क्या आप जानते हैं मधुमक्खियों से जुड़े ये 30 फैक्ट्स!!

मधुमक्खियों का संसार बड़ा ही रोचक और दिलचस्प है। मधुमक्खियों से हमें बेहद पौष्टिक भोजन प्राप्त होता है, जिसे हम शहद कहते है। दूध के बाद शहद ही एक ऐसा पदार्थ है, जिसमें आहार के सभी तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। मधुमक्खियां बहुत मेहनती होती हैं, यह एक बूंद शहद के लिए बहुत दूर-दूर तक उड़ती हैं। आज हम आपको मधुमक्खियों के बारे में कुछ ऐसी जानकारियां बताने जा रहे हैं, जो पहले आपने शायद ही सुनी होंगी।

  • मधुमक्खी के डंक में HIV के वायरस को रोकने की क्षमता होती है।
  • मधुमक्खियां अपना पंख एक सेकंड में 200 बार फड़फड़ाती हैं।
  • मधुमक्खी की आंखों में हज़ारों लेंस लगे होते हैं।
  • एक रिसर्च के मुताबिक, मधुमक्खियों में गणित के सिंपल सवालों को हल करने की क्षमता होती है।
  • पृथ्वी पर तकरीवन 60,000 प्रकार की मधुमक्खियां पाई जाती हैं, लेकिन इनमें से केवल 4 प्रजातियां ही शहद पैदा करती हैं और सभी मधुमक्खियां डंक नहीं मारती हैं। केवल मादा मधुमक्खी ही शहद बना सकती है और डंक मार सकती है, नर नहीं।
  • शहद का रंग फूल पर निर्भर करता है, जिससे मक्खी रस लेती है। एक चम्मच शहद के लिए मधुमक्खी को हज़ारों फूलों का रस इकठ्ठा करना पड़ता है।
  • एक छत्ते में 20 से 60 हज़ार मादा मधुमक्खियां, कुछ 100 नर मधुमक्खियां होती हैं। मधुमक्खियां तीन प्रकार की होती हैं। पहले प्रकार की 1 रानी मधुमक्खी होती है। रानी मक्खी सिर्फ़ चार से पांच वर्ष तक ज़िंदा रहती हैं।
  • दूसरे प्रकार की ड्रोन मक्खी होती है, यह मधुमक्खियां डंक नहीं मारती, बल्कि इनका काम सिर्फ़ रानी मक्खी को अंडे देने में मदद करना होता है।
  • तीसरे प्रकार की मधुमक्खियां सबसे छोटी मक्खियाँ होती हैं, इनकी उम्र सिर्फ 40 से 45 दिनों तक होती है। जब यह किसी को डंक मारती हैं, तो मर जाती हैं।
  • Scout Bees, Soldier Bees, Worker bees ये मधुमक्खियों के कुछ प्रकार हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इनके काम बदलने के साथ ही इनके दिमाग की संरचना भी बदल जाती है।
  • एक रिसर्च के मुताबिक मधुमक्खियों का दिमाग समय को मात दे सकता है। यानि इनका दिमाग वक़्त के साथ बूढ़ा नहीं होता।
  • मधुमक्खियों के सूंघने की शक्ति इंसान से कहीं ज़्यादा होती है।
  • मधुमक्खियां 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकती हैं।
  • मधुमक्खी इस धरती पर अकेली ऐसी कीट है, जिसके द्वारा बनाया गया भोजन इंसान द्वारा खाया जाता है।
  • मधुमक्खी के जीवन में चार तरह के परिवर्तन होते हैं, जैसे कि अंडा, लारवा, प्यूपा और मक्खी
  • मधुमक्खियां अपने छत्ते को बनाने के लिए Propolis नाम का पदार्थ इस्तेमाल करती हैं। यह पदार्थ खांसी, ज़ुकाम, ख़राब गला, दाद जैसी बीमारियों को ठीक कर सकता है।
  • मधुमक्खी की पांच आंखे होती हैं, दो बड़ी आंखें और इनके बीच माथे के उपर तीन आंखें होती है और इनकी छे टांगे और दो पंख होते हैं।
  • मधुक्खियां एक छत्ते से दूसरे छत्ते तक एक दूसरे की जानकारियां पहुँचाती हैं।
  • मधु मक्खी के दो पेट होते हैं, एक खाना खाने के लिए और दूसरा फूलों का रस इक्कठा करने के लिए।
  • मधुमक्खियां भी इंसानों की तरह अपनी नाक, कान और पलकें हिला सकती हैं, मतलब हमारी तरह मुंह बनाकर चिढ़ा सकती हैं।
  • एक किलो शहद बनाने के लिए पूरे छत्ते को लगभग 40 लाख फूलों का रस चूसना पड़ता है।
  • किसी आदमी को मारने के लिए मधुमक्खी के 1100 डंक काफी है।
  • एक छत्ते में मौज़ूद 60 हज़ार मधुमक्खियां गर्मियों में रोज़ाना एक हज़ार पांच सौ अंडे देती हैं।
  • शहद की मक्खियां अपनी ज़रूरत से लगभग 40–45 किलो ज़्यादा शहद पैदा करती हैं।
  • एक रिसर्च के मुताबिक, मधुमक्खियां भी इंसानों की तरह भावनाओं को महसूस कर सकती हैं। उनकी ख़ुद की भी अलग-अलग पर्सनैलिटी होती है।
  • कुत्तों की तरह मधुमक्खियों को भी बम ढूंढना सिखाया जा सकता है।
  • नवजात शिशुओं को शहद नहीं खिलाना चाहिए, क्योंकि कई बार लकवा मारने के चांस भी होते हैं।
  • रानी मक्खी को एक ख़ास प्रकार का पदार्थ खाने को दिया जाता है, जिसे रायेल जैली कहा जाता है।
  • इनके पास नेवीगेशन टेक्नीक होती है। ये सूर्य और Polarized लाइट का इस्तेमाल कर रास्ते का पता लगा लेती हैं।
  • अमेरिका में मधुमक्खियां हर साल करीब 15 बिलियन डॉलर की फसलों का परागण करती हैं। इसका मतलब ये जॉब भी क्रिएट करती हैं।

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