ब्लू लैगून स्पा जिसमें नहाने से दूर होते हैं त्वचा संबंधि रोग

यूरोप का ब्लू लैगून आइसलैंड एक बहुत ही खास वाटर डेस्टिनेशन है। ब्लू लैगून आइसलैंड में एक भू-तापीय स्पा है, जिसका पानी हमेशा गर्म रहता है। इस स्पा में नहाने और इस जगह की खूबसूरती का लुफ्त उठाने के लिए काफी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं।

इस स्पा के गर्म पानी में खनिज और सल्फर जैसे खनिजों का मिश्रण होता है, इसी कारण जब छालरोग से ग्रसित कोई रोगी इसमें स्नान करता हैं तो उनका ये रोग ठीक हो जाता है। वहीं इस स्पा में स्नान करने से अन्य त्वचा संबंधी रोगों से भी निजात मिलती है।

गर्मी के मौसम की बजाय सर्दी के मौसम में लोग यहां जाना पसंद करते हैं। लैगून के स्नान और तैराकी क्षेत्र में पानी का तापमान 37-39 डिग्री सेल्सियस रहता है। इसी कारण सर्दियों में स्पा लेने के लिए ये एकदम उपयुक्त जगह है।

मानव निर्मित इस स्पा में पास ही के भू-तापीय विद्युत संयंत्र के पानी का इस्तेमाल किया जाता है और इसे हर दो दिन में बदल दिया जाता है। जो लोग बीमारी से ग्रसित हैं और स्पा के अंदर नहीं जा सकते हैं ऐसे लोग रैंप के माध्यम से व्हील चेयर पर बैठकर यहां तक पहुंच सकते हैं।

वहीं कंप्लीट रोल शॉवर के साथ यहां पर प्राइवेट रूम भी उपलब्ध है। अगर कोई प्राइवेसी चाहता है तो इस रूम में जाकर चैंज कर सकता है। ब्लू लैगून स्पा का उपयोग पहले पिट स्टॉप के रूप में किया गया और इसके बाद इसे फिल्मों में भी दर्शाया गया।

इन फिल्मों में से एक है Hostel: Part II। इसके अलावा इसे Incubus डॉक्यूमेंट्री Look Alive में भी प्रदर्शित किया गया। यूरोप का ये स्पा पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षक स्थल बन गया है। जहां कुछ लोग अपने त्वचा संबंधि रोगों से निजात पाने के लिए यहां जाते हैं तो कुछ का यहां जाने का मकसद फुल इंजॉय करना होता है।

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यह है विश्व का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक चरखा

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट में दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक चरखा स्थापित किया गया है। लकड़ी के बने इस इलेक्ट्रॉनिक चरखे को गांधी जी के अहिंसक आंदोलन के सिम्बल के तौर पर विदेशों से आने वाले टूरिस्ट और गेस्ट को दिखाया जाएगा। आइए जानते है क्या खास है इस चरखे में:

  • इस इलेक्ट्रॉनिक चरखे की ऊंचाई6 फीट और चौड़ाई 31 फीट है।
  • लकड़ी और मेटल से बने इस चरखे का वजन 5 टन है।
  • इस चरखे में सूत की कताई तो नहीं होती लेकिन ये इलेक्ट्रॉनिक मोटर से घूमता है।
  • इस चरखे को मुंबई के जेजे स्कूल ऑफ आर्ट कॉलेज के 12 छात्रों ने 20 दिनों में तैयार किया है।
  • छात्रों ने ये चरखा कॉलेज के प्रोफेसर श्रीकांत खैरनार के मार्गदर्शन में तैयार किया।
  • बता दें इससे पहले भी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लकड़ी का चरखा लगाया गया था।
  • वह चरखा 15 फीट ऊंचा और 27 फीट चौड़ा है और उसमें 4 टन लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है। उस चरखे को 26 कारीगरों ने 40 दिनों में बनाया था।

 

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75 घरों वाले माधोपट्टी गांव में हैं 47 आईएएस और आईपीएस अधिकारी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 240 किलोमीटर दूर पूरब दिशा में एक गांव के लगभग हर घर में एक आईएएस और आईपीएस है। कहा जाता है इस गांव में सिर्फ आईएएस और आईपीएस अफसर ही जन्म लेते हैं।

पूरे जिले में इसे अफसरों वाला गांव कहते हैं। इस गांव में महज 75 घर हैं, लेकिन यहां के 47 आईएएस अधिकारी उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों में सेवाएं दे रहे हैं। इतना ही नहीं माधोपट्टी की धरती पर पैदा हुए बच्चे, इसरो, भाभा, मनीला और विश्व बैंक तक में अधिकारी हैं। सिरकोनी विकास खण्ड का यह गांव देश के दूसरे गांव के लिए रोल मॉडल है।

सबसे पहले सन 1914 में जाने-माने कवि वामिक जौनपुरी के पिता मुस्तफा हुसैन ने सिविल सेवा को ज्वाइन किया. 1952 में इस गांव के इन्दू प्रकाश सिंह का आईएएस परीक्षा में सिलेक्शन दूसरी रैंक के साथ हुआ. इसके बाद इन्दू प्रकाश सिंह से प्रेरित होकर माधोपट्टी गाँव के हर लड़के या लड़की में अधिकारी बनने की होड़ सी लग गई.

माधोपट्टी गाँव से बने पहले आईएएस इन्दू प्रकाश सिंह इंग्लैंड सहित दुनिया के कई देशों में भारत के राजदूत भी रहे. इस गाँव के चार सगे भाइयों ने आईएएस बनकर इतिहास रचा जो कि अब तक कीर्तिमान है. इनमें से एक भाई बिहार के चीफ सेक्रेटरी के पद से रिटायर हुए. माधोपट्टी गाँव के ही श्रीप्रकाश सिंह उत्तर प्रदेश के वर्तमान नगर विकास सचिव हैं.

माधोपट्टी गाँव के बेटों ने ही नहीं बल्कि गाँव की बेटियां ने भी आईएएसऔर आईसीएस (IRS; आंतरिक राजस्व सेवा) में अपना योगदान दिया है. अगर उच्च सेवाओं जैसे आईएएस और आईपीएस से नीचे की बात करें तो माधोपट्टी गाँव का लगभग हर सदस्य उच्च पदों पर मौजूद है.

सरकार को इस गाँव पर कई शौध करवाने की जरुरत है जिससे शिक्षा प्रणाली और व्यवस्था में व्यापक सुधार लाये जा सकते हैं.

दुनिया का सबसे महंगा केक

 

दुनिया का सबसे महंगा केक

आज हम आपको एक ऐसे केक के बारे में बताने जा रहें है, जिसके बारे में आपने पहले कही नहीं सुना होगा और ख़ास बात यह है कि यह  दुनिया का सबसे महंगा केक है। इस केक की कीमत लगभग 6.5 करोड़ (1 million US $) रुपए है। यह केक महंगा जरूर है, लेकिन यह देखने में भी काफी आकर्षित लगता हैं, क्योंकि इस केक को एक गाउन पहने खड़ी गुड़िया के रूप में ख़ास तौर पर तैयार किया गया है।

पूरी दुनिया में केक का वीडियो हुआ वायरल

आपको बता दें कि इस केक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सांझा किया गया था, और वह काफी वायरल हुआ, जिससे यह केक पूरी दुनिया के चर्चा में आ गया। पहली बार इस केक को देखकर हर कोई आश्चर्यजनक हो जाता है, क्योंकि दिखने में यह केक खूबसूरत दुल्हन की तरह लगता है। इसकी ड्रेसअप भी केक के मटेरियल की ही है।

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इस लिए ख़ास है केक

इस केक में ख़ास बात यह है कि, इसको बनाने के लिए 5000 फ्रूट्स, 25 किलोग्राम चॉकलेट, एक हज़ार असली मोती और एक हज़ार अंडे का इस्तेमाल किया गया है।

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डिज़ाइनर डैबी विंघेम्स ने बनाया था महंगा केक

आपको बता दें कि इस केक को ब्रिटेन की सेलेब्रिटी केक डिज़ाइनर डैबी विंघेम्स (Debbie Vingme) ने बनाया था। डिज़ाइनर डैबी विंघेम्स के अनुसार उनको यह केक बनाने में 10 दिन का समय लगा। डेबी केक बनाने के लिए दिन में 12 घंटे काम करती हैं। उनके केक को देखने के लिए दूसरे देशों से लोग आते हैं, इसीलिए उनको दुनिया की सबसे अच्छी और महंगी डिज़ाइनर भी माना जाता है, और वे दुनिया का सबसे महंगा केक बनाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है.

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गोटमार एक पत्थरबाजी की अनोखी प्रथा

दुनिया के हर कोने में रहने वाले लोगों और समुदायों की अपनी अलग परम्पराएं हैं। इनमें से कुछ बेहद अनोखी प्रथा होती है। ऐसी ही एक प्रथा है गोटमारमध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में पत्थरबाजी होती है जिसे गोटमार मेला कहा जाता है।

यह परम्परा उन युवक युवतियों की याद में निभाई जाती है जिन्होंने प्यार की खातिर जान दे दी थी। प्रशासन के संरक्षण में दो गांवों के लोगों के बीच पत्थरबाजी होती है जिसमें काफी लोग घायल भी हो जाते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सदियों पहले एक प्रेमी जोड़े ने प्यार की खातिर जान दे दी थी, उन्हीं की याद में गोटमार मेला आयोजित किया जाता है। सावरगांव के लड़के को पांढुर्ना गांव की लड़की से मोहब्बत थी।

वह लड़की को उठा ले गया था। इसका विरोध करते हुए पांढुर्ना के लोगों ने पथराव किया था। जिसमें प्रेमी जोड़े की मौत हो गई थी। इसके बाद दोनों गांवों के लोगों में जमकर पत्थरबाजी हुई थी।

उसी घटना की याद में हर साल गोटमार मेला आयोजित किए जाने और दो गांवों के बीच पत्थरबाजी की परम्परा है। परम्परा के तहत जाम नदी के बीच में एक लम्बा झंडा लगाया जाता है। नदी के दोनों किनारों पर गांव के लोग खड़े होकर उस झंडे को गिराने के लिए पत्थर चलाते हैं। जिस गांव के लोग झंडे को गिरा देते हैं, उस गांव को विजेता माना जाता है।

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दुनिया का एक अजूबा- सहारा रेगिस्तान की ‘रहस्यमयी आंख’

दुनिया का एक अजूबा- सहारा रेगिस्तान की ‘रहस्यमयी आंख’

दुनिया भर में अनेक अजूबे मौजूद हैं। इनमें से कुछ तो ऐसे हैं जिनके राज पर से आज भी वैज्ञानिक पर्दा नहीं उठा सके हैं। रिचाट स्ट्रक्चर भी एक ऐसी ही अनोखी संरचना है। इसको सहारा रेगिस्तान की ‘रहस्यमयी आंख’ के नाम से भी जाना जाता है।

अफ्रीकी महाद्वीप के इस विशालकाय रेगिस्तान के बीच में यह लगभग 30 मील में फैली एक प्राकृतिक संरचना है। माना जाता है कि इसका निर्माण मिट्टी के खिसकने की वजह से हुआ है। हालांकि,इसे लेकर समय-समय पर वैज्ञानिकों के अपने-अपने मत सामने आते रहे हैं, कुछ का मानना है कि यह एलियन यानी दूसरे ग्रह के प्राणियों द्वारा बनाई गई आकृति हो सकती है।

इसके अलावा वैज्ञानिकों द्वारा यह भी तथ्य सामने आए हैं जिसमें कहा गया है कि सहारा रेगिस्तान पहले समुद्र से पूरी तरह ढका हुआ था। लेकिन धीरे-धीरे यह इलाका रेगिस्तान में बदल गया।

पानी के सिकुड़ने और रेत के बनने से यहां एक ऐसी आकृति का निर्माण हुआ जो देखने में एक विशालकाय आंख की तरह लगती है। खास बात है कि यह अद्भुत संरचना आकाश में बेहद ऊंचाई से ही नहीं, अंतरिक्ष से भी साफ नजर आती है।

केवल सहारा रेगिस्तान में ही दिखाई देती है, कुछ-कुछ ऐसी ही प्रतीत होती आकृतियां धरती के अन्य हिस्सों में भी देखी गई हैं जिनमें से एक है ‘बेलिज का द ग्रेट ब्ल्यू होल’। यह भी एक विशालकाय नीली आंख की तरह ही दिखाई देती है।

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जानिए कैसे मिलती है इन देशों की नागरिकता

बहुत से लोग अपनी पढ़ाई, नौकरी और अच्छी सुविधा को लेकर अपना देश छोड़कर किसी दुसरे देश में जाने की चाहत रखते हैं. लेकिन आपको बता दें कि वैसे तो कई देशों में नागरिकता के संबंध में बेहद सख्त नियम हैं, पर दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं, जो एक मोटी फीस अदा करने वालों को अपने देश की नागरिकता प्रदान करते हैं। आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि किस देश की नागरिकता के लिए आपको कितनी फीस अदा करनी पड़ेगी।

थाईलैंड (11 लाख रुपए से शुरू)

थाईलैंड देश विदेशियों को ‘ईलीट’ रेजिडेंसी वीजा देता है, जो कि अमीर लोग ही लें सकते हैं । इस वीजा पर आप हर साल 3 हज़ार डॉलर अदा करके थाईलैंड में रह सकते हैं।

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स्पेन (4 करोड़ रुपए)

स्पेन की नागरिकता पाने के लिए आपको ‘गोल्डन वीज़ा ‘ की जरूरत पड़ती है।  और आपको स्पेनिश बैंक में 10 लाख यूरो भी जमा करना पड़ता है।

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साइप्रस (12 करोड़ रुपए)

अगर आपको साइप्रस की नागरिकता चाहिए तो आपको यूरो के रियल एस्टेट में कम से कम 20 लाख का निवेश करना पड़ेगा।

न्यूज़ीलैंड (14 करोड़ रुपए)

न्यूज़ीलैंड की  नागरिकता प्राप्त करने के लिए आपके पास दो विकल्प हैं। पहले विकल्प के अनुसार आपको 1 करोड़ डॉलर तीन साल के दौरान निवेश करने होते हैं। दूसरे विकल्प के तहत 4 साल के दौरान आपको 30 लाख  डॉलर का निवेश करना होता है, और इसके लिए आपकी उम्र  65 साल से ऊपर होनी चाहिए, और आप में अंग्रेजी बोलने की क्षमता भी होनी चाहिए। आपको किसी भी काम का 3 साल का अनुभव आवश्यक होना चाहिए।

तुर्की (7 करोड़ रुपए)

जनवरी 2017 में लांच की गई तुर्की के ‘इकोनॉमिक सिटीज़नशिप प्रोग्राम’ के तहत पांच विकल्प हैं। इनमें से तीन विकल्पों के तहत नागरिकता के लिए तुर्की में 3 साल के दौरान 1 मिलियन डॉलर का निवेश करना होता है, या तुर्किश बैंक में 30 लाख डॉलर जमा करवाने होते हैं।

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जानिये कर्नाटका में क्यूँ और कैसे हुई गधे की दूसरी शादी

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लोग प्यार में पागल हो जाते हैं ये तो आपने कई बार सुना होगा लेकिन जानवरों के साथ ऐसी घटनाएं आपने शायद ही देखी या सुनी होंगी। आज हम आपको एक ऐसी ही घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जहां एक गधी से बिछड़ने के बाद गधा अपना आपा खो रहा था और उसने लोगों को परेशान करना शुरु कर दिया था। गधे को नियंत्रित करने के लिए गांव वालों ने एक अनोखी शादी कराई।

यह घटना कर्नाटक में हूरा गांव की है। यहां अपने साथ रहने वाली गधी की मौत के बाद गधा गुस्सैल हो गया था। उसने लोगों को काटना और दुलत्ती मारना शुरु कर दिया था जिसके बाद लोगों ने इस उम्मीद के साथ एक अन्य गधी से उसकी शादी कराई है कि शायद ऐसा करने से जानवर नियंत्रण में आ जाए।

हूरा गांव के 4 साल के गधे को अब एक नया साथी मिल गया है। गांव वालों ने पूरे तौर तरीके पंडित को बुलाकर उसकी शादी करवाई है। इस दौरान गधे ने गधी के गले में मंगलसूत्र भी बांधा और खुशी के मौके पर मिठाईयां बांटी गईं। खबरों में बताया जा रहा है गधे के साथ एक गधी रहती थी जिस पर हमला करके गधी को जुलाई महीने में एक तेंदुए ने मार दिया था।

इसके बाद गधे के स्वभाव में आक्रामकता आने लगी। गांव के लोगों ने गधे के लिए नई गधी ढूंढनी शुरु की और गधी लेने के लिए  पैसे भी जुटाए। गधी मिलने के बाद लोगों ने उसके मालिक को पूरी बात बताई। गधी मालिक को पूरी बात बताने के बाद वह बिना कोई पैसे लिए गधी देने को राजी हो गया और लोगों ने इकट्ठा किए गए पैसों से पंडित बुलाकर धूमधाम से गधे और गधी की शादी करा दी।

हांगकांग के एक घर की होगी नीलामी जिसकी कीमत है 500 मिलियन डॉलर

हांगकांग के एक घर की होगी नीलामी जिसकी कीमत है 500 मिलियन डॉलर

अक्सर आपने घरों की ऐसी नीलामी राशि के बारे में सुना होगा जो लाखों से लेकर करोड़ों तक में होती है, लेकिन हम आपको एक हैरान कर देने वाली नीलामी राशि के बारे में बता रहे हैं। हांगकांग स्थित एक चार बेडरूम का घर नीलामी के लिए तैयार है। इसकी इसकी नीलामी राशि है 3300 करोड़।

यह दुनिया की सबसे मंहगी संपत्ति बन गई है। यह घर 24 मिडिल गैप रोड पर स्थित है जो 16,330 वर्ग फुट एरिया में फैला है। इस प्रॉपर्टी में कई तरह की सुख-सुविधाएं है जिसमें स्वीमिंग पूल और कारों के लिए 1990 में तैयार की गई पार्किंग शामिल है।

इससे पहले एक फ्रांसीसी रिवेरा पर विला लेस सेड्रेस बिक्री को सबसे मंहगी प्रॉपर्टी बताया जा रहा था जिसकी कीमत 410 मिलियन डॉलर थी। हालांकि हांगकांग वाली  यह प्रॉपर्टी विला लेस सेड्रेस जितनी बड़ी नहीं है।

यह प्रॉपर्टी सबसे काफी पुरानी है। कई विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक प्रतिष्ठित प्रॉपर्टी को खरीदने को प्राथमिकता दे रहे हैं। हांगकांग में इस साल प्रॉपर्टी की कीमतों में 11.6 फीसदी तक की बढोत्तरी हुई है और हर साल इसमें लगातार बढोत्तरी हो रही है।  इससे पहले 2016 में हांगकांग में सबसे मंहगी प्रॉपर्टी का सौदा हुआ था जिसकी कीमत 2.1 बिलियन हांगकांग डॉलर थी और यह 15 गॉफ हिल रोड पर स्थित है।

जानिए कैसे बनाएं जीवन को स्वस्थ

जानिए कैसे बनाएं जीवन को स्वस्थ

आज के युग में अपने जीवन को स्वस्थ बनाना बहुत मुश्किल है, क्योंकि हम अपने काम और पढ़ाई में इतना व्यस्त हो चुके है कि अपनी सेहत के लिए ज़रा सा भी समय नहीं निकाल पाते, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप अपनी दिन भर व्यस्तता के बीच ही अपनी जीवनशैली में हल्के से बदलाव करके अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं। आज हम आपके जीवन को जिंदगी भर स्वस्थ रखने के लिए ऐसे ही कुछ उपाय बताने जा रहें है।

सात से नौ घंटे अवश्य सोएं

सोशल मीडिया की प्रवृत्ति के कारण लोग रत भर सोते नहीं और उनकी नींद पूरी नहीं होती, जिससे उनकी तबीयत खराब हो जाती है। आपको बता दें कि नींद को कभी भी अनदेखा मत कीजिए, क्योंकि यह शरीर के लिए एक तरह की ऊर्जा का काम करती है, इसीलिए आपको रात में सात से नौ घंटे सोना जरूरी है।

शारीरिक सक्रियता अपनाएं

आपको अपने दिन के काम-काज के साथ कुछ शारीरिक गतिविधियां भी जरूर करनी चाहिए, इससे आपका शरीर सुस्त नहीं पड़ता और आपको ज्यादा थकान भी महसूस नहीं होती। अगर आप लिफ्ट का प्रयोग कर रहे हैं तो उसकी बजाय सीढ़ियों का प्रयोग करें, और भी बहुत सी गतिविधियां आप अपने काम के साथ कर सकते हैं।

अधिक हरी सब्जियां खाएं

आपके शरीर को स्वस्थ बनाना ज्यादातर हमारे खाने पर निर्भर करता है, आप जो कुछ खाते हैं उसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है। आपको बता दें कि  फास्ट फूड आपकी सेहत को बिगाड़ सकते हैं, इसलिए समझदारी से अपने आहार का चयन करें। फास्ट फूड की बजाय आपको हरी सब्जियां ज्यादा मात्रा में खानी चाहिए और इससे आपका शरीर सेहतमंद रहेगा।

जो भी खरीदें, ध्यान दें

अगर आप कोई भी चीज़ खरीद रहे जैसे कि स्किन प्रोडक्ट्स और खाने-पीने की चीजों, तो सबसे पहले उसके लेबल को अच्छे से जांच लें और फिर उसको ख़रीदे। इससे आपको पता चल जायेगा कि आपके प्रोडक्ट्स में किस प्रकार के रसायन का प्रयोग किया गया है। बेहतर होगा अगर आप जैविक सामग्री से बनी चीजें का प्रयोग करें क्योंकि इनका साइड इफैक्ट्स नहीं होता।

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