अजीबोगरीब परंपरा : इस जनजाति में परिवार के सदस्य की मृत्यु होने पर काट दी जाती है महिलाओं की उंगली

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दुनिया में कई ऐसी मान्यताएं और रीति-रिवाज सदियों से चले आ रहे हैं, जो आज के समय में थोड़े अजीब लगते हैं। आज भी पूरी दुनिया में ऐसी कई परंपराओं का पालन किया जाता है जिनका कोई औचित्य नहीं है।

शहरी लोगों को ये मान्यताएं, रीति-रिवाज भले ही अजीब लगें, लेकिन आदिवासी जनजातियों के लिए ये मान्यताएं बेहद खास हैं।

आज हम आपको इंडोनेशिया की एक आदिवासी जनजाति की अजीबोगरीब परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद आप भी हैरान रह जाएंगे।

तो चलिए जानते हैं:

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस जनजाति में जब परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है तो परिवार की महिला के हाथ की उंगली का ऊपरी हिस्सा काट दिया जाता है।

दरअसल दानी नाम की इस जनजाति द्वारा अपने पूर्वजों की आत्मा को शांति देने के लिए यह परंपरा निभाई जाती है। इस परम्परा को इकिपलिन कहा जाता है।

इसके साथ ही उंगली काटने से यह भी पता चलता है कि मरने वाले का दर्द उंगली के दर्द से ज्यादा कुछ नहीं है और वह जीवन भर उनके साथ रहेगा।

आमतौर पर उंगली के ऊपरी हिस्से को काटने के लिए स्टोन ब्लेड का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन कुछ मामलों में, उंगली बिना ब्लेड के काट दी जाती है।

उसके लिए उंगली रस्सी से कसकर बांध देते हैं, जिससे रक्त का संचार बंद हो जाता है तो उंगली अपने आप गिर जाती है। कटी हुई उंगली को या तो दबा दिया जाता है या जला दिया जाता है।

सरकार ने सालों पहले लगा दिया था प्रतिबंध

एक रिपोर्ट के अनुसार इस आदिवासी जनजाति में निभाई जाने वाली इस प्रथा पर इंडोनेशियाई सरकार ने कई साल पहले प्रतिबंधित लगा दिया था।

लेकिन कई बुजुर्ग महिलाओं की उंगलियों को देखकर कहा जा सकता है कि वे इसका पालन करती हैं और आज भी यह माना जाता है कि यह मान्यता इस क्षेत्र में जारी है।

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