कब बना था इंसान का दिमाग ? क्या आप जानते हैं आज के इंसानों के दिमाग से आधा था आकार!!

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15 से 17 लाख वर्ष पूर्व अफ्रीकी होमो आबादी में आधुनिक मानव मस्तिष्क की संरचना विकसित हुई थी। इन लोगों ने पहले ही अपने पैरों पर चलना शुरू कर दिया था और यहां तक की अफ्रीका से बाहर जाना भी शुरू कर दिया था। यह दावा हाल ही में की गई एक स्टडी में किया गया है।

स्विट्जरलैंड में ज्यूरिख यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने कहा है कि अफ्रीका में जीनस होमो से पहले के पूर्वज करीब 25 लाख साल पहले उभरे थे।

तब यह सीधे भी चलते थे। लेकिन उनका दिमाग आदिम वानर जैसा ही था। तब उनका दिमाग आज के मनुष्यों से आधे आकार का होता था।

रिसर्चर टीम में बताया कि आकार के अलावा और भी कई चीजें थीं जो आधुनिक मानव मस्तिष्क से अलग थीं जैसे उनका स्थान और व्यक्तिगत मस्तिष्क क्षेत्रों का ऑगेर्नाइजेशन।

यूनिवर्सिटी के मानव विज्ञान से मार्या पोंस डी लियोन ने बताया कि मानव के मस्तिष्क के विशिष्ट क्षेत्र वो हैं जो विचार और काम के जटिल पैटर्न की योजना और उसे लागू करने में मदद करते है।

भाषा के लिए भी यही अहम होता है। उन्होंने कहा चूंकि ये क्षेत्र मानव मस्तिष्क में काफी बड़े हैं, इसलिए आसन्न (एडजसेंट) मस्तिष्क क्षेत्र अपने स्थान से आगे चले गए हैं या आसान भाषा में कहें तो यह क्षेत्र अपने स्थान से सरव गए हैं।

रिसर्चर टीम ने 10 से 20 लाख साल पहले अफ्री जॉर्जिया और जावा में रहने वाले होमो जीवाश्मों की खोपड़ी की जांच की हैं। इनकी गणना के लिए रिसर्चर्स ने टोमोग्राफी का इस्तेमाल किया है।

इसके बाद उन्होंने जीवाश्म डाटा की तुलना वानरों और मनुष्यों के रेफरेंस डाटा से की। इसमें उन्होंने पाया कि अफ्रीका के बाहर पहली होमो आबादी जो अभी जॉर्जिया है, में वो दिमगा था जो उनके अफ्रीकी रिश्तेदारों में था। ​उनके दिमाग लगभग 17 लाख साल पहले तक विशेष रूप से बड़े या आधुनिक नहीं थे।

इसके वाबजूद भी ये लोग कई तरह के उपकरण बनाने में पूरी तरह सक्षम थे। ये यूरेशिया की नई पर्यावरणीय परिस्थितियों यानी एनवायरोमेंटल कंडीशन्स के अनुकूल थे।

सिर्फ यही नहीं, ये पशु खाद्य स्रोतों को भी विकसित कर सकते थे। इनके समूह के दूसरों सदस्यों की मदद भी ये किया करते थे। मानवविज्ञानी डी लियोन ने कहा कि मानव भाषा का शुरूआती रूप इस अवधि के दौरान विकसित होने की संभावना है।

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