राजस्थान के दिल जैसलमेर के बारे में कुछ रोचक तथ्य

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राजस्थान के दिल जैसलमेर के बारे में कुछ रोचक तथ्य

राजस्थान में स्थित जैसलमेर किला विश्व के सबसे बड़े किलों में से एक है। इस किले को ‘सोनार किला’ या ‘स्वर्ण किला’ भी कहा जाता है। राजस्थान की शान में सदियों से खड़ी ऐतिहासिक धरोहर जैसलमेर का किला भारत ही नहीं अपितु विश्व भर में प्रसिद्ध है। “वर्ल्ड हेरिटेज साइट” की शृंखला में शुमार यह किला राजस्थान के प्राचीन इतिहास को अपने में समेटे हुए है।

  • इस किले को गोल्डन किला या सोनार किला भी कहा जाता है क्योंकि दिन के समय सूरज की रौशनी में इस किले की दीवारें हल्के सुनहरे रंग की दिखाई देती हैं। यह किला विश्व में सबसे बड़े किलों में से एक है।
  • जैसलमेर किले का निर्माण सन 1156 ईस्वी में भाटी राजपूत शासक रावल जैसल द्वारा किया गया था।
  • इस किले को बनाने में बेहद ही खूबसूरत पीले और सुनहरे पत्थरों का प्रयोग किया गया था, पूरे किले में कहीं भी चूना या गारे का इस्तेमाल नहीं किया गया था।
  • किले के अन्दर एक शानदार जलनिकासी सिस्टम भी है जिसे “घुट नाली” नाम दिया गया है जो बरसात के पानी को किले से आसानी से बाहर निकाल देता है।
  • यह किला 1500 फीट लंबा, 750 फीट चौड़ा और 250 फीट ऊँचे पर्वत पर बना हुआ है। किले में एक तहखाना भी है जो 15 फीट लंबा है।
  • इस किले में एक भव्य लाइब्रेरी भी बनाई गई है जिसमें प्राचीन किताबें और दुर्लभ कलाकृतियां हैं l
  • जून 2013 को “नोम पेन्ह” में विश्व धरोहर समिति की 37वीं बैठक के दौरान जैसलमेर किले को यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल की सूची में शामिल किया गया था।
  • राजस्थान के अन्य किलों की भांति इस किले में भी अखाई पोल, हवा पोल, सूरज पोल और गणेश पोल जैसे कई द्वार हैं सभी द्वार अपनी शानदार स्थापत्य शैली के लिए प्रसिद्ध है।
  • 16वीं सदी के दौरान महवालजीत सिंह ने “बड़ा बाग़” का निर्माण शुरू किया था। उनके निधन के बाद उनके बेटे लुणकरण ने इसके निर्माण को पूरा किया। इस बाग़ को एक स्मारक के रूप में बनाया गया है जहां पर श्रेष्ठ लोग और उनके परिवार को दफनाया गया था।
  • इस किले से एक किलोमीटर की दूरी पर “गड़ीसर नदी” स्थित है। इस नदी को राजा रावल जैसल ने बनवाया था और बाद में इसे दुबारा साल 1367 ऐ.डी. में महारावल जर्सी ने बनवाया था। यहाँ के लोग अपनी पानी की ज़रूरतों के लिए इसके टैंक पर निर्भर रहते हैं।
  • इस किले में राजपूत और मुगल वास्तुकला शैली का मिश्रण देखने को मिलता है।
  • जैसलमेर किले के अंदर स्थित जैन मंदिरों की एक श्रृंखला है जो जैन तीर्थंकारों को समर्पित है।
  • इस किले के भीतर बहुत ही सुन्दर महल, मंदिर, सैनिकों व व्यापारियों के आवासीय परिसर बने हुए हैं, जो इसे अन्य किलों से अलग बनाते हैं। यह किला जैसलमेर के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है।