दुनियाभर में इमारतों पर बनाए गए विशाल और अद्भुत चित्र!

आज हम आपके सामने कुछ ऐसी इमारतों की तस्वीरें लेकर आएं हैं, जिन पर बहुत ही विशाल और अद्भुत चित्र बनाए गए हैं. इन अद्भुत चित्रों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. इन इमारतों पर की गई चित्रकारी और कलाकृति बहुत ही सुंदर है. आइए देखते हैं दुनियाभर की इमारतों पर बनाए गए विशाल और अद्भुत चित्र!

एलीगेटर, एटलांटा, जॉर्जिया (2011)

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इसीबी, बुसान, दक्षिण कोरिया (2012)

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होनोलुलु, हवाई (2013)

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मालागा, स्पेन (2013)

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मागणीतोगोर्स्क, रूस (2013)

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नियमेयेर, साओ पाउलो, ब्राज़ील (2013)

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अर्य्ज़, रेनस, फ्रांस (2013)

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बोरोस, स्वीडन (2014)

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सेठ, मोंट्रियल (2014)

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कॉलिंस स्ट्रीट, मेलबोर्न (2014)

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ईसीबी, हीर्लेन, द नेदरलैंड्स (2014)

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स्ट्रॉबेरी से मिलने वाले 10 आश्चर्यजनक लाभ!

आप सभी तो जानते ही होंगे कि स्ट्रॉबेरी कितना स्वादिष्ट फल है. लेकिन यह फल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है, और यह फल आपके शरीर की अलग-अलग बीमारीयों से लड़ने में सक्षम होता है. आइए जानते हैं स्ट्रॉबेरीज से मिलने वाले 10 फायदे.

स्ट्रॉबेरीज खाने से आपके दांतों में सफेदी आती है

अगर आप अपने दांतों को सफेद और चमकदार बनाना चाहते हो, तो स्ट्रॉबेरीज खाएं, क्योंकि स्ट्रॉबेरीज में विटामिन सी होता है, जो आपके दांतों के बीच जमी फलक को तोड़ देता है. जिससे आपके दांतों में पहले से ज़्यादा सफेदी आ जाती है.

स्ट्रॉबेरीज दिल की बीमारियों को कम करती है

दिल की बीमारी सबसे घातक बीमारी होती है, लेकिन स्ट्रॉबेरीज खाने से दिल की बीमारियां होने का खतरा कम होता है. इसमें पोटेशियम तत्व होता है, जो कि हार्ट अटैक के रिस्‍क को कम करता है. स्ट्रॉबेरीज में एलाजिक एसिड होता है, जो एलडीएल (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन) को नियंत्रण करता है. एलडीएल (LDL) बुरा कोलेस्ट्रॉल होता है.

स्ट्रॉबेरीज आपकी उम्र बढ़ने की गति को धीमी करती है

हमारी उम्र इसलिए बढ़ती है, क्योंकि हमारे शरीर में कोशिकाओं की उम्र बढ़ती है, लेकिन स्ट्रॉबेरीज खाने से हम इस प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं. स्ट्रॉबेरी एक मज़बूत एंटीओक्सिडेंट होता है, जो आपके शरीर में उम्र बढ़ाने वाले उग्र तत्वों से लड़ता है और उम्र बढ़ने की गति को धीमा करता है.

स्ट्रॉबेरीज आपको मुहांसे की समस्याओं से भी छुटकारा दिलाती है

इसमें विटामिन C और अम्लीय (acidic) होते है, जो त्वचा से अतिरिक्त सीबम (sebum) को हटाने में मदद करते है. स्‍ट्रॉबेरी का रस या फिर स्ट्रॉबेरीज फेस पैक को अपने चेहरे पर केवल आधा घंटा लगाने से आपको मुहांसे और फुंसी जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा.

स्ट्रॉबेरीज से आपके चेहरे पर पड़े हुए हल्के भूरे रंग के धब्बे भी खत्म हो जाते हैं

इस में विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट की अधिकता के कारण चेहरे पर पड़े हुए हल्के भूरे रंग के ध्ब्बे साफ़ हो जाते हैं, तो आपको महंगी-महंगी क्रीमों का इस्तेमाल करने की बजाए स्ट्रॉबेरी का इस्तेमाल करना चाहिए. स्ट्रॉबेरी को नींबू के रस, मलाई, पपीता और मक्खन के साथ मिश्रित कर के चेहरे पर लगाने से आपके चेहरे पर से हल्के भूरे रंग के धब्बे दूर जाएंगें.

स्ट्रॉबेरी खाने से आपका अस्थमा और एलर्जी भी ठीक होगी

अगर आप अपने अस्थमे को रोकने के लिए अलग-अलग तरह की दवाईयां खाकर थक चुके हैं, तो आपको स्ट्रॉबेरी का इस्तेमाल करके देखना चाहिए. स्ट्रॉबेरी में ऐसे कई तत्व होते हैं, जो आपको अस्थमा जैसी बीमारी को ठीक करने में मदद करते हैं और आपकी आँखों में बार-बार आने वाले पानी को भी रोकते हैं.

स्ट्रॉबेरी ब्‍लड शुगर नियंत्रित करती है

एंटीआक्‍सीडेंट और एलेगिक एसिड से भरभूर स्‍ट्रॉबेरीज स्‍टार्चयुक्‍त भोजन के पाचन को धीमा करने में मदद करती हैं. इसलिए स्‍ट्रॉबेरीज स्‍टार्च भोजन के बाद ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करने में मददगार साबित होती हैं.

स्ट्रॉबेरी स्वादिष्ट फल होने के साथ-साथ एक कैंसर विरोधी औषधी होती है

स्‍ट्रॉबेरी में फ्लेवोनॉइड, फोलेट, केंफेरॉल और विटामिन सी आदि कैंसर से लड़ने वाले तत्‍व होते हैं, जो कि कैंसर पैदा करने वाले सेल्स का नाश करते हैं. इस में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी होता है, जो खतरनाक ट्यूमर को आपके शरीर में फैलने से रोकता है.

स्ट्रॉबेरी आपकी आँखों की दृष्टि के लिए भी बेहतर होती है

इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट तत्‍व आंखों को मोतियाबिंद से बचाता है. स्ट्रॉबेरी से हमें विटामिन सी मिलता है, जो हमारी आँखों के लिए बहुत अच्छा होता है.

गर्भवती महिलाओं के लिए स्ट्रॉबेरी बहुत फायदेमंद है

स्‍ट्रॉबेरी में फोलेट अच्‍छी मात्रा में मौजूद होते हैं. एक कप कच्चे स्‍ट्रॉबेरी से लगभग 40 gm फोलेट मिलता है। इसीलिए गर्भवती महिलाओं के लिए स्‍ट्रॉबेरी बहुत फायदेमंद होती है. इसमें मौजूद फोलेट तंत्रिका ट्यूब (neural tube) दोषों को रोक सकते हैं.

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ध्यान कैसे लगाएं

ध्यान या मैडिटेशन का लक्ष्य एकाग्रता है और मन की शांति को प्राप्त करना है. मैडिटेशन करने से पहले यह बात अच्छी तरह से समझ लें कि ध्यान करना केवल एक क्रिया नहीं है, जो आपको करनी है. बल्कि यह तो चीज़ों को महसूस करने का विषय है. ध्यान करने के बजाए, हम कहें कि हमें ध्यान देना है.

ध्यान देना है उन चीज़ों, क्रियाओं, बदलावों, घटनाओं की और जो हमारे स्वयं के अंदर और बाहर दोनों तरफ हो रही हैं. जैसे कि हमारे मन-मस्तिष्क में क्या विचार उठते हैं? उनमें से कितने सही हैं कितने गलत. बस हमने विश्लेषण करना है. हमें एक प्लेयर बन कर कुछ करना नहीं है, बल्कि एक दर्शक बन कर सारे घटनाक्रम को रिकॉर्ड करना है.

इसको ऐसे समझें – जब आप एक मूवी देखने जाते हैं, तो आप सारी दिन-दुनिया को कर भूल कर सिर्फ मूवी पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तभी मूवी का पूरा लुत्फ़ उठा पाते हैं. इसके लिए आप अपने मोबाइल को साइलेंट मोड पर डाल देते हैं. ध्यान करते वक्त भी यही तरीका अपनाना है.

खुद के नर्वस सिस्टम को साइलेंट मोड पर डालना है. दिन-दुनिया, काम-काज, रिश्ते-नाते, बिज़नेस, शिक्षा, हेल्थ किसी भी चीज़ के बारे में नहीं सोचना है. सिर्फ अपने शरीर, इन्द्रियों को एक ही काम पर लगाना है, और वो है आत्म-चिंतन और विश्लेषण।

इस लेख में हम मैडिटेशन के कुछ आधारभूत बिन्दुओं पर चर्चा करेंगे.

मैडिटेशन करने से पहले की तैयारी

  • एक शांतिपूर्ण वातावरण को चुनें. मैडिटेशन हमेशा एक शांत जगह पर करनी चाहिए. ऐसा करने से आपका ध्यान ज़्यादा से ज़्यादा मैडिटेशन की तरफ ही केंद्रित रहेगा.
  • मैडिटेशन करने से पहले हमेशा आरामदायक कपड़े पहनने चाहिए.
  • पहले से यह निर्णय कर लें कि आप कितने समय तक मैडिटेशन करना चाहते हैं. अगर संभव हो, तो हर दिन एक नियत समय पर मैडिटेशन करने की आदत बना लें.
  • मैडिटेशन एक जगह पर बैठ कर ध्यान लगाने की प्रक्रिया है, तो ऐसा करने से पहले आपको थोड़ी स्ट्रेचिंग कर लेनी चाहिए.
  • स्ट्रेचिंग करने के बाद एक आरामदायक स्थिति में बैठ जाएँ.
  • आरामदायक स्थिति के बाद आप अपनी आँखें बंद कर लें. वैसे आप अपनी आँखें खुली रखकर भी मैडिटेशन कर सकते हैं.

मैडिटेशन करने की प्रचलित तकनीकें

  • मैडिटेशन की तकनीकों में सबसे प्रचलित तकनीक श्वसन की तकनीक है. इस तकनीक में आपको नाभि के ऊपर किसी बिंदु को चुनकर उस पर अपने मन को केंद्रित करना है. सांस को अंदर और बाहर की ओर खींचने और छोड़ने के दौरान पेट के उठने और गिरने के क्रम और सांस लेने और छोड़ने के क्रम पर भी ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। अगर सांस पर ध्यान लगा रहे हैं, तो सिर्फ और सिर्फ अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कीजिए. केवल यह देखिए कि सांस कैसे आ और जा रही है.
  • इस मैडिटेशन की तकनीक में आपको एक ही चीज़ पर ज़्यादा से ज़्यादा एकाग्रचित होना होता है. यह तकनीक नौसिखियों के लिए एक बेहतर तकनीक है.
  • मैडिटेशन करके मंत्र दोहराना मैडिटेशन की एक प्रचलित तकनीक है. अपने आप को शांत रख कर और आँखें बंद कर कर अपने प्रिय मंत्र, श्लोक या देवी-देवता का ध्यान करते हुए मंत्र दोहरा सकते हैं. हिंदु धर्म को मानने वाले अधिकतर संस्कृत के मंत्र को दोहराते हैं जैसे कि “ॐ”, “सत, चित्त, आनन्द” मंत्र.
  • एक साधारण सी सम्मुख वस्तु पर ध्यान केन्द्रित करना भी मैडिटेशन की एक तकनीक है. जिसमें आप अपना ध्यान आँखें खुली रख कर किसी विषयवस्तु पर टिका लेते हैं. उदाहरण के लिए सामने दीवार पर पेंसिल से एक बिंदु बना कर उस पर ध्यान टिकाना. यह तकनीक सुनने में आपको आसान लग सकती है, लेकिन अपना ध्यान किसी विषय वस्तु पर टिकाना एक बहुत ही मुश्किल काम होता है.
  • मैडिटेशन की तकनीक में अन्त: दर्शन की तकनीक बहुत ही प्रचलित है, क्योंकि इसमें आप आँखें बंद कर के किसी शांत और सुंदर जगह की कल्पना करते हैं. यह तकनीक आपको चिंता मुक्त करने में बहुत फायदेमंद होती है.
  • आत्म-काया या शरीर के निरीक्षण की तकनीक में आप अपने शरीर के हर हिस्से पर अपना ध्यान थोड़े समय के लिए केंद्रित करते हैं. इस तकनीक में लेटकर आप अपनी आँखें बंद कर के अपने शरीर के अलग- अलग हिस्सों पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं. ऐसा करने से आपका मन शांत अवस्था में पहुंच जाता है.
  • ह्रदय-चक्र पर ध्यान केंद्रित करना: ह्रदय-चक्र शरीर के भीतर स्थित सात चक्रों या ऊर्जा-केन्द्रों से एक है। ह्रदय-चक्र छाती के बीचोंबीच स्थित है और प्रेम, करुणा, शांति और सदभाव से जुड़ा हुआ है।

रोजमर्रा के जीवन पर ध्यान

  • रोजमर्रा की जिंदगी में मानसिक पूर्णता का अभ्यास कीजिए.
  • एक अच्छी जीवनशैली अपनाएं. इसलिए अच्छा भोजन करें, रोज व्यायाम करें और पूरी नींद लें और आपको मैडिटेशन करने से पहले टेलीविजन नहीं देखना चाहिए. शराब और सिगरेट जैसे नशों का सेवन न करें. नशा आपके मन को विचलित करता है.
  • अध्यात्मिक किताबें पढ़ें.
  • ध्यान (Meditation) लगाना सीखने के लिए आप किसी पेशेवर व्यक्ति से मदद ले सकते हैं.
  • प्रत्येक दिन एक ही समय पर मैडिटेशन करने की आदत बना लें.
  • यह बात को अच्छी तरह से समझ लो कि मैडिटेशन एक तरह की यात्रा है, जो आपको उच्च अध्यात्मिक आयाम तक पहुंचने में मदद करती है.

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शीर्ष 6 खाद्य पदार्थ, जो आपके चेहरे पर निखार लाते हैं

निम्नतम दिए खाद्य पदार्थ आपकी त्वचा के लिए बहुत अच्छा विकल्प हैं. यह खाद्य पदार्थ आपके चेहरे की त्वचा को जवान बनाएं रखने में मदद करते हैं. इसलिए नियमित इन खाद्य पदार्थों को खाकर या अपने चेहरे पर लगाकर आप अपनी त्वचा को जवान बनाएं रख सकते हैं. यह हैं छह खाद्य पदार्थ, जो आपकी त्वचा पर निखार लेकर आने में मदद करते हैं.

जैतून का तेल (Olive Oil)

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जैतून के तेल में विटामिन ई, फिनोल, विटामिन ए आदि समृद्ध गुण पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें एंटी ऑक्सीडेंट के गुण भी मौजूद होते हैं, जो हमारी त्वचा की बाहरी संक्रमण से रक्षा करते हैं. आप जैतून के तेल को विषयानुसार अपने चेहरे पर लगा सकते हैं, जिससे आपकी त्वचा में अच्छा निखार आएगा.

डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate)

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डार्क चॉकलेट एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो आपकी त्वचा पर दिखने वाले बढ़ती उम्र के लक्षणों और झुर्रियों को कम करती है. इससे आपकी त्वचा जवान नज़र आती है. इसी कारण आजकल चॉकलेट बाथ, चॉकलेट फेशि‍यल, चॉकलेट पैक और चॉकलेट वैक्स का इस्तेमाल भी होने लगा है.

कस्तूरी (Oysters)

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कस्तूरी में बहुत सारे पोषक तत्व और मिनरल्स मौजूद होते हैं, इसीलिए इसे खाने से आपकी चेहरे की त्वचा शानदार बनती है. इसमें कैल्शियम, सेलेनियम, प्रोटीन, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्व होते हैं. यह शरीर को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचाने और इंफेक्शन होने से भी बचाता है.

कीवी फल (Kiwi)

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कीवी में रेशों, पोटेशियम, फोलिक एसिड, विटमिन सी और ई, एंटीऑक्‍सीडेंट के अलावा तमाम खनिज लवण होते हैं. कीवी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी व्यक्ति के चेहरे में निखार लाने में मददगार होते हैं. कीवी धूप के असर से त्वचा को बचाए रखता है. यह आपकी त्वचा को जवान और झुर्रियों से मुक्त रखता है.

कद्दू (Pumpkin)

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कद्दू में पाए जाने वाले बीटा-कैरोटीन, विटामिन A, E और C, आपकी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं और आपके चेहरे से झुर्रियों को दूर करते हैं. कद्दू में जीआ स्कैनटिन नामक एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है. यह अल्ट्रा वायलेट किरणों से होने वाले नुकसान से बचाता है. इससे त्वचा के नए सेल्स बनने लगते हैं.

रेड वाइन (Red Wine)

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रेड वाइन आपके चेहरे पर निखार लेकर आती है और चेहरे की झुर्रियों को भी दूर करने में मददगार है. इसमें विटामिन बी, आयरन, मैग्निशियम के अलावा और भी बहुत से ज़रूरी तत्व शामिल होते हैं. हफ्ते में एक बार सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से फायदा मिलता है. अगर इसे त्वचा पर लगाया जाए, तो ये त्वचा पर मौजूद डेड स्किन को हटाता है और आपकी त्वचा को कोमल और नरम बनाता हैं. इसीलिए आजकल रेड वाइन सैलून में भी काफी प्रयोग की जा रही है.

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कम वसा वाले 10 भोजन

शरीर का वजन भोजन से प्राप्त होने वाली कैलोरी और वसा की मात्रा पर निर्भर करता है। यदि खाने में कम कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों को शामिल कर लिया जाए, तो वजन से बड़ी आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कम वसा वाले 10 भोजनों के बारे में.

काली मिर्च (Black pepper)

काली मिर्च थोड़ी बेस्वाद ज़रूर होती है, लेकिन यह औषधीय गुणों से भरपूर होती है. काली मिर्च में केल्शियम ,आयरन, फास्फोरस, कैरोटिन, थाईमन, फाइट्रोन्यूट्रीयस जैसे पोष्टिक तत्व होते है. इसमें से फाइट्रोन्यूट्रीयस नामक तत्व अतिरिक्त चर्बी को काटता है. काली मिर्च में कैलोरी ना के बराबर होती है. टीस्‍पून काली मिर्च के अंदर केवल 8 कैलोरीज़़ होती हैं. इसलिए काली मिर्च के सेवन से मोटापा कम होता है. काली मिर्च वजन घटाने में लाभदायक तो है, मगर इसके ज्‍यादा सेवन से पेट में जलन भी हो सकती है, इसीलिए केवल एक सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें.

कैसे करें इस्तेमाल-

  • काली मिर्च को पान के पत्ते में डालकर चबाकर खाने से वजन घटता है.
  • काली मिर्च पाउडर को नींबू पानी में मिलाकर पी सकते हैं.
  • अदरक, नींबू, शहद, तुलसी, दालचीनी वाली चाय बनाएं। फिर उसमें आधा या 1 टीस्‍पून ताज़ी कुटी हुई काली मिर्च डाल लें और इसे ब्रेकफास्‍ट करने से पहले पिएं.
  • आप सुबह उठने के बाद एक या दो काली मिर्च को चबाकर पानी पी सकते हैं.

ग्रीन टी (Green Tea)

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कई अध्ययनों में पाया गया है कि ग्रीन टी आपकी पेट की चर्बी को कम करने में मदद करती है. इस में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी अधिक होता है, जो शरीर से विषैले प्रदार्थ नष्ट करता है, जिससे बॉडी के इम्युनिटी सिस्टम को ताकत मिलती है और शरीर की बिमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक शमता बढ़ती है और हम पेट की बिमारियों से बचे रहते है, पाचन क्रिया दरुस्त होती है, जो मोटापा कम करने में मदद करता है. ग्रीन टी में कैफीन की मात्रा कॉफी से अधिक होती है, इसीलिए इसे सही मात्रा में और सही समय ही पीना चाहिए.

ग्रीन टी का सही समय-

  • सुबह खाली पेट, रात को सोने से पहले और खाना खाने के बाद एक कप ग्रीन टी पीएं, तो वजन जल्दी कम होता है.
  • मोटापा कम करने के लिए ग्रीन टी दिन में 3 से 4 कप पी सकते हैं.

तरबूज

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तरबूज एक ऐसा फल है, जिसमें बहुत पानी होता है और इसमें कैलोरी भी कम होती है. आपको जान कर हैरानी होगी कि 100 ग्राम तरबूज में बस 30 कैलोरीज़ ही होती हैं और इसमें 0 प्रतिशत फैट पाया जाता है. इसमें 92 प्रतिशत पानी होता है, इसीलिए तरबूज खाने के बाद आपका पेट काफी भर जाता है, जिसके बाद आप खाने की कम मात्रा ही ग्रहण कर पाते हैं और आपका वजन कम होने लगता है। डेली मेल में प्रकाशित एक खबर के अनुसार इससे रक्त वाहिकाओं के भीतर चर्बी नहीं जमती. शोधकर्ताओं का मानना है कि तरबूज के पोषक तत्वों का राज उसके रस में पाए जाने वाले स्रिटूलाइन रसायन में छुपा है.

तरबूज खाने का सही समय- हमेशा लिमिट में ही तरबूज का सेवन करें, क्‍योंकि ज़रूरत से ज़्यादा तरबूज खाना नुकसानदेह भी हो सकता है।

  • तरबूज खाने का सही समय है, दोपहर 12 से 1 बजे के बीच.
  • प्रति दिन आपको केवल 150 किलो कैलोरीज़ ही तरबूज के जरिए लेनी चाहिए।
  • तरबूज में 92 प्रतिशत तक पानी होता है, इसलिए आप अपने पानी का सेवन कम कर सकते हैं.

नाशपाती और सेब

Pears-and-applesसेब – मोटापा कम करने के लिए सेब के छिल्के में जादुई गुण होते हैं. सेब में हाई-डायट्री फाइबर फीटोस्ट्रॉल, फ्लेवेनॉयड्स, बीटा कैरोटीन औ पेक्टिन आदि तत्व मौजूद होते हैं, जो तेज़ी से वजन कम करने में सहायक होते हैं. एक मीडियम साइज़ के सेब में करीब 50 कैलोरीज़ होती है और इसमें फैट और सोडियम बिलकुल भी नहीं होता है.

नाशपाती – नाशपाती में फाइबर और पानी की मात्रा भरपूर होती है, जिससे भूख कम लगती है. यह पाचन क्रिया में भी सहायक है. यह आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने के अलावा आपके कोरोनोरी हार्ट डिसीजेज और टाइप 2 डायबिटीज होने के खतरे को भी कम कर देती है.

अंडे

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एक अंडे में 75 कैलोरी और 7 ग्राम प्रोटीन होने के साथ-साथ बहुत से पोषक तत्व होते हैं. एक अंडे में इतना कोलेस्ट्रोल होता है, जो आपके पूरे दिन के लिए काफी होता है. अंडे में बहुत कम वसा होती है. उबले अंडे को यदि ब्रेकफास्‍ट में खाया जाए, तो यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है. दरअसल अंडा मेटाबॉलिज्म और फैट गलाने की प्रक्रिया को तेज़ कर देता है.

इस बात का रखें ख्याल –

  • ऑमलेट बनाकर या स्क्रैब्लड रूप में अंडा कभी भी न खाएं, क्योंकि इनसे आपका वजन कम नहीं होगा. उबला हुआ अंडा ही वजन घटाने की प्रक्रिया में सहायता करता है.
  • अंडे की जर्दी का रोज़ सेवन न करें.
  • अगर आप मोटापा घटाने के लिए रोज़ अंडे का सेवन करने की सोच रहे हैं, तो अपनी डाइट का बैलेंस रखें और रोज़ाना 15 मिनट की एक्‍सरसाइज भी करें.

कॉफी

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कॉफी में कैफीन होता है, जो कि शरीर में ऑक्सीटोसिन हार्मोन का उत्सर्जन बढ़ा देता है. इससे फैट जल्दी बर्न होता है और मोटापे पर भी असर देखने को मिलता है. 1 दिन में कैफीन की 400 मिलीग्राम खुराक से ऊर्जा ज़्यादा मिलती है. यह शरीर की मांसपेशियों में जमे फैट को अधिक आसानी से निकालने में मदद करती है.

सलाद

saladसलाद में कैलोरी कम होती है और पानी ज़्यादा होता है, हरी पत्तेदार सब्जियों में पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होने के साथ-साथ फाइबर भी पर्याप्त मात्रा में होता है, जो मोटा होने से बचाता है. इसलिए अपने सलाद में हरी और पत्तेदार सब्जियां ज़रूर शामिल करें.

अखरोट

walnutअखरोट या मेवा, भूख पर अंकुश लगाने के लिए एक बेहतर विकल्प है. अखरोट में ओमेगा-3 लिनोलेनिक एसिड मौजूद होता है, जो कि वजन घटाने में अहम भूमिका निभाता है. इसमें प्रोटीन और कैलोरी भी बहुत ज़्यादा होती है. साथ ही अखरोट में अच्छी मात्रा में पोलीफीनोल और फायटोकेमिकल्स होते हैं, जिनमें एंटी-आक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, जिसकी वजह से अखरोट ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर आदि से बचाता है.

पॉपकॉर्न

Popcornपॉपकॉर्न में ना तो कैलोरी होती है और ना ही वसा. इन्हें खाने से थोड़े समय की भूख खत्म हो जाएगी.

मछली

fishमछली सबसे अच्छे प्रोटीन के स्रोतों में से एक है. मछली में लो फैट होता है, जिससे मोटापा नहीं बढ़ता है. तैलीय मछली में साल्मन, मकरेल, ट्यूना प्रोटीन आदि पोषक तत्व होते हैं और यह चयापचय को बढ़ाती हैं। इसमें वसीय एसिड (ओमेगा 3 एसिड) अधिक होते हैं, जो आपके पेट की चर्बी को जला देते हैं.

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मनुष्य का दिमाग कितने परसेंट काम करता है!!

एक मनुष्य का दिमाग यह निर्धारित करता है कि वे अपने आसपास की दुनिया को कैसे अनुभव करता है। 2013 के एक सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 65 प्रतिशत अमेरिकन लोग मानते हैं कि हम अपने दिमाग का 10 प्रतिशत उपयोग करते हैं। अमेरिका के वैज्ञानिक न्यूरोलॉजिस्ट बैरी गॉर्डन ने एक इंटरव्यू में बताया है कि यह बात सिर्फ एक तथ्य है।

यह बात सबसे पहले 1930 में सबके सामने आई थी। लेकिन वैज्ञानिक यह बात नहीं मानते हैं कि हम अपने दिमाग का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही इस्तेमाल करते हैं।

उन्होंने बताया कि हमारे दिमाग का अधिकतर हिस्सा हमेशा सक्रिय होता है। मानव न्यूरोसाइंस में फ्रंटियर में प्रकाशित एक अध्ययन में भी 10 प्रतिशत वाली इस बात को खारिज कर दिया गया था।

दिमाग का वज़न लगभग 3 पाउंड होता है, और हमारे दिमाग में 90 प्रतिशत जो कोशिकाएं हैं, उनको ‘ग्लियल कोशिकाएं’ कहते हैं, जो बाकि और 10 प्रतिशत कोशिकाएं होती हैं, उनको ‘न्यूरॉन्स’ कहते हैं। असली बात यह है कि हमारा दिमाग 100 प्रतिशत ही काम करता है, जिसमें 90 प्रतिशत ‘ग्लियल कोशिकाएं‘, 10 प्रतिशत बची ‘न्यूरॉन्स’ कोशिकाओं को शक्ति प्रदान करतीं हैं, परन्तु लोगों को लगा की 10 प्रतिशत कोशिकाएं, जिनको ‘न्यूरॉन्स कहते हैं, वही  हमारे दिमाग का वो 10 प्रतिशत हिस्सा है, जो काम करता है।

जब कोई इंसान सोता है, तब भी उसका दिमाग उस वक्त सक्रिय रहता है। एक साधारण दिमाग ( एफ.एम.आर.आई ) तकनीक, जिसे कार्यात्मक चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एफ.एम.आर.आई ) कहा जाता है, ये तकनीक दिमाग में चल रही गतिविधि को माप सकती है, चाहे कोई इंसान अलग-अलग कार्य क्यों ना कर रहा हो।

इसी तरह की और तकनीकों का इस्तेमाल करके वैज्ञानिकों ने बताया है कि हमारे अधिकतर दिमाग का अधिक समय तक उपयोग होता है, चाहे कोई इंसान बहुत ही आसान कार्रवाई कर रहा हो।

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सौ साल के अंतराल में बने दो अमेरिकी राष्ट्रपति जो जिए एक जैसा जीवन!

इतिहास के 10 अविश्वसनीय संयोग की सूची में जैसा कि हमने चर्चा की थी कि कैसे  दो अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन और जॉन एफ कैनेडी के बीच में 100 साल के अंतराल के बावजूद उनका व्यक्तिगत जीवन एक दूसरे की कार्बन कॉपी के समान था। तो आइए विस्तार से जानते हैं इस अभूतपूर्व सयोंग के बारे में।

दो भूतपूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों अब्राहम लिंकन और जॉन एफ कैनेडी के बीच के अभूतपूर्व संयोग अब भी अमेरिकी समाज में सर्वाधिक चर्चित कथाओं में से हैं। इन संयोगों के विवरण सबसे पहले अमेरिकी मुख्यधारा के प्रमुख प्रकाशन अमेरीकन प्रेस में सबसे पहले सन 1964 में प्रकाशित हुए थे। ज्ञात रहे कि इससे एक साल पहले यानि सन 1963 में जॉन एफ कैनेडी की हत्या हुई थी।

दो अमेरिकी राष्ट्रपति

सन 1992 में, एक अमेरिकी गैर-लाभकारी शैक्षिक संगठन “स्केप्टिकल इंक्वायरर”  Skeptical Inquirer ने “स्पूकी प्रेसीडेंशियल कॉइनसिडेंस कॉन्टेस्ट” Spooky Presidential Coincidences Contest नाम का एक कॉन्टेस्ट चलाया। इस कॉन्टेस्ट के एक विजेता ने कैनेडी और पूर्व मैक्सिकन राष्ट्रपति “एल्वारो ओब्रेगोन” Álvaro Obregón के बीच सोलह संयोगों की एक सूची पेश की, जबकि दूसरे विजेता ने अमेरिकी राष्ट्रपतियों के बीच इक्कीस संयोगों सूची बनाई थी।

अमेरिकी राष्ट्रपतियों अब्राहम लिंकन और जॉन एफ कैनेडी के बीच के संयोगों की सूची यहाँ नीचे दी जा रही है। यह दो व्यक्तियों के जीवन में होने घटनाओं बीच में पाये जाने वाले सयोंग भर हैं या कुछ और पाठक कृपया अपने विवेक से फैसला करें।

  • दोनों राष्ट्रपति ’60 में राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए। (यहाँ कोमा ‘ का मतलब है कि अब्राहम लिंकन 1860 जबकि जॉन एफ कैनेडी 1960 में राष्ट्रपति चुने गए। आगे के पॉइंट्स में भी ऐसा ही समझें)
  • दोनों राष्ट्रपति ’46 में “प्रतिनिधि सभा” House of Representatives के लिए चुने गए।
  • दोनों ’56 में “उपाध्यक्ष” Vice President के लिए पार्टी के नामांकन में उपविजेता थे।
  • दोनों के हत्यारे ’39 में पैदा हुए थे।
  • दोनों के उत्तराधिकारी सन ’08 में पैदा थे और दोनों का नाम जॉनसन था। दोनों ही “दक्षिणी डेमोक्रेट्स” Southern Democrates थे।
  • दोनों राष्ट्रपति अमेरिकी अश्वेतों के अधिकारों और समानता के लिए प्रतिबद्ध थे और दोनों के प्रयासों को सन ’63 में मान्यता मिली। जहां लिंकन ने 1862 में “मुक्ति की घोषणा” Emancipation Proclamation पर हस्ताक्षर किए, जो 1863 में कानून बन गया। वहीं 1963 में, कैनेडी ने सिविल राइट्स पर कांग्रेस को अपनी रिपोर्ट पेश की और उसी वर्ष मार्च में प्रसिद्ध अभियान “वाशिंगटन फॉर जॉब्स एंड फ्रीडम” को ख्याति मिली।
  • दोनों राष्ट्रपतियों को सिर में गोली मारी गई थी
  • दोनों राष्ट्रपतियों को शुक्रवार को गोली मारी गयी थी।
  • लिंकन को फोर्ड के एक थिएटर में शूट किया गया था जबकि कैनेडी को एक फोर्ड कार में गोली मार दी गई थी जिसका नाम “लिंकन लिमोजन” था।
  • लिंकन का कैनेडी नाम का एक सेक्रेटरी था जिसने उसे थिएटर में न जाने के लिए कहा था। वहीं कैनेडी की एवलिन लिंकन (जिनके पति हेरोल्ड का उपनाम अबे Abe था) नाम की सेक्रेटरी थी और जिसने उन्हें Dallas न जाने की चेतावनी दी थी जहां उनकी हत्या हुई।
  • दोनों के हत्यारों “ओस्वाल्ड” Oswald और “बूथ” Booth की सुनवाई से पहले ही हत्या कर दी गई थी।
  • “लिंकन” Lincoln और “कैनेडी” Kennedy प्रत्येक में 7 letters हैं।
  • दोनों के हत्यारों के full name John Wilkes Booth और Lee Harvey Oswald में 15 letters हैं।
  • प्रत्येक “जॉनसन” Johnson के पहले नाम में 6 अक्षर हैं।
  • लिंकन के हत्यारे बूथ ने एक थिएटर में लिंकन को गोली मार दी और एक गोदाम में छिप गया, जबकि ओसवाल्ड ने एक गोदाम में कैनेडी को गोली मार दी और एक थिएटर में छिप गया।

एक अनोखा मंदिर- जहां अच्छे दिनों के लिए श्रद्धालु चढ़ाते हैं घड़ियां

अनोखा मंदिर – भगवान को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालु मंदिरों में फल, फूल, मिठाई आदि चीज़ों के भोग लगाते हैं, लेकिन कुछ मंदिरों में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए ऐसी चीज़ों का चढ़ावा चढ़ता है, जो कि उन मंदिरों को अनोखा और हैरतंगेज बनाता है। ऐसे चढ़ावों और ऐसी मान्यताओं के कारण उन मंदिरों की खूब प्रसिद्धि होती है। आज आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां एक अनोखा चढ़ावा चढ़ता है।

30 सालों से चली आ रही है यह अनोखी परंपरा

यह मंदिर भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी से करीब 70 किलोमीटर दूर जौनपुर में स्थित है। यह मंदिर एक ग्राम देवता की थी, जिसे स्थानीय लोग ब्रह्म बाबा के नाम से जानते थे। लेकिन पिछले 30 सालों से ब्रह्मबाबा के इस मंदिर में घड़ियों का चढ़ावा चढ़ाया जाने लगा, अब यह मंदिर अब घड़ी बाबा मंदिर के नाम से विख्यात हो चुका है। इस मंदिर में यह परंपरा शुरू होने के पीछे एक रोचक कथा है।

ऐसे शुरू हुई घड़ीयां चढ़ाने की परंपरा

इस गांव के लोग बताते है कि किसी समय एक व्यक्ति के मन में ट्रक ड्राइवर बनने की चाहत हुई। ड्राइविंग सीखने के लिए वह ब्रह्म बाबा के मंदिर में मन्नत मांगने आया। संयोगवश वह एक अच्छा ट्रक डाइवर बन गया।

ट्रक डाइवर बनने के बाद उस व्यक्ति के अच्छे दिन शुरू हो गए। मन्नत पूरी होने के बाद वह व्यक्ति ब्रह्म बाबा के मंदिर में भेंट स्वरूप घड़ी चढ़ा गया। जब लोगों यह बात पता चली, तो उन्हें लगा घड़ी चढ़ाने से ब्रह्म बाबा मनोकामना पूरी करते हैं। उसके बाद धीरे-धीरे वहां घड़ी चढ़ाने की परंपरा शुरू हो गई।

बड़ी संख्या में आते है यहां श्रद्धालु

इस अनोखे मंदिर की प्रसिद्धि इतनी बढ़ चुकी है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं और घड़ियों का चढ़ावा चढ़ाते हैं। कुछ श्रद्धालु तो मंदिर के बाहर पेड़ पर ही घड़ियां चढ़ा जाते हैं। आश्चर्य की बात यह है कि इतने सालों में यहां से आजतक कभी भी किसी ने घड़ियां नहीं चुराई। लोगों का मानना है कि यह घड़ी वाले बाबा का ही प्रताप है कि चोर भी घड़ीयां चुराने की हिम्मत नहीं करते हैं।

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भारतीय इतिहास की सबसे खूबसूरत रानियाँ

भारत का इतिहास सदियों पुराना है। यह इतिहास राजाओं, महाराजाओं और रानियाँ उनसे जुड़ी शानों शौकत और जंग से जुड़ा हुआ है। इस दौरान कई ऐसी रानियाँ, महारानियाँ भी थी, जो अपनी बेमिसाल खूबसूरती और बहादुरी के लिए जानी गई। आज हम आपको भारत की उन खूबसूरत रानियाँ, रानियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी खूबसूरती का कोई मुकाबला नहीं है। भारत की इन रानियाँ की खूबसूरती भारत ही नहीं, बल्कि दूनिया भर में मशहुर थी।

संयुक्ता

संयुक्ता, कन्नौज के राजा जयचंद की बेटी थी। उनकी शादी राजपूत राजा पृथ्वीराज चौहान से हुई थी। उनकी सुंदरता के चर्चे इस कदर थे कि पृथ्वीराज ने उनके बारे में सुना, तो बिना देखे ही उन्हें अपना दिल दे बैठे थे। पृथ्वीराज चौहान से राजा जयचंद की शत्रुता थी, फिर भी अपने पिता द्वारा आयोजित एक स्वयंवर में अपने पिता की इच्छा के विरूद्ध संयुक्ता ने पृथ्वीराज चौहान के गले में वरमाला पहनाई।

रानी पद्मिनी

रानी पद्मिनी, चित्तौड़ के राजा रतन सिंह की पत्नी थी। रानी पद्मिनी अंत्यन्त सूंदर थी। उनकी सूंदरता के चर्चे सूनकर दिल्ली के शासक अल्लाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया। इस युद्ध में लगभग 30 हजार सैनिक मारे गए और युद्ध में जीतने के बाद भी अल्लाउद्दीन खिलजी रानी को हासिल नहीं कर पाया, क्योंकि अलाउद्दीन उस तक पहुँच सके, इससे पहले ही रानी ने अपनी इज्जत की खातिर हजारों राजपूत स्त्रियों के साथ अग्नि में कूद कर जौहर कर लिया था।

रानी लक्ष्मीबाई

रानी लक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी के एक मराठी ब्राहम्ण परिवार में हुआ था, उनका नाम मणिकर्णिका रखा गया था। झांसी के राजा गंगाधर राव से शादी होने के बाद उनका नाम बदल दिया गया। वैसे तो इतिहास में उनका नाम खास तौर से उनकी वीरता के लिए अंकित है, लेकिन वो बहादुर होने के साथ-साथ बेहद सुंदर भी थीं। 1857 के गदर में वह अग्रेजों के खिलाफ लड़ी थीं। वह अपने बच्चे को पीठ पर बांधकर अंतिम सांस तक अंग्रेजों से लड़ी थीं। आज उन्हें इतिहास में ‘झांसी की रानी‘ के नाम से याद किया जाता है।

कपूरथला की सीता देवी

सीता देवी, काशीपुर के हिंदू राजा की बेटी थीं। उन्हें प्रिंसेस करम के नाम से भी जाना जाता था। उनका विवाह कपूरथला के सिख राजकुमार करमजीत सिंह के साथ हुआ था। वह उस वक्त की सबसे सुंदर रानियों में से एक थीं। ‘वोग मैगजीन’ ने भी उन्हें दुनिया की सबसे वेल ड्रेस्ड महिलाओं में चुना था। वह कई यूरोपियन भाषाएं भी बोल सकती थी।

महारानी गायत्री देवी

जयपुर के भूतपूर्व राजघराने की महारानी गायत्री देवी का जन्म लंदन में हुआ था। वह अपनी सुंदरता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध थीं। उनका विवाह जयपूर के महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय से हुआ था। वह महाराजा मानसिंह की तीसरी पत्नी थीं। मशहुर फैशन पत्रिका वोग ने उन्हें दुनिया की सबसे सूंदर 10 महिलाओं में शामिल किया था। जुलाई 2009 में 90 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ था।

नूरजहाँ

नूरजहाँ, बादशाह अकबर के प्रधान की बेटी थी। वह बेहद खूबसूरत थी। खूबसूरत होने के साथ ही उसमें और भी बहुत गुण थे। सत्रह साल की उम्र में उसका विवाह अलीकुली नाम के एक साहसी ईरानी से हुआ था। लेकिन 1607 ई में जहांगीर के दूतों ने नूरजहाँ के पति को मार डाला। उसके बाद नूरजहाँ को जहांगीर के हरम में डाला गया। 1611 में जहांगीर ने नूरजहाँ से शादी कर ली। वह सम्राट जहांगीर की 21 वीं पत्नी थी और 1613 में उसे बादशाह बेगम बनाया गया।

रजिया सुल्तान

रजिया सुल्तान दिल्ली सल्तनत पर राज़ करने वाली पहली महिला सुल्तान थी। वह इल्तुतमिश की पुत्री थी। वह बेहद खूबसूरत थी। रजिया सुल्तान पर्दा प्रथा के विपरित पुरूषों का जैसा वेष रखकर रहती थी। इल्तुतमिश ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में रजिया सुल्तान को चुना था। रजिया सुल्तान ने 1236 से 1240 तक दिल्ली सल्तनत पर शासन किया था। वह उसके शासन के थोड़े ही दिनों में दिल्ली की शक्तिशाली शासक बन गई थी।

मद्रास की महारानी सीता देवी

सीता देवी, बड़ौदा घराने की महारानी थी। उनका जन्म मद्रास (चेन्नई) में हुआ था। वह अपनी खूबसूरती, फैशन, और शाही अंदाज़ के लिए जानी जाती थी। उनके स्टाइल और खूबसूरती के कारण उन्हें ‘इंडियन वालिस सिम्सन’ (1936 की सबसे खूबसूरत महिला) भी कहा जाता था। उनका बड़ौदा घराने के प्रिंस प्रताप सिंह गायकवाड़ से हुआ था।

रानी दुर्गावती

रानी दुर्गावती का जन्म प्रसिद्ध चांडल सम्राट केरत रॉय राजपरिवार में हुआ। रानी दुर्गावती बेहद सूंदर थी। उन्होंने अपनी शादी के 4 साल बाद अपने पति दलपत शाह की असामयिक मृत्यु के बाद अपने बेटे वीरनारायण को गद्दी पर बैठाकर खुद उनकी संरक्षक के रूप में शासन किया। रानी दुर्गावती को इलाहबाद के मुगल शासक आसफ खॉ से लोहा लेने के लिए जाना जाता है।

रानी विजया देवी

रानी विजया देवी, प्रिंस कांति राव नरसिम्हा राजा वाडियार की बेटी थीं। वह देशभर में अपनी खूबसूरती के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने लंदन और न्यूयॉर्क के कॉलेज से संगीत की शिक्षा ली थी। इसके साथ ही उन्हें वीणा बजाने में महारत हासिल थी। उनका विवाह कोटड़ा-संगानी के ठाकुर से हुआ था।

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नकारात्मक लोगों के बीच खुद को सकारात्मक कैसे रखें?

चाहे आप कितने भी सकारात्मक स्वभाव वाले हों, लेकिन आपका सामना नकारात्मक स्वभाव वाले लोगों से ज़रूर होता है. जिनके सामने अच्छे बनकर रहना बहुत मुश्किल हो जाता है. यह आपके लिए एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण स्थिति बन जाती है. यह हैं 5 सबसे अच्छे तरीके, जो आपको नकारात्मक लोगों का सामना करने में मदद करेंगे.

खुद पर ध्यान दें (Focus on yourself)

जब आप किसी नकारात्मक स्वभाव वाले व्यक्ति से मिलते हैं, तो ऐसे हालातों में आपको सिर्फ खुद पर ध्यान देना चाहिए. आपको उस व्यक्ति की बातों पर अपना ध्यान नहीं केंद्रित करना चाहिए. उस समय आपको अपने आप से यह दो सवाल पूछने चाहिए.

• मैं ऐसी परिस्थिति में कैसे प्रतिक्रिया दे रहा हूँ?
• मैं अपनी इस प्रतिक्रिया को ओर ज्यादा कैसे सकारात्मक कर सकता हूँ?
ऐसा करने से आप पर उस व्यक्ति की नकारात्मक उर्जा का कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा.

अपनी प्रतिक्रिया को रिवर्स कर दें (Reverse your reaction)

यह तकनीक भी बहुत मददगार है. जब भी आपका सामना नकारात्मक लोगों से होता है, तो आपको अपनी प्रतिक्रिया को रिवर्स कर देना चाहिए अर्थात् जब आप पर कोई चिल्ला रहा है या आपसे कोई बहस कर रहा है, तो आपको उस पर नकारात्मक प्रक्रिया देने की बजाए सकारात्मक प्रतिक्रिया ही देनी चाहिए.

नकारात्मक लोगों की बातों को व्यक्तिगत रूप से मत लें

हम ज़्यादातर भूल जाते हैं, हम नकारात्मक लोगों की बातों को व्यक्तिगत रूप से अपने ऊपर ले लेते हैं, जो असल में हमारे बारे में नहीं होती. हो सकता है कि उन लोगों का दिन खराब निकला हो, जिससे उदास होकर वह आप पर चिल्ला रहे हों. इसलिए हमें नकारात्मक लोगों की बातों को अपने ऊपर नहीं लेना चाहिए.

वर्तमान में रहो (Stay in the Moment)

सकारात्मक रहने का सबसे अच्छा तरीका है कि अपने मन को वर्तमान में रखो. आपको भविष्य और भूतकाल की चिंता नहीं करनी चाहिए. हम में ज्यादातर नकारात्मक विचार भविष्य में क्या होगा या भूतकाल की गलतियाँ को सोच-सोच कर ही आते हैं.

जो आपके पास है उनके आभारी रहें (Practice Gratitude)

जब आप किसी नकारात्मक व्यक्ति से मिलते हैं, तो आपको परेशान होने की बजाए खुश होना चाहिए और ऐसा सोचना चाहिए कि वह व्यक्ति आपके अंदर की सकारात्मक उर्जा को और बढ़ा देगा.

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