कैप्टन स्मित मच्छार: सूझ-बूझ, बहादुरी और जज़्बे से 180 लोगों की जान बचाने की कहानी

30 सितंबर, 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही “फ्लाईदुबई” की फ्लाइट FZ1073 की यात्रा सामान्य रूप से शुरू हुई। लेकिन उड़ान के दौरान एक अप्रत्याशित घटना ने स्थिति को गंभीर बना दिया जब ओमानी सह-पायलट ने कैप्टन स्मित को चाकू मार कर घायल कर दिया और विमान तेजी से नीचे गिरने लगा।

शुक्रवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर कैप्टन स्मित मच्छार ने कहा कि “उन्होंने ठान लिया था कि वह दूसरों की जान नहीं जाने देंगे”। हवा में सह पायलट के हमले में घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और उनमें जितनी भी ताकत बची थी, उसी के सहारे उन्होंने विमान को सुरक्षित बचा लिया। कैप्टन स्मित संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.) के एक अस्पताल में भर्ती हैं।

घटनाक्रम

बुधवार, 30 सितंबर, 2026 को यू.ए.ई. के दुबई से इसराईल के तेल अवीव जा रही “फ्लाईदुबई” की उड़ान एफजैड 1073 को हाईजैक करने की कोशिश की गयी. इस घटना में कॉकपिट में ओमानी मूल के सह-पायलट हमाम अलहामामी ने मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया , जिससे कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। इस उड़ान में 27 बच्चों समेत 174 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर इसरायली नागरिक थे। छह क्रू मेंबर्स सहित कुल 180 लोग इस हवाई जहाज में थे।

फर्श पर गिरा था और लगा विमान नीचे गिर रहा है

उन्होंने कहा, ‘मैं घायल हालत में (कॉकपिट के फर्श पर पड़ा था। मेरे अंदर जितनी भी ताकत बची थी, मैंने सही कदम उठाया।’ मच्छार ने कहा, ‘मैं अपनी जान बचाने के लिए लड़ रहा था, लेकिन साथ ही मैंने ठान लिया था कि मैं दूसरों को नहीं मरने दूंगा । वह बहुत अहम पल था। मैं आंखें बंद करके भी सोच सकता हूं कि विमान में क्या हो रहा था । उस पल मुझे एहसास हुआ कि विमान नीचे गिर रहा है। मुझे कई चोटें आई थीं।

वीडियो कॉल के दौरान मच्छार अस्पताल में बिस्तर पर थे और उनके सिर पर पट्टी बंधी हुई थी ।

हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे

मच्छार ने वीडियो कॉल पर प्रधानमंत्री को घटना के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि ‘जब भी मैं संकट में होता है, तो मेरे मन में बस एक ही बात आती है- मैं हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं। उस समय भी मैं हनुमान चालीसा का ही पाठ कर रहा था, और मुझे पता है कि भगवान ने मुझे बचाया।’

कॉकपिट में हुई वारदात के दौरान विमान दो मिनट में 17,400 फ़ीट से ज़्यादा नीचे गिर गया, लेकिन एक क्रू सदस्य कॉकपिट में पहुँचा और विमान को नियंत्रण में ले लिया।

ठान लिया कि लोगों को मरने नहीं दूंगा

उन्होंने कहा, “मैं बुरी तरह घायल था, लेकिन मैंने खुद से कहा कि मुझे उठना होगा और कुछ करना होगा। उस समय, मैंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए पूरी ताकत लगाई।’

“स्मित, बस एक आखिरी ज़ोर लगाने की ज़रूरत है। बस कर डालो। दरवाज़ा बस वहीं है,” उसने मन ही मन सोचा। “उस समय भी मुझ पर हमला हो रहा था। मैंने दरवाज़ा खोला, बाकी सब लोग [कॉकपिट में] अंदर आ गए… मैं अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन साथ ही मुझे यह भी पता था कि मैं बाकी सबको मरने नहीं दे सकता।”। उन्होंने कहा, “दूसरे लोगों की भूमिका भी उतनी ही अहम थी।”

यात्रियों ने बताया कि कैसे खून से लथपथ कैप्टन ने उन्हें अंदर आने देने के लिए कॉकपिट का दरवाज़ा खोला; इसके बाद उन्होंने को-पायलट को काबू में किया और प्लेन की तेज़ी से होती गिरावट को संभाला, जो इतनी तेज़ थी कि प्लेन का रडर ही टूटकर अलग हो गया था।

घायल होने के बावजूद, कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोला, जिससे दूसरे लोग अंदर आ सके। इसके बाद क्रू सदस्यों और अन्य लोगों ने आतंकी ओमानी नागरिक को काबू में कर लिया। विमान में मौजूद दो अन्य अनुभवी पायलटों ने तुरंत नियंत्रण संभाल लिया। उन्होंने विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की ओर किया और उसे सुरक्षित रूप से उतारा।

Flightradar24 के अनुसार, उड़ान भरने के लगभग ढाई घंटे बाद मची अफरा-तफरी के बीच, बोइंग 737 मैक्स 8 लगभग एक मिनट में 10,000 मीटर से 5,100 मीटर की ऊंचाई तक नीचे आ गया। इसके बाद उसने जॉर्डन की सीमा के पास एक अजीब सा चक्कर लगाया और बुधवार सुबह (वहां के समय के अनुसार) सऊदी अरब के तबुक में लैंड किया।

डेंटिस्ट ने दी इमरजेंसी मेडिकल मदद

फ्लाइट में मौजूद डेंटिस्ट शोता मुसाएव ने कैप्टन स्मित मच्छर को इमरजेंसी मेडिकल मदद दी। एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में मुसाएव ने बताया कि घटना के बाद कैप्टन मच्छर बुरी तरह घायल हो गए थे। उन्होंने कहा, “जब मैं वहाँ पहुँचा, तो पायलट पहले से ही ज़मीन पर पड़े थे। उनका काफ़ी खून बह चुका था। हमें खून बहना रोकना था। हम उनकी हालत और ब्लड प्रेशर को स्थिर करने में कामयाब रहे।”

प्रधानमंत्री ने की जमकर सराहना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी, सूझबूझ और असीम धैर्य की जमकर सराहना करते हुए कहा कि “हिंदुस्तानी दूसरों की जान लेने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि वे दूसरों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार रहते हैं।”

मोदी ने वीडियो कॉल के ‘दौरान कहा, ‘देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए खुद को जोखिम में डालने वाले लोग हैं। आप अपने शरीर पर इतने घाव झेल रहे थे और स्वयं जीवन-मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे, उस समय भी आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, सभी यात्रियों के जीवन की परवाह की सबसे बड़ी बात आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है। इसीलिए मैं हृदय से गर्व अनुभव कर रहा हूं।”

पी.एम. से बात करते हुए भावुक हुए ‘मच्छार’

पी. एम. से बात करते हुए मच्छार भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “आपका फोन आया, यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है | माफ कीजिए सर, मैं आपके सामने रो रहा हूं। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरी आपसे बात होगी।”

पी. एम. मोदी ने कहा कि आपने इतना बड़ा काम किया है कि देश का हर नागरिक और दुनिया के लोग आपको देखना और आपसे बात करना चाहते हैं। आपने हनुमान चालीसा के बारे में जो बताया, उसके लिए मैं आपकी मां गीताबेन को प्रणाम करूंगा कि उन्होंने आपको ऐसे संस्कार दिए । मैं आपके पिता भूपेंद्रभाई को भी प्रणाम करूंगा।

ट्रम्प और नेतन्याहू  ने सच्चा हीरो बताया

इसराईली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की और उन्हें सच्चा हीरो बताया | नेतन्याहू ने कहा कि मच्छार की बहादुरी से विमान में सवार 180 लोगों की जान बचाने में मदद मिली। अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कैप्टन मच्छार को हीरो बताया और उनकी बहादुरी की सराहना की।

यू.ए.ई. ने घटना को बताया ‘टेरर एक्ट’, ‘मच्छार’ की बहादुरी को किया सलाम

यू.ए.ई. के राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार अनवर गर्गश ने फ्लाई दुबई विमान को हाईजैक करने की कोशिश को आतंकवाद की घटना बताया है। यह पहली बार है जब अमीरात की ओर से इस घटना को ‘टैरर एक्ट’ बताया गया है। अनवर गर्गश ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की।

उन्होंने कहा कि फ्लाई दुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छार हर तरह की सराहना के हकदार हैं, क्योंकि उन्होंने आतंकवादी घटना और संभावित दुर्घटना के सामने साहस और जिम्मेदारी का परिचय दिया।

हमलावर को इस्लामी विचारधारा की ट्रेनिंग: नेतन्याहू

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बिना ज़्यादा जानकारी दिए दावा किया कि हमलावर को इस्लामी विचारधारा की ट्रेनिंग दी गई थी। उन्होंने फॉक्स न्यूज़ को यह भी बताया कि को-पायलट शायद इज़राइल के एविएशन नियमों में मौजूद किसी कमी का फ़ायदा उठाकर वहाँ पहुँच गया था। इन नियमों के तहत, उन देशों के पायलटों को इज़राइल के लिए उड़ान भरने की इजाज़त नहीं होती जिनके तेल अवीव के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं; ओमान के मामले में भी यही स्थिति है।

यात्री कौन थे?

इज़राइल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि फ़्लाइट में सवार लोग इज़राइल, भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि चार यात्रियों के पास अमेरिकी नागरिकता थी।

फ़्लाईदुबई ने कहा कि जब तक जाँच चल रही है, तब तक इज़राइल आने-जाने वाली उसकी फ़्लाइट्स रोक दी जाएँगी। नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने UAE के राष्ट्रपति से बात की, और वे इस बात पर सहमत हुए कि इज़राइल संदिग्ध से पूछताछ में शामिल होगा।

नेतन्याहू ने हाल के दिनों में सुरक्षा को लेकर कुछ खास न बताए गए, लेकिन गंभीर खतरों के बारे में चेतावनी दी थी। देश में हमास के नेतृत्व में 7 अक्टूबर, 2023 को इज़राइल पर हुए हमले की बरसी आने में अब एक हफ़्ता ही बचा है; इस हमले के बाद से कई युद्ध शुरू हो गए थे।

सार्वजनिक हुई ओमानी को-पायलट की पहचान

‘जागरण’ के अनुसार, कैप्टन स्मित मच्छर पर जानलेवा हमला करने वाले ओमानी को-पायलट की पहचान हमाम अलहामामी के रूप में हुई है।

‘अल अरबिया इंग्लिश’ की रिपोर्ट के अनुसार, कथित चरमपंथी विचारों को लेकर पैदा हुई चिंताओं की वजह से अलहामामी को पहले ओमान में विमान उड़ाने से रोक दिया गया था। इसके बाद उसने ओमान छोड़ दिया और अपना अधिकांश समय सीरिया में बिताया। आरोप है कि सीरिया में रहने के दौरान वह चरमपंथी विचारधारा के प्रभाव में आया और फिर यूएई चला गया।

‘सीएनएन’ के अनुसार, पिछले साल ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन ओमान एयर ने भी अलहामामी को उसके कट्टरपंथी विचारों के कारण ट्रेनिंग की भूमिका से हटा दिया था।

एक क्षेत्रीय राजनयिक सूत्र के हवाले से बताया गया कि प्रशिक्षण से हटाए जाने के बाद एयरलाइन ने उसे कोई दूसरा गैर-उड़ान कार्य सौंप दिया था।

सामान से बरामद हुआ फिलिस्तीन समर्थक साहित्य

i24 न्यूज के अनुसार, जांच अधिकारियों को अलहामामी के निजी सामान से फ्री फिलिस्तीन से जुड़े पर्चे और फिलिस्तीन समर्थक दस्तावेज मिले हैं। वह लगातार सार्वजनिक और निजी तौर पर फिलिस्तीन के समर्थन में और इजरायल के विरोध में बातें करता रहा था।

सुरक्षा एजेंसियां इस बात की विस्तृत जांच कर रही हैं कि क्या इस हमले के पीछे कोई सुनियोजित आतंकी साजिश या इस्लामिक कट्टरपंथ की भूमिका थी।

तेल अवीव उड़ान के लिए सुरक्षा मंजूरी पर उठे सवाल

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एक ओमानी नागरिक को तेल अवीव जाने वाली उड़ान के चालक दल में शामिल होने की अनुमति कैसे मिली। ओमान और इजरायल के बीच कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं और ओमान इजरायल को आधिकारिक मान्यता भी नहीं देता।

इजरायली अधिकारियों के अनुसार, देश की प्रमुख खुफिया एजेंसियां शिन बेट, मोसाद, सेना और परिवहन मंत्रालय संयुक्त रूप से इस बड़ी सुरक्षा चूक की जांच कर रही हैं।

क्या है आरोपी हमाम अलहामामी?

हमाम अलहामामी मूल रूप से ओमान का नागरिक है। उसका जन्म यूएई में हुआ था; उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई नागरिक हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, उसके पास किसी अन्य देश की दोहरी नागरिकता नहीं है।

उसने फ्लाईदुबई के साथ केवल आठ महीने पहले ही काम शुरू किया था, जबकि इससे पहले वह मोरक्को की राष्ट्रीय एयरलाइन रॉयल एयर मारोक के लिए उड़ान भर चुका था।

सऊदी अरब के तबूक में विमान की आपात लैंडिंग के बाद उसे हिरासत में लेकर यूएई को सौंप दिया गया है, जहां वह आतंकवाद की धाराओं में जांच का सामना कर रहा है।

जानिए कब है अहोई अष्टमी, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा की विधि !

हिंदू धर्म में माता अन्नपूर्णा और बाल्यकाल की याद में मनाए जाने वाले पर्वों का विशेष महत्व है। ऐसे ही एक महत्वपूर्ण त्यौहार है अहोई अष्टमी। यह पर्व विशेष रूप से माता अन्नपूर्णा और बच्चों के प्रति माताओं की भक्ति और श्रद्धा को दर्शाता है। आज हम आपको अहोई अष्टमी 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा की पूरी विधि विस्तार से बता रहे हैं।

अहोई का व्रत कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाता है। करवा चौथ के व्रत की तरह ही यह व्रत भी निर्जल रहकर रखने का विधान वर्णित है। अहोई अष्टमी का त्यौहार हिंदू धर्म में बहुत ही खास माना गया है क्योंकि अहोई अष्टमी का व्रत महिलाएं संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना से रखती हैं।वहीं जो महिलाएं संंतान प्राप्ति की चाह रखती हैं उनके लिए भी अहोई अष्टमी का व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण और फलदायी माना गया है।  इस साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है।

शुभ मुहूर्त

अहोई अष्टमी अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह त्यौहार अष्टमी व्रत के रूप में आता है और विशेष रूप से मां अहोई की पूजा की जाती है।

मुख्य विवरण और मुहूर्त (2026)

  • तारीख: 1 नवंबर 2026, रविवार

  • अष्टमी तिथि आरंभ: 1 नवंबर 2026 को दोपहर 2:51 बजे

  • अष्टमी तिथि समाप्त: 2 नवंबर 2026 को दोपहर 1:10 बजे

  • पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:34 बजे से शाम 6:52 बजे तक (अवधि: लगभग 1 घंटा 18 मिनट)

  • तारों के दर्शन का समय: शाम 5:58 बजे

अहोई अष्टमी का महत्व

यह पर्व खासकर मां अहोई की भक्ति और अपने बच्चों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए मनाया जाता है।

  • मातृत्व और बच्चों की सुरक्षा: यह पर्व उन माताओं द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है जिनके छोटे बच्चे हैं।

  • संपूर्ण समृद्धि: अहोई माता की पूजा से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

  • भक्ति और संस्कार: यह त्यौहार माताओं को अपने बच्चों के लिए भक्ति और त्याग की भावना से जोड़ता है।

  • कष्टों से मुक्ति: व्रत और अहोई माता की पूजा से जीवन के कष्ट कम होते हैं और मानसिक संतोष की प्राप्ति होती है।

अहोई अष्टमी की पूजा विधि

आवश्यक सामग्री:

  1. अहोई माता की तस्वीर या चित्र

  2. मिट्टी का छोटा थाल (या पत्तल)

  3. नौ कटोरी या छोटे पात्र (अहोई माता के प्रतीक)

  4. लाल कपड़ा और मोहर

  5. हल्दी, कुमकुम, अक्षत (चावल)

  6. मिठाई और फल

  7. दीपक और घी

  8. 8–9 बच्चों के चित्र या मोमबत्तियाँ

पूजा की विधि:

  1. सबसे पहले अहोई माता का चित्र या तस्वीर स्वच्छ स्थान पर रखें।

  2. मिट्टी के पात्र में जल भरें और उस पर लाल कपड़ा डालें।

  3. हल्दी, कुमकुम और अक्षत का तिलक माता के चित्र पर करें।

  4. आठ या नौ पात्रों में हल्दी और अक्षत डालें। यह माता के आठ रूपों का प्रतीक माना जाता है।

  5. दीपक जलाएं और माता के समक्ष घी का दीपक रखें।

  6. बच्चों की लंबी उम्र और घर की सुख-समृद्धि के लिए माता का विशेष मंत्र पढ़ें।

  7. मिठाई और फल माता को अर्पित करें।

  8. पूजा के अंत में व्रती माता व्रत समाप्त करें और घर में बच्चों को आशीर्वाद दें।

अहोई अष्टमी पर ध्यान देने योग्य बातें

  • व्रत और पूजा के दौरान माता का ध्यान और भक्ति केंद्रित रखना बहुत आवश्यक है।

  • माता को अर्पित सामग्री में शुद्धता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

  • यह पर्व माँ और बच्चों के संबंध को मजबूत करता है, इसलिए बच्चों के साथ मिलकर पूजा करना शुभ माना जाता है।

गांधी जयंती पर कुछ अनमोल वचन

महात्मा गांधी, जिन्हें हम प्यार से बापू भी कहते हैं, न केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायक थे बल्कि वे मानवता, अहिंसा और सत्य के प्रतीक भी थे। उनका जीवन और उनके विचार आज भी हमारे लिए मार्गदर्शन का स्रोत हैं। महात्मा गांधी भारत के राष्ट्रपिता हैं। प्रति वर्ष 2 अक्टूबर को उनका जन्म दिन भारत में गांधी जयंती के रूप में और पूरे विश्व में अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के नाम से मनाया जाता है। आइये आज याद करते हैं गांधी जी के कुछ अनमोल वचन:

  • विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए। जब विश्वास अंधा हो जाता है तो वो मर जाता है।
  • विश्वास करना एक गुण है, अविश्वास दुर्बलता कि जननी है।
  • ताकत दो तरह की होती है। एक जो सज़ा के डर से बनायी जाती है और दूसरी जो प्यार के acts से बनायी जाती है। प्यार वाली ताकत सज़ा के डर से बनायी गयी ताकत से हज़ार गुणा ज्यादा असरदार होती है।
  • पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे।
  • परमेश्वर ही सत्य है; यह कहने की बजाय ‘सत्य ही परमेश्वर’ है यह कहना अधिक उपयुक्त है।
  • ऐसे जियो जैसे कि तुम कल मरने वाले हो। ऐसे सीखो की तुम हमेशा के लिए जीने वाले हो।
  • जहाँ प्रेम है वहां जीवन है।
  • आपको इंसानियत में विश्वास नहीं खोना चाहिए। इंसानियत एक समुन्दर है, यदि समुन्दर में कुछ बूंदे गन्दी होती हैं,तो पूरा समुन्दर गन्दा नहीं हो जाता।
  • क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है।
  • मेरा जीवन मेरा सन्देश है।
  • आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी।
  • सत्य एक विशाल वृक्ष है, उसकी ज्यों-ज्यों सेवा की जाती है, त्यों-त्यों उसमे अनेक फल आते हुए नज़र आते है, उनका अंत ही नहीं होता।

महात्मा गांधी के जीवन से सीखने योग्य 10 बातें

महात्मा गांधी भारत के इतिहास के महान व्यक्तित्व थे। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। महात्मा गांधी ने भारत को ब्रिटिश शासन से आज़ाद करवाने के लिए सत्याग्रह और अहिंसा का सहारा लिया और देश के लोगों को भारत की आज़ादी के लिए प्रेरित किया। वे अंगेजों को यह मनवाने में सफल रहे कि भारत पर ब्रिटिश हकूमत मानवता के अधिकार का घोर उल्लंघन थी।

वैसे तो गांधी जी का पूरा जीवन ही अनुकरणीय है, लेकिन हम यहाँ 10 ऐसी चुनिन्दा बातें रख रहे हैं, जो देखने सुनने में बहुत ही साधारण लगती हैं, लेकिन अगर इन पर अमल किया जाए, तो मनुष्य कोई भी मंजिल पा सकता है।

“जो हम सोचते हैं हम वही बन जाते हैं”

महात्मा गांधी का मानना था कि हम जो सोचते हैं वही बन जाते हैं। अगर हम यह सोचेंगे कि हम लक्ष्य तक पहुंचने से पहले असफल हो जायेंगे, तो असल जिंदगी में भी वैसा ही होगा।

हमारा मन सकारात्मक और नकारात्मक विचारों से हमेशा भरा रहता है, लेकिन हमें नकारात्मक विचारों को मन से हटा देना चाहिए और सिर्फ सकारात्मक विचारों को मन में रखने का प्रयास करना चाहिए।

“कभी हार ना मानो और लगातार प्रयास करते रहो”

महात्मा गांधी जी को अपने जीवन में भारत की आज़ादी के लिए कई बार जेल भी जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगातार भारत की आज़ादी के लिए संघर्ष करते रहे। इसी तरह हमें भी अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार संघर्ष करना चाहिए।

महात्मा गांधी की आत्मकथा “सत्य के साथ मेरे प्रयोग” महात्मा गांधी जी ने मूलत: गुजराती में लिखी थी। विभिन्न भाषाओं में इसके अनुवाद हुए हैं और यह किताब बेस्ट-सेलर रही है। हिन्दी भाषा में अनुवादित किताब सत्य के प्रयोग (Satya Ke Prayog) काफी रोचक व आसान भाषा में है। Amazon से इसे खरीदा जा सकता है।

“आपके कर्म आपकी प्राथमिकता को दर्शाते हैं”

अगर हमारे जीवन का लक्ष्य बहुत महत्वपूर्ण है और हम उसको पूरा करने के लिए कोई भी कदम नहीं उठा रहे है, तो हमें अपनी प्राथमिकता के बारे में सोचना होगा। इसका अर्थ यह है कि हम अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर नहीं हैं। आपको अपनी प्राथमिकता अपने लक्ष्य को देनी चाहिए।

“लक्ष्य का रास्ता भी लक्ष्य जैसा सुंदर होता है”

महात्मा गांधी एक मजबूत चरित्र वाले आदमी थे। वह भारत की आज़ादी के लिए ऐसा कोई भी विधि नहीं अपनाना चाहते थे, जिनसे उनकी अंतरआत्मा को ठेस पहुंचे। इसीलिए उन्होंने भारत को आज़ाद करवाने के लिए हिंसा का सहारा ना लेते हुए, अहिंसा का सहारा लिया था। हमें भी उसी तरह अपने लक्ष्य को पाने के लिए एक नैतिक मार्ग का सहारा लेना चाहिए।

कैसा था महात्मा गांधी का जीवन? कैसे वह अति-साधारण जीवन जीने के साथ-2 इतने महान कार्य कर पाये? लेखक Louis Fischer द्वारा अँग्रेजी भाषा में लिखी The Life of Mahatma Gandhi किताब काफी कुछ बताती है।

“ईमानदारी से “ना” कहना बेइमानी से “हाँ” कहने से कहीं बेहतर है”

लोग अक्सर दूसरे लोगों को नाराज़ न करने के लिए “ना” कहने की बजाए “हां” कर देते हैं। वह अक्सर उन लोगों के साथ कई गतिविधियों में बिना अपनी दिलचस्पी के हिस्सा भी लेते रहते हैं।

महात्मा गांधी का कहना था, दूसरों को खुश करने के लिए की गयी “हां” आपको कहीं भी नहीं लेकर जाती. दूसरी तरफ यह आपकी जिंदगी को आक्रोश और कुंठा की तरफ ले जाती है।

“शांति आपको अपने अंदर से ही मिलती है”

क्या हम वास्तव में खुद के भीतर शांति को तलाशने की कोशिश करते हैं? ज्यादतर जवाब होगा “नहीं” क्योंकि असल में हम अपनी पूरी जिंदगी शांति को बाहर तलाशते रहते हैं।

जैसे कि हम जिंदगी में पहली बार किसी से मिलते हैं, हम उनके विचारों को इतनी गंभीरता से ले लेते हैं, जिससे हमारा अपने ऊपर से विश्वास हट जाता है और हम अपने आपको दूसरों की नज़रों से देखने लग जाते हैं। लेकिन असल में हमें बाहरी आवाज़ों को अनसुना कर के अपनी अंतरात्मा की आवाज़ को सुनना चाहिए।

“सदभावना से किया गया काम आपको ख़ुशी देगा”

आज की दुनिया में ख़ुशी और सदभावना दुर्लभ होती जा रही है। महात्मा गांधी जी का कहना था कि हमें अपने सदभावना के विचारों से और अपने कार्यों को संतुलित रखना चाहिए। इसी से हमें सच्ची ख़ुशी प्राप्त होगी।

लेखक राजेन्द्र अत्री ने महात्मा गांधी के बहुमूल्य विचारों का संग्रह अपनी किताब महात्मा गांधी – सम्पूर्ण विचारों का संग्रह में खूबसूरत ढंग से सँजोया है। इस किताब का अँग्रेजी में ऑनलाइन संस्करण डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें

“माफ़ करना मज़बूत लोगों की निशानी है”

माफ़ करना बहुत कठिन होता है। वह आदमी जो माफ़ करके जिंदगी में आगे बढ़ता जाता है, वही महान है। हमें दूसरे लोगों की गलतियों को माफ़ कर देना चाहिए, ताकि हम जीवन शांति से व्यतीत कर सकें। माफ़ करना मज़बूत लोगों की निशानी है, ना कि कमज़ोर लोगों की।

“मानसिक शक्ति शारीरिक शक्ति से ज्यादा महत्वपूर्ण है”

शक्ति के विभिन्न रूप हो सकते हैं। ज़िंदगी में मज़बूत दिमाग का होना मज़बूत शरीर से ज्यादा महत्वपूर्ण है। एक मज़बूत इच्छाशक्ति वाला आदमी पर्वतों को हिला सकता है, भले ही वह भीम या हनुमान नहीं है। महात्मा गांधी शारीरिक रूप से मज़बूत नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति से ब्रिटिश राज्य को घुटनों के बल झुका दिया था।

“अगर आप अपनी जिंदगी में परिवर्तन करना चाहते हैं तो अपने आपको बदलें”

गांधी जी ने कहा था कि हम अपने वांछित गुणों को दूसरों में देखने का प्रयास करते हैं। असल में हम सभी अंदर से बहुत अदभुत और सुंदर हैं। जितना हम दूसरों की मदद करेंगे, जवाब में वह भी हमारी मदद करेंगे। हमें सभी से प्यार और दया की भावना रखनी चाहिए। ऐसा करने से हमारे जीवन में अअदभुत बदलाव आएगा।

महात्मा गांधी जी के जीवन से जुड़े कुछ स्थान

भारत के राष्ट्रपिता मोहनदास कर्मचंद गांधी का जन्‍म दिन 2 अक्‍टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

आज हम आपको महात्मा गांधी जी के जीवन से जुड़े कुछ सथलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां से गांधी जी के विचारों, उनके आदर्शों और सिद्धांतों को अंकुर मिला था।

पोरबंदर

कर्मचंद गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ था। यह गांव गुजरात में स्थिति हैं। पोरबंदर में कर्मचंद गांधी जी के बचपन से जुड़ी बहुत सी चीज़े हैं, आज भी यहां पर उनका पैतृक घर है। इसके अलावा पोरबंदर में कीर्ति मंदिर भी एक शानदार जगह है।

राजकोट (गुजरात)

गांधी जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकोट में प्राप्त की। यहाँ उनके पिता करमचंद गांधी दीवान थे। राजकोट का यह दौर गांधी जी के बचपन और संस्कारों का आधार बना।

लंदन (इंग्लैंड)

1888 में गांधी जी बैरिस्टर की पढ़ाई के लिए लंदन गए। उन्होंने यहाँ से कानून की पढ़ाई पूरी की और अंग्रेज़ी संस्कृति को नज़दीक से देखा। यह अनुभव उनके जीवन में अनुशासन और दृढ़ संकल्प का कारण बना।

अहमदाबाद

अहमदाबाद भी ऐसे ऐतिहासिक स्‍थलों में से एक है, यहां गांधी जी के जीवन का काफी जुड़ाव रहा है। अहमदाबाद में साबरमती नदी के किनारे स्थित गांधी जी का आश्रम है। इस आश्रम को साबरमती आश्रम के नाम से भी पुकारते हैं।। यहीं से ही गांधी जी ने दांडी मार्च की शुरूआत की थी।

दांडी

दांडी गांव भी राष्‍ट्रपि‍ता महात्‍मा गांधी जी के जीवन काल को बयां करने वाले मुख्‍य स्‍थानों में से एक है। आज दांडी अरब सागर के तट पर स्थित इस जगह से ही नमक सत्याग्रह अपनी परिणति तक पहुंचा।

दक्षिण अफ्रीका

1893 में गांधी जी दक्षिण अफ्रीका गए जहाँ उन्हें नस्लभेद का सामना करना पड़ा। पिएटरमैरिट्जबर्ग रेलवे स्टेशन की घटना, जहाँ उन्हें ट्रेन से उतार दिया गया था, ने उनके जीवन को बदल दिया। यहीं से उन्होंने सत्याग्रह और अहिंसा के प्रयोग शुरू किए। दक्षिण अफ्रीका में ही फीनिक्स आश्रम और टॉल्सटॉय फार्म की स्थापना की।

नई दिल्ली

दि‍ल्‍ली भी गांधी स्‍मृत‍ि वाले स्‍थानो में से एक है। यहां पर बिरला हाउस के रूप में महात्मा गांधी को समर्पित एक ऐत‍िहास‍िक संग्रहालय है। इसके अलावा यहां का प्रस‍िद्ध स्थल राजघाट भी है, यहां पर 1869 को गांधी जी की मृत्‍यु के बाद राजघाट में उनकी समाधि स्थल बनी थी।

सेवाग्राम आश्रम

1936 में गांधी जी ने वर्धा (महाराष्ट्र) में सेवाग्राम आश्रम बसाया। यह स्थान उनकी गतिविधियों का केंद्र बन गया और अनेक स्वतंत्रता सेनानी यहाँ एकत्र होते थे। आज भी यह आश्रम ग्रामीण विकास और शिक्षा का केंद्र है।

जोहान्सबर्ग

गांधी जी ने अपनी जिंदगी के 21 साल जोहान्सबर्ग में व्‍यतीत किए थे। यहां पर ही उन्होंने अपनी राजनीतिक विचारधाराओं को पहचाना था। गांधी जी की याद में यहां सत्याग्रह सदन बनाया गया है।

चंपारण (बिहार)

1917 में गांधी जी ने चंपारण में नील की खेती करने वाले किसानों के आंदोलन का नेतृत्व किया। इसे चंपारण सत्याग्रह कहा जाता है और यह भारत में गांधी जी का पहला सफल आंदोलन था। यहाँ से किसानों को अत्याचार से मुक्ति मिली और स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा।

हमेशा खुश रहने के असरदार उपाय

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खुशी एक ऐसा एहसास है जिसे सभी लोग हमेशा महसूस करना चाहते हैं। जीवन के उतार-चढ़ाव की वजह से लोग बेहद निराश हो जाते हैं, चिंता और तनाव हर किसी की जिंदगी में आते है लेकिन जरूरी यह होता है कि हम उनसे कैसे निपटते हैं।

परिस्थिति चाहे जैसी भी हो चेहरे पर एक मुस्कान हमेशा रहनी चाहिए। खुशी और मुस्कुराहट आपको जीवन में दुखों से लड़ने में मदद करती है, तो वहीं खुश रहने से आप में कॉन्फिडेंस भी आता है जिससे आप अपने काम को बेहतर तरीके से कर पाते हैं।

दिन की सही शुरुआत

सुबह की शुरुआत बड़े ही शांतिपूर्ण तरीके से होनी चाहिए, जिससे दिन भर के लिए एक नई ताज़गी मिले। सुबह उठकर व्यायाम करें, अच्छे से स्नान करें और पूजा अर्चना करें। सुबह का नाश्ता भरपूर होना चाहिए जिससे दिन भर शरीर को ऊर्जा मिलती रहे। अधिक घी, तेल में बने चटपटे मसालेदार खाना खाने से दिमाग का सारा ध्यान पाचन क्रिया में जुट जाता है, जिससे सुस्ती छाने लगती है।

इसलिए हल्का फुल्का पौष्टिक नाश्ता जैसे:– फल व सलाद आदि का सेवन करें, जो शरीर को अधिक ताकतवर तथा फुर्तीला बनाए रखने में सहायक हो। जब आप सुबह से ही ऊर्जावान बने रहेंगे तो आपको दिन भर में हर काम को करने में खुशी मिलेगी।

प्रेरणा लें

जिस व्यक्ति का काम अच्छा लगे उससे प्रेरणा लें। अखबार,किताबें पढ़ने की आदत डालें। हर व्यक्ति में अच्छी और बुरी बातें होती है आप उनमें क्या देखते हैं और क्या सीखते हैं यह आप पर ही निर्भर करता है। हर व्यक्ति की अच्छी बातें सीखने का प्रयास करना चाहिए उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

जलन ईर्ष्या न करें

किसी से ईर्ष्या करने का मतलब है-अपनी खुशियों को कम करना। जिस तरह चिंता “चिता” के समान होती है, उसी तरह ईर्ष्या खुशियों को खत्म करती है। यदि आप किसी से ईर्ष्या करते हैं, तो इसका मतलब आप अंदर-ही-अंदर जलते हैं।

हमेशा खुश रहने के लिए ईर्ष्या से हर संभव तरीके से बचने की कोशिश करें। किसी से ईर्ष्या करना अच्छी आदत नहीं है। अपने काम से काम रखें। अपने काम में रुचि रखें। कौन क्या कर रहा है, कितनी तरक्की कर रहा है, कैसे तरक्की कर रहा है इन सब बातों के चक्कर में रहकर अपनी खुशियों को खराब न करें।

दूसरों की मदद करें

हम हमेशा अपनी ख़ुशी के बारे में सोचते रहते हैं लेकिन दूसरों की मदद करने से भी हमें खुशी मिल सकती है।  किसी की सहायता करना आपको सकारात्मकता और ख़ुशी प्रदान कर सकता है। अपने दोस्तों-रिश्तेदारों की बात सुनना और फिर उनकी परेशानियों पर सलाह देना भी एक तरह का मदद करना ही है। याद रखें, खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और दुःख बांटने से काम होते हैं।

सकारात्मक सोचें

खुश रहना हमारे विचारों पर भी निर्भर करता है। यदि आपके विचार सकारात्मक है तो आपके पास ख़ुशी के हज़ारों रास्ते होंगे उदाहरण के लिए जैसे एक तरफ आपके हाथ में सफलता है परन्तु आप उससे संतुष्ट नहीं हैं और आपके दिमाग में उससे और बेहतर हासिल करने की चाह है। इस स्थिति में न तो खुश रह सकते हो और न ही सकारात्मक।

खुश रहने का तरीका हमेशा आपके दिमाग से जुड़ा होता है। यदि आप सकारात्मक सोचते हैं तो बॉडी में ऊर्जा और उत्पादकता का स्तर 30% बढ़ जाता है। आपको अपने विचारों को सकारात्मक बनाए रखना है जिससे आपको छोटी-छोटी सफलताओं में भी ख़ुशी प्राप्त होगी।

28 फरवरी का इतिहास

28 फरवरी का इतिहास:-

  • 1572 – मेवाड़ के शासक और महाराणा प्रताप के पिता राणा उदय सिंह का निधन।
  • 1904 – भारतीय सेना के अफसर जनरल सर आर्थर पावर का निधन।
  • 1913 – हिन्दी के प्रसिद्ध कवि, लेखक एवं संपादक पंडित नरेंद्र शर्मा का जन्म।
  • 1936 – जवाहरलाल नेहरू की पत्नी कमला नेहरू का निधन।
  • 1944 – भारतीय हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध संगीतकार तथा गायक रवीन्द्र जैन का जन्म।
  • 1963 – भारत के प्रथम राष्ट्रपति, स्वतंत्रता सेनानी और विधिवेत्ता डॉ. राजेंद्र प्रसाद का निधन।
  • 1991 – खाड़ी में युद्ध विराम लागू।
  • 1992 – भारत एवं ब्रिटेन के बीच आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर।
  • 1994 – अफ्रीका ने नामीबिया को पोर्ट एन्क्लेव बालिस बे सुपुर्द किया।
  • 1996 – क्लिंटन प्रशासन ने पाकिस्तान को 6 करोड़ डॉलर के हथियार आपूर्ति न करने का फैसला किया।
  • 1999 – कोलीन प्रेसकोट एवं एंडी एल्सन (ब्रिटेन) ने 233 घंटे 55 मिनट तक गुब्बारे की मदद से आकाश में रहने का विश्व रिकार्ड बनाया।
  • 2003 – नामीबिया के राष्ट्रपति सैम नुजोमा भारत की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचे, भारत की स्थायी सदस्यता वाला विधेयक अमेरिकी संसद में पेश।
  • 2005 – मिलियन डॉलर बेबी को चार ऑस्कर पुरस्कार।
  • 2006 – फिलीपींस में आपातकाल लागू करने का मामला न्यायालय पहुँचा।
  • 2008 – वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम ने आर्थिक समीक्षा संसद में पेश की। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल टी.पी. राजेश्वर ने वैट विथेयक की अपनी मंज़ूरी दी।
  • 2008 – नेपाल में सरकार और संयुक्त मधेशी लोकतांत्रिक मोर्चा के बीच शांति समझौता हुआ।

27 फरवरी का इतिहास

27 फरवरी का इतिहास:-

  • 1879 – आर्टिफिशियल स्वीटनर सैकरीन की खोज आज ही के दिन रूसी रसायनशास्त्री कॉन्सटैंटिन फालबर्ग ने की थी। कोल तार के पदार्थों पर शोध करने के दौरान उनके हाथ में किसी पदार्थ की मिठास रह गई। इस पदार्थ को उन्होंने ‘सैकरिन‘ नाम दिया। यह व्यावसायिक रूप से उपलब्ध होने वाला पहला कृत्रिम मिठास देने वाला पदार्थ था।
  • 1882 – राजस्थान के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी विजय सिंह पथिक का जन्म।
  • 1931 – प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद का निधन।
  • 1932 – ब्रिटिश भौतिकशास्त्री जेम्स चैडविक ने न्यूट्रॉन की खोज की। अणु में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन मिलकर अणु का केंद्रक बनाते हैं। इलेक्ट्रॉन इस केंद्रक के चारों तरफ चक्कर लगाते हैं। इस खोज के बाद अणु के केंद्रक को अलग करना संभव हुआ, जिससे परमाणु बम बनाने की राह प्रशस्त हुई।
  • 1956 – प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष गणेश वासुदेव मावलंकर का निधन।
  • 1976 – कर्नाटक के प्रथम मुख्यमंत्री तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल के. सी. रेड्डी का निधन।
  • 1997 – हिंदी फ़िल्मों के प्रसिद्ध भारतीय गीतकार इन्दीवर का निधन।
  • 2001 – गोधरा, गुजरात में अयोध्या से वपास आ रहे कारसेवकों के डिब्बे में मुसलमानों के आग लगाए जाने से 59 हिन्दू कारसेवकों की मौत।
  • 2001 – अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान द्वारा सभी देव प्रतिमाओं को नष्ट करने का आदेश।
  • 2005 – मारिया शारापोवा ने कतर ओपन खिताब जीता।
  • 2007 – लान्साना कोयटे गुयाना के नए प्रधानमंत्री बने।
  • 2008 – लगातार सातवें साल विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 25 महिलाओं को जी. आर-8 सम्मान से नवाजा गया।
  • 2008 – पाकिस्तान की सरकार ने आसिफ़ अली जरदारी के ख़िलाफ़ लगाए गए भ्रष्टाचार के सभी आरोप वापस लिए।
  • 2009 – भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी लोकसभा सीट का उत्तराधिकारी पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल जी टंडन को सौंपा।
  • 2010 – भारत ने आठवीं राष्ट्रमंडल निशानेबाज़ी प्रतियोगिता में 35 स्वर्ण, 25 रजत और 14 काँस्य सहित कुल 74 पदक जीतकर प्रथम स्थान हासिल किया। इंग्लैंड चार स्वर्ण सहित 31 पदक जीतकर दूसरे स्थान पर और वेल्स चार स्वर्ण सहित 13 पदक जीतकर तीसरे स्थान पर रहा। ऑस्ट्रेलिया ने तीन स्वर्ण सहित 19 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया।
  • 2010 – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मजबूत स्तंभ और प्रख्यात समाज सेवक नानाजी देशमुख का निधन।
  • 2012 – भारत 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा, लेकिन उसकी ऊर्जा की मांग घटकर5 प्रतिशत रह जाएगी। उर्जा क्षेत्र की वैश्विक कंपनी बीपी ने यह अनुमान लगाया है।

26 फरवरी का इतिहास

26 फरवरी का इतिहास:-

  • 1712 – दिल्ली का सातवाँ मुगल बादशाह बहादुर शाह प्रथम का निधन।
  • 1886 – गुजराती भाषा के युग प्रवर्तक माने जाने वाले रचनाकार नर्मद का निधन।
  • 1887 – भारतीय प्रशासनिक अधिकारी, विधिवेत्ता, राजनयिक और राजनीतिज्ञ बेनेगल नरसिंह राव का जन्म।
  • 1887 – भारत की प्रथम महिला डॉक्टर आनंदी गोपाल जोशी का निधन।
  • 1903 – भारत के दसवें मुख्य न्यायाधीश कैलाश नाथ वांचू का जन्म।
  • 1908 – बांग्ला साहित्यकार लीला मजूमदार का जन्म।
  • 1946 – पत्रकार एवं साहित्यकार मृणाल पाण्डे का जन्म।
  • 1966 – भारतीय राष्ट्रवादी और स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर का निधन।
  • 1991 – कुवैत पर इराकी हमले के बाद अमेरिका और सहयोगी सेना ने इराकी सेना पर हमला कर दिया था।
  • 1993 – न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर बम हमले में छह लोग मारे गए थे और 100 से ज्यादा घायल हो गए थे।
  • 1994 – उत्तरी कोरिया अपने परमाणु संयंत्रों को अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षण के लिए खोलने पर सहमत।
  • 1995 – कॉपीराइट मुद्दे पर सं.रा. अमेरिका एवं चीन के बीच समझौता।
  • 1999 – पांच ग्रैमी अवार्ड जीतकर रैप गायिका लॉरिन हिल ने नया रिकार्ड बनाया।
  • 2001 – क्रिकेट के महानतम खिलाड़ी सर डॉन ब्रैडमैन का निधन।
  • 2002 – अफ़ग़ानिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री हामिद करजई भारत की दो दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचे।
  • 2004 – मकदुनिया के राष्ट्रपति बेरिस ट्रेज कोवस्की की विमान दुर्घटना में मृत्यु।
  • 2006 – परमाणु परिशोधन पर ईरान और रूस में समझौता।
  • 2007 – नेपाल सरकार द्वारा नरेश की संपत्ति का राष्ट्रीयकरण करने की घोषणा।
  • 2008 – भारत परमाणु अस्त्र ले जाने में सक्षम बैलेस्टिक मिसाइल का समुद्र के भीतर सफल परीक्षण किया।
  • 2008 – नेपाल में संविधान सभा के होने वाले चुनाव में माओवादी नेता प्रचंड ने अपना पर्चा भरा।
  • 2009- इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश हेमन्त लक्ष्मण गोखले का स्थानान्तरण मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश के रूप में हुआ।

25 फरवरी का इतिहास

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25 फरवरी का इतिहास:-

  • 1586 – अकबर के दरबारी कवि बीरबल विद्रोही यूसुफजई के साथ एक लड़ाई में मारे गए।
  • 1788 – पिट्स रेग्युलेटरी एक्ट पारित किया गया।
  • 1921 – जॉर्जिया की राजधानी तिब्लिसी पर रूस ने कब्जा किया।
  • 1925 – जापान और पूर्व सोवियत संघ के बीच राजनयिक रिश्ते कायम हुए।
  • 1945 – द्वितीय विश्व युद्ध में तुर्की ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
  • 1948 – भारतीय अभिनेता डैनी डेंजोंगपा का जन्म।
  • 1952 – नार्वे की राजधानी ओस्लो में छठे शीतकालीन ओलंपिक खेलों का समापन हुआ।
  • 1975 – सऊदी अरब के तत्कालीन शासक शाह फैसल की उनके ही भतीजे फैसल बिन मुसाद ने हत्या कर दी थी।
  • 1980 – ब्रिटेन ओलंपिक संघ ने ब्रितानी सरकार के विरोध और दबाव के बावजूद, उसी वर्ष जुलाई में मॉस्को में होने वाले ओलंपिक खेलों में शामिल होने का फैसला किया था।
  • 1981 – भारतीय अभिनेता शाहिद कपूर का जन्म।
  • 1986 – मारिया कोराजोन अकीनो के फिलीपिंस की राष्ट्रपति बनने के साथ ही देश में तानाशाह फर्डिनांड मार्कोस का शासन भी खत्म हो गया।
  • 1987 – हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध गीतकार एस. एच. बिहारी का निधन।
  • 1988 – सतह से सतह तक मार करने वाली भारत की प्रथम मिसाइल पृथ्वी का सफल प्रक्षेपण हुआ।
  • 2000 – रूस की निचली संसद ड्यूमा द्वारा भारत के साथ द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि का अनुमोदन।
  • 2001 – ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डॉन ब्रैडमैन का निधन।
  • 2003 – गुटनिरपेक्ष आन्दोलन के 13वें शिखर सम्मेलन में क्वालालंपुर घोषणा स्वीकृत।
  • 2006 – दीपा मेहता की फिल्म वाटर को गोल्डेन किन्नारी पुरस्कार मिला।
  • 2008 – एच.डी.एफ.सी. व सेंचुरियन बैंक ऑफ़ पंजाब के विलय के लिए शेयर अनुपात को मंज़ूरी दी गई।
  • 2009 – पूर्व सैन्य अधिकारी धीरज मल्होत्रा आईपीएल टूर्नामेंट के निदेशक नियुक्त हुए।
  • 2011 – भारतीय सेना ने झारखंड में जारी 34वें राष्ट्रीय खेलों में 62 स्वर्ण पदकों के साथ तालिका में पहला स्थान बनाए रखा है, जबकि मणिपुर ने तमाम उतार-चढ़ाव के बाद दूसरा स्थान हासिल कर लिया है।