जानिए कैसे हुई ‘मनुष्य और कुत्ते’ की दोस्ती !!

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कुत्ते हर किसी को अच्छे लगते हैं और यही कारण है कि पालतू कुत्ते परिवार के सदस्य की तरह होते हैं। यदि जानवरों में वफादारी की बात की जाएं तो सबसे पहले कुत्ते का नाम आता है जिसकी वफादारी के आगे सभी जानवर फेल है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर कैसे बना कुत्ता इतना वफादार और कैसे हुई मनुष्य और कुत्ते बीच दोस्ती। अगर नहीं जानते तो चलिए इस लेख के माध्यम से जानते हैं :-

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ऐसे हुई ‘मनुष्य और कुत्ते’ की दोस्ती

कुत्ते का एक छोटा-सा पिल्ला अपने माता-पिता के साथ जंगल के पास रहता था। एक दिन उसके माता-पिता खाना ढूंढने के लिए निकले। शाम होने लगी लेकिन वे वापस नहीं आए। पिल्ले को डर लगने लगा।

बाद में पता चला कि किसी गाड़ी से टकराकर दोनों की मृत्यु हो गई थी। पिल्ले को बहुत रोना आया। उसे मम्मी पापा की याद आ रही थी। रोता-रोता वह जंगल की ओर चल पड़ा।

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तभी उसे एक हिरण मिला। हिरण को उस पर दया आ गई और वह पिल्ले को अपने घर ले गया। रात हुई तो उसने पिल्ले को सोने के लिए जगह दी लेकिन पिल्ले को नींद नहीं आ रही थी।

हर छोटी-सी आवाज पर वह बाहर निकल कर भौंकने लगता था। हिरण को इस बात पर बहुत गुस्सा आया। उसने कहा, “अगर तुम ऐसे ही बार बार बाहर जाकर भौंकोगे तो शेर को हमारे बारे में पता चल जाएगा। वह आकर हम दोनों को मार देगा।”

पिल्ला चुप तो हो गया लेकिन उसके मन में एक ही विचार आ रहा था, “हिरण शेर से डरता है इसलिए मुझे शेर के ही पास रहना चाहिए।” अगले दिन वह शेर के पास पहुंचा।

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उसने शेर को अपनी कहानी सुनाई। उसने शेर से प्रार्थना की कि वह उसे अपने साथ रहने दें। शेर को पिल्ले पर दया आ गई। वह राजी हो गया। रात को फिर वही हुआ। पिल्ला बार-बार भौंकने लगता था। शेर को गुस्सा आ गया।

वह बोला, “अगर तुम इस तरह भौंकोगे तो मनुष्य को हमारे बारे में पता चल जाएगा। वह हमें पकड़ लेगें।” पिल्ले को आश्चर्य हुआ कि शेर भी किसी से डरता है लेकिन उसने तय किया कि वह अगले ही दिन मनुष्य के पास जाएगा।

सुबह होते ही वह शहर की ओर चल पड़ा। उसे जो पहला मनुष्य मिला वह उससे बोला, “मैं अकेला हूँ, क्या आप मुझे अपने साथ रहने देंगे?” मनुष्य ने जब उसके माता-पिता के बारे में सुना तो उसे पिल्ले पर दया आ गई। वह पिल्ले को अपने घर ले गया।

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रात हुई और पिल्ला अपनी आदत के अनुसार बाहर जाकर भौंकने लगा लेकिन मनुष्य नाराज नहीं हुआ बल्कि वह खुश हुआ। वह अब निश्चित था कि यदि कोई चोर उसके घर में आएगा तो कुत्ते से डरकर भाग जाएगा।

साथ ही कुछ गड़बड़ होगी तो कुत्ता भौंकेगा और उसकी नींद भी खुल जाएगी। इस तरह मनुष्य और कुत्ता दोस्त बन गए। यह दोस्ती आज भी वैसी ही चल रही है।

पंजाब केसरी से साभार