जानिए कितना घातक है डसॉल्ट मिराज 2000

डसॉल्ट मिराज 2000 लड़ाकू विमान 29 जून, 1985 में भारतीय वायुसेना की नंबर- 7 स्क्वाड्रन में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। करगिल युद्ध में दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाला मिराज लड़ाकू विमान अब और ज्यादा ताकतवर और घातक बन चुका है।

पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने मिराज 2000 से सुबह साढ़े 3 बजे जैश ए मोहम्‍मद के ठिकानों को बमबारी कर तबाह कर दिया। इस लड़ाकू विमान की खासियत यह है कि ये किसी भी देश की सीमा के अंदर जाकर मार कर सकता है।

यह बड़ी सटीकता के साथ सीमा के अंदर धुसकर अपने टारगेट को ध्वस्त करने का दमखम रखता है। आइए जानते है कितना घातक और पावरफुल है डसॉल्ट मीराज 2000 –

  • इस लड़ाकू विमान का निर्माण फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट ने किया है। भारतीय वायु सेना ने इस विमान को वज्र नाम दिया है। दसॉल्ट वही कंपनी है, जिसने राफेल को बनाया है।
  • इस सिंगल इंजन फाइटर प्लेन विमान की लंबाई36 मीटर और पंखों का फैलाव 91.3 मीटर है।
  • इसका वजन 7500 किलो है।
  • यह विमान 6000 किलोग्राम वजन की मिसाइल के साथ 2495 किमी प्रतिघंटा की अधिकतम स्पीड से उड़ान भर सकता है।
  • यह एक बार में टैंक फुल होने पर 1550 किमी तक का सफर कर सकता है।
  • यह लड़ाकू विमान 59 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है।
  • यह विमान लेजर गाइडेड बम, एयर-टू-एयर और एयर-टू-सरफेस मिसाइल को कैरी कर सकता है।
  • यह लड़ाकू विमान 125 राउंड गोलियां प्रति मिनट दागता है और 68 मिमी के 18 रॉकेट प्रति मिनट दागता है।
  • वैसे तो यह लड़ाकू विमान सिंगल फाइटर पायलट के लिए उपयुक्त है, लेकिन जरूरत पड़ने पर दो पायलट भी इसमें सवार हो सकते हैं।
  • राडार की पकड़ में न आने वाला मिराज-2000 एक साथ हवा से जमीन और हवा से हवा में भी मार करने में सक्षम है।
  • पहली बार 1970 में उड़ान भरने वाला मिराज 2000 फ्रेंच मल्टीरोल, सिंगल इंजन चौथी पीढ़ी का फाइटर जेट है। ये फाइटर जेट नौ देशों में सेवा दे रहा है। इसमें फ्रांस, इजिप्ट, यूएई, पीरू, ताइवान, ग्रीस और ब्राजील शामिल हैं, हालांकि ब्राजील अब मिराज-2000 को रिटायर कर चुका है।
  • 1999 में हुए कारगिल युद्ध में मिराज-2000 ने अहम रोल निभाते हुए भारतीय सेना को जीत दिलाई थी।
  • 2004 में भारत ने 10 और मिराज-2000 ऑर्डर किए, इसके बाद भारत के पास कुल 50 लड़ाकू विमान हो गए।
  • 2011 में सरकार ने मौजूदा मिराज 2000 को अपग्रेड करने का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया, इसके बाद अब यह जेट 2030 तक इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं।

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1971 में पाकिस्तान के 90000 सैनिकों के आत्मसमर्पण की वीडियो

1971 में पाकिस्तान के 90000 सैनिकों के आत्मसमर्पण की वीडियो

भारत-पाक के बीच हुआ 1971 का युद्ध स्वतंत्र भारत के इतिहास में हमेशा अमर रहेगा.  यह वीडियो 1971 की है जब पाकिस्तान के 90,000 सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था. 3 दिसंबर 1971 को जब पाकिस्तान ने आक्रमण किया तो उसके बाद केवल 13 दिनों की छोटी अवधि में ही भारत ने 12 हजार घुसपैठियों और 80 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को गिरफ्तार कर लिया था.

तेरह दिन तक चले इस युद्ध के बाद पाकिस्तानी सेना ने ढाका में 16 दिसंबर को आत्मसमर्पण किया था.

आए देखें कैसे पाकिस्तान के 90000 सैनिको के आत्म समर्पण किया था, TheGeniusDonkey channel द्वारा पोस्ट की गयी इस वीडियो में….

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विश्व के 10 सबसे खतरनाक आतंकी संगठन

दुनिया में ऐसे बहुत से खतरनाक आतंकी संगठन है जिन्होंने अपनी दहशत से पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है. जिनकी वजह से विश्व के कई देश दहशत में हैं. खतरनाक आतंकी संगठन दुनिया में खौफ पैदा करने के लिए हमेशा ही हिंसात्मक गतिविधियों का सहारा लेते रहे हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही खतरनाक आतंकवादी संगठनों के बारे में…

इस्लामिक स्टेट इन सीरिया एंड इराक (ISIS)

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ISIS यूरोप, सीरिया, इराक, तुर्की और बांग्लादेश जैसे देशों में अपने खौफ का परचम लहरा चुका है. ISIS आतंकवादी संगठन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुनिया का सबसे बड़ा खतरा माना जाता है. आजकल यह संगठन काफी सक्रिय और धनी है. ISIS संगठन का मुख्य उद्देश्य विश्व के सभी देशों में इस्लामीकरण को बढ़ावा देना और इस्लामी कानून लागू करना है.

अल कायदा

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अल कायदा की स्थापना ओसामा बिन लादेन ने सन् 1989 में की थी. ओसामा बिन लादेन की अगवाई में अल कायदा ने अमेरिका में 9/11 के हमले को अंजाम दिया था. अल कायदा दुनिया का पहला ऐसा आतंकवादी संगठन है, जिसने आतंकवाद को फैलाने के लिए दुनिया के उच्च शिक्षित पुरुषों और महिलाओं को लगाया, जिनके बारे में कोई कभी सोच भी नही सकता था. ऐसा दावा किया जाता है कि इस संगठन का अंत 2011 में अमेरिकी सेना ने ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के एबटाबाद में मारकर किया.

तालिबान

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1994 में मुल्ला मोहम्मद उमर के नेतृत्व में इस संगठन का निर्माण हुआ. तालिबान आतंकी संगठन का एकमात्र मकसद अफगानिस्तान पर दोबारा कब्जा करना है. पाकिस्तान में 132 आर्मी स्कूल के बच्चों सहित 148 लोगों की हत्या करने वाला, ये आतंकी संगठन सबसे खतरनाक आतंकी संगठनो में से एक माना जाता हैं.

बोको हराम

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बोको हराम नाइजीरिया का प्रमुख इस्लामी आतंकी संगठन है, इसका एकमात्र मकसद पूरे नाइजीरिया में इस्लामीकरण को बढ़ावा देना हैं. ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक 2013 के मुकाबले 2014 में आतंकी हमलों में मारे गए लोगों की संख्या 80 फीसदी तक बढ़ी है. 2014 में 32,658 लोग मारे गए, जबकि 2013 में आतंकवादी हमलों में 18,111 लोग मारे गए थे. इनमें से बोको हराम आतंकी संगठन 6,644 लोगों की हत्या का जिम्मेदार है, जिनमें 77 फीसदी आम नागरिक हैं. सबसे ज्यादा हमले सिर्फ पांच देशों अफगानिस्तान, इराक, नाइजीरिया, पाकिस्तान और सीरिया में हुए हैं.

लश्कर-ए-तैयबा

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लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन की स्थापना हाफिज मुहम्मद सईद ने की है. लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार माना जाता है. लश्कर-ए-तैयबा ने मुंबई में 2006 में आतंकी हमला किया था, जिसमें 166 निर्दोष लोगों की जान गई थी. लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन का मुख्य काम भारत में आतंकी गतिविधियां फैलाना है. यह पूरे पाकिस्तान में मानवीय हितों की रक्षा करने वाले संगठन के नाम से जाना जाता है. इसके आतंकियों को पाकिस्तानी सेना और ISI (इंटर सर्विस इंटेलिजेंस) की सहायता मिलती है.

अल-शाबान (Al- Shabaan)

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अल-शाबान आतंकी संगठन 2006 में स्थापित किया गया था. अल-शाबान आतंकी संगठन का मुख्य उद्देश्य सोमालिया में विदेशी सैन्य बलों को रोकना था. अल-शाबान ने सबसे विनाशकारी हमला 2015 में केन्या के एक विश्व विद्यालय में किया था. इस हमलें में 148 निर्दोष छात्र मारे गए थे.

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान

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तहरीक-ए-तालिबान आतंकी संगठन ने अपना सम्राज्य पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा के बीच फैलाया हुआ है. तहरीक-ए-तालिबान आतंकी संगठन का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान सरकार को जड़ से उखाड़ फेकना हैं. इस आतंकी सगठन का नेता मुल्ला फजलुल्ला है.

रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया

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कोलंबिया का यह मार्क्सवादी-लेनिनवादी आतंकी संगठन पूरी दुनिया में ड्रग्स तस्करी और लैटिन अमेरिकी देशों में आतंकी गतिविधियों के लिए बदनाम है. इसकी स्थापना सन 1964 में हुई थी.

अबू सय्याफ

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अबू सय्याफ दक्षिण-पूर्व एशिया में फिलीपींस देश का एक आतंकी संगठन है. इस संगठन का काम लोगों को लूटना हैं. फिलीपींस के सल्लू टापू और तटवर्ती इलाकों में अपहरण और फिरौती करके इसके सदस्य अपना खर्चा चलाते हैं.

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जेमा इस्लामिया

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जेमाह इस्लामिया दक्षिण-पूर्व एशिया में अल कायदा का ही भाग है. इस संगठन ने 2002 में इंडोनेशिया के बाली राज्य में विस्फोट किया था, जिसकी वजह से 202 मासूम लोगों की जानें चली गईं थीं.

जानिए बुध ग्रह के वक्री होने से क्या होगा 12 राशियों पर असर

मार्च में बुध ग्रह वक्री होने वाला है। जानते हैं कि इसका लोगों के जीवन में क्या असर पड़ सकता है। बुध ग्रह 5 मार्च से लेकर 28 मार्च तक वक्री रहेगा।इन सितारों की वजह से ही हमारे जीवन में खुशियां या फिर नकारात्मकता आती है। इनकी हल्की सी गति भी मनुष्यों के व्यवहार को प्रभावित करती है।वक्री बुध का हमारे जीवन में बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, क्योंकि जहां जिस भाव में सामान्य तौर पर बुध ग्रह अच्छा प्रभाव देते हैं, वहां उसका उल्टा प्रभाव देंगे। बुध का हमारे जीवन में विशेष महत्व है, क्योंकि बुध हमारी बुद्धि, विद्या, गणित, सांख्यिकी व व्यापार आदि का कारक ग्रह माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि प्रत्येक राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा वक्री बुध का?

मेष राशि 

आपके 12 भाव में बुध ग्रह वक्री होने जा रहे हैं। हालांकि 12 भाव में बुध ग्रह श्रेष्ठ फल प्रदाता नहीं है लेकिन यहां स्थित आपको विशेष लाभ दिला सकते हैं। सट्टेबाजी में विशेष लाभ आपको प्राप्त हो सकता है। किसी श्रेष्ठ कार्य में खर्च बढ़ेगा। किसी विशिष्ट कार्य के लिए यात्रा कर सकते हैं, साथ ही गूढ़ अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। इस समय मन की एकाग्रता आपको विशेष लाभ दिलाएगी। विरोधी परास्त होंगे। अचानक शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं। इस समय में बड़ा परिवर्तन होगा, जो आपके लिए विशेष लाभकारी होगा।

वृषभ राशि 

आपके ग्यारहवें भाव में वक्री बुध गोचर करने जा रहे हैं। यहां स्थित बहुत अच्छे फलप्रदायक माने गए हैं लेकिन वक्री बुध उल्टा प्रभाव देंगे यानी अपनी इच्छा-महत्वाकांक्षा की पूर्ति होने में समस्या पैदा हो सकती है। मित्र और रिश्तेदारों से परेशानी प्राप्त हो सकती है। अगर आप प्रेम संबंध में लिप्त हैं, तो यहां आपको परेशानी दे सकते हैं। वक्री बुध से लंबी यात्राओं से परेशानी हो सकती है। सहयोगियों से सहयोग प्राप्त होने में परेशानी हो सकती है। इस समय बुध आपको भाई-बहन, मामा-मौसी आदि से लड़ाई-झगड़ा करवा सकता है। इससे परेशानी आपको आ सकती है। इस समय आपको कान संबंधी परेशानी हो सकती है।

मिथुन राशि

आपको बता दें कि मिथुन राशि के जातकों की राशि का स्वामी बुध ही है। बुध के वक्री होने से आपके बातचीत के स्तर पर असर होने की संभावना है। वक्ता के तौर पर मिथुन राशि के लोगों की खास पहचान है लेकिन ग्रहों की चाल में होने वाली तब्दीली से आपकी क्षमता प्रभावित होगी। बोलते समय हो सकता है आप अपनी बात ही भूल जाएं और आपको बंधा हुआ सा महसूस हो। आप इस चीज को अपने ऊपर हावी ना होने दें।

कर्क राशि

आमतौर पर कर्क राशि के जातकों को चुपचाप तमाशबीन बने रहने के लिए जाना जाता है लेकिन बुध के वक्री होने के बाद से वो चुप नहीं रहने वाले हैं। संभावना है कि बुध के इस परिवर्तन से आप इमोशनल और थोड़े चिड़चिड़े हो सकते हैं। किसी बड़ी वजह के बिना ही आपको छोटी छोटी बात पर गुस्सा आ सकता है। सलाह है कि आप कुछ भी बोलने से पहले धैर्य रखें।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोग अपने जोशीले और सकारात्मक शख्सियत के लिए जाने जाते हैं लेकिन मार्च के महीने में ऐसा नजर नहीं आने वाला है। संभावना है कि आपकी ऊर्जा काफी कम रहेगी। आप काफी आलस महसूस करेंगे और चीजों को लेकर आप में रूचि नहीं रहेगी।

कन्या राशि

आप जीवन में बहुत सारी चीजों को लेकर कंफ्यूज रहेंगे। आप हर चीज को लेकर बहुत ज्यादा ना सोचें और इस वक्त को गुजर जाने दें। बेहतर होगा कि आप धैर्य रखें और असमंजस की स्थिति को खुद पर हावी ना होने दें।

तुला राशि

हम जानते हैं कि इस राशि के जातक अपने दिल की बात को अनसुना करके सामने वाले की खुशियों का ध्यान रखते हैं। लेकिन इस पूरी अवधि के दौरान आप अपने मन की बात जाहिर करने वाले हैं। आपको यही सलाह दी जाती है कि आप ठंडे दिमाग से काम लें और अपनी बातों से किसी को चोट ना पहुंचाए।

वृश्चिक राशि

आपके पंचम भाव में बुध ग्रह वक्री होने जा रहे हैं। इस अवधि में वासनापरक विचार सिर्फ आपको अवसादित ही नहीं करेंगे, बल्कि जलील भी करवा सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण आपकी नित्य चर्चा में भी व्यवधान उपस्थित हो जाएगा। वैसे नौकरी के हालात अच्छे रहेंगे। यद्यपि काम का बोझ थकाने वाला होगा। स्त्री वर्ग से आपका व्यवहार मधुर नहीं रह पाएगा। विरोधी प्रबल होंगे। विपरीत परिस्थितियों में प्रतिरोधात्मक शक्ति का विकास प्राप्त करने का प्रयत्न करें। भारी व्यय होने की भी संभावना है।

धनु राशि

आपके चतुर्थ भाव में बुध ग्रह वक्री होने जा रहे हैं। थोड़े से लाभ के लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ सकती है। नौकरी के हालात बदतर होते जाएंगे। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं परेशान करेंगी। परिवारजनों से संबंध भी इस अवधि में अच्छे नहीं रहेंगे। विरोधी प्रबल होंगे। व्यर्थ की यात्राओं से बचें। वैसे मुकदमेबाजी और न्यायालयों के मामलों के लिए यह समय अच्छा है। जीवन शक्ति और स्फूर्ति में कमी महसूस होने के कारण झगड़े और झंझटों से दूर रहने का प्रयत्न करें।

मकर राशि

आपके तीसरे भाव में बुध ग्रह वक्री होने जा रहे हैं। इस अवधि में अचानक लाभ होने की संभावना है। अगर वसीयत प्राप्त करने की संभावना है या आप उसको प्राप्त करने के लिए इच्छुक हैं, तो आप उसे प्राप्त कर सकते हैं। आपका मन धार्मिक क्रिया-कलापों की ओर झुका रहेगा। कुछ अतीन्द्रिय अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं। पारिवारिक माहौल सौहार्दपूर्ण रहेगा। अचानक यात्राएं सफलतादायक सिद्ध होंगी। आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और सम्मान में इजाफा होगा। छोटी-मोटी बीमारियां मानसिक शांति भंग कर सकती हैं। आप तीर्थाटन पर जा सकते हैं। कुल मिलाकर सुखी रहेंगे।

कुंभ राशि

बुध ग्रह के वक्री होने के कारण आपको बिना किसी वजह के कुंठा और निराशा हो सकती है। आपको चीजों को देखने के लिए दूसरा नजरिया अपनाना चाहिए। आपको सकारात्मक रहना है, तब आपको एहसास होगा कि चीजें उतनी बुरी भी नहीं हुई है जितनी नजर आ रही हैं।

मीन राशि

आपके प्रथम भाव में वक्री होने जा रहे हैं बुध ग्रह। यह अच्छा समय नहीं है, क्योंकि आपके भागीदार या सहयोगी आपको नीचा दिखाएंगे। औरों की लापरवाही और असफलताओं से आप चिंतित रहेंगे। रोजमर्रा के कामों में भी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। बेबुनियाद इल्जाम आप पर मढ़े जाएंगे। छोटे-मोटे झंझट या विवादों से बचें। स्त्री वर्ग से आपके संबंध अच्छे नहीं रहेंगे। जहां तक संभव हो, फालतू की यात्रा कम करें। व्यापार के बड़े-बड़े निर्णय लेने या विकास की योजनाओं पर ध्यान देने के लिए यह आवश्यक है कि आप पूरी जांच-परख करके ही ऐसा करें।

 

 

अब तक लड़े गए भारत-पाकिस्तान युद्ध और उनके कारण

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भारत-पाकिस्तान के बीच माहौल बहुत गर्माया हुआ है और दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर जुटी हुई हैं. भारत-पाकिस्तान युद्ध की संभावना भी जताई जा रही है. कुछ लोगों का मानना है पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए यदि एक पूर्ण-युद्ध भी हो जाये तो कोई हर्ज़ नहीं.

भारत-पाकिस्तान के बीच अब तक चार युद्ध हो चुके हैं. कभी UN तो कभी भारतीय राजनीतिज्ञों की अदूरदर्शी सोच के कारण पाकिस्तान को हर बार सस्ते में छोड़ दिया गया और कुछ मुद्दे अधूरे रह गये. जाहिर है कि हर बार पाकिस्तान को मुहं की खानी पड़ी है और इसीलिए वह आतंकवाद जैसे छद्म युद्ध का सहारा लेकर भारत को परेशान करता रहा है.

साल 1947 में जब भारत ब्रिटिश शासन से तो आज़ाद हुआ लेकिन रक्तरंजित विभाजन से पाकिस्तान भी बना। शुरू से ही भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत सारे मुद्दों पर विवाद होते रहे और ये विवाद युद्ध का कारण भी बने। कश्मीर, सीमा विवाद, जल विवाद इन युद्धों के कारण बने।

तो आईये देखते हैं वो चार भारत-पाकिस्तान युद्ध जो पिछले 70 सालों में भारत-पाकिस्तान के बीच लड़े गये और हर बार पाकिस्तान को हार तो मिली लेकिन उसने कोई सबक नहीं लिया.

1947-1948 का भारत-पाकिस्तान युद्ध

भारत और पाकिस्तान के बीच अक्टूबर 1947 में पहली जंग हुई। भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद का केंद्र कश्मीर था। पाकिस्तान सेना ने कबाइलियों के भेष में हज़ारों की संख्या में कश्मीर में प्रवेश कर राज्य के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया. कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने भारत से सैन्य सहायता प्राप्त करने के लिए को इंस्ट्रूमेंट ऑफ़ अक्सेशन पर हस्ताक्षर किये.

इस संधि के बाद भारत ने कश्मीर में अपनी सेना भेजी, जबकि पाकिस्तान ने आज़ाद कश्मीर आंदोलन की सहायता के लिए अपनी सेना को भेजा। भारतीय सेना बढ़त पर थी और कश्मीर से पाकिस्तान सेना को खदेड़ रही थी. कहा जाता है कि यदि सेना को कुछ घंटे और दे दिए गये होते तो वो पूरे कश्मीर से पाकिस्तान को पीछे धकेल देती लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु मसले को संयुक्त राष्ट्र में ले गये और संघर्ष विराम करना पड़ा. 1 जनवरी 1949 की रात को 23:59 बजे एक औपचारिक संघर्ष-विराम घोषित किया गया था। पाकिस्तान के नियंत्रण में भारत में जम्मू और कश्मीर का एक हिस्सा है, जिसे “पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके)” कहते हैं.

1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध

1965 में दूसरा c हुआ। 1947 की आज़ादी के बाद दोनो देशों के बीच कश्मीर मुद्दे के आलावा ‘कच्छ के रण’ की सीमा का विवाद भी था। कच्छ का रण गुजरात में स्थित है और यह एक दलदली और बंजर इलाका है। पाकिस्तान इसके एक बड़े हिस्से पर अपना हक मानता था। अप्रैल 1965 में कच्छ के रण में पाकिस्तान ने जानबूझकर झड़पे शुरू कर दी और इस ऑपरेशन का नाम ‘डेजर्ट हॉक’ रखा था।

यह जंग पाकिस्तान के ऑपरेशन जिब्रॉल्टर के साथ शुरू हुई, जिसके अनुसार पाकिस्तान की योजना जम्मू कश्मीर में सेना भेजकर वहां भारतीय शासन के विरुद्ध विद्रोह शुरू करने की थी। इसके जवाब में भारत ने भी पश्चिमी पाकिस्तान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले शुरू कर दिए। सत्रह दिनों तक चली, इस जंग में हज़ारों की संख्या में जानें गयी थी। संयुक्त राष्ट्र के निर्दिष्ट संघर्ष विराम के बाद ये जंग समाप्त हुई जिसमें दोनों तरफ के 3 से 4 हज़ार सैनिक मारे गये.

1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध

3 दिसंबर 1971 को भारत-पाक युद्ध की शुरुआत हुई। इस युद्ध को बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के नाम से भी जाना जाता है. इस युद्ध की शुरुआत पाकिस्तान द्वारा भारतीय वायुसेना के 11 स्टेशनों पर हवाई हमले करने से हुई, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय सेना पूर्वी पाकिस्तान में बांग्लादेशी स्वतंत्रता संग्राम में बंगाली राष्ट्रवादी गुटों के समर्थन में कूद पड़ी। मात्र 13 दिन चलने वाला यह युद्ध इतिहास में दर्ज सबसे छोटे युद्धों में से एक रहा।

युद्ध के दौरान भारतीय एवं पाकिस्तानी सेना का आमना- सामना हुआ और ये तब तक चला जब तक कि पूर्वी पाकिस्तानी में पाकिस्तान समर्पण अभिलेख पर ढाका में हस्ताक्षर नहीं कर दिये। अतीत का पूर्वी पाकिस्तान एक नया राष्ट्र बांग्लादेश घोषित हुआ।

1971 भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के सरेंडर करने के साथ ही इस युद्ध की समाप्ति हुई और एक नये देश बांग्लादेश का जन्म हुआ।

एक अनुमान के अनुसार इस युद्ध में लगभग 3 लाख बांग्लादेशी नागरिक हताहत हुए और 93000 पाकिस्तानी सैनिकों को भारतीय सेना द्वारा बन्दी बना लिया गया।

1999 का कारगिल युद्ध

कारगिल युद्ध, जिसे ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है, यह जंग 1999 में मई और जुलाई के बीच कश्मीर के कारगिल में हुई थी। 3 मई 1999 को इस जंग की शुरुआत हुई थी। पाकिस्तान की सेना और उग्रवादियों ने भारत और पाकिस्तान के बीच की नियंत्रण रेखा पार करके भारत की ज़मीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश की।

करीब 5,000 घुसपैठिए इस जंग में शामिल थे। भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाली जगहों पर हमला किया. 60 से अधिक दिनों तक चली, इस जंग में भारत ने पाकिस्तान को अपनी सीमा में वापिस जाने को मज़बूर कर दिया और पाकिस्तान पर विजय प्राप्त की।

26 जुलाई 1999 को यह जंग खत्म हुई, करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कारगिल में लड़ी गई, इस जंग में भारत ने लगभग 527 से ज्यादा वीर योद्धाओं को खोया था, वहीं 1300 से ज्यादा घायल हुए थे।

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चौंका देने वाले कुछ 30 मज़ेदार रोचक तथ्य

यह दुनिया रहस्यों से भरी है। इस दुनिया में बहुत सारी ऐसी चीज़ें हैं जिनके बारे में हम में से बहुत ज्यादा लोगों को को बहुत कम पता है। फंडाबुक की रोचक तथ्यों की सीरीज़ के इस लेख में हम कुछ ऐसे ही मिलेजुले रोचक और मज़ेदार रोचक तथ्य लेकर आए हैं। यह रोचक तथ्य आपके ज्ञान को तो बढ़ाएंगे ही साथ ही आपको हैरान भी कर सकते हैं।

तो आइए देखते हैं कुछ मजेदार रोचक तथ्य।

  1. एक इंसान अंतरिक्ष के Vacuum यानि को लगभग 90 Seconds तक ही झेल सकता है।
  2. काम करते समय या पढ़ते समय खुद से बातचीत करने से ध्यान एकाग्र करने में मदद मिलती है।
  3. वैज्ञानिक आज तक निश्चित नहीं कर पाए हैं कि डायनासोर का कौन रंग क्या था।
  4. जब आप शरमा रहे होते हैं या शर्मिंदा महसूस कर रहें हो तो आपके पेट के अंदर का रंग लाल हो जाता है।
  5. पृथ्वी के 40% हिस्से में दुनिया के सिर्फ 6 देश हैं।
  6. आप स्पेस में कभी रो नहीं सकते क्योंकि आपके आंसू नीचे ही नहीं गिरेंगे। ऐसा ग्रैविटी यानि गुरुत्वाकर्षण के कारण होता है
  7. इंसान का दिमाग उसके द्वारा ली गई कुल कैलोरी और ऑक्सीज़न का 20% रोजाना इस्तेमाल करता है।
  8. शोधों के अनुसार जो लोग जल्दी शरमा जाते हैं वे अधिक दयालु और विश्वसनीय होते हैं।
  9. सूरज द्वारा छोड़े गए 800 अरब से ज्यादा न्यूट्रॉन आपके शरीर से गुज़र गए होंगे, जब तक आप ने यह वाक्य पढ़ा है।
  10. धरती पर हर साल 77 लाख लोगों का बोझ बढ़ जाता है।
  11. अगर किसी इंसान को बिना किसी सुरक्षा उपाय के स्पेस में छोड़ दिया जाए तो वह केवल 2 मिनट तक ही ज़िंदा रहेगा।
  12. मैक्सिको के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी चीज़ की खोज़ की है जिसकी मदद से वो टकीला को हीरे में बदल सकते हैं।
  13. हमारे दिमाग में अच्छी यादों से ज्यादा बुरी यादों को याद रखने की क्षमता ज्यादा होती है।
  14. अगर किसी एक आकाश गंगा के सारे तारे नमक के दाने जितने हो जाएं तो वह पूरा का पूरा ओलंपिक स्विमिंग पूल भर सकते हैं। (ओलंपिक स्विमिंग पूल का आकार: लंबाई में 50 मीटर या 164 फीट, चौड़ाई 25 मीटर या 82 फीट, और गहराई में 2 मीटर या 6 फीट)
  15. अंतरिक्ष में मौजूद कचरे का एक टुकड़ा हर दिन पृथ्वी पर गिरता है। यह अनुमान नासा के वैज्ञानिकों ने लगाया है।
  16. धरती से आसमान नीला दिखाई देता है लेकिन अंतरिक्ष यात्रियों को यह काला दिखाई देता है।
  17. न्यूटरोन तारे का एक चम्मच पूरे माउंट एवरेस्ट से ज्यादा भारी होता है।
  18. अगर एक कमरे में 20 लोग हैं तो 50 प्रतिशत संभावना है कि किन्हीं दो की जन्म तारीख समान होगी।
  19. हवा तब तक आवाज़ नहीं करती जब यह किसी वस्तु के विपरीत ना चले।
  20. प्लास्टिक की एक बोतल को पूरी तरह से नष्ट करने में 4 हज़ार से भी ज्यादा साल लगते हैं।
  21. अगर आप स्पेस में जाते हैं तो आप गला घुटने की बजाए शरीर के फटने से मर जाएंगे क्योंकि वहां पर हवा का दबाब नहीं है।
  22. सोने जाने के पहले बिस्तर पर 93 प्रतिशत लोग अपने सोने के लिए मिलने वाले घंटे गिनते हैं।
  23. आपको जानकर हैरानी होगी कि ततैया और बर्रों ने अब तक लगभग 200 लोगों की जानें ली हैं और 2 हवाई जहाज़ गिरा दिए हैं. साल 1980 और 1986 में हुए हवाई जहाज़ हादसे इन्हीं के कारण हुए थे।
  24. अगर आप बात करते समय हाथों का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, तो आप अधिक प्रतिभाशाली और आत्मविश्वासी हैं।
  25. अगर आप स्पेस में किसी के सामने खड़े रहकर भी तेज़ चिल्लायेंगे तो भी वह आपकी आवाज़ नहीं सुन पायेगा क्योंकि वहां पर आपकी आवाज़ को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का कोई माध्यम नहीं है।
  26. अगर आप गूगल में ‘Tilt’ शब्द खोजेंगे, तो पेज खुद थोडा झुका हुआ रहेगा।
  27. पैंगविन समंदर का खारा पानी पी सकते हैं। इनके शरीर में एक सबोरबिटल ग्रंथि होती है जो पानी और नमक को अलग करती है।
  28. नाखून को शुरुआती हिस्से से आखिरी हिस्से तक बढने में पूरे 6 महीने लगते हैं।
  29. क्या आप जानते हैं कि पूरी दुनिया को टॉइलेट पेपर मुहैय्या कराने के लिए हर साल लगभग 27,000 पेड़ काट दिए जाते हैं।
  30. लड़कियां भाषा लड़कों की तुलना में जल्दी सीखती है और अधिक कठिन शब्दों का प्रयोग करती हैं।

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मोबाइल फोन के बारे में जानने योग्य बातें

मोबाइल फोन ने पूरी दुनिया में चमत्कारिक बदलाव ला दिया है. वर्षों पहले लोग सोच भी नहीं सकते थे कि एक ऐसा आविष्कार होगा, जिससे हम दुनिया के किसी भी कोने में किसी से भी बात कर सकेंगे. मोबाइल फोन के कारण हर क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आए है. आइये जानते हैं मोबाइल फोन के बारें में कुछ दिलचस्प बातें:-

  1. आपके मोबाइल फोन में अपोलो 11 उपग्रह में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर से भी ज्यादा गणना करने की क्षमता है. इस उपग्रह को पहली बार चन्द्रमा की जमीन पर उतारा गया था.
  2. सबसे पहला मोबाइल फोन, जो अमेरिका में 1983 में बिका था. इस फोन की कीमत 2,65,369 रुपए थी.
  3. एप्पल कंपनी ने 2012 में प्रतिदिन 340,000 फोन बेचे थे.
  4. मोबाइल फोन में शौचालय के हैंडल से 18 गुना अधिक बैक्टीरिया होते हैं.
  5. जापान में 90 प्रतिशत से भी ज्यादा मोबाइल फोन वाटरप्रूफ हैं, क्योंकि जापान में ज्यादातर युवा शावर लेते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं.
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  6. आपके मोबाइल फोन से निकलने वाली विकिरणें अनिद्रा, सर दर्द और भ्रम जैसी स्थितियों को पैदा कर सकती है.
  7. वैज्ञानिकों ने ऐसा तरीका खोजा है, जिससे आप यूरिन से मोबाइल को चार्ज कर सकते हैं.
  8. सबसे पहली मोबाइल कॉल 1973 में मार्टिन कूपर द्वारा की गई थी, वह मोटोरोला कंपनी के आविष्कारक थे.
  9. एप्पल आईफोन की बिक्री माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के सभी उत्पादों से भी ज्यादा हो चुकी है.
  10. नोमोफोबिया (Nomophobia), एक ऐसा फोबिया है, जिसमें आपको अपने मोबाइल फोन गुम होने या मोबाइल का सिग्नल नहीं मिलने का डर लगा रहता है.
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  11. अब तक दुनिया में सबसे ज्यादा nokia 1100 मोबाइल बिका है, इसके 25 करोड़ से भी ज्यादा सेट लोगों द्वारा खरीदे गये थे.
  12. ब्रिटेन में हर वर्ष 1,00,000 मोबाइल फोन शौचालय में ही गिर जाते हैं.
  13. पूरी दुनिया में लोगों के पास शौचालयों से भी ज्यादा मोबाइल फोन हैं.
  14. चीन में कंप्यूटर से ज्यादा मोबाइल फोनों पर इन्टरनेट का उपयोग होता है.
  15. फेसबुक पर ज्यादातर तस्वीरें और विडियो मोबाइल फोनों के माध्यम से अपलोड की जाती हैं, जो पूरे वेब यातायात का 27 प्रतिशत हैं.
  16. एप्पल का फोन चार्जिंग के लिए बहुत कम बिजली लेता है. एप्पल फोन की चार्जिंग पूरे वर्ष में सिर्फ 16 रुपए की बिजली खपत करता है.
  17. दुनिया के 65 प्रतिशत स्मार्टफोन हर महीने जीरो (Zero Launcher) नाम की एप्लिकेशन डाउनलोड करते हैं.
  18. स्मार्टफोन जैसी अदभुत टेक्नोलॉजी बनाने के पीछे 2,50,000 अलग-अलग अविष्कारों का हाथ है.
  19. 99 प्रतिशत से भी ज्यादा वायरस स्मार्टफोनों पर हमला करने के लिए बनाए जाते हैं.
  20. औसतन आदमी दिन में 110 बार स्मार्टफोन के स्क्रीन लॉक को खोलता है.
  21. 47 प्रतिशत से भी ज्यादा अमेरिकियों का मानना है कि वह स्मार्ट फोन उनके लिए इतना मायने रखता है कि वह इसके बिना जीवित नहीं रह सकते.
  22. फ़िनलैंड देश में मोबाइल को फेंकने का खेल खेला जाता है.

महाशिवरात्रि – जानिए किन राशियों पर होगी महादेव की कृपा

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महाशिवरात्रि हिंदुओं के सबसे बड़े पर्वों में से एक है। शिवरात्रि का यह मुख्य पर्व साल में दो बार आता है, एक फाल्गुन के महीने में तो दूसरा श्रावण मास में आता है। फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि को, महाशिवरात्रि कहा जाता है। इसे फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है।

हिंदू धर्म में, महाशिवरात्रि व्रत, पूजा, कथा और उपायों का खास महत्व होता है। इस दिन लोग देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए बड़ी आस्था से परिपूर्ण महाशिवरात्रि का व्रत करते हैं।

कब है महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि 2019 तिथि की बात करें तो, इस बार महाशिवरात्रि 4 मार्च 2019 को है। महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त का समय सुबह 07:04 से दोपहर 03:20 तक रहेगा।

क्यों मनाई जाती है महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि को लेकर दो कथाएं प्रचलित हैं। पहली कथा के अनुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए भक्तगण महा शिवरात्रि को गौरी-शंकर की शादी की सालगिरह के रूप में मानते हैं। विवरण मिलता है कि भगवती पार्वती ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए घनघोर तपस्या की थी।

दूसरी कथा के अनुसार इस दिन एक निषादराज अपने कुत्ते के साथ शिकार खेलने गया, किन्तु उसे कोई शिकार नहीं मिला। वह थककर भूख-प्यास से परेशान हो कर, एक तालाब के किनारे गया, जहाँ बिल्व वृक्ष के नीचे शिवलिंग था। अपने शरीर को आराम देने के लिए उसने कुछ बिल्व-पत्र तोड़े, जो शिवलिंग पर भी गिर गए।

अपने पैरों को साफ़ करने के लिए उसने तालाब का जल छिड़का, जिसकी कुछ बून्दें शिवलिंग पर भी जा गिरीं। ऐसा करते समय उसका एक तीर नीचे गिर गया, जिसे उठाने के लिए वह शिव लिंग के सामने नीचे को झुका। इस तरह शिवरात्रि के दिन शिव-पूजन की पूरी प्रक्रिया उसने अनजाने में ही पूरी कर ली। मृत्यु के बाद जब यमदूत उसे लेने आए, तो शिव के गणों ने उसकी रक्षा की और उन्हें भगा दिया।

किन राशियों पर होगी महादेव की कृपा

वृषभ राशि

इस राशि के लोगों पर शिव जी की विशेष कृपा रहेगी। आपके रुके हुए सभी काम पूरे होंगे। आपको सफलता और आय के नए स्रोत प्राप्त होंगे। महाशिवरात्रि का दिन आपके लिए बहुत ही लाभदायक रहेगा।

मिथुन राशि

इस राशि के लोगों के लिए महाशिवरात्रि आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद रहेगी। आपको धन वृद्धि और व्यवसाय में लाभ मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए महाशिवरात्रि बहुत लाभदायक रहेगी।

तुला राशि

इस राशि के लोगों के लिए व्यापार में लाभ के योग बन रहे हैं। बेरोजगार लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

धनु राशि

इस राशि के जो लोग अपना काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह टाइम उचित है। इस समय शुरू किए गए इस काम से आगे चलकर बहुत लाभ मिलेगा।

उपरोक्त राशि वालों पर महादेव भगवान भोले शंकर की विशेष कृपा रहेगी। लेकिन अन्य राशि वालों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। यहाँ दिये उपायों में से किसी भी उपाय को अपनाकर दूसरी राशि वाले भी भगवान शिव को प्रसन्न करके उनकी कृपा पा सकते हैं। (यहां देखें: महाशिवरात्रि पर महादेव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय)

कैसे करे व्रत और पूजा की विधि

  • मिट्टी के लोटे में पानी या दूध भरकर, ऊपर से बेलपत्र, आक-धतूरे के फूल, चावल आदि डालकर ‘शिवलिंग’ पर चढ़ाना चाहिए। अगर आस-पास कोई शिव मंदिर नहीं है, तो घर में ही मिट्टी का शिवलिंग बनाकर उनका पूजन किया जाना चाहिए।
  • शिव पुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप इस दिन करना चाहिए। साथ ही महाशिवरात्री के दिन रात्रि जागरण का भी विधान है।
  • शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार शिवरात्रि का पूजन ‘निशीथ काल’ में करना सर्वश्रेष्ठ रहता है। हालाँकि भक्त रात्रि के चारों प्रहरों में से अपनी सुविधानुसार यह पूजन कर सकते हैं।

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एक मरते हुए इंसान के 5 पछतावे! इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप न करें ये भूल!

कहावत है कि मरता हुआ इंसान कभी झूठ नहीं बोलता। ये शायद इसलिए भी सच है कि मरते हुए इंसान के पास खोने के लिए कुछ नहीं होता क्योंकि उसको एहसास हो चुका होता है कि इस धरती पर ये इसका आखिरी पल है और इसके बाद वह किसी को अपने बारे में अच्छा बुरा कुछ भी नहीं बता पाएगा। यह पछतावे का पहला चरण होता है।

हम पूरा जीवन खुद को बेहतर इंसान साबित करने मे गुजार देते हैं लेकिन अंतिम क्षण में जब सब कुछ खत्म होने को होता है तो कुछ भी मायने नहीं रखता। मायने रखता है तो केवल यह कि हम कैसे जिये और हमने क्या सही किया और क्या गलत। क्या ऐसा किया जो नहीं करना चाहिए था और क्या नहीं किया जो करना चाहिए था।

जब मृत्यु नजदीक हो तो इंसान उन सभी अच्छे बुरे पलों को याद करता है जो उसके जीवन के सबसे नजदीक रहे और जिन्होने उसकी जीवन के रुख को मोड़ दिया। आखिर साथ जाता है तो अच्छी बुरी यादें और कुछ पश्चाताप यानि पछतावे। इंसान के अंतिम दिनों में पछतावे पर ब्रोनी वेयर की एक किताब ने तहलका मचा दिया। हम उसी किताब से टॉप 5 पछतावों पर चर्चा करेंगे जो ब्रोनी वेयर ने अपनी बेस्ट सेलिंग किताब में लिखे हैं।

कौन है ब्रोनी वेयर

आस्ट्रेलिया की रहने वाली अब 52 वर्षीय ब्रोनी वेयर कई वर्षों तक कोई ढंग का काम तलाशती रही, लेकिन कोई फॉर्मल ट्रेनिंग, क्वालीफिकेशन या अनुभव न होने के कारण बात नहीं बनी। फिर उन्होंने एक हॉस्पिटेल की पैलिएटिव केयर यूनिट में काम करना शुरू किया। यह वह यूनिट होती है जिसमें टर्मिनली इल या अंतिम स्टेज वाले मरीजों को रखा  जाता है। उसमें मृत्यु से जूझ रहे लाइलाज बीमारियों व असहनीय दर्द से पीड़ित मरीजों की मैडीकल डोज धीरे-धीरे कम की जाती है और परामर्श(counseling) के माध्यम से उनकी आध्यात्मिक और आस्था चिकित्सा (faith healing) की जाती है। जिससे वे एक शांति पूर्ण मृत्यु की ओर बढ़ सकें।

ब्रोनी वेयर ने ब्रिटेन और मिडिल ईस्ट में कई वर्षों तक मरीजों की कांऊसलिंग करते हुए पाया कि मरते हुए लोगों को कोई न कोई पछतावा(regret) जरूर था। उन्होंने यह भी पाया कि मरते हुए मरीजों के बड़े पछतावे या रिग्रेट्स में एक कॉमन पैटर्न था। हम सब इस सच्चाई को जानते हैं कि मरता हुआ व्यक्ति हमेशा सच बोलता है। उसकी एक-एक बात ईश्वर की वाणी (इपिफनी, epiphany) जैसी होती है।

मरते हुए मरीजों की इपिफनी को ब्रोनी वेयर ने 2009 में एक ब्लॉग के रूप में रिकार्ड किया। बाद में उन्होंने अपने निष्कर्ष को एक किताब ‘द टॉप फाइव रिग्रेट्स ऑफ द डाइंग‘ के रूप में पब्लिश किया। छपते ही यह विश्व की बैस्ट सैलिंग बुक साबित हुई और अब तक 29 भाषाओं में छप चुकी है। पूरी दुनिया में इसे 10 लाख से भी ज्यादा लोगों ने पढ़ा और प्रेरित हुए। देखें किताब.

बोनी द्वारा लिखित पांच सबसे बड़े पछतावे संक्षेप में ये हैं। 

काश! मैं दूसरों के अनुसार न जीकर अपने अनुसार जिंदगी जीने की हिम्मत जुटा पाता

यह सबसे ज्यादा सामान्य पछतावा था। इसमें यह भी शामिल था कि जब तक हम यह महसूस करते हैं कि अच्छा स्वास्थ्य ही आजादी से जीने की राह देता है तब तक यह हाथ से निकल चुका होता है।

काश! मैंने इतनी कड़ी मेहनत न की होती

ब्रोनी वेयर ने बताया कि उन्होंने जितने भी मरीज पुरुषों का उपचार किया लगभग सभी को यह रिग्रेट था और उन्होंने अपने रिश्तों को समय न दे पाने की गलती मानी। ज्यादातर मरीजों को पछतावा था कि उन्होंने अपना अधिकतर जीवन अपने कार्यस्थल पर खर्च कर दिया। उसमें से हरेक ने कहा कि थोड़ी कम मेहनत करके अपने और अपने के लिए समय निकाल सकते थे।

काश! मैं अपनी भावनाओं का इजहार करने की हिम्मत जुटा पाता

ब्रोनी वेयर ने पाया कि बहुत सारे लोगों ने अपनी भावनाओं का केवल इसीलिए गला घोंट दिया जिससे कि शांति बनी रहे । परिणामस्वरूप उनको औसत दर्जे का जीवन जीना पड़ा और वे अपनी वास्तविक योग्यता के अनुसार ऊंची जगह नहीं पा सके। इस बात की कड़वाहट और असंतोष के कारण उनको कई बीमारियां हो गईं।

काश! मैं अपने बचपन के दोस्तों के सम्पर्क में रहा होता

ब्रोनी वेयर ने देखा कि अक्सर लोगों को मृत्यु के नजदीक पहुंचने तक पुरानी दोस्ती के पूरे फायदों का वास्तविक आभास भी नहीं हुआ। अधिकतर तो अपनी जिंदगी में इतने उलझ गए थे कि उनकी कई वर्ष पुरानी गोल्डन फ्रेंडशिप उनके हाथ से निकल गई थी। उनके द्वारा दोस्ती को अपेक्षित सय और जोर न देने का गहरा अफसोस था। हर कोई मरते वक्त अपने दोस्तों को याद कर रहा था।

काश! मैं अपनी इच्छानुसार अपने आपको खुश रख पाता

आम आश्चर्य की यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात है कि कई लोगों को जीवन के अंत तक यह पता ही नहीं चलता कि खुशी भी एक च्वाइस है। यानि हम अपनी मर्जी से जब चाहें खुश हो सकते हैं और इसमें कोई भी बाहरी चीज़ अड़चन पैदा नहीं कर सकती, बशर्ते हम अपनी गुलामी वाली मानसिकता से बाहर निकलें. हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि “हैपीनेस इज नाओ।” HAPPINESS IS NOW!!!

तो आप क्या समझे? जीवन को एक अलग नज़रिये से देखिये और आप पाएंगे की आप जीवन के असली आनंद का अनुभव कर रहे हैं। अगर आप ब्रोनी वेयर की किताब पढना चाहते हैं तो यहाँ से खरीद सकते हैं. बहुत ही लाइफ चेंजिग किताब है जिसका मूल्य केवल 942 रूपए है.

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दुनिया की 10 सबसे तेज़ कारें

कार को मुख्य रूप से लोगों के माल के परिवहन के लिए बनाया गया है। नई और अग्रिम तकनीक ने कारों को ओर भी आकर्षक, शानदार, खूबसूरत और तेज़ कर दिया है। यह हैं, दुनिया की सबसे तेज़ कारें, जिनकी अपनी अलग खासियत और विशेषताएं हैं।

जगुआर XJR (Jaguar XJR)

जगुआर XJR की कीमत 123,395 डॉलर (करीब 83.44 लाख रुपये) है। इस कार की टॉप स्पीड 300 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 5.0 लीटर इंजन लगा है, जो 575bhp की पावर जनरेट करता है।

वॉक्सहॉल मोनारो (Vauxhall Monaro)

वॉक्सहॉल मोनारो की कीमत 10,000 यूरो से शुरू होती है। इस कार की रफ्तार 255 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 6.0 लीटर इंजन लगा है, जो 576 हॉर्सपावर की पावर जनरेट करता है। इंजन 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स से लैस है।

बी एम डब्लू 540i (BMW 540i)

बी एम डब्लू 540i की कीमत 49.9 लाख रुपये है। इस कार की टॉप स्पीड 250 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 3.0 लीटर इनलाइन-सिक्स सिलेंडर इंजन लगा है। यह इंजन 335 हॉर्सपावर की पावर जनरेट करता है।

फॉक्सवैगन गोल्फ GTI (Volkswagen Golf GTI)

फॉक्सवैगन गोल्फ GTI की शुरुआती कीमत 26,415 यूएस डॉलर है। इस कार की टॉप स्पीड 250 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 2.0 लीटर TSI इंजन लगा है, जो 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन से लैस है।

पोर्शे 944 टर्बो (Porsche 944 Turbo)

पोर्शे 944 टर्बो की कीमत 10,000 यूएस डॉलर से शुरू होती है। इस कार की रफ्तार 250 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 3.0 लीटर 16 वाल्व का इंजन लगा है, जो 205bhp की पावर जनरेट करता है।

लेक्सस LS 400 (Lexus LS 400)

लेक्सस LS 400 की शुरुआती कीमत 1,974 डॉलर है। इस कार की टॉप स्पीड 250 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 4.0 लीटर V8 इंजन लगा है, जो 290 hp की पावर जनरेट करता है। इंजन 5-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लैस है।

मित्सुबिशी लांसर इवोल्यूशन VI (Mitsubishi Lancer Evolution VI)

मित्सुबिशी लांसर इवोल्यूशन VI की कीमत 20,000 डॉलर है। इस कार की टॉप स्पीड 223 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 2.0 लीटर फोर-सिलेंडर इंजन लगा है, जो 276bhp की पावर और 274lb ft का टॉर्क जनरेट करता है।

माज्डा MX 5 मियाटा (Mazda MX 5 Miata)

माज्डा MX 5 मियाटा की कीमत 32,430 यूएस डॉलर है। इस कार की रफ्तार 214 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 2.0 लीटर का इंजन लगा है। यह इंजन 155 हॉर्सपावर की पावर जनरेट करता है। इस कार का इंजन 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रासंमिशन से लैस है।

फोर्ड फ्यूजन स्पोर्ट (Ford Fusion Sport)

फोर्ड फ्यूजन स्पोर्ट की कीमत 33,605 डॉलर है। इस कार की टॉप स्पीड 210 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 2.7 लीटर ईकोबूस्ट V6 इंजन लगा है। इंजन 6-स्पीड सेलेक्टशिफ्ट ऑटोमैटिक के साथ पैडल शिफ्टर्स से लैस है।

होंडा सिविक SI (Honda Civic SI)

होंडा सिविक SI की कीमत 23,900 डॉलर है। इस कार की टॉप स्पीड 210 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 1.5 लीटर का टर्बोचार्ज्ड फोर-सिलेंडर इंजन लगा है, जो 205 bhp की पावर और 192 lb-ft का टॉर्क जनरेट करता है।

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