कभी थे भरे-पूरे शहर, अब पड़े हैं वीरान, जाने वजह!

पृथ्वी पर मानव जीवन का इतिहास सदियों पुराना है. पृथ्वी के लगभग हर कोने में लोग बसते हैं. लेकिन दुनिया में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जो पहले जीवन से भरपूर, हरी-भरी और आबाद थीं लेकिन अब पूरी तरह से वीरान हैं.

आज हम आपको दुनिया की कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जो किसी न किसी वजह से वीरान हो गईं और अब वहां खंडहर और खामोशी के सिवा और कुछ भी नहीं है.

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प्रिप्यात (Pripyat), युक्रेन

प्रिप्यात(Pripyat) शहर, पूर्व सोवियत संघ का हिस्सा रहे यूरोपियन देश यूक्रेन का एक वीरान शहर है. 1980 के दशक में यह शहर चेर्नोबिल(Chernobyl) परमाणु उर्जा संयंत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बसाया गया था. 26 अप्रैल 1986 को चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र में हुई भयंकर दुर्घटना के चलते इस शहर को खाली कर दिया गया था. इस विस्थापन में तीन से पांच लाख लोग प्रभावित हुए थे. चेर्नोबिल दुर्घटना में हालाँकि 31 लोगों की मौत हुई थी, फिर भी आर्थिक नुक्सान और विस्थापितों की संख्या के मामले में यह इतिहास की सबसे भयंकर परमाणु ऊर्जा संयंत्र दुर्घटना थी. तब से लेकर रेडियोएक्टिव वातावरण के कारण चेर्नोबिल और प्रिप्यात शहर वीरान हैं.

चैतन, चिली (chaiten, chile)

दक्षिण अमेरिकी देश चिली का चैहेटेन(Chaitén) शहर कोरकोवाडो की खाड़ी में येलचो नदी के पूर्वी तट पर स्थित है. 2 मई 2008 में भयानक ज्वालामुखी विस्फोट से चलते 12 मई 2008 को पास की ब्लांको नदी में राख और कीचड की भयानक बाढ़ आई जिससे शहर तबाह हो गया और इसकी 4000 की आबादी को दूसरी जगह जाना पड़ा. तब से यह शहर खाली और सुनसान पड़ा है.

राईलाईट (rhyolite)  नेवादा अमेरिका

राईलाईट, अमेरिका के नेवादा राज्य में स्थित है. 1905 में इस शहर को बसाया गया था. यहां पर सोने की खदानें हुआ करती थीं. लेकिन धीरे-धीरे सोने की खदानों में होने वाली गिरावट से कंपनी को स्टॉक मूल्य में काफी गिरावट हुई. इसलिए 1911 में राईलाईट को बंद करने का फैसला किया गया. उस समय राईलाईट की जनसंख्या 1,000 के करीब थी. लेकिन, 1920 तक आते आते यह शहर बिलकुल खाली और वीरान हो गया. तब से लेकर आज तक यह शहर खाली और सुनसान पड़ा हुआ है.

वर्सो, साइप्रस


वर्सो (Varosha), उत्तरी साइप्रस के फमाकुस्ता (Famagusta) शहर के दक्षिण भाग में स्थित है. 1974 में तुर्की द्वारा किये गए हमले से पहले यह उत्तरी साइप्रस शहर का आधुनिक पर्यटन क्षेत्र हुआ करता था. हमले के बाद तुर्की सशस्त्र बलों ने इसे अपने कब्जे में ले लिए. लेकिन बाद में तुर्की सशस्त्र बलों के कब्जे से उसे छीन लिया था. तुर्की सशस्त्र बलों ने इस जगह को काफी नुकसान पहुंचाया था. जिसके कारण उत्तरी साइप्रस सरकार ने 2016 में इस इस शहर को भूत शहर के रूप में वर्णित किया और जनता को यहाँ आने की अनुमति नहीं हैं.

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