उत्तराखंड का एक गांव, जहां इंसान नहीं सिर्फ भूत रहते है!!

आप सब ने भूतिया जगह या फिर भूतिया घर के बारे में सुना होगा। लेकिन कभी यह सुना है कि पूरे गांव पर ही भूतों का राज़ हो। जी हाँ, भारत में एक ऐसा गांव है, जहां इंसान नहीं बल्कि भूत रहते है। भूतों के कारण यह गांव बिलकुल वीरान पड़ा है। लेकिन ऐसा क्या हुआ होगा, जो यह गांव भुतहा बन गया। इस गांव के वीरान और भुतहा होने के पीछे बहुत दर्द भरी कहानी है।

इस गांव का नाम ‘स्‍वाला’ है, जो उत्तराखंड के चंपावत जिले में स्तिथ है। 1952 में गांव में एक ऐसी घटना हुई, जिसके बाद यहां सब बर्बाद हो गया। 1952 में एक दिन गांव से बटालियन की पी.ए.सी की एक गाड़ी जा रही थी, जिसमें आठ जवान सवार थे।

बैलेंस बिगड़ने के कारण वह गाड़ी खाई में गिर गई। गाड़ी में फसे जवान मदद के लिए चिल्लाने लगे। लेकिन गांव वाले जवानों को बचाने की बजाए उनका सामान लूटने लगे। कोई भी मदद ना मिलने के कारण जवानों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

कहते है उस घटना के बाद जवानों की आत्माएं उस गांव में भटकने लगी। गांव में बहुत अजीब घटनाएं होने लगी। आत्माओं ने गांव में इतना कोहराम मचाया कि गांव वालों का जीना मुश्किल कर दिया था।

गांव वालों को उनके चीखने की आवाज़ें सुनाई देती और उनको लगता के कोई और भी साथ चल रहा है। इन सब घटनाओं से तंग होकर गांव वाले गांव छोड़ कर भाग गए। लोग कहते है कि गांव में जवानों की आत्माएं आज भी भटकती है, इसीलिए यह गांव वीरान पड़ा है।

जिस खाई में जवानों की गाड़ी गिरी थी, उस जगह पर जवानों की आत्मा की शांति के लिये नवदुर्गा का मंदिर बनवाया गया है। जो भी लोग उस रास्ते से गुज़रते है उस मंदिर में भी ज़रूर रुकते है।

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जानिए कैसे पहचाने किसी पुलिस वाले को उसकी वर्दी से

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एक पुलिस कर्मचारी की वर्दी उसके लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैं, क्योंकि एक पुलिस वाले की पहचान उसकी वर्दी से ही होती हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे किसी पुलिस वाले की वर्दी से आप उसके पद को पहचान सकते हो। तो आइये जानिए इसके बारे में।

कॉन्स्टेबल

राज्य पुलिस में सबसे छोटा पद कॉन्स्टेबल का होता है। कॉन्स्टेबल वर्दी पर कोई बैच नहीं लगाते हैं, उनको सिर्फ वर्दी ही पहननी होती हैं।

हेड कॉन्स्टेबल

हेड कॉन्स्टेबल का पद कॉन्स्टेबल से उच्चा होता है। हेड कॉन्स्टेबल पुलिसकर्मी की वर्दी के आर्म स्लीव पर तीन स्ट्रिप लगी होती हैं।

ए.एस.आई. (सहायक उप निरीक्षक)

हेड कॉन्स्टेबल से अगली रैंक ए.एस.आई. यानि असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की होती हैं। ए.एस.आई. अपने कंधे पर एक स्टार लगाते हैं, और आधा इंच की चौड़ाई की पट्टी लगी होती हैं, जिसमें एक लाल और एक नीली पट्टी होती हैं।

सब इंस्पेक्टर

ए.एस.आई. के बाद उच्च पद सब इंस्पेक्टर का होता हैं। सब इंस्पेक्टर की वर्दी पर ए.एस.आई. की तरह एक नीले और लाल रंग की स्ट्रिप लगी होती हैं, लेकिन एक स्टार के स्थान पर दो स्टार लगे होते हैं।

इंस्पेक्टर

इंस्पेक्टर एक थाने का इंचार्ज होता हैं। इंस्पेक्टर की वर्दी पर सब इंस्पेक्टर की तरह एक लाल और नीली रंग की स्ट्रिप लगी होती हैं, लेकिन दो स्टार के स्थान पर तीन स्टार लगे होते हैं।

डी.एस.पी.

इंस्पेक्टर से उच्च पद डी.एस.पी. का होता हैं। वह अपने कंधे पर तीन स्टार लगाता हैं। डी.एस.पी. की वर्दी पर स्टार के साथ-साथ लाल और नीली रंग वाली पट्टी नहीं होती हैं।

एडिश्नल एसपी

डी.एस.पी. से उच्च पद एडिश्नल एस.पी. का होता हैं। ए.ए.सपी. अपनी वर्दी पर स्टार और पट्टी की बजाय एक अशोक स्तंभ लगाता हैं।

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खाएं इन चीज़ों को और अपनी त्वचा को रखें सुंदर

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कौन सी खाने वाली चीजें आपकी त्वचा को सुंदर बनाने में आपकी मदद कर सकती हैं. तो आइये जानिए इन चीजों के बारे में.

संतरा

संतरा भी आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हैं. वह आपके शरीर के blood circulation को सही रखता हैं. ये आपके दिल की बिमारियों को भी दूर करता हैं. आपको बता दें कि संतरा खाने से आपके चेहरे पर pimples, wrinkles उन सबको ये कम कर देता हैं.

टमाटर

टमाटर के अंदर विटामिन-A विटामिन-C ये दोनों आपकी त्वचा को एक तेज़ प्रदान करते हैं, जिसके कारण आपकी त्वचा चमकती है. टमाटर में केमिकल को मिला कर बहुत से प्रोडक्ट्स तैयार किये जा सकते हैं.

दही

दही में प्रोटीन और कैल्शियम का बहुत ही अच्छा श्रोत होता है. प्रोटीन आपके शरीर की मांसपेशियों को बनाने में मदद करता है और कैल्शियम आपकी हड्डियों को मज़बूत करता है. ऐसा कहा जाता है कि सारी बिमारियों आपके पेट से जन्म लेती है, इसीलिए आपको अच्छा भोजन खाना चाहिए क्योंकि जो आप खाते हो उसका सीधा असर आपके पेट पर पड़ता है. दही आपके खाने को पचाने में भी आपकी मदद करती हैं,  इसीलिए दही का सेवन करना आपके शरीर के लिए फायदेमंद हैं.

गाजर

गाजर आपके आँखों के लिए अमृत के समान है. ये आपके आँखों की रौशनी को कमज़ोर नहीं होने देती। गाजर आपके आँखों की RETINA के लिए बहुत लाभदायक होता है. गाजर आपके त्व्त्चा को और निखरता है और आपके समझने की शक्ति को 5-6 गुणा तक बढ़ा देता है.

पालक साग़

पालक इन सब में से सबसे ज्यादा खास है. पालक इन सब में से सबसे HEALTHIEST है. और बिलकुल गाजर की तरह ही ये आपके आँखों के लिए बहुत अच्छा होता है. आपकी त्वचा FREE RADICALS के चलते बर्बाद होता है, पालक इसी FREE RADICALS को मार देता है जिससे आपका त्वचा फिर से चमकने लगती है.

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ताजमहल के किनारे बहती यमुना नदी

यमुना नदी भारत की प्राचीन और पवित्र नदियों में से एक है। ब्रजमंडल की यह नदी सबसे महत्त्वपूर्ण नदी है। यमुना श्री कृष्ण की परम भगत है। यह नदी भक्ति की प्रतीक भी मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार गंगा नदी सफेद और यमुना नदी काली है। भगवान श्री कृष्‍ण का सबसे प्रिय स्‍थान वृन्दावन भी यमुना नदी के तट पर ही बसा हुआ है।

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यमुना नदी का सफर

यह नदी बंदरपूछ के पश्चिमी ढाल पर स्थित यमुनोत्री ग्लेशियर से निकलती है, जो कि 6387 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यमुनोत्तरी पर्वत से निकलकर यह नदी अनेक पहाड़ी दरों और घाटियों में प्रवाहित होती हुई छोटी और बड़ी पहाड़ीयों, नदियों को अपने अंचल में समेटती हुई आगे बढ़ती है और फिर दिल्ली, आगरा से होती हुई आखिर में यह नदी इलाहाबाद में आकर गंगा नदी में मिल जाती है। इस नदी की लम्बाई 1211 किमी है।

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यमुना नदी के कुछ और तथ्य

अपने प्रदेश की अन्य नदियों की तरह यह नदी भी पूर्व की और बहती है। इस नदी को कालिंदी के नाम से भी जाना जाता है। इस नदी के किनारे दिल्‍ली, आगरा, मथुरा, हमीरपुर, इलाहाबाद आदि शहर बसे हुए है। दुनियां के सात अजुबों में शामिल ताजमहल, इसी नदी के किनारे पर स्थित है। मथुरा में इस नदी के 24 घाट ब्रज क्षेत्र है।

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यमुना की सहायक नदियाँ

इस नदी की सहायक नदियाँ चम्बल, सेंगर, छोटी सिन्ध, बेतवा और केन हैं।

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यमराज की बहन है यमुना नदी

शास्त्रों के अनुसार यह नदी यमराज की बहन है। यहां इस नदी को यमी से नाम से जाना जाता है। यमराज और यमी परम तेजस्वी सूर्य की संतान है। कहते है कि सूर्य की पत्नी छाया जो दिखने में काली थी, उनकी संतान यमराज और यमुना भी श्याम वर्ण पैदा हुए थे। इस नदी का जल पहले कुछ नीला और काला था, इसीलिए इसे काली गंगा भी कहते है।

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यमुना नदी की पवित्रता

केशी घाट के पास यमुना नदी को काफी ज्यादा पवित्र माना जाता है, क्यूंकि केशी नामक राक्षस का वध करने के बाद भगवान कृष्ण ने यहीं स्नान किया था। हिन्दू धर्म में माना जाता है कि यहां स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं।

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नींबू का करें इस्तेमाल, पाएं सुन्दर और लम्बे बाल

नींबू के कई स्‍वास्‍थ्‍य और सौंदर्य लाभ हैं। अगर आपके बाल झड़ या कमज़ोर होकर टूट रहे हैं तो घबराये मत, आप नींबू का इस्तेमाल करके ही इस परेशानी से मुक्ति पा सकते हैं। जानिए नींबू का इस्तेमाल करके आपके बालों को क्या-क्या फायदे होंगे।

बालों का झड़ना रोके

सबसे पहले आपको बता दें कि अगर नींबू को नारियल के तेल में मिला कर लगाया जाए तो, तो यह बालों का झड़ना रोक देता है।

बालों को बनाये मज़बूत

नींबू बालों को मजबूत बनाता है। नींबू में विटामिन सी, बी और फॉस्‍फोरस भरे होते हैं, जिससे बालों को कोई नुकसान नहीं होता और बाल घने बन जाते हैं। अगर आपका सिर ऑयली है, तो उस पर रोज नींबू रगड़ने से वह ड्राई हो जाएगा।

सिर कि खुशकी को मिटाए

अगर आपके सिर में खुजली हो रही हो तो नींबू का रस लगाएं, इससे इंफेक्‍शन दूर हो जाएगी।

बालों को मोटा बनाए

अगर बाल मोटे और घने चाहिये तो नींबू के रस के साथ नारियल पानी मिला कर बालों को धोएं।

बाल चमकाए

अगर आपके बाल ड्राय और बेजान हैं तो , उस पर दही और नींबू का रस मिला कर लगाएं, इससे आपके बालों में चमक आ जाएगी।

बालों को बढाए

नींबू के रस को कैस्‍टर ऑयल या ऑलिव ऑयल के साथ मिला कर बालों की मसाज करें। फिर 1 घंटे के बाद हल्‍के शैंपू से सिर धो लें, इससे आपके बाल बढ़ने लग जायेंगे।

रूसी भगाए

नींबू का रस सिर से रूसी कि समस्‍या को दूर करता है।

दो मुंहे बालों से बचाये

दो मुंहे केश भगाए बालों के आखिरी छोर पर नींबू और ऑलिव ऑयल लगाइये।

मजबूत बनाए

नींबू, शहद और दही को मिला कर अपने  सिर पर लगा कर मसाज करें, इससे आपके बाल जड़ से मज़बूत बन जायेंगे।

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आम लोगों के लिए कानून के कुछ खास अधिकार

कानून में सब को बराबर के अधिकार मिले हुए है। बहुत से लोगों को इन अधिकारों के बारे में पता नहीं होता, इसीलिए वह लोग धोखाधड़ी का शिकार हो जाते है। हर एक इंसान को कानूनी अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए। पुलिस भी इन अधिकारों को दबा नहीं सकती। आइए जानते है ऐसे अधिकारों के बारे में, जिनकी आपको जानकारी होना ज़रूरी है।

  • सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक थाने में पूछताछ या शिकायत दर्ज़ कराने आई औरतों के साथ पुलिस भद्दा और अश्लील व्यवहार नहीं कर सकती है।
  • अगर कोई रेप पीड़ित महिला रिपोर्ट लिखाने आती है, तो रिपोर्ट और पीड़ित महिला से पूछताछ महिला पुलिसकर्मी ही करेगी। पूछताछ के दौरान पीड़िता के साथ परिवार से कोई भी महिला साथ रह सकती है।
  • पुलिस रेगुलेशन के मुताबिक अगर पुलिस किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करती है, तो थाने में पुलिस की ज़िम्मेदारी होती है कि वह उस व्यक्ति को भोजन कराए। इसके लिए पुलिस को भत्ता भी मिलता है।
  • धारा 167 के मुताबिक अगर पुलिस किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करती है, तो उसे 24 घंटे से ज्यादा देर तक हिरासत में नहीं रख सकती है। पुलिस को गिरफ्तार किया गया व्यक्ति 24 घंटे के अंदर कोर्ट में पेश करना होता है।
  • धारा 150 के मुताबिक अगर पुलिस किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करती है, वो व्यक्ति गिरफ्तार करने का कारण पूछ सकता है और पुलिस को भी कारण बताना पड़ेगा।
  • सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार किये गए व्यक्ति को यह अधिकार है कि अपने किसी परिवार वाले को अपनी सूचना फ़ोन पर दे सकता है। टेलीफोन मुहैया कराने की ज़िम्मेदारी पुलिस की होती है।
  • धारा 436 के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति ने ऐसा अपराध किया है, जो जमानत लेने योग्य है, तो उस व्यक्ति को कोर्ट जाने की ज़रूरत नहीं, पुलिस उसको थाने से जमानत दे सकती है।
  • पुलिस रेगुलेशन के मुताबिक अगर कोई पीड़ित व्यक्ति FIR कराने आता है, तो पुलिस उसे FIR दर्ज़ करने से मना नहीं कर सकती और दर्ज़ FIR की कॉपी भी पीड़ित व्यक्ति को दी जाती है।

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तिरुपति बालाजी मंदिर के कुछ बहुत ही रोचक तथ्य

देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में तिरुपति बालाजी मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध है। यहां की कई चमत्कारी कथाएं प्रचलित हैं। आइए जानें उनमे से कुछ आश्चर्यजनक चमत्कार:-

  • भगवान बालाजी के सिर पर आज भी रेशमी बाल हैं और उनमें उलझने नहीं आती और वह हमेशा ताजा लगते है।
  • मुख्यद्वार के दाएं और बालाजी के सिर पर अनंताळवारजी के द्वारा मारे गए निशान हैं। बालरूप में बालाजी को ठोड़ी से रक्त आया था, उसी समय से बालाजी के ठोड़ी पर चंदन लगाने की प्रथा शुरू हुई।
  • बालाजी को प्रतिदिन नीचे धोती और उपर साड़ी से सजाया जाता है।
  • बालाजी के वक्षस्थल पर लक्ष्मीजी निवास करती हैं। हर गुरुवार को निजरूप दर्शन के समय भगवान बालाजी की चंदन से सजावट की जाती है उस चंदन को निकालने पर लक्ष्मीजी की छबि उस पर उतर आती है। बाद में उसे बेचा जाता है।
  •  बताया जाता है सन् 1800 में मंदिर परिसर को 12 साल के लिए बंद किया गया था। किसी एक राजा ने 12 लोगों को मारकर दीवार पर लटकाया था उस समय विमान में वेंकटेश्वर प्रकट हुए थे ऎसा माना जाता है।
  • मंदिर से 23 किलोमीटर दूर एक गांव है, उस गांव में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश निषेध है। वहां पर लोग नियम से रहते हैं। वहां की महिलाएं ब्लाउज नहीं पहनती। वहीं से लाए गए फूल भगवान को चढ़ाए जाते हैं और वहीं की ही अन्य वस्तुओं को चढाया जाता है जैसे- दूध, घी, माखन आदि।
  • गर्भगृह मे जलने वाले चिराग कभी बुझते नही हैं, वे कितने ही हजार सालों से जल रहे हैं किसी को पता भी नही है।
  • बालाजी की पीठ को जितनी बार भी साफ करो, वहां गीलापन रहता ही है, वहां पर कान लगाने पर समुद्र घोष सुनाई देता है।
  • बालाजी को प्रतिदिन नीचे धोती और उपर साड़ी से सजाया जाता है।
  • भगवान बालाजी गर्भगृह के मध्य भाग में खड़े दिखते हैं मगर वे दाई तरफ के कोने में खड़े हैं बाहर से देखने पर ऎसा लगता है।
  • बालाजी के जलकुंड में विसर्जित वस्तुए तिरूपति से 20 किलोमीटर दूर वेरपेडु में बाहर आती हैं।

जानिए कृष्णा नदी का सबसे लम्बा सफर

कृष्णा नदी भारत की चौथी सबसे बड़ी नदी है। यह नदी कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश से होकर बहती है। इस नदी पर स्थित सबसे बड़ा शहर विजयवाड़ा है। महाभारत में इस नदी को कृष्णवेणा कहा गया है। आइए जानते है कृष्णा नदी के बारे में कुछ और बातें:

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कृष्णा नदी का सफर

यह नदी महाराष्ट्र राज्य के महाबलेश्वर पर्वत से बहना शुरू होती है। उसके बाद यह नदी कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, विजयवाड़ा से होकर गुज़रती है और दक्षिण-पूर्व से होती हुई बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है। इस नदी की लम्बाई 1290 कि.मी. और समुद्र तल से उंचाई 1337 मीटर है।

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विजयवाड़ा में इस नदी का सफर

विजयवाड़ा इस नदी के तट पर स्थित सबसे बड़ा शहर है। इस शहर के पास आ के यह नदी एक डेल्टा बनाती है। इस डेल्टा पर 20 फुट ऊँचा बाँध बनाकर कुछ नहरें निकाली गई हैं, जिससे 10,00,000 एकड़ भूमि की सिंचाई होती है। विजयवाड़ा में इस नदी की चौड़ाई लगभग 1300 गज है।

भारत के प्राचीन इतिहास से जुड़ी है ब्रह्मपुत्र नदी

कर्नाटक के ब्रह्मगिरि पर्वत से बहती कावेरी नदी

लोगों की इस नदी से जुड़ी है धार्मिक भावनाएं

पुराणों के अनुसार कृष्णा नदी को विष्णु का अंश माना गया है। हजारों श्रद्धालु कृष्णा नदी की पूजा और दर्शन करने के लिए आते है। जिन जिलों से यह नदी गुज़रती है, वहां के मंदिरों में देवी, देवताओं की पूजा अराधना होती है। नवरात्रि के दिनों में विजयवाड़ा में बहुत ज्यादा संख्या में श्रद्धालु पूजा करने के लिए आते हैं।

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कृष्णा नदी की सहायक नदियां

तुंगभद्रा, मूसी, अमरावती, भीमा, कोयना और पंचगंगा इस नदी की सहायक नदियां हैं। भीमा नदी सबसे लम्बी सहायक नदी है।

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ताजमहल के किनारे बहती यमुना नदी

जानिए कैसे बने अब्राहम लिंकन अनेक असफलताओं के बाद इतने सफल इंसान

आज हम आपको अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की कुछ ख़ास बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में आपने पहले कही नहीं सुना होगा। अब्राहम लिंकन अमेरिका के 16 वें राष्ट्पति थे। उनका जन्म 12 फरवरी 1809 ईसवी को एक गरीब परिवार में हुआ था। गरीब परिवार में पैदा होने के कारण अब्राहम को अपनी जिंदगी में काफी मेहनत करनी पड़ी थी। अब्राहम बार-बार असफल होने के बाद ही अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे।

अब्राहम लिंकन के जीवन की कुछ महत्वपूर्ण बातें

  • आपको बता दें कि जिस दिन ही लिंकन का जन्म हुआ था, उस दिन ही महान वैज्ञानिक ‘चार्ल्स डार्विन’ का जन्म हुआ था।
  • लिंकन अमेरिका के सबसे लम्बे कद के राष्ट्रपति थे। उनका कद लगभग 6 फुट 4 इंच था।
  • 9 साल की उम्र में ही लिंकन की माता का देहांत हो गया था, और इसके बाद उनकी सौतेली मां ने ही उनको पाला और उनकी सगी माँ जितना प्यार और प्रोत्साहन दिया।
  • लिंकन ने वकालत भी की थी परन्तु उसके लिए उन्होंने कोई डिग्री नहीं करी बल्कि खुद ही वकालत के विषय का अध्ययन किया था।
  • लिंकन की जिंदगी में बहुत सी असफलता आई थी, पर उन्होंने कभी हार नहीं मानी थी। वह 21 वर्ष की उम्र में वार्ड मेंबर का चुनाव हार गए थे, 27 साल की उम्र में उनकी पत्नी ने उनको तलाक दे दिया था, 32,37,42 और 47 की उम्र में संसद में लगातार चुनाव हार गए थे ।
  • जब लिंकन इतने निराशा वाले वक्त से गुज़र रहे थे तब उन दिनों वे चाक़ू छुरियों से दूर रहते थे क्यूंकि उन्हें लगता था कि वह खुद को नुक्सान ना पहुंचाले।
  • 52 वर्ष की उम्र में वह राष्ट्रपति बने और जब लिंकन राष्ट्रपति बने, तो एक महीने के बाद ही अमेरिका में गृह-युद्ध शुरू हो गया था, और आपको बता दें कि लिंकन इस युद्ध को जितने में सफल भी रहे थे।
  • लिंकन के पास एक बिल्ली थी जो वाइट हाउस में डिनर टेबल पर बैठकर खाना खाती थी।
  • एक दिन जब लिंकन अपने पड़ोसी से ‘जॉर्ज वाशिंगटन‘ की जीवनी की पुस्तक लेकर घर आये, तो अचानक से बारिश होने लग गई, और घर कच्चा होने के कारण किताब भीग गई थी। लिंकन इससे बहुत उदास हो गए थे, क्योंकि वह नई पुस्तक नहीं खरीद सकते थे, पुस्तक के बदले में उनको पड़ोसी के खेत में काम करना पड़ा था।
  • लिंकन अमेरिका के पहले राष्ट्रपति थे जो दाढ़ी रखते थे और तो और वह इकलोते राष्ट्रपति है जिनके नाम पर पेटेंट है।
  • 1842 में लिंकन ने मैरी टोड से शादी जिसके बाद उनके 4 बेटे हुए परन्तु उनके 3 बेटे 18 की उम्र तक होते होते मर गए।
  • 1876 में लिंकन की मौत के बाद २ चोरों ने उनकी कब्र में से उनकी लाश निकलने की कोशिश करी परन्तु वे नाकामयाब रहे। ऐसा करने के पीछे उनका मकसद वो पैसा था जो वो मांगते लाश के बदले।

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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: लौहपुरुष की अदभुत प्रतिमा के बारे रोचक तथ्य!

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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) यानि दुनिया की सबसे ऊंची सरदार वल्लभभाई पटेल ( Vallabhbhai Patel) की प्रतिमा का आज(बुधवार) को गुजरात में लोकार्पण हो गया. लौहपुरुष सरदार पटेल की आज 141वीं जयंती है.

आपके बता दें कि सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था। एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में उन्होंने भारत देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था. लेकिन भारत के स्वंतंत्र होने के बाद भारत की सैंकड़ो रियासतों को भारत में विलय करने में जिस विवेक, समझदारी, दृढ-निश्चय, कठिन परिश्रम और लगन का परिचय दिया जिसके कारण उन्हें भारत का लौह पुरुष भी कहा जाता है। सरदार पटेल भारत के पहले गृहमंत्री भी थे।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रतिमा के बारे में

सरदार पटेल की महानता के चलते ही एक यादगार रूप में नर्मदा नदी के तट पर उनकी बहुत विशाल, सुन्दर और भव्य प्रतिमा बनाई गई है, जिसको स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का नाम दिया गया है। यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

आपको बता दें कि “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” देखने में बहुत अद्भुत है और इसको काफी दूरी से देखा जा सकता है. प्रतिमा की कुल ऊंचाई 182 मीटर के करीब है। इसे विश्व की विशालतम प्रतिमा माना जा रहा है.

इस प्रतिमा का कुल वज़न 1700 टन है. मूति॔ के पैर की ऊंचाई 80 फ़ीट, हाथ की ऊंचाई 70 फ़ीट, कंधे की ऊंचाई 140 फ़ीट और चेहरे की ऊंचाई 70 फ़ीट है। ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ न्यूयॉर्क में स्थित प्रसिद्ध स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के आकार से लगभग दोगुना ऊँची है।

इस मूर्ति को लार्सन एंड टुब्रो कंपनी ने बनाया है, और इसको बनाने में लगभग 3 साल का समय लगा है। इस प्रतिमा बनाने में 1,347 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 235 करोड़ रुपये प्रदर्शनी हॉल और सभागार केंद्र पर खर्च किये गये. वहीं 657 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगले 15 साल तक ढांचे के रखरखाव पर खर्च किए किए जाएंगे. 83 करोड़ रुपये पुल के निर्माण पर खर्च किये गये.

इस मूर्ति के निर्माण की जिम्मेदारी प्रसिद्ध शिल्पकार राम वी. सुतार की थी और उन्होंने यह कार्य बड़े अच्छे से निभाया है. इस मूर्ति के कारण उनके नाम की चर्चा अब विश्व भर में है। राम वी. सुतार को साल 2016 में सरकार ने पद्म भूषण अवार्ड से सम्मानित किया था। इसके अलावा वे ‘बांबे आर्ट सोसायटी’ के लाइफ टाइम अचीवमेंट समेत अन्य पुरस्कार से भी नवाजे गए थे।

राम वी. सुतार इन दिनों मुंबई के समुंदर में लगने वाली शिवाजी की प्रतिमा की डिजाइन भी तैयार करने में जुटे हैं. महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि यह प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को भी पीछे छोड़ देगी और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी.

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्मारक की आधारशिला 31 अक्तूबर, 2013 को पटेल की 138 वीं वर्षगांठ के मौके पर रखी गई थी, जब पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे. इसके लिये बीजेपी ने पूरे देश में लोहा इकट्ठा करने का अभियान भी चलाया गया.