OMG :10 बच्चे पैदा करो लाखों का ईनाम और सम्मान पाओ

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दुनिया भर के अलग-अलग देशों की अपनी अलग-अलग भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां हैं। कहीं जनसंख्या अधिक है तो कहीं कम। सरकारें तय करती हैं कि देश की प्रगति और आर्थिक तंत्र के अनुसार उन्हें इसे कब बढ़ाने और कब घटाने की नीति लानी है।

इस समय रूस की एक ऐसी ही नीति चर्चा में है, जो देश में जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा देने वाली है। इससे पहले चीन की जनसंख्या नीति दुनिया भर में सुर्खियां बटोरती रही है।

वहां सालों तक ‘वन चाइल्ड पॉलिसी‘ (एक बच्चा नीति) के जरिए जनसंख्या को कम किया गया। हालांकि, अब एक बार फिर इसे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

भारत में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर भले ही बहस हो रही हो, लेकिन रूस में 10 बच्चों को जन्म देने वाली माताओं को सम्मानित किए जाने की योजना लागू की जा रही है।

रूस में लौटी 1944 में बनी नीति

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने देश में सोवियत युग की ‘मदर हीरोइन पॉलिसी‘ एक बार फिर से लाग कर दी है। रूस में गिर रही जन्म दर से निपटने के लिए उन्होंने इस पॉलिसी को लागू किया है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार साल 1944 में रूसी नेता जोसेफ स्टालिन ने यह नीति लागू की थी। दूसरे विश्व युद्ध में देश की अच्छी-खासी जनसंख्या खत्म होने के बाद ‘मदर हीरोइन‘ नामक नीति लाई गई थी, जिसे सोवियत यूनियन के खत्म होने के बाद बंद कर दिया गया था।

इस टाइटल को पाने वाली महिला को ‘हीरो ऑफ रशिया‘ और ‘हीरो ऑफ लेबर‘ जितना ही सामाजिक सम्मान मिलेगा।

ये महिलाएं होंगी ‘मदर हीरोइन’

मदर हीरोइन‘ का टाइटल उन माताओं को दिया जाएगा, जिन्होंने 10 बच्चों को जन्म दिया और पाला हो। इसके लिए उन्हें ईनाम के तौर पर 1 मिलियन रूबल यानी 13 लाख रुपए से अधिक दिए जाएंगे।

यह अवॉर्ड उन्हें 10वें बच्चे के एक साल पूरा करने के बाद मिल जाएगा। उन माताओं को भी यह टाइटल मिलेगा, जो युद्ध या आतंकी हमले में अपना कोई बेटा या बेटी खो चुकी हैं। रूसी राष्ट्रपति ने यह फैसला रूस की गिरती जन्म दर की वजह से लिया है।

साल 2021 और 2022 में रूस की मृत्यु दर, जन्म दर के मुकाबले काफी अधिक रही है। इससे पहले फिनलैंड और चीन में भी लोगों को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए लुभावने ऑफर्स दिए जा चुके हैं क्योंकि उनके यहां भी जन्म दर तेजी से कम हो रही है।

पंजाब केसरी से साभार

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