतन2 मिलियन बार झपकती है।
  • आर्माडिलोस, ओपोसम और स्लॉथ अपने जीवन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा सोने में बिताते हैं।
  • एक क्रिकेट के कान घुटने के नीचे, सामने के पैरों पर स्थित होते हैं।
  • ध्वनि, हवा की तुलना में पानी में लगभग चार गुना तेज यात्रा करती है।
  • हाउस मक्खियों का जीवनकाल दो सप्ताह का होता है।
  • चिम्प्स एकमात्र ऐसे जानवर हैं जो खुद को एक दर्पण में पहचान सकते हैं।
  • स्टारफिश के पास दिमाग नहीं होता।
  • साधारणत: व्यक्ति सात मिनट में सो जाता है।
  • बिल्लियों में 100 से अधिक मुखर ध्वनियां होती हैं, जबकि कुत्तों में केवल 10 हैं।
  • एक शुतुरमुर्ग की आँख उसके मस्तिष्क से भी बड़ी होती है।
  • जिराफ ऊंट से ज्यादा दिनों तक प्यासा रह सकता है।
  • एक इगुआना 28 मिनट के लिए पानी के नीचे रह सकता है।
  • सुनहरी मछली एकमात्र ऐसी जानवर है, जो अवरक्त और पराबैंगनी प्रकाश दोनों देख सकती है।
  • चींटियाँ अपने भोजन को चबा नहीं सकती हैं। वे भोजन से रस निकालने के लिए कैंची की तरह अपने जबड़े बग़ल में घुमाती हैं।
  • एक बिल्ली के प्रत्येक कान में बत्तीस मांसपेशियां होती हैं।
  • बाघों की धारीदार त्वचा होती है, न कि केवल धारीदार फर।
  • दुनिया में सबसे बड़े अंडे एक व्हेल शार्क के होते हैं।
  • ब्रह्मांड 50,000,000,000 आकाशगंगाओं से बना है।
  • पृथ्वी का ऑक्सीजन महासागर द्वारा निर्मित होता है l
  • ऑक्टोपस के तीन दिल होते हैं, नौ दिमाग और नीले रंग का रक्त होता है।
  • एक व्यक्तिगत रक्त कोशिका को शरीर का पूरा सर्किट बनाने में लगभग 60 सेकंड लगते हैं l
  • 2,000 किलोमीटर से अधिक लंबी, ‘द ग्रेट बैरियर रीफ’ पृथ्वी पर सबसे बड़ी जीवित संरचना है l

ये हैं दुनिया के सबसे खूबसूरत झरने

इस दुनिया में बहुत सी खूबसूरत जगह हैं। उन्हीं में कुछ खूबसूरत झरने भी शामिल हैं। जिनके बारे लोग जानना पसंद करते हैं। आइये जानते हैं कुछ ऐसे ही खूबसूरत झरनों के बारे में :-

जोग जलप्रपात, भारत

भारत के कर्नाटक राज्य में जोग नामक एक खूबसूरत झरना है। जोग प्रपात को जरस्पा प्रपात भी कहा जाता है। यह पूरे भारत में दूसरे सबसे ऊँचे झरने के रूप में भी जाना जाता है। यह 830 फीट (253 मीटर) की ऊँचाई से गिरता है। इसके  चारों  और घने जंगल होने के  कारण यह झरना और भी खूबसूरत लगता है।

सदरलैंड फॉल्स, न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड के दक्षिण द्वीप पर दूर स्थित  सदरलैंड झरना है। सदरलैंड फॉल्स न्यूजीलैंड में  सबसे ऊंचे स्थान पर स्थित है, इसकी ऊंचाई 1,904 फीट (580 मीटर) है। यह काफी बड़ा है। सन् 1880 में डोनाल्ड सदरलैंड द्वारा इसकी खोज की गई थी, इसलिए उनकी वजह से ही इसका नाम सदरलैंड फॉल्स पड़ा।

गुल्फफॉस फॉल्स, आइसलैंड

गुल्फफॉस: आइसलैंड का ये झरना प्रकृति की एक खूबसूरत देन है। यहां ऊंचाई से पानी की गिरती धारा बहुत ही खूबसूरत दिखाई देती है। 12 मीटर की ऊंचाई से गिरते नीले-हरे पानी के झरने की चौड़ाई लगभग 32 मीटर है। इसे ‘गोल्डन फॉल्स’ तथा ‘वाटर फॉल ऑफ गॉड’ भी कहा जाता है। इस झरने को देखने से ऐसा प्रतीत होता है जैसे चट्टानों से पानी बह रहा है। कहा जाता है इस झरने का ये नाम 1000 साल पहले पड़ा था।

कैएटिरिटी फॉल्स, गुयाना

दक्षिण अमेरिका में स्थित कैएटिरिटी  नामक झरना खूबसूरत होने  के साथ-साथ बहुत गहरा भी है। कैएटिरिटी फॉल्स को वर्षावन के कई अमूल्य खजानों में से एक माना जाता है। कैएटिरिटी फॉल्स की खोज ब्रिटिश भूविज्ञानी चार्ल्स बैरिंगटन ब्राउन ने 1870 में की थी।

प्लेटविस झरना , क्रोएशिया

यूरोप एक खूबसूरत देश है,और यहाँ पर कई अनेक खूबसूरत जगह है। उन्हीं खूबसूरत जगहों में से एक है प्लिटविस झरना l प्लिटविस झरना एक शुद्ध वातावरण के साथ एक स्वर्ग की तरह है। यह प्राकृतिक क्षेत्र 300 मी में फैला हुआ है। यह झरना एक पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और इस झरने का पानी बहुत साफ़ है।

योसमिते झरना , कलिफ़ोर्निया

कैलिफोर्निया के योसमिते नेशनल पार्क में एक ऐसा झरना है,जो इस झरने को बाकियों से काफी अलग करता है।  इस झरने की ऊंचाई लगभग 480 मीटर है। आमतौर पर झरनों से पानी की धारा बहती है, लेकिन इस झरने को देखकर लगता है, जैसे यहां आग का लावा बह रहा हो। इस  झरने को हॉर्सटेल फायरफॉल भी कहा जाता है। हर साल फरवरी महीने में ही झरने का यह रूप दिखाई देता है। क्यूंकि फरवरी महीने में शाम के वक्त जब सूरज की रौशनी ढल रही होती है तो इन्हीं रोशनी  की किरणों के चलते  झरने का ऐसा नजारा देखने को मिलता है।

नियाग्रा फॉल्स, न्यूयॉर्क और ओंटारियो

नियाग्रा फॉल्स संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की सीमा पर स्थित  है। यह न्यूयॉर्क के बफेलो से 27 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम और कनाडा के टोरंटो (ओन्टारियो) से 120 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित है। यह दुनिया का सबसे ऊँचा जलप्रपात है। नियाग्रा फॉल्स बेहद खूबसूरत  है। यहां रात में होने वाले लाइट शॉ के सतरंगी नज़ारे बहुत ही खूबसूरत होते है।

एंजेल फॉल्स, वेनेजुएला

यदि दुनिया के सबसे बड़े झरने की बात की जाए तो उसमे एंजेल फॉल्स का नाम भी आता है । इसकी  ऊंचाई  3,212 फीट यानी 979 मीटर है। इसके ऊपरी क्षेत्र में बड़े बड़े-बड़े चट्टान और इसके ठीक नीचे घने जंगल हैं जो इस झरने की खूबसूरती को और भी बढ़ा देते है। इस झरने से गिरने वाला पानी औयन्तेपुई माउंटेन क्षेत्र में स्थित कैनाइमा नेशनल पार्क में जाता है।

इगुआजु फॉल्स, अर्जेंटीना और ब्राजील

ब्राजील और अर्जेंटीना की सीमा पर  इगुआजु झरना स्थित है। यह झरना  2.7 किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इस  झरने  का बहाव इतना है, कि एक सेकंड में पांच स्विमिंग पूल भर सकते हैं। 1984 में इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया था। ऐसा माना जाता है कि यहाँ पर पहले नदी होती थी l सांपो के देवता बोई ने इस  नदी को तोड़कर झरने में बदल दिया था।  इसका कारण यह था कि बोई की प्रेमिका नाइपू अपने प्रेमी तारोबा के साथ भाग रही थी। नाइपू -तारोबा दोनों की मौत इस झरने में गिरने से हो गई थी। तब से यह पर जो इंद्रधनुष दिखाई देता है, उसे लोग नाइपू- तारोबा का मिलन बताते हैं।

विक्टोरिया फॉल्स, ज़ाम्बिया और ज़िम्बाब्वे

विक्टोरिया जलप्रपात जिसे स्थानिय भाषा मे मोसी-ओआ-तुन्या (Mosi-oa-Tunya) कहा जाता है, जिसका मतलब है धुंआ और गर्जना। इसकी  गर्जना बहुत दूर से सुनी जा सकती है। यह 108 मीटर ऊंचा और 1700 मीटर चौड़ा है। यह झरना अफ़्रीका की जेम्बेजी नदी पर स्थित है। इस जलप्रपात को विश्व के सात प्राकृतिक अदभुत जगहों  मे से एक माना जाता है।  नवंबर 1855 में पहले विदेशी डेविड लिंगस्टोन यहां पहुंचे थे। उन्होंने ब्रिटेन की महारानी के नाम पर इस फॉल्स का नाम विक्टोरिया फॉल्स रखा था।

 

महिलाओं का इंसाफ: सीरियल रेपिस्ट को कोर्ट के अंदर उतारा था मौत के घाट

भरत कालीचरण उर्फ अक्कू यादव एक 32 वर्षीय कथित बलात्कारी और हत्यारा था जिसे 200 महिलाओं की एक भीड़ ने मार डाला था।  उस पर हत्या और बलात्कार के केस में सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश किया जाना था। अगस्त 13, 2004 के दिन नागपुर के कस्तूरबा नगर में लगभग 200 महिलाओं की भीड़ ने कोर्ट परिसर में धावा बोल कर अक्कू यादव को मार डाला।

अक्कू यादव – कुख्यात गुंडा, बलात्कारी और हत्यारा

पत्रिका के अनुसार, नागपुर के कस्तूरबा नगर में अक्कू यादव नाम के स्थानीय गुंडे की दबंगई के चलते यहाँ के निवासियों और महिलाओं में दहशत थी। अक्कू हमेशा महिलाओं को छेड़ता था, उन पर भद्दे कमेंट्स करता था। वह उन पर यौन आक्रमण करता था। नागपुर के कस्तूरबा नगर में रहने वाले 32 वर्षीय अक्कु यादव के खिलाफ करीब 25 अपराधिक मामले दर्ज भी हुए थे।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्थानीय पुलिस पीड़ितों की मदद करने या यादव पर मुकदमा चलाने से आना-कानी करती थी क्योंकि यादव उन्हें रिश्वत देता था। एक अन्य स्रोत के मुताबिक पुलिस अधिकारी उसके दोस्त थे, और राजनेता उसके संरक्षक थे। उसने कम से कम 40 महिलाओं से बलात्कार किया था। हालांकि कुछ स्रोत यह संख्या 100 से अधिक बताते हैं।

यादव ने कथित तौर पर कम से कम तीन लोगों की हत्या कर दी थी और रेल पटरियों पर उनके शरीरों को फेंक दिया था। कहा जाता है कि वह कई महिलाओं की बलात्कार के बाद हत्या भी कर चुका था।

कैसे फूटा महिलाओं का गुस्सा

अक्कू यादव अपने रसूख के चलते हर बार जमानत पा लेता था। उसे एक बार फिर से अदालत में पेश किया जा रहा था जहां से उसे संभवत: जमानत मिलने वाली थी। हालांकि महिलाएं कुछ और ही ठान कर आईं थीं जिसे अपनी अकड़ के चलते अक्कू समझ नहीं पाया। दरअसल लगभग 200 महिलाएं सब्जी काटने वाले चाकू . मिर्च पाउडर और कंकड़-पत्थरो से लैस होकर अदालत आयीं थीं और बस मौके की तलाश में थीं जो अक्कू उन्हें देने वाला था।

आखिर महिलाओं को वह मौका मिल गया। अदालत परिसर में ही अक्कू बलात्कार की पीड़ित एक महिला पर हंसा और उसे ‘वेश्या’ कहा। बस यहीं पर महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया। उन्होने अक्कू को पुलिस हिरासत से खींच लिया और चाकुओं से गोद दिया। उसकी आँखों में मिर्ची पाउडर डाला और मुंह में कंकड़ भर दिये।

रिपोर्ट के अनुसार उसपर 50 से अधिक चाकू के वार किए गए थे। कहा जाता है कि बलात्कार की शिकार एक महिला ने उसका गुप्तांग भी काट डाला था। काफी सारी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। स्थानीय अदालत में पाँच महिलाओं के खिलाफ़ हत्या का मुकद्दमा चला जिन्हें 2012 में जमानत मिल गयी।

देश-विदेश में इस घटना की चर्चा हुई। अधिकतर मंचों से महिलाओं की सराहना की गई। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर देश की लचर कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया जिसकी वजह से पीड़ितों को कानून हाथ में लेना पड़ा।

2015 में फ़िल्म निर्देशक एनवीबी चौधरी ने एक तेलगु फिल्म कीचक  बनाई जो अक्कू यादव के जीवन पर आधारित है। फ़िल्म को वयस्क श्रेणी(A) में रखा गया है क्योंकि उसमें हिंसा और असंपादित दृश्य प्रस्तुत किए गए हैं। निर्देशक के अनुसार यह एक महिला-समर्थक फ़िल्म है।

इन देशों में होता है सबसे अधिक रेप – रेप से जुड़े तथ्य व आंकड़े

हैदराबाद में डॉक्टर युवती की रेप के बाद जला कर नृसंश हत्या करने और उन्नाव रेप पीड़िता की जला कर हत्या करने के बाद देश भर में रेप के खिलाफ कड़े कानून और त्वरित एक्शन की मांग की जाने लगी है। रेप के बढ़ते मामलों के कारण भारत में आक्रोश और चिंता का माहौल हैं।

रेप के बढ़ते मामलों पर पिछले दिनों विपक्ष ने सत्तारूढ सरकार को घेरने का प्रयास किया। सत्तारूढ दल के “मेक इन इंडिया” के नारे को विपक्ष के नेता ने “रेप इन इंडिया” से बदल कर माहौल को गर्मा दिया जिस पर काफी विवाद भी हुआ। गौरतलब है कि इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजधानी दिल्ली को “रेप कैपिटल” बता चुके हैं।

इस सारे प्रकरण के मद्देनजर भारत को विश्व की “रेप कैपिटल” कहा जा रहा है। माना जा रहा है कि भारत महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश बन गया है। पिछले साल रायटर(REUTERS) द्वारा करवाए गए ग्लोबल एक्स्पर्ट्स के सर्वे में भी भारत को महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश माना गया था।

महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा और रेप, पुरुष-प्रधान सोच और रवैया, दमनात्माक प्रवृति, सामाजिक और सांस्कृतिक भेदभाव, कन्या भ्रूण-हत्या, ऑनर किलिंग, ढंग व हद मे रहने, खाने पीने, पहनने, रहने की नसीहतों के रूप में महिलाओं के शोषण को देखते हुए ही भारत निसंदेह महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश बन चुका है।

रेप के बाद हत्या कर अपने जुर्म पर पर्दा डालने की कोशिश करने की प्रवृति के कारण भारत में यह स्थिति और भी अधिक खतरनाक और भयावह बन जाती है।

चूँकि कई देशों में यौन उत्पीड़न और हिंसा के खिलाफ कानून हैं, उनमें से अधिकतर अपर्याप्त और असंगत हैं।

साथ ही सुस्त और लचर कानूनी प्रक्रिया के चलते मामले सालों-साल अदालतों में लटके रहते हैं जिससे पीड़ित और रिश्तेदार लंबी मानसिक और शारीरिक यातना से गुजरते हैं। इस वजह से भी कई पीड़ित कानूनी सहायता से बचना चाहते हैं।

हालांकि यदि सिर्फ औसत की बात की जाए तो रेप के मामलों में भारत विश्व के शीर्ष 90 देशों में शामिल नहीं है। लेकिन भारत की जनसंख्या बहुत अधिक होने के कारण यहाँ रेप के मामलों की संख्या बहुत अधिक दर्ज़ की जाती है।

वैसे यह संख्या और भी बढ़ सकती है लेकिन भारत मेँ जहां सैक्स को टैबू समझा जाता है, पुरुष प्रधान समाज के चलते यौन शोषण की घटनाओं के लिए महिला को ज्यादा दोषी समझा जाता है। इस वजह से बहुत सारी महिलाएं शर्म-लाज के मारे और समाज मेँ “इज़्ज़त खो जाने” के डर से चुप रह जाती हैं।

इस पोस्ट में हम रेप के कुछ आंकड़ों के माध्यम से जानेंगे कि जनसंख्या के अनुपात से सबसे ज्यादा रेप किन देशों में होते हैं। लेकिन उससे पहले रेप के बारे में कुछ संक्षिप्त जानकारी और अन्य आंकड़े देखते हैं।

क्या है बलात्कार?

रेप या बलात्कार एक गैरकानूनी यौन गतिविधि है जिसमें आमतौर पर जबरन या व्यक्ति की इच्छा के खिलाफ डरा-धमका कर या चोट पहुंचा कर संभोग करना शामिल होता है। बलात्कार एक विश्वव्यापी समस्या है।

रेप से जुड़े तथ्य व आंकड़े

क्या कहते हैं आँकड़े

अनुमान है कि दुनिया भर में लगभग 35% महिलाओं ने अपने जीवनकाल में किसी न किसी रूप में यौन उत्पीड़न का अनुभव किया है।

रेप पर उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि अधिकांश देशों में 60% से अधिक महिलाएं उनके साथ हुई यौन-हिंसा छुपाना चाहती हैं। वहीं 10% से भी कम महिलाएं कानूनी मदद लेने के लिए आगे आती हैं।

क्योंकि यौन हिंसा की शिकार बहुत सारी महिलाएं अपने अनुभव को शायद ही कभी किसी को बताती हैं, बलात्कार की सटीक संख्या को रिपोर्ट करना बेहद चुनौतीपूर्ण है।

जबकि हम लोग ज्यादातर महिलाओं के खिलाफ बलात्कार और यौन उत्पीड़न के बारे में सुनते हैं, दुनिया भर में पुरुष भी हर दिन यौन उत्पीड़न, यौन हिंसा और रेप का शिकार होते हैं।

इन पर रहता है अधिक खतरा

16-19 वर्ष की महिलाएं का बलात्कार या यौन हमले का शिकार होने की संभावना चार गुना अधिक होती हैं। 18-24 वर्ष की आयु की कॉलेज की छात्राओं का यौन उत्पीड़न का शिकार होने की संभावना तीन गुना अधिक होती है। ट्रांसजेंडर और विकलांग लोगों पर यौन हमले या बलात्कार का शिकार होने की संभावना है दो गुना है। संयुक्त राज्य अमेरिका में रेप के 70% मामलों में रेप करने वाला शिकार होने वाले का जानने वाला होता है।

रेप की उच्चतम दर वाले देश

प्रति एक लाख नागरिकों पर आधारित दर से रेप की उच्चतम दर वाले दस देशों दक्षिण अफ्रीका शीर्ष पर है जहां प्रति एक लाख जनसंख्या पर रेप के 132.4 मामले दर्ज़ होते हैं। भारत में प्रति एक लाख नागरिकों पर 1.8 मामले दर्ज़ होते हैं। इस लिहाज से भारत इस सूची में 93वें स्थान पर है।

रेप की उच्चतम दर वाले दस देश (प्रति एक लाख नागरिकों की संख्या पर) हैं:

  1. दक्षिण अफ्रीका (132.4)
  2. बोत्सवाना (92.9)
  3. लेसोथो (82.7)
  4. स्वाज़ीलैंड (77.5)
  5. बरमूडा (67.3)
  6. स्वीडन (63.5)
  7. सूरीनाम (45.2)
  8. कोस्टा रिका (36.7)
  9. निकारागुआ (31.6)
  10. ग्रेनेडा (30.6)

रेप से जुड़े तथ्य व आंकड़ेआगे पढ़ें: इन देशों में होतें हैं सबसे ज्यादा बलात्‍कार

अल्पसंख्यक अधिकार दिवस का उद्देश्य

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अंतरराष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस विश्वभर में हर वर्ष 18 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन 1992 को सयुंक्त राष्ट्र संघ द्वारा अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाया गया था।

शुरुआत एवं उद्देश्य

अंतरराष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस की शुरुआत 18 दिसंबर 1992 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उदेश्य अल्पसंख्यकों के राष्ट्र निर्माण में योगदान के रूप में चिह्न्ति करना था। जिसमें अल्पसंख्यकों की  भाषा, जाति, धर्म, संस्कृति, परंपरा आदि की सुरक्षा की जा सके।

भारतीय  में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस

भारत के संविधान में अल्पसंख्यक होने का आधार धर्म और भाषा को माना गया है।

भारत की कुल जनसंख्या का अनुमानत 19 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदायों का है। इसमें मुसलिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और पारसी शामिल हैं। जैन, बहाई और यहूदी अल्पसंख्यक तो हैं, लेकिन इन्हें संबंधित संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं हैं।

भारत में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है। मंत्रालय का लक्ष्य  अल्पसंख्यकों का विकास करना होता है। भारत में अल्पसंख्यकों के विकास और वृद्धि के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय निम्नलिखित कार्यों को सुनिश्चित करता है:-

  • शिक्षा का अधिकार
  • संवैधानिक अधिकार
  • आर्थिक सशक्तिकरण
  • महिलाओं का सशक्तिकरण
  • समान अवसर
  • कानून के तहत सुरक्षा और संरक्षण
  • कीमती परिसम्पत्तियों की सुरक्षा जैसे कि वक्फ़ परिसम्पतियां
  • आयोजना प्रक्रिया में सहभागिता

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग

  • भारत सरकार ने अल्पसंख्यक अधिकारों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए 1978 में अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया था। इसे बाद में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम-1992 के तहत कानून के रूप में 1992 में पारित किया गया।
  • राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को वर्ष 2006 जनवरी में यूपीए सरकार ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के अधीन कर दिया था। जिससे की वे सारे संवैधानिक अधिकार प्राप्त कर सके, जो दीवानी अदालतों को हैं।
  • इस आयोग का गठन भारत के लिए इसलिए भी महत्व रखता है, क्योंकि पूरे यूरोप के किसी भी राष्ट्र में ऐसा कोई आयोग नहीं है। आज भारत के कई अन्य राज्यों में भी राज्य अल्पसंख्यक आयोग हैं l
  • वर्तमान समय (18 दिसंबर 2013) में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष वजाहत हबीबुल्लाह है।

विश्व ऊर्जा संरक्षण के बारे में कुछ विशेष

भारत में हर साल 14 दिसम्बर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाता है। भारत में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम वर्ष 2001 में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा लागू किया गया था। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) एक संवैधानिक संस्था है जो भारत सरकार के अधीन आती है। यह संस्था ऊर्जा के उपयोग को कम करने के लिए नीतियों और रणनीतियों के विकास में मदद करती  है।

क्या है ऊर्जा संरक्षण ?

ऊर्जा संरक्षण का अर्थ ऊर्जा के अनावश्यक उपयोग को कम करना है। जिससे की हम कम-से-कम ऊर्जा का उपयोग करें ताकि भविष्य में उपयोग के लिए ऊर्जा के स्रोतों को बचाया जा सके।

 उद्देश्य

  • यह लोगों के बीच जीवन के हर क्षेत्र में ऊर्जा संरक्षण के महत्व का संदेश देने के लिए मनाया जाता है।
  • ऊर्जा संरक्षण की प्रक्रिया को बढावा देने के लिये पूरे देश में बहुत से कार्यक्रमों जैसे: विचार विमर्श, सम्मेलनों, वाद-विवाद, कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।
  • अत्यधिक और फालतू ऊर्जा के उपयोग के स्थान पर कम ऊर्जा के प्रयोग के लिये लोगों को प्रेरित किया जाता है।

 उपाय

  • घरो में पानी की टंकियो में पानी पहुँचाने के लिए टाइमर का उपयोग करके पानी के व्यर्थ उपयोग को रोककर विद्युत ऊर्जा की बचत की जा सकती है।
  • साधारण 100  वाट के बल्ब के स्थान पर कम्पेक्ट फ्लोरोसेंट लैंप (सी.एल.एफ) का प्रयोग कर 75  से 60  प्रतिशत तक बिजली बचाई जा सकती है
  • आई.एस.आई. वाले निशान के उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • शादी विवाह जैसे सामाजिक, धार्मिक कार्यक्रम जहाँ तक हो सके दिन में करने चाहिए।
  • दिन में सूर्य के प्रकाश का अधिक उपयोग करे।
  • मकान  के निर्माण के दौरान प्लाट के चारो तरफ़ बची हुई जगह में पेड़ पौधे लगाएं। ऐसा करने से हम मकानों को गर्म होने से बचा सकते है। इससे सीलिंग फैन और कूलर इत्यादि का कम से कम उपयोग करना पड़ेगा।
  • कमरे की दीवार की अंदर की तरफ  हलके रंगों का प्रयोग करे ऐसा करने से कम वाट के प्रकाश उपकरणों से कमरे को उचित रूप से प्रकाश हो सकता है।
  • कमरे के लिए हल्के रंग के पर्दों का प्रयोग करें।
  • खाना बनाने के लिए बिजली के स्थान पर सोलर कुकर व पानी गर्म करने के लिए गीजर के स्थान पर सोलर वाटर हीटर का उपयोग करें।
  • बल्व व ट्यूबलाइट पर जमी धूल को समय समय पर साफ़ करते रहना चाहिए।
  • पंखो की ब्लेड को साफ करते रहना चाहिए और समय समय पर ग्रीसिंग आयलिंग करते रहना चाहिए।
  • पुराने किस्म के रेगुलेटर के स्थान पर नए टाईप के इलेक्ट्रानिक्स रेगुलेटर लगवाएं।
  • फ्रिज का दरवाजा बार-बार खोलने बंद करने से बिजली अधिक खर्च  होती है।

विवाह से पहले की जाने वाली अजीबोगरीब रस्में

विवाह हर इंसान के लिए एक यादगार लम्हां होता है। जिसमें दो लोग एक-दूसरे के लिए हमेशा साथ रहने का वादा करते है। विवाह से होने वाली परम्पराओं के बारें मे तो सभी जानते ही है। दुनिया के हर हिस्से में अलग-अलग रस्में और मान्यताएँ होती हैं। कुछ रस्में इतनी अजीब होती हैं कि उन पर विश्वास करना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। आज हम आपको ऐसी ही अजीबोगरीब रस्मों के बारे में बताने जा रहे हैं।

शादी से पहले दिया जाता है बिजली का झटका

Before-marriage-is-shockसाउथ अमेरिका की एक जनजातीय परंपरा के अनुसार लड़कियाँ शादी के पहले पुरुषों से उनकी मर्दानगी का अनोखा सबूत मांगती हैं। इस सबूत को देना यहाँ की सबसे बड़ी परंपरा में शामिल है। इस परंपरा के अनुसार पुरषों को शराब का सेवन करना पड़ता है। थोड़ी देर बाद उन्हें 120 वोल्ट का बिजली का झटका दिया जाता है अगर लड़का इस झटके को झेल जाए तो उसे मर्द माना जाता है। इस गेम में फेल होने वाले लड़के को नामर्द समझा जाता है। इसके इलावा भी दुनिया में बहुत सी अजीबोगरीब रस्में है।

शादी से पहले दूल्हे के तलवों पर पड़ती है मार

Beating-the-groom's-feet-Koreaइस तरह की अजीबोगरीब परंपरा साउथ कोरिया में निभाई जाती है। इस रस्म में दूल्हे को जमीन पर लिटाने के बाद उसके पैरों को रस्सी से बांधकर उसके तलवों पर गन्ने से मारा जाता है। दोस्तों के साथ-साथ, रिश्तेदार भी बारी-बारी से आकर दूल्हे के तलवों पर गन्ने से मारते हैं। साउथ कोरिया में गन्ने को फलाका कहा जाता है।

पश्चिम बंगाल में बाल विवाह

child-marriagesपश्चिम बंगाल के जिलों में बाल विवाह ज्यादा होता है जहां हर दूसरी लड़की 18 साल की आयु से पहले ही बाल विवाह का शिकार होती है। बाल विवाह जैसी कुप्रथा, लड़कियों से उनकी इज्जत और स्वतन्त्रता से जीने के अधिकार छीन लेती है। 25 सितम्बर 2013 को टाईम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल, देश के उन चार राज्यों में से हैं जहां बाल विवाह सबसे ज्यादा होता है। केंद्र द्वारा किए देशव्यापी सर्वे के अनुसार राज्य में जितनी शादियाँ होती हैं उनमें से 54.07 प्रतिशत लडकियों की शादी 18 वर्ष की आयु में ही हो जाती है।

शादी करने के लिए करना पड़ता है रेप

rapeकिर्गिस्तान के लोगों की ये परंपरा है जिसमे हर लड़का शादी करने से पहले अपनी होने वाली पत्नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाता है। जो लड़का जिस लड़की के साथ रेप करता है, वो ही उसका पति बन जाता है। सदियों से यह पंरपरा चली आ रही है। इस परंपरा के चलते ही इस देश में सालाना करीब 12,000 लड़कियों का अपहरण करके उनके साथ यह गलत काम किया जा रहा है। हालांकि इस देश की सरकार द्वारा इस परंपरा को बैन कर दिया गया है, लेकिन समाज से यह प्रथा अभी भी चली आ रही है। इसके इलावा भी दुनिया में बहुत सी अजीबोगरीब रस्में है।

स्कॉटलैंड में दुल्हन को किया जाता है काला

scotlan-crazy-wedding-superstitionस्कॉटलैंड में शादी से पहले दुल्हन को कालिख लगाने की रस्म निभाई जाती हैं. इस रस्म के साथ ही रिश्तेदार दूल्हा-दुल्हन को एक पेड़ से बांध देते हैं और उनके ऊपर दूध, आटा, चॉकलेट सीरप, अंडे और इसी तरह की अन्य चीजें डालते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस रस्म को निभाने से दूल्हा-दुल्हन को बुरी शक्तियों से बचाया जाता है। इस तरह की रस्में स्कॉटलैंड के कुछ हिस्सों में ही निभाई जाती हैं।

पीपल या केले के पेड़ से होता है गठबंधन

mangal-doshहिन्दू समाज में लड़के और लड़कियों की कुण्डली मिलाते समय मांगलिक दोष पर अधिक जोर दिया जाता है। हिंदू ज्योतिष के अनुसार, मांगलिक लड़के या लड़की की गैर मांगलिक लड़की या लड़के से शादी करने के लिए पहले मांगलिक दोष दूर किया जाता है।  इस मांगलिक दोष को दूर करने के लिए मांगलिक को कुंभ विवाह करना होता है। यह कुंभ विवाह भगवान विष्णु की मूर्ति, पीपल या केले के पेड़ के साथ होता है।

भारतीय सिनेमा के दिलचस्प तथ्य!

भारतीय सिनेमा फिल्म जगत का लम्बा सफर तय चुका है। इस दौरान जँहा बॉलीवुड ने कई उपलब्धियां हासिल की है वहीं इसे बुरे वक़्त से भी गुज़रना पड़ा। भारतीय सिनेमा में ‘मदर इंडिया’, ‘शोले’, ‘मुगले-आजम’, ‘3 इडियट्स’ और ‘DDLJ’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के रिकॉर्ड बनाए।

भारतीय सिनेमा के कुछ दिलचस्प तथ्य

  1. फिल्म शोले को केवल एक पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था, जबकि यह उस समय बॉलीवुड के इतिहास की सबसे सफल फिल्म थी।
  2. फिल्म ‘लगान’ पहली ऐसी हिंदी फिल्म थी जिसमें में सबसे ज्यादा, यानि कई दर्ज़न ब्रिटिश कलाकारों ने काम किया।
  3. ‘LOC:Kargil’ बॉलीवुड की अब तक की बनी सबसे लंबी फिल्म थी। यह फिल्म 4 घंटे और 25 मिनट्स की थी।
  4. बॉलीवुड की 20 अभिनेत्रियों ने अपने करियर की शुरुआत ऋषि कपूर के साथ फिल्मों में हीरोइन का किरदार निभा कर की थी।
  5. ‘My Dear Kuttichathan’ भारत में 1984 में बनी पहली 3डी फिल्म थी। बाद में इस फिल्म को फिर से 3डी में हिंदी भाषा में प्रदर्शित किया गया और इस फिल्म का नाम ‘छोटा चेतन’ रखा गया था।
  6. सबसे पहली बॉलीवुड फिल्म 1899 में सिनेमाघरों में प्रदर्शित की गई थी, जबकि पहली हॉलीवुड फिल्म 1907 में प्रदर्शित हुई थी। बॉलीवुड इंडस्ट्री, हॉलीवुड से भी पुरानी है।
    
    
  7. आलम आरा, पहली भारतीय बोलती फिल्म थी जिसमें आवाज का उपयोग किया गया था।
  8. बॉलीवुड की सफल फिल्म ‘करण-अर्जुन’ में पहले सलमान खान वाला किरदार अजय देवगन निभाने वाले थे लेकिन अजय देवगन ने इस फिल्म में काम करने से मना कर दिया था।
  9. ‘बॉलीवुड’ शब्द को ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी में ऐड कर लिया गया है।
  10. ‘3 इडियट्स’ पहली ऐसी भारतीय फिल्म थी जिसने देश में 200 करोड़ रूपये की कमाई की थी।
  11. बॉलीवुड में किस्मत आजमाने से पहले शाहरुख खान दिल्ली के दरियागंज में रेस्त्रां (होटल) चलाते थे।
  12. तमिल फिल्म ‘Moondru Mudichu’ में श्रीदेवी ने रजनीकांत की मां का किरदार निभाया था। श्रीदेवी जब रजनीकांत की मां बनी थीं तब उनकी उम्र 13 साल की थी।
    
    
  13. DDLJ के लिए सबसे पहला गाना जो रिकॉर्ड हुआ था, वह था ‘मेरे ख्वाबों में जो आए‘  आनंद बख्शी ने 24 बार ये गाना लिखकर दिया था, लेकिन आदित्य चोपड़ा ने हर बार इसे रिजेक्ट कर दिया था।
  14. रितिक रोशन की फिल्म ‘कहो न प्यार है‘ अब तक की सबसे ज्यादा अवार्ड जीतने वाली है। बॉलीवुड में अभी तक ऐसी फिल्म नहीं बनी, जिसे 92 अवार्ड मिले हों।
  15. 100 करोड़ और 200 करोड़ के आंकड़े से बॉलीवुड की पहचान कराने वाले एक्टर का नाम है आमिर खान। ‘गजनी‘ बॉलीवुड की पहली फिल्म थी, जिसने 100 करोड़ का बिजनेस और ‘3 इडियट्स‘ 200 करोड़ कमाने वाली पहली फिल्म रही।
  16. टिकट खरीदने के मामले में भारतीय पूरी दुनिया में टॉप पर हैं। इंडियंस हर साल 2.7 अरब मूवी टिकट खरीदते हैं, लेकिन भारत में टिकट की कीमत सबसे कम है।