फेसबुक के बारे में दिलचस्प तथ्य

दुनिया में बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सभी फेसबुक चलाते है, लेकिन क्या आप फेसबुक से जुड़े तथ्य जानते है, अगर नहीं, तो यह लेख ज़रुर पढ़ें.

  • फेसबुक मैसेंजर में conversation को खोलें और उसमें @fbchess लिखे, उसके बाद आप अपने दोस्त के साथ Chess खेल सकते है.
  • Facebook पर लगभग 30 मिलियन मृत लोगों के नाम के अकाउंट बने हुए हैं.
  • Facebook प्रोफाइल पर मार्क जुकरबर्ग के पेज तक पहुंचने का एक खास शॉर्टकट तरीका भी है. अगर आप Facebook के URL के आगे नंबर 4 लिख (www.facebook.com/4) देंगे, तो आपका ब्राउजर सीधे मार्क जुकरबर्ग के पेज तक ले जाएगा. आप फेसबुक पर मार्क जुकरबर्ग को ब्लॉक नहीं कर सकते.
  • अगर आप Facebook पर किसी भी पोस्ट को स्टेटस बॉक्स में रखते है, तो Facebook उसको सर्वर पर भेज देता है. भले ही आपने पोस्ट बटन पर क्लिक किया हो.
  • दुनिया में सबसे ज़्यादा Facebook उपभोक्ता वाले देशtop-10-most-facebook-user-country-in-the-world
  • Facebook के 25 फीसदी से ज़्यादा यूज़र्स किसी भी तरह के प्राइवेसी कंट्रोल को नहीं मानते हैं.
  • Facebook पेज को आप 70 अलग-अलग भाषाओं में पढ़ कर सकते है.
  • क्या आपको पता है कि Facebook पर हर रोज़ 6,00,000 अकाउंट को हैक करने का प्रयास होता है.
  • Facebook पर आज अरबों चेहरे हैं, लेकिन पहला चेहरा “Al Pacino” का था.
  • रूचि सांघवी Facebook की पहली महिला कंप्यूटर इंजीनियर रही है.
  • फेसबुक हर महीने 3 करोड़ डॉलर सिर्फ होस्टिंग (hosting) पर ही खर्च करता है.
  • यदि किसी फेसबुक यूजर कि मृत्यु हो जाती है और वह आपका दोस्त या जान पहचान का कोई है, तो आप Facebook को रिपोर्ट कर उस प्रोफाइल को फेसबुक पर एक स्मारक (memorialized account) का रूप दिलवा सकते है.
  • 2013 में Facebook के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने 1 अरब डॉलर का दान किया है.
  • एक सर्वे के अनुसार एक स्मार्टफोन यूज़र दिन में 14 बार फेसबुक चेक करता है.

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The Creepiest Photographs Ever Taken 

क्रूर तरीकों से दी जाती थी प्राचीन काल में मौत!

आज हम आपको प्राचीन काल में क्रूर, बर्बर, अमानवीय तरीकों से दी जाने वाली मौत के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां मौत का नाम सुनते ही डर लगने लगता है, वहां मौत देने के इन क्रूरतम तरीकों के बारे में जानकर आपका दिल दहल जाएगा। प्राचीन काल में अपराधियों और दुश्मनों को मौत देने के लिए ऐसे तरीके इस्तेमाल किए जाते थे, जिनमें आदमी तिल-तिल करके करोड़ों बार मरता था। प्राचीन काल के इंसानी इतिहास में मौत देने के इनसे ज़्यादा क्रूर, बर्बर, अमानवीय, हिंसक और असहनीय तरीके नहीं हो सकते।

नाव में नरक का अहसास

यह सज़ा प्राचीन फारस (Iran) में दी जाती थी। इसमें अपराधी को एक नाव में बांध दिया जाता था और उसे जबरदस्ती ढेर सारा दूध और शहद पिलाया जाता, ताकि उसे दस्त शुरू हो जाएं। फिर उसके शरीर पर भी दूध-शहद डाल दिया जाता। नाव जंगल के बीच एक तालाब में रहती थी। दूध और शहद कई तरह की चींटियों, कीड़े-मकोड़ों को आकर्षित करता था। इंसान के दस्त से भी ऐसे जीव वहां बड़ी तादाद में जुट जाते। करोड़ों की संख्या में ये कीड़े-मकोड़े उस इंसान को काटने लगते। धीरे-धीरे उसका शरीर सड़ने-गलने लगता। वह भूख-प्यास से बेहाल हो जाता। इस तरह अंतत: तड़प-तड़प कर उसकी मौत हो जाती।

हाथी के पैरों तले रौंदवाना

यह मौत की सज़ा प्राचीन काल में साउथ एशिया और साउथ ईस्ट एशिया में दी जाती थी। इंसान को हाथी के पैरों तले कुचलवाकर मरवा दिया जाता था। यह बड़ी भयंकर मौत होती थी।

तोप के मुंह पर बांधकर उड़ा देना

यह सज़ा 19वीं सदी तक भारत में प्रचलित थी। अंग्रेजों ने कई हिंदुस्तानियों को इस तरह तोप के मुंह पर बांधकर उड़ा दिया। इस सज़ा में व्यक्ति के तत्काल चीथड़े उड़ जाते थे और वह तड़पता नहीं था। हमारे ऐसे कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हंसते-हंसते तोप के मुंह पर बंधे थे।

इंसान को आरी से चिरवाना

यह सज़ा मध्यकाल में चीन में प्रचलित थी। इसमें व्यक्ति को सीधा खड़ा करके या उल्टा लटकाकर, दोनों तरह से आरी से चीरा जाता था। सीधा खड़ा करके इंसान को बीच से काट दिया जाता था, जिससे उसकी तुरंत मौत हो जाती। लेकिन उल्टा लटकाने वाला तरीका ज़्यादा दर्दनाक होता था, क्योंकि तब शरीर लिंग से लेकर पेट तक चिर जाता, लेकिन दिमाग एक्टिव रहता था, इसलिए व्यक्ति को भयंकर दर्द का अहसास होता था।

घोड़ों से बांधकर खिंचवाना

यह सज़ा रोमन साम्राज्य में दी जाती थी। इसमें व्यक्ति के हाथ-पैरों को चारों दिशाओं में चार घोड़ों से बांध दिया जाता था। इसके बाद घोड़े विपरीत दिशाओं में ताकत लगाकर चलने लगते। इससे व्यक्ति के हाथ-पैर शरीर से अलग हो जाते और बेहद दर्द और शॉक से उसकी मौत हो जाती। इसके बाद घोड़ों के पीछे बंधे हाथ-पैर शहर में घुमाए जाते, ताकि बाकी लोग डरें।

खौलते कड़ाहे में बिठाकर मारना

यह सज़ा बहुत देशों में प्रचलित थी। इसके लिए कड़ाहे में पानी या तेल भरा जाता और व्यक्ति को बिठाकर नीचे से आग लगा दी जाती। तेल या पानी धीरे-धीरे गर्म होता और व्यक्ति की तड़प बढ़ती जाती। इसका प्रयोग मारने के साथ-साथ टॉर्चर करने और राज़ उगलवाने के लिए भी होता था।

लिंग ची कहलाने वाले क्रूर तरीका

चीन में 1905 तक लिंग ची कहलाने वाले इस क्रूर तरीके से मौत की सज़ा दी जाती थी। लिंग ची के तहत सबसे दुष्ट प्रकार के क्रिमिनल्स को चौराहे पर बांधकर तेज़ धार वाले चाकू से जगह-जगह काटा जाता था। पहले उसकी छाती और जांघों का मांस काटा जाता और फिर नाक, कान, उंगलियां, लिंग आदि काटे जाते। इस प्रक्रिया में सैकड़ों बार चाकू चलाया जाता। मांस के लोथड़े निकाले जाते। इतना सब होने के बाद भी अपराधी मरता नहीं था, तड़पता रहता, तो चाकू से उसका दिल निकाल लिया जाता। अगर शासक को किसी अपराधी पर थोड़ी-बहुत दया आ जाती, तो लिंग ची से पहले उसे अफीम पिला दी जाती थी, ताकि उसे दर्द का अहसास कम हो।

भूखे शेरों के सामने डाल देना

प्राचीन रोम में एम्फीथिएटर और कोलोशियम बनाए गए थे। वहां मनोरंजन की एक्टिविटीज़ होती थीं। इसके लिए अपराधियों को तरह-तरह से मारा जाता था। उन्हें भूखे शेरों के सामने डाल दिया जाता था। ऊपर से बहुत सारे लोग देखते और तालियां बजाते। नीचे शेर उस अपराधी को नोंच डालते।

भट्ठी पर तड़पा-तड़पा कर मारना

यह आग में जलाने से भी ज़्यादा क्रूर है, क्योंकि इसमें धीरे-धीरे तड़पकर मौत होती थी। इसमें भट्ठी जैसी संरचना पर व्यक्ति को लिटाकर नीचे से कोयले जलाए जाते थे। जब कोयलों की आंच बढ़कर इंसान के शरीर तक पहुंचती, तो वह धीरे-धीरे गर्म होकर जलता था।

सांड के भीतर ठूंसकर भूंजना

यह सज़ा एथेंस में दी जाती थी। इसके तहत आदमी को एक मैटल के बने खोखले सांड के भीतर ठूंसकर ढक्कन बंद कर दिया जाता था। उसके बाद नीचे आग जला दी जाती थी। आग में मैटल धीरे-धीरे तपकर लाल हो जाता और अंदर बंद आदमी तड़प-तड़प कर मरता। सांड का मुंह खुला रहता था, जिससे होकर इंसान की चीखें बाहर तक आती रहतीं थी।

बढ़ते बांसों पर बांधकर मारना

प्राचीन काल में यह सज़ा एशिया में प्रचलित थी। बांस जब बढ़ते हैं, तो उनके सिरे नुकीले होते हैं। इन पर लिटाकर अपराधी को बांध दिया जाता था। बांस धीरे-धीरे व्यक्ति के शरीर को छेदते हुए बढ़ते। यही नहीं, वह जल्दी मरे नहीं, इसके लिए अपराधी को खाना-पानी भी दिया जाता था। इससे व्यक्ति की बहुत लंबे समय में तड़प-तड़प कर मौत होती थी।

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विश्व के 10 सबसे छोटे देश!

दुनिया के सबसे बड़े देशों के बारे में तो सब लोग जानते होगें, पर क्या कभी आपने दुनिया के सबसे छोटे देशों के बारे में जानने की कोशिश की है कि दुनिया के सबसे छोटे देश कौन-कौन से हैं और उनकी जनसंख्या व् क्षेत्रफल कितना हैं. दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जिनका क्षेत्रफल एक शहर व् गाँव के बराबर भी नहीं है, तो आइए जानते हैं, दुनिया के ऐसे ही देशों के बारें में ..

वेटिकन सिटी (Vatican City) – 0.44 km²

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वेटिकन शहर यूरोप महाद्वीप में स्थित एक देश है. यह दुनिया का सबसे छोटा देश है. जबकि इस देश में कई ऐसी शानदार ईमारते है, जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खीचतीं हैं. दुनिया के सबसे छोटे शहर वेटिकन का क्षेत्रफल 0.44 वर्ग किलोमीटर है और 2015 में यहाँ की जनसंख्या लगभग 1,000 थी.

मोनाको (Monaco) – 2 km²

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मोनाको शहर, यूरोप महाद्वीप में स्थित है. फ़्रांस और इटली के बीच स्थित मोनाको दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश है. मॉन्टे कार्लो इसका मुख्य नगर है. इसकी राजभाषा फ़्रांसिसी भाषा है. यहाँ दुनिया के किसी भी देश से ज़्यादा प्रतिव्यक्ति करोड़पति हैं. मोनाको शहर, समुद्र के किनारे बसा होने के कारण इसका क्षेत्रफल महज 2.02 वर्ग किलोमीटर ही रह गया है. यह पर्यटन के दृष्टिकोण से बहुत ही खुबसूरत देश है. मोनाको शहर की कुल जनसंख्या 37,863 के करीब है.

नौरु (Nauru) – 21 km²

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नौरु, आधिकारिक तौर पर नौरु गणराज्य, मैक्रोनेशियाई दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित द्वीप है. यह विश्व का सबसे छोटा स्वतंत्र गणराज्य और दुनिया का सिर्फ एक मात्र ऐसा गणतांत्रिक राष्ट्र है. जिसकी कोई राजधानी नहीं है. दुनिया का तीसरा सबसे छोटा देश नौरु का क्षेत्रफल 21.3 वर्ग किलोमीटर है. इस देश के पास अपनी कोई सेना नहीं है. नौरु की जनसंख्या 10,084 के करीब है.

तुवालु (Tuvalu) – 26 km²

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तुवालू आस्ट्रेलिया के बीच स्थित एक पोलिनेशियाई द्वीपीय देश है. यह देश चार द्वीपों से मिलकर बना है. 26 वर्ग किलोमीटर में फैला तुवालु शहर दुनिया का चौथा सबसे छोटा देश है. इससे कम आबादी वाले देशों में केवल वेटिकन सिटी, मोनाको और नौरु ही हैं. 26 वर्ग किलोमीटर में फैले तुवालु को 1978 में ब्रिटेन से आज़ादी मिली थी. तुवालू की जनसंख्या 10,022 के करीब है.

सैन मैरिनो (San Marino) – 61 km²

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दुनिया के सबसे छोटे देशों की सूची में पांचवां स्थान सैन मैरिनो का आता है. सैन मैरिनो को यूरोप का सबसे पुराना गणराज्य माना जाता है. इस देश की खोज सन 301 में की गई थी. सैन मैरिनो का क्षेत्रफल 61 वर्ग किलोमीटर में फैला है. सैन मैरिनो शहर की जनसंख्या 32,241 के करीब है.

लिक्टनस्टीन (Liechtenstein) – 160 km²

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लिक्टनस्टीन पश्चिमी यूरोप में स्थित एक छोटा स्थल सीमा वाला देश है. इसकी सीमा पश्चिम और दक्षिण में स्विटजरलैंड और पूर्व में आस्ट्रिया से मिलती है. महज 160.4 वर्ग किमी वाले इस देश की आबादी करीब 37,817 है. लिक्टनस्टीन शहर की राजधानी वादुज है और इसका सबसे बड़ा शहर श्चान है.

मार्शलद्वीप (Marshall Islands)

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मार्शल द्वीपसमूह प्रशांत महासागर के मध्य एक माइक्रोनेशियाई राष्ट्र है. मार्शल द्वीप अमेरिका से अलग होकर 1986 में अस्तित्व में आया था. लेकिन, इसके सुरक्षा की जिम्मेदारी आज भी अमेरिका के पास है. इसकी कुल जनसंख्या 54,677 के करीब है.

सेंट किट्स एवम नेविस (Saint Kitts and Nevis)  – 261 km²

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सेंट किट्स और नेविस संघ, वेस्ट इंडीज में लीवार्ड द्वीप पर स्थित देश है. क्षेत्रफल और जनसंख्या के लिहाज से यह दक्षिण अमेरिका और उत्तरी अमेरिका का सबसे छोटा देश है. सेंट किट्स एवम नेविस का क्षेत्रफल 261 वर्ग किलोमीटर है. पूर्वी कैरेबियन सागर में स्थित इस देश के लोगों के इनकम का प्रमुख जरिया पर्यटन और खेती है. सेंट किट्स एवम नेविस की कुल जनसंख्या  56,017 के करीब है.

मालदीव (Maldives) – 300 km²

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मालदीव आधिकारिक तौर पर मालदीव गणराज्य, हिंद महासागर में स्थित एक देश है, मालदीव एशिया का सबसे छोटा देश है. मालदीप दुनिया का नौवा सबसे छोटा देश है. मालदीप का कुल क्षेत्रफल 298 वर्ग किलोमीटर है. पर्यटन के दृष्टिकोण से मालदीव भी लोगों की पसंदीदा जगह है. मालदीव की कुल जनसंख्या  3,71,300 के करीब है.

माल्टा (Malta) – 316 km²

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माल्टा यूरोपीय महाद्वीप का एक विकसित देश है. माल्टा शहर का कुल क्षेत्रफल 316 वर्ग किलोमीटर है और इसकी कुल जनसंख्या  4,20,428 के करीब है.

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दुनिया के 6 सबसे खतरनाक आइलैंड

आइलैंड स्थलखण्ड के ऐसे भाग होतें हैं, जिनके चारों ओर जल का विस्तार पाया जाता हैं। आकार में द्वीप छोटे भी हो सकते हैं तथा बड़े भी। इनका आकार कुछ वर्ग मीटर से लेकर ह्ज़ारों वर्ग किलोमीटर तक पाया जाता हैं। आज हम आपको बताएंगे दुनिया के 6 सबसे खतरनाक आइलैंड के बारे में.

स्नेक आइलैंड, ब्राजील

snake-island-ilha-de-queimada-grandeब्राज़ील के साओ पाउलो (Sao Paulo) प्रान्त की समुद्री सीमा से 33 किमी दूर स्थित इस द्वीप यानि आइलैंड का नाम इल्हा दे क्वेइमाडा ग्रैंड (Ilha de Queimada Grande) है. इस खतरनाक आइलैंड को स्नेक आइलैंड (Snake Island) यानि सर्प-द्वीप कहा जाता है. यहाँ पर सांपो की संख्या इतनी अधिक है कि हर एक वर्ग मीटर में पांच सांप रहते हैं. यहाँ पर 4,000 प्रकार के सांप पाए जाते हैं. इस आइलैंड का क्षेत्र 4 लाख 30 हज़ार वर्ग मीटर हैं. इस आइलैंड पर करीब 20 लाख पिट वाइपर (Pit Viper) प्रजाति के जहरीले सुनहरी भालाग्र (Golden Lancehead) सांप रहते है.

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इन सांपो की गिनती विश्व के सबसे जहरीलें सांपो में होती है. स्नेक आइलैंड Golden Lance head सांपों का एक मात्र घर है. इस द्वीप पर जाने पर पाबंदी है.

री-यूनियन आइलैंड, अफ्रीका

reunion-islandरीयूनियन द्वीप अफ्रीका में स्थित एक द्वीप है. यह हिन्द महासागर में मैडागास्कर के पूर्व में 200 किमी और मॉरीशस के दक्षिण में स्थित है. यह द्वीप अफ्रीका का लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी है, लेकिन इस 40 मील लंबे आइलैंड में शार्को की मौजूदगी चिंता का विषय है. शार्को ने 2011 और 2015 के बीच सत्रह हमले किये, जिनमें से 7 लोग मारे गये. पिछले कुछ सालों में यहाँ शार्को द्वारा हमला करने के मामलों में 13% की बढ़ोतरी हुई है. लगभग आधे से ज़्यादा तटों पर तैराकी की पाबंदी है.

प्रोवेग्लिया आइलैंड, इटली

इटली में एक ऐसा द्वीप है, जिसे ‘आइलैंड ऑफ डेड’ के नाम से जाना जाता है. माना जाता है कि यहाँ जाने वाले लोगों का जिंदा लौट कर पाना मुश्किल है. इस आइलैंड से जुड़ी हुई एक खौफनाक कहानी है, जिसके कारण लोग यहाँ जाना भी नहीं चाहेंगे. कहा जाता है कि सैकड़ों साल पहले इस आइलैंड पर प्लेग (Plague) के मरीज़ों को लाकर मरने के लिए छोड़ दिया जाता था. बाद में ब्लैक डेथ यानि काला बुखार के समय भी इस आइलैंड का इस्तेमाल किया गया.

poveglia-islandजो लोग मर जाते थे, उन्हें यही दफना दिया जाता था. बाद में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लगभग 1 लाख 60 हजार बीमार लोगों को ज़िंदा जला दिया गया. इसके बाद से लोग इस जगह को भुतहा मानने लगे और यह आइलैंड पूरी तरह से वीरान हो गया.

ग्रुइनार्ड आइलैंड, स्कॉटलैंड

dangerous-islands-gruinard-islandस्कॉटलैंड के ग्रुइनार्ड की खाड़ी में बसा छोटा सा द्वीप है ग्रुइनार्ड. ये आइलैंड करीब 2 किलोमीटर लंबा और 1 किलोमीटर चौड़ा है. द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटेन ने इस आइलैंड पर एंथ्रेक्स नाम के जहरीले गैस का परीक्षण किया था, जिसकी वजह से यहाँ जाना खतरनाक है. इस गैस की चपेट में आने पर पहले हल्का बुखार आता है. थोड़े समय बाद आंतरिक रक्तस्राव की वजह से इंसान की मौत हो जाती है. इस गैस की सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका असर किसी जगह पर कई सालों तक रहता है.

मियाकेजीमा इजू आइलैंड, जापान

मियाकेजीमा इजू आइलैंड (Miyakejima Izu Island Japan) जापान में स्थित है. यह द्वीप अपने गैस मास्क टूरिज्म के लिए प्रसिद्ध है. यहाँ पर हर इंसान मास्क पहने रहता है, क्योंकि यहाँ की हवा में जहरीली गैसों की मात्रा सामान्य से बहुत अधिक स्तर तक पहुच गयी है. इजू आइलैंड में पिछली एक सदी में कई बड़े ज्वालामुखी विस्फोट हो चुके है.

miyakejima-izu-island-japanपिछला बड़ा विस्फोट सन् 2000 में हुआ था. यह बहुत ही भयंकर विस्फोट था, जिसमें लावा के साथ साथ बड़ी मात्रा में जहरीले गैसें (मुख्यत सल्फर डाई ऑक्साइड) निकली थी. इतना ही नहीं ज्वालामुखी के शांत होने के बाद भी इन जहरीली गैसो का निकलना जारी रहा. तभी से लोग 24 घंटे मास्क पहनने लगें. 2006 में इस आइलैंड कि आबादी 2884 थी.

साबा आइलैंड

saba-islandसाबा आइलैंड कैरिबियाई समुद्र के बीच में मौजूद है. साबा आइलैंड की खूबसूरती देखने लायक है. 13 स्क्वेयर किलोमीटर में बसे इस छोटे आइलैंड पर मात्र दो हजार लोग रहते हैं. समुद्री तूफान के कारण यह जगह बहुत ही खतरनाक है. सन 1997 के बाद यहाँ भूकम्प के झटके काफी बढ़ गए हैं. यहाँ की जमीन कभी भी डोलने लगती है. इस वजह से माना जाता है कि इस आइलैंड में कभी भी भयंकर ज्वालामुखी विस्फोट हो सकता है.

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Google के बारे में रोचक तथ्य!

गूगल (Google) एक ऐसा शब्द है, जिसे दुनिया में शायद सबसे ज़्यादा लोग जानते है. 1998 में शुरू होने के बाद यह सर्च इंजन जल्दी ही लोगों की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन गया. यदि एक कंप्यूटर उपभोक्ता को इंटरनेट पर किसी भी तरह की जानकारी चाहिए, तो उसे सबसे पहले गूगल की याद आती है. गूगल के नाम पर कई तरह की कवितायें और कहानियां घड़ी गयी हैं. कुछ लोग तो गूगल को गूगल देव तक कहते हैं.

एक आम धारणा है कि गूगल सब-कुछ जानता है. तो क्या आप भी गूगल के बारे में कुछ ऐसी बातें जानना चाहेंगे, जिन्हें जानने के बाद आप भी कह सकेंगे हैं कि आप गूगल के बारे में सब कुछ न सही फिर भी काफी कुछ जानते हैं? तो आइए जानते हैं गूगल के बारे में कुछ रोचक बातें.

  • पूरी दुनिया में इस्तेमाल किया जाने वाले सर्च इंजन Google को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में शोध करने वाले लैरी पेज और सरगी ब्रिन ने बनाया था.
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  • Google के आने से पहले Yahoo और MSN सर्च इंजनज का उपयोग होता था, लेकिन गूगल के आने के कुछ समय बाद ही गूगल ने भारी लोकप्रियता हासिल कर ली और नंबर एक पर आ गया.
  • Domain register करने के समय ही इसे गूगल नाम दिया गया. दरअसल गूगल असल में Googol की गलत स्पेंलिंग है. Googol एक बेहद बड़ी संख्या है, जिसमें 100 शून्य लगते हैं. Googol नाम का domain पहले ही बुक हो चुका था, इसलिए इसे Google नाम देना पड़ा.
  • 1998 में पहली बार गूगल डूडल Google होम-पेज पर दिखाई दिया. यह नेवादा में Burning Festival में भाग ले रहे लोगों के बारे में था. गूगल की बहुत बड़ी टीम डूडल का काम देखती है, जो डूडल के वीडियो व् ग्राफिक्स बनाती है.
    डूडल एक खास तरह का तस्वीर या एनीमेशन होती है, जो गूगल होम पेज पर किसी खास दिन या किसी बड़े व्यक्ति की याद में लगाया जाता है. उदाहरण के लिए, दिवाली पर भारत में दिवाली के त्यौहार को प्रस्तुत करने वाली तस्वीर लगायी जाती है.
  • I’m Feeling Lucky” पर क्लिक करके आप गूगल के अब तक के सारे लोगो (logo) व् तस्वीरें देख सकते हैं.
  • गूगल ने 2006 में यूट्यूब (YouTube) को खरीद लिया. यूट्यूब पर हर महीनें 6 अरब घंटों के विडियो देखे जाते हैं. दुनिया भर में करोड़ों लोग और लाखों चैनल अपने वीडियोज और कार्यक्रम इस पर अपलोड करते हैं.
  • Google ने एक अप्रैल 2004 को ई-मेल सर्विस Gmail शुरू की. तेज़ी से मेल भेजने और प्राप्त करने और सबसे अधिक Storage क्षमता जैसी सुविधाओं के कारण यह ई-मेल सर्विस लोगों के बीच जल्दी ही लोकप्रिय हो गयी.
  • Google कंपनी विज्ञापन से हर साल 20 मिलियन डॉलर कमाती है, जो सीबीएस (CBS), एनबीसी (NBC), और फॉक्स (FOX) जैसे मीडिया दिग्गजों के प्राइमटाइम संयुक्त राजस्व से भी ज़्यादा है.
  • साल 2014 में गूगल की कुल सम्पत्ति का 89% विज्ञापन से आया था.
  • जब आप गूगल में “askew” सर्च करते हैं, तो गूगल पेज थोड़ा-सा दायाँ झुका हुआ होगा.
  • गूगल का सर्च इंजन 100 मिलियन गीगाबाइट का है. उतना डाटा अपने पास सेव करने के लिए एक टेराबाइट (TB) की एक लाख ड्राइव की ज़रुरत होगी.
  • Google ने एंड्रॉयड कंपनी को 2005 में खरीदा था. एंड्रॉयड फोन की लोकप्रियता इतनी अधिक है कि लगभग 80% smartphones पर एंड्रॉयड का इस्तेमाल किया जाता हैं. इसका अभिप्राय यह है कि हर 10 फ़ोन में से 9 फ़ोन एंड्रॉइड पर चलते हैं.
  • गूगल ने अपनी पहली ट्वीट कम्प्यूटर की भाषा बाइनरी (Binary) में की थी. जिसमें 0 और 1 का इस्तेमाल किया जाता है, अंग्रेजी में इस का मतलब है ‘ im feeling lucky’.
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Interesting Facts about Google! 

यह भी पढ़ें :-साउथ कोरिया से जुड़े अजीबोगरीब तथ्य!!

साउथ कोरिया से जुड़े अजीबोगरीब तथ्य!!

साउथ कोरिया बड़ा अजीबोगरीब देश है। यहां के लोग पूजा-पाठ भी बहुत करते हैं और अंधविश्वासी भी बहुत हैं। लोग नंबर 4 से डरते हैं, लाल स्याही (रेड इंक) का इस्तेमाल नहीं करते। ऐसे ही कई अजीबोगरीब तथ्य हैं, जो इस देश को बहुत अनोखा बनाते हैं। आइए आज जानते है साउथ कोरिया से जुड़े अजीबोगरीब तथ्य।

  • साउथ कोरिया में पैदा होते ही उम्र 1 साल की मानी जाती है। हालांकि, यह सुनने में बहुत अजीब लगता है, लेकिन ये यहां का कानून है। यहां हर आदमी अपनी असली उम्र से एक साल बड़ा होता है।
  • यह भी एक संयोग है कि भारत का स्वतंत्रता दिवस और साउथ कोरिया का स्वतंत्रता दिवस एक ही दिन, 15 अगस्त को मनाया जाता है। दक्षिण कोरिया साल 1910 से लेकर साल 1945 तक कोरियाई प्रायद्वीप जापान के कब्जे में रहा। दक्षिण कोरिया, जापान से 15 अगस्त, 1945 को आज़ाद हुआ था।
  • इस देश में कहीं भी शराब पी जा सकती है। बार, शॉप, ट्रेन कहीं भी। यहां वेंडिंग मशीन से भी शराब बेची जाती है। इसलिए झूमते हुए लोगों का सड़क पर मिलना यहां आम बात है।
  • इस देश में आत्महत्या की दर विश्व में नंबर 2 पर है।
  • यहां ब्लड ग्रुप को अहम माना जाता है। ब्लड ग्रुप से शख्स की पहचान होती है। कौन अच्छा है, कौन बुरा या कौन धोखेबाज है, इसका फैसला ब्लड से ही होता है।
  • यहां के लोग बहुत पूजा-पाठ करते हैं। खासकर रात को चर्च जाते हैं। यहां के सबवे से अगर रात को गुज़रा जाए, तो लोग पूजा-पाठ करते मिल जाएंगे।
  • इस देश में मर्द मेकअप पर हजारों रुपए खर्च करते हैं। बीबी क्रीम फाउंडेशन उनका पसंदीदा ब्यूटी प्रोडक्ट है। यहां कई टीवी चैनल शो हैं, जो मर्दों के ब्यूटी टिप्स पर फोकस करते हैं।
  • यहां के लोग बहुत अंधविश्वासी है। यहां के लोगों का मानना है कि अगर एक इलेक्ट्रिक फैन को रात भर चालू रखे, तो उसके पास सोने वाली की मौत हो सकती है।
  • इस देश में नंबर 4 जब भी बोला जाता है, तो वो ‘मौत’ शब्द जैसा प्रोनाउंस होता है। इसलिए वहां लोग इससे बचते हैं। हालात ये हैं कि किसी भी जगह, लिफ्ट या हॉस्पिटल में 4 का इस्तेमाल नहीं होता।
  • इंटरनेट स्पीड के मामले में यह देश वर्ल्ड में नंबर 1 है। साउथ कोरिया की 93% आबादी इंटरनेट का इस्तेमाल करती है।
  • यहां के लोग लाल स्याही (रेड इंक) का इस्तेमाल करने से भी डरते हैं। इन लोगों का मानना है कि लाल रंग मौत का सिंबल होता है। इसलिए यहां के लोग लाल रंग का इस्तेमाल नहीं करते।
  • इस देश में एक ही सरनेम वाले लोग आपस में शादी नहीं कर सकते। यहां ये मान्यता सदियों पुरानी है कि एक ही सरनेम वाले लोगों की शादी करने से ब्लड अशुद्ध हो जाता है।
  • यहां हर महीने का 14वां दिन रोमांटिक डे होता है। हालांकि, यहां कई तरह के रिवाज हैं। यहां वैलेंटाइन डे पर लड़कियां लड़कों को या वाइफ हसबैंड को गिफ्ट देती हैं। 14 मार्च को लड़के इस गिफ्ट से तीन गुना ज़्यादा लड़कियों या वाइफ पर खर्च करते हैं।
  • साउथ कोरिया में प्लास्टिक सर्जरी आम है। यहां ऐसा कराने वाले की तारीफ की जाती है। यहां के लोग बड़ी आंखों, बड़ी नाक और अच्छी चिन के लिए सर्जरी कराते हैं। यहां इस तरह की सर्जरी सस्ती भी है।

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भारत के 10 सबसे क्रूर और खतरनाक शासक

मध्य युग में भारत सोने की चिड़िया कहलाता था। शायद इसलिए हमारा देश शुरू से ही विदेशी आक्रांताओं के निशाने पर रहा। देश के उत्तर-पश्चिमी मार्गों से कई विदेशी आक्रमणकारियों ने यहां पर बहुत हमले किए, लूटपाट मचाई और साथ ही अपना साम्राज्य भी स्थापित किया।

इन विदेशी आक्रांताओं में से अधिकतर बहुत ही क्रूर और खतरनाक हद तक मानवता के दुश्मन थे। अपने हर हमले में ये बहुत ही भयानक विनाश लीला मचा देते, जिसमें लाखों की संख्या में इंसानी क़त्ल, बच्चों और औरतों से बेहरमी और बलात्कार, आगजनी, लूटपाट आदि इनके लिए महज खेल भर थे।

इस पोस्ट में हमने हिंदुस्तान में हमला करने वाले ऐसे 10 सबसे क्रूर और खतरनाक हमलावरों की लिस्ट बनाई है जिन्होंने भारत में लूटपाट और क्रूरता का ऐसा भयानक इतिहास बनाया जिसका इतिहास में अन्यत्र उदाहरण मिलना मुश्किल है।

मुहम्मद बिन कासिम (Muhammad bin Qasim)

सउदी अरब में जन्मा मुहम्मद बिन कासिम अत्यंत ही क्रूर और खतरनाक शासक था। भारत में इस्लामिक शासन का विस्तार 7वीं शताब्दी के अंत में मोहम्मद बिन कासिम के सिन्ध पर आक्रमण और बाद के मुस्लिम शासकों द्वारा हुआ। लगभग 712 इस्वी में इराकी शासक अल हज्जाज के भतीजे एवं दामाद मुहम्मद बिन कासिम ने 17 वर्ष की अवस्था में सिन्ध और पंजाब के अभियान का सफल संचालन किया। सिन्ध पर ईस्वी सन् 638 से 711 ई. तक के 74 वर्षों के काल में 9 खलीफाओं ने 15 बार आक्रमण किया।

15वें आक्रमण का संचालन मोहम्मद बिन कासिम ने किया। कहते हैं कि मुहम्मद बिन कासिम का दिल सिंध के तत्कालीन दीवान की बेटी पर आ गया था, वो उसे अपनी बेगम बनाना चाहता था। लेकिन जब वो नहीं मानी, तो कासिम ने उसका सिर कलम करवा दिया था। ऐसे ही सिंध के राजा दाहिर और उनकी पत्नियों और पुत्रियों ने भी अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जान दे दी।

महमूद गज़नवी (Mahmud Ghaznavi)

महमूद गज़नवी ने भारत के कई हिस्सों पर हमला बोला था। उसने भारत पर 1001 से 1026 ई. के बीच 17 बार आक्रमण किए। इन सभी आक्रमण में उसने बुंदेलखंड, किरात, लोहकोट, ग्वालियर, कालिंजर लोदोर्ग (जैसलमेर), चिकलोदर (गुजरात) और अन्हिलवाड़ (गुजरात) को जीता और लूट लिया। माना जाता है कि महमूद गज़नवी ने अपना 16वां आक्रमण (1025 ई.) सोमनाथ पर किया। उसने वहां के प्रसिद्ध मंदिरों को तोड़ा और वहां अपार धन प्राप्त किया। इस मंदिर को लूटते समय महमूद ने लगभग 50,000 ब्राह्मणों का कत्ल कर दिया। 17वां आक्रमण उसने सिन्ध और मुल्तान के तटवर्ती क्षेत्रों के जाटों के पर किया।

चंगेज खान (Changez Khan)

चंगेज खान एक मंगोल क्रूर और खतरनाक शासक था। उसका मंगोलियाई नाम चिंगिस खान था। वह बौद्ध धर्म का अनुयायी था। उसने मुस्लिम साम्राज्य को लगभग नष्ट ही कर दिया था। भारत सहित पूरे एशिया और अरब देश चंगेज खान के नाम से ही कांपते थे। चंगेज खान ने अपने अभियान चलाकर ईरान, गजनी सहित पश्‍चिम भारत के काबुल, कन्धार, पेशावर सहित उसने कश्मीर पर भी अधिकार कर लिया। उसने अपने हमलों में इस कदर लूटपाट और खूनखराबा किया कि एशिया में चीन, अफगानिस्तान सहित उजबेकिस्तान, तिब्बत और बर्मा आदि देशों की बहुत बड़ी आबादी का सफाया हो गया था।

तैमूर लंग (Timur lang)

तैमूल लंग भी चंगेज खान जैसा क्रूर और खतरनाक शासक बनना चाहता था। जब तैमूर ने भारत पर आक्रमण किया, तब उत्तर भारत में तुगलक वंश का राज था। 1399 में तैमूर लंग द्वारा दिल्ली पर आक्रमण के साथ ही तुगलक साम्राज्य का अंत हो गया। तैमूर मंगोलों की फौज लेकर आया, तो उसका कोई कड़ा मुकाबला नहीं हुआ और वह कत्लेआम करता हुआ आगे बढ़ता गया। तैमूर इतना क्रूर था कि उसने दो हजार जिंदा आदमियों की एक मीनार बनवाई और उन्हें ईंट और गारे में चुनवा दिया था। दिल्ली में वह 15 दिन रहा और उसने इस बड़े शहर को कसाईखाना बना दिया। बाद में कश्मीर को लूटता हुआ, वह समरकंद वापस लौट गया। तैमूर के जाने के बाद दिल्ली मुर्दों का शहर रह गया था। Read more:-वहशी क्रूर योद्धा तैमूरलंग से जुड़े कुछ रौंगटे खड़े करने वाले तथ्य

औरंगजेब (Aurangzeb)

भारत में मुगल शासकों में सबसे क्रूर और खतरनाक शासक के रुप में औंरगजेब का ही नाम लिया जाता है। औरंगजेब, शाहजहां और मुमताज का बेटा था। औरंगजेब की क्रूरता का पता इस बात ही चलता है कि उसने गद्दी के लिए अपने पिता को कैद करवाया लिया था और अपने सगे भाईयों, भतीजों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं औरंगजेब ने ही गुरु तेग बहादुर जी का सर कलम करवाया था और गुरु गोविन्द सिंह जी के बच्चों को जिंदा दीवार में चुनवा दिया था। औरंगजेब ने हिन्दू त्योहारों को सार्वजनिक तौर पर मनाने पर प्रतिबन्ध लगाया और उसने हिन्दू मंदिरों को तोड़ने का आदेश दिया। इस दौरान सोमनाथ मंदिर, वाराणसी का मंदिर, मथुरा का केशव राय मंदिर के अलावा कई हिंदू देवी-देवताओं के प्रसिद्ध मंदिर तोड़ दिए गए थे।

बाबर (Babur)

मुगलवंश का संस्थापक बाबर एक लूटेरा था। उसने उत्तर भारत में कई लूट को अंजाम दिया। बाबर का टकराव दिल्ली के शासक इब्राहिम लोदी से हुआ। बाबर के जीवन का सबसे बड़ा टकराव मेवाड़ के राणा सांगा के साथ था। बाबरनामा में इसका विस्तृत वर्णन है। संघर्ष में 1927 ई. में खन्वाह के युद्ध में, अन्त में उसे सफलता मिली। बाबर की आज्ञा से मीर बाकी ने अयोध्या में राम जन्मभूमि पर निर्मित प्रसिद्ध मंदिर को नष्ट कर मस्जिद बनवाई, इसी भांति ग्वालियर के निकट उरवा में अनेक जैन मंदिरों को नष्ट किया। उसने चंदेरी के प्राचित और ऐतिहासिक मंदिरों को भी नष्ट करवा दिया था, जो आज बस खंडहर है।

मुहम्मद गोरी (Muhammad Ghori)

मुहम्मद बिन कासिम के बाद महमूद गजनवी और उसके बाद मुहम्मद गोरी ने भारत पर आक्रमण कर अंधाधुंध कत्लेआम और लूटपाट मचाई। इसका पूरा नाम शिहाबुद्दीन उर्फ मुईजुद्दीन मुहम्मद गोरी था। भारत में तुर्क साम्राज्य की स्थापना करने का श्रेय मुहम्मद गोरी को ही जाता है। उसने पहला आक्रमण 1175 ईस्वी में मुल्तान पर किया, दूसरा आक्रमण 1178 ईस्वी में गुजरात पर किया।

इसके बाद 1179-86 ईस्वी के बीच उसने पंजाब पर फतह हासिल की। इसके बाद उसने 1179 ईस्वी में पेशावर तथा 1185 ईस्वी में स्यालकोट अपने कब्जे में ले लिया। 1191 ईस्वी में उसका युद्ध पृथ्वीराज चौहान से हुआ। इस युद्ध में मुहम्मद गोरी को बुरी तरह पराजित होना पड़ा। इस युद्ध में गौरी को बंधक बना लिया गया, लेकिन पृथ्वीराज चौहान ने उसे छोड़ दिया। इसके बाद मुहम्मद गोरी ने अधिक ताकत के साथ पृथ्वीराज चौहान पर आक्रमण कर दिया।

नादिर शाह (Nader Shah)

नादिरशाह का पूरा नाम नादिर कोली बेग था। यह ईरान का शासक था। उसने भारत पर आक्रमण कर कई तरह की लूटपाट और कत्लेआम को अंजाम दिया। उस वक्त दिल्ली की सत्ता पर आसीन मुगल बादशाह मुहम्मद शाह को हराने के बाद उसने वहां से अपार सम्पत्ति अर्जित की, जिसमें कोहिनूर हीरा भी शामिल था। युद्ध में हारने के बाद दिल्ली के सुल्तान मुहम्मद शाह ने यह अफवाह फैलाई कि नादिरशाह मारा गया। इससे दिल्ली में भगदड़ मच गई और फारसी सेना का कत्ल शुरू हो गया। नादिर को जब यह पता चला तो उसने इस का बदला लेने के लिए दिल्ली पर आक्रमण कर दिया। उसने यहां भयानक खूनखराबा किया और एक दिन में हजारों लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इसके अलावा उसने शाह से भारी धनराशि भी लूट ली।

अहमद शाह अब्दाली (Ahmad Shah Abdali)

अहमदशाह अब्दाली को अहमदशाह दुर्रानी भी कहते हैं। उसने भारत पर सन् 1748 से 1758 तक कई बार आक्रमण किए और लूटपाट करके अपार धन संपत्ति को इकट्ठा किया। सन 1757 में जनवरी के माह में दिल्ली पर किया। वह एक माह तक दिल्ली में ठहरकर लूटमार और कत्लेआम करता रहा। दिल्ली लूटने के बाद अब्दाली का लालच बढ़ गया। वहां से उसने आगरा, बल्लभगढ़, मथुरा आदि स्थानों पर आक्रमण किया। उसने अपने सिपाहियों से कहा प्रत्येक हिन्दू के एक कटे सिर के बदले इनाम दिया जाएगा। अब्दाली द्वारा मथुरा और ब्रज की भीषण लूट बहुत ही क्रूर और बर्बर थी।

अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin Khilji)

भारतीय इतिहास के पन्नों में अलाउद्दीन खिलजी का नाम भी सबसे क्रूर शासकों में दर्ज है। अलाउद्दीन खिलजी पर जंग जीतने का ऐसा जुनून सवार हो गया था कि लोगों को मारने में उसके हाथ तक नहीं कांपते थे। जिस वक्त महज मंगोलों का नाम सुनकर लोगों के हाथ कांप जाते थे, अलाउद्दीन खिलजी ने कई जगहों पर मंगोलों पर विजय पाई। कहते हैं कि खिलजी ने 30 हजार मंगोलों को मौत के घाट उतार दिया था और उनके परिवार को अपना गुलाम बना लिया था। उसका साम्राज्य अफगानिस्तान से लेकर उत्तर-मध्य भारत तक फैला था।

भारतीय सिनेमा जगत की कुछ दिलचस्प बातें

भारतीय सिनेमा जगत की कुछ दिलचस्प बातें :-

    1. भारत में पहली फिल्म 1899 में बनी थी, जिसके निर्देशक हरिश्चंद्र सखाराम भाटवडेकर थे.
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    2. प्रसिद्ध अभिनेता अशोक कुमारबॉम्बे टॉकीज” में लैब सहायक का काम करते थे और 1936 में वह अभिनेता बने.
    3. सुनील दत्त एक दिलचस्प हीरो थे. उन्हें बॉलीवुड के खलनायक भी कहा जाता है. सुनील दत्त ने अपने करियर में 20 फिल्मों में एक डकैत की भूमिका निभाई है.
    4. वहीदा रहमान ने फिल्मों में अमिताभ बच्चन के साथ प्रेमी और माँ दोनों तरह की भूमिकाएँ निभाई हैं. 1976 में उन्होनें “अदालत” फिल्म में प्रेमी का रोल अदा किया और 1978 में “त्रिशूल” फिल्म में माँ का.
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    5. डिंपल कपाड़िया केवल सोलह वर्ष की थी, जब 1973 में राज कपूर ने उन्हें “बॉबी” फिल्म में पेश किया था. डिंपल ने 16 साल की उम्र में ही बॉलीवुड के सुपर स्टार राजेश खन्ना से शादी की.
    6. “मुगल-ए-आजम” फिल्म के सभी दृश्यों की शूटिंग हिंदी, तमिल और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में की गई थी. यह तमिल में बुरी तरह फ्लॉप हो गई, लेकिन अंग्रेजी भाषा में काफ़ी सफल हुई है.
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    7. 1978 में “सत्यम् शिवम् सुन्दरम्” फिल्म रिलीज होने से पहले राज कपूर बहुत ही अंधविश्वासी थे और खाने-पीने के साथ-साथ मांसाहारी भोजन से भी दूर रहते थे.
    8. 1962 में दिलीप कुमार को निर्देशक डेविड लीन ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म “लॉरेंस ऑफ़ अरबिया” में प्रमुख किरदार करने की पेशकश की थी, लेकिन अज्ञात कारणों के कारण, दिलीप कुमार ने प्रस्ताव से इनकार कर दिया, बाद में इस किरदार के लिए मिस्र के अभिनेता उमर शरीफ को चुन लिया गया था.
    9. “सिलसिला” फिल्म एकमात्र ऐसी फिल्म है, जिसमें शशि कपूर ने अमिताभ बच्चन के बड़े भाई का रोल किया है. अन्य सभी फ़िल्मों में छोटे भाई का रोल अदा किया है, जैसे कि “दीवार, सुहाग, नमक हलाल, दो और दो पांच”.
    10. अभिनेता धर्मेंद्र जवानी के दिनों में अभिनेत्री सुरैया के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं. उनकी फ़िल्में देखने वह मीलों दूर चल कर जाते थे. 1949 में फिल्माई गई फिल्म “दिल्लगी” उन्होनें 40 से भी ज़्यादा बार देखी हैं.
    11. मोहम्मद रफी बॉक्सिंग के बहुत बड़े प्रशंसक थे. वे शिकागो दौरे पर अपने आयोजकों से अनुरोध करके मोहम्मद अली से मिलने गए.
    12. धर्मेंद्र की पहली फिल्म 1960 में “दिल भी तेरा हम भी तेरे” थी. इस फिल्म में अभिनय करने के लिए उन्हें 51 रूपये मिले थे.
    13. देविका रानी पहली अभिनेत्री थी, जिसने फिल्म निर्माण में डिग्री प्राप्त की थी.
    14. फिल्म “हीरोइन” में करीना कपूर ने 130 से अधिक विभिन्न प्रकार के डिजाइनर कपडें पहने थे, जो कि दुनिया के अलग-अलग देशों से मंगवाएं गए थे.
    15. राज कपूर की फिल्म “मेरा नाम जोकर” पहली हिंदी फिल्म है, जिसमें दो अंतराल हैं.mera naam joker movie
    16. देव आनंद अखबार की सुर्खियों और कहानियों से फिल्म के शीर्षक और कहानी की लाइनें लेते थे.
    17. “एलओसी कारगिल (LOC)” फिल्म बॉलीवुड की सबसे लंबी फिल्म है. एलओसी कारगिल 4 घंटे और 15 मिनट लंबी है. अगर आप इस फिल्म को देखना चाहते है, तो हमारा सुझाव है कि आप आराम से बैठे.
    18. आमिर खान की फिल्म “लगान” में ब्रिटिश अभिनेताओं की सबसे अधिक संख्या है और यह बॉलीवुड सिनेमा के इतिहास में सबसे अधिक है.lagaan movies image
    19. “खलनायक” फिल्म के गीत “चोली के पीछे” का 42 राजनीतिक दलों द्वारा विरोध किया गया था.
    20. भारतीय लोग सालाना 2.7 अरब से भी ज़्यादा मूवी टिकट्स खरीदते हैं, जो कि दुनिया में सबसे अधिक है, लेकिन औसत टिकट की कीमतें दुनिया में सबसे कम है.
    21. भारतीय फिल्म पुरस्कार के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि जब सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका का पुरस्कार खलनायक फिल्म में “चोली के पीछे” गाने के लिए इला अरुण और अलका याग्निक के बीच साँझा हुआ था.
    22. “कहो ना प्यार है” फिल्म ने 2000 में सबसे अधिक पुरस्कार जीत कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज किया था. इस फिल्म ने कुल मिलाकर 92 पुरस्कार जीते थे.kaho-na-pyar-hai

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क्रिकेट के कुछ कमाल के तथ्य, जो आपके होश उड़ा देंगे।

क्या आप खुद को बहुत बड़ा क्रिकेट प्रेमी मानते हैं? तो आईये आपकी इस गलत-फहमी को दूर करते हैं. खैर, बुरा न माने, यदि आप इन अदभुत क्रिकेट के कुछ कमाल के तथ्य पहले से जानते थे, तो आप सचमुच में अदभुत क्रिकेट प्रेमी हैं.

शाहिद अफरीदी ने सबसे तेज़ वनडे शतक के लिए सचिन तेंदुलकर के बल्ले का इस्तेमाल किया था.

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यह मैच 1996 में श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच खेला गया था. जब शाहिद अफरीदी को बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया, तो उस समय उनके पास बल्लेबाजी करने के लिए उचित बैट नही था.

उस समय वकार यूनिस ने अफरीदी को खेलने के लिए सचिन तेंदुलकर का बल्ला दिया था. उस बल्ले से अफ्रीदी ने 11 छक्के और 6 बाउंड्रीस जड़ते हुए श्रीलंका के खिलाफ मात्र 37 गेंद पर अपनी सेंचुरी पूरी की.

इसी के साथ अफरीदी ने सबसे तेज़ सेंचुरी बनाने का रिकार्ड भी अपने नाम किया था. हालांकि बाद में कोरी एंडरसन ने 36 गेंद पर सेंचुरी बनाकर यह रिकार्ड तोड़ दिया था.

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अब्बास अली बेग पहले भारतीय क्रिकेटर हैं, जिन्हें एक टेस्ट मैच के दौरान एक ऑस्ट्रलियन लड़की ने चूमा था.

पचास के दशक के सबसे खूबसूरत क्रिकेटर अब्बास अली बेग की दुनिया दीवानी थी. सन 1960 में कानपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में गर्ल्स स्टैंड से निकलकर एक लड़की मैदान पर आई और उसने अब्बास को किस कर लिया.

कुछ पलों की चुप्पी के बाद स्टेडियम में बैठे लोग तालियां बजाने लगे. अब्बास अली का चेहरा तो शर्म से लाल हो गया. यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में संभवत: पहला ‘किस’ था.

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विनोद कांबली की टैस्ट मैच औसत अपने बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर से बेहतर है.

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विनोद कांबली ने केवल 17 टेस्ट मैच खेले हैं, जो कि अपने बचपन के दोस्त सचिन तेदुंलकर के मुकाबले में बहुत ही कम है. लेकिन टेस्ट मैच एवरेज की बात की जाए, तो कांबली सचिन से इस मामले में एक कदम आगे हैं. कांबली की 17 मैचों में टेस्ट एवरेज 54.20 है, जबकि सचिन की 200 टेस्ट मैचों की एवरेज 53.78 है.

सुनील गावस्कर अपने करियर में लगातार तीन बार टेस्ट मैचों की पहली गेंद को आउट होने का रिकॉर्ड बनाया है.

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सुनील गावस्कर तीन बार टेस्ट मैचों में पहली ही गेंद पर आउट हुए है. पहली बार 1974 में एजबेस्टन में इंग्लैंड के ज्योफ अर्नाल्ड ने गावस्कर को टेस्ट मैच की पहली गेंद पर ही आउट कर दिया.

दूसरी बार 1984 में कोलकाता में हुए मैच के दौरान वेस्ट इंडीज के मैल्कम मार्शल ने आउट किया और तीसरी बार 1987 में जयपुर में हुए पाकिस्तान के खिलाफ मैच में इमरान खान ने किया.

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एमएल जैसिम्हा और रवि शास्त्री भारत के ऐसे खिलाडी है, जिन्होंने टैस्ट मैच के पाचों दिन बल्लेबाजी की है.

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सैफ अली खान के दादा इफ्तिखार अली खान पटौदी वो खिलाड़ी थे, जिन्होंने भारत और इंग्लैंड के लिए टैस्ट मैच खेला था.

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सैफ अली खान के दादा इफतीहार अली खान पटोदी एकमात्र ऐसे खिलाड़ी है, जिन्होंने टेस्ट मैच दो देशो से खेला हैं. उन्होने भारत और इंग्लैंड दोनों की टीम से टेस्ट मैच खेला हुआ है.

उन्होंने अपना पहला मैच इंग्लैंड की तरफ से खेला था, जो कि 2 दिसम्बर 1932 को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था. वह 1932 से लेकर 1934 तक इंग्लैंड के लिए खेले.

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लाला अमरनाथ ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टैस्ट मैच में डॉन ब्रैडमैन की विकेट ली थी.

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लाला अमरनाथ भारत के पहले क्रिकेट कप्‍तान थे. उन्होने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से पहला शतक जमाया था. वे भारत के पहले आलराउंडर भी थे. उन्‍होंने ब्रिसबेन में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ हुए एक मैच में ऐसा कारनामा किया, जो अभी तक कोई नहीं कर सका है.

पूर्व ऑस्‍ट्रेलियाई बल्‍लेबाज डॉन ब्रैडमैन को हिट विकेट आउट करना. लाला अमरनाथ ने इस मैच में डॉन ब्रेडमैन को हिट विकेट आउट किया था. ब्रेडमैन ने इस मैच में 185 रन बनाए थे. ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज ने भी उनकी तारीफ करते हुए उन्हें क्रिकेट का बेहतरीन ख़िलाड़ी करार दिया था.

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1986 के आस्ट्रेलिया कप और 2014 के एशिया कप में भारत-पाक मैच के बीच एक विलक्षण समानता है.

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भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसने 60 ओवर, 50 ओवर और 20 ओवर का विश्व कप जीता है.

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इंग्लैंड के एलेक स्टीवर्ट का जन्म 8-4-63 को हुआ था और टेस्ट मैच में 8463 रन बनाए.

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आसिफ करीम अपने देश केन्या के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और डेविस कप (टेनिस) खेले है.

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इंग्लैंड के विल्फ्रेड रोड्स 52 साल के थे, जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट खेला था!

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Wilfred-Rhodes

ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर ने लगातार 153 टेस्ट मैच खेले हैं.

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विजयनगरम के महाराजा को भारतीय टेस्ट क्रिकेटर नाइट की उपाधि दी गयी हैं.

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ऑस्ट्रेलिया ने 1877 में अपने पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 45 रन से हराया था.

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एक ही दिन में सभी चार पारियों का परीक्षण (सन:2000 में लॉर्ड्स टेस्ट, इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज के बीच).

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अनिल कुंबले एकमात्र गेंदबाज हैं, जिन्होंने एक पारी में 10 विकेट ली हैं.

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कुंबले ने पाकिस्तान के विरूद्ध 4 फ़रवरी 1999 को आरंभ हुए दिल्ली टेस्ट की चौथी पारी में अपने 26.3 ओवरों में 9 मेडन रखते हुए 74 रन देकर सभी 10 विकेट लेने का कारनामा कर दिखाया था.

उनसे पहले इंग्लैंड के जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के विरूद्ध 26 जुलाई 1956 को आरंभ हुए मैनचेस्टर टेस्ट की कुल तीसरी पारी में और ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 51.2 ओवरों में 23 मेडन रखते हुए 53 रन देकर एक टेस्ट पारी में सभी दसों विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने थे.

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11/11/11 में दक्षिण अफ्रीका को जीतने के लिए 111 रन की दरकार थी 11:11 ओवर में.

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पीटर सिडल ने अपने जन्मदिन पर हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज है.

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भारत के मोहिंदर अमरनाथ बेहतरीन गेंदबाज होने के साथ साथ बेहतरीन फील्डर भी थे.

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वेस्टइंडीज के क्रिकेटर लेस्ली हिल्टन को हत्या के लिए फांसी दी गई थी.

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“रॉबिन सिंह” नाम के दो भारतीय पूर्व क्रिकेट खिलाडियों ने एकमात्र टेस्ट मैच खेला और बाद में कभी मौका नहीं मिला.

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मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भारत से पहले पाकिस्तान के लिए मैच खेला है.

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क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि सचिन तेंदुलकर ने भारत से पहले पाकिस्तान के लिए मैच खेला. ब्रेबोर्न स्टेडियम 1987 में भारत और पाकिस्तान के बीच अभ्यास मैच चल रहा था, तब उन्होंने पाकिस्तान की तरफ से फील्डर करने आये थे.

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भारत के सर्वप्रिय पारंपरिक लोक-नाच

भारत एक विविध संस्कृति वाला देश है. यहां के लोक और आदिवासी नाच बहुत मशहूर हैं. यह हैं भारत के 14 सबसे मशहूर पारंपरिक लोक-नाच, जो भारत की संस्कृति का अमूल्य हिस्सा हैं. अब यह भारतीय लोक नाच भारतीय फिल्मों का भी अटूट हिस्सा बन चुके हैं.

रौफफ – जम्मू एंड कश्मीर

kashmiri_girls_folk_danceरौफफ, जम्मू एंड कश्मीर का प्रसिद्ध पारंपरिक लोक-नाच है. “दुमहल” भी जम्मू एंड कश्मीर का मशहूर लोक नाच है. यह लोक नाच विशेष अवसरों और विशेष जगहों पर वहां के लोगों द्वारा प्रदर्शित किये जाते हैं.

भंगड़ा – पंजाब

Bhangra-Punjab“भंगड़ा” पंजाब का प्रसिद्ध लोक नाच है. यह लोक नाच पंजाब में बैसाखी के त्यौहार के दौरान लोगों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है. अब तो यह लोक नाच भारतीय फिल्मों में, शादी के अवसरों में भी प्रदर्शित किया जाता है.

रास लीला-उत्तर प्रदेश

rasLeela-uttar-pradeshरास लीला भारत का सबसे मशहूर लोक नाच है. यह भारत में कृष्ण जन्माष्टमी के दौरान और होली के त्यौहार में लोगों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है. यह खास कर उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृन्दावन की जगहों पर मनाया जाता है.

गरबा-गुजरात

garba-gujarat“गरबा” गुजरात में नवरात्रि के अवसर में मनाया जाता है. “गरबा” और “डांडिया” भारत में दो सबसे मशहूर लोक नाच हैं.

घूमर-राजस्थान

ghoomar-rajasthanयह लोक नाच राजस्थान में भील जनजातियों के समुदाय की महिलाओं द्वारा किया जाता है. यह एक पारम्परिक लोक नाच है.

बिहू-आसाम

bihu-assam“बिहू” के आसाम का मशहूर नाच है, यह नाच आसाम के लोगों द्वारा बिहू के त्यौहार पर किया जाता है. यह नाच लोग ग्रुप बनाकर आपस में करते है.

लावणी-महाराष्ट्र

lavani–maharashtra“लावणी” महाराष्ट्र का प्रसिद्ध लोक नाच है. यह नाच ढोलकी की धुन पर किया जाता है. महाराष्ट्र के इलावा यह लोक नाच मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तमिल नाडु में भी मशहूर है.

राउत नचा- छत्तीसगढ़

rautNacha–chhattisgarh“राउत नचा” का लोक नाच छत्तीसगढ़ में यादव जनजातियों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है. राउत लोक नाच छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में लोकप्रिय है.

घूमरा -ओडिशा

ghumura–odishaघूमरा उड़ीसा का लोकप्रिय नाच है. यह उड़ीसा का आदिवासी लोक नाच है. घूमरा लोक नाच देश में अलग-अलग जगहों पर खास अवसरों पर भी प्रदर्शित किया जाता है.

पुलिकाली-केरला

pulikali–keralaपुलिकाली केरल का सबसे मशहूर लोकन्रत्य है. यह केरल में ओणम के त्यौहार के दौरान लोगों के बीच किया जाता है. यह केरल का पारम्परिक शहर है.

कराकट्टम

karakattam–tamil-nadukarakattam–tamil-nadu“कराकट्टम” तमिलनाडु का प्राचीन लोक न्रत्य है. इस लोक नाच को लोग अपने सर पर बर्तन रख कर उसका संतुलन बनाकर करते हैं.

मटकी डांस- मध्य प्रदेश

matki-dance-madhya-pradesh“मटकी डांस” मध्यप्रदेश के लोगों द्वारा मनाया जाता है. इस लोक नाच को मध्यप्रदेश में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. भारत का राज्य मध्यप्रदेश अपने नाच, परम्पराओं और संस्क्रति के लिए मशहूर है.

डोल्लू कुनिथा-कर्नाटक

dolluKunitha-karnataka“डोल्लू कुनिथा” कर्नाटक का लोकप्रिय नाच है. डोल्लू कुनिथा कर्नाटक के मुख्य नाचों में से एक है. यहां पर लोगों में शास्त्रीय नाच भी बहुत मशहूर हैं.

वीरनाट्यम

veeranatyam-andhra-pradesh“वीरनाट्यम” लोक नाच के पीछे बहुत सारे धार्मिक महत्व जुड़े हुए हैं. यह आंध्रप्रदेश का लोकप्रिय नाच है. इसके इलावा आंध्रप्रदेश में कोलातम, विलासिनी नाट्यम और लम्बाड़ी भी प्रसिद्ध लोक नाच हैं.

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