भारत-पाकिस्तान के बीच माहौल बहुत गर्माया हुआ है और दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर जुटी हुई हैं. भारत-पाकिस्तान युद्ध की संभावना भी जताई जा रही है. कुछ लोगों का मानना है पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए यदि एक पूर्ण-युद्ध भी हो जाये तो कोई हर्ज़ नहीं.

भारत-पाकिस्तान के बीच अब तक चार युद्ध हो चुके हैं. कभी UN तो कभी भारतीय राजनीतिज्ञों की अदूरदर्शी सोच के कारण पाकिस्तान को हर बार सस्ते में छोड़ दिया गया और कुछ मुद्दे अधूरे रह गये. जाहिर है कि हर बार पाकिस्तान को मुहं की खानी पड़ी है और इसीलिए वह आतंकवाद जैसे छद्म युद्ध का सहारा लेकर भारत को परेशान करता रहा है.

साल 1947 में जब भारत ब्रिटिश शासन से तो आज़ाद हुआ लेकिन रक्तरंजित विभाजन से पाकिस्तान भी बना। शुरू से ही भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत सारे मुद्दों पर विवाद होते रहे और ये विवाद युद्ध का कारण भी बने। कश्मीर, सीमा विवाद, जल विवाद इन युद्धों के कारण बने।

तो आईये देखते हैं वो चार भारत-पाकिस्तान युद्ध जो पिछले 70 सालों में भारत-पाकिस्तान के बीच लड़े गये और हर बार पाकिस्तान को हार तो मिली लेकिन उसने कोई सबक नहीं लिया.

1947-1948 का भारत-पाकिस्तान युद्ध

भारत और पाकिस्तान के बीच अक्टूबर 1947 में पहली जंग हुई। भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद का केंद्र कश्मीर था। पाकिस्तान सेना ने कबाइलियों के भेष में हज़ारों की संख्या में कश्मीर में प्रवेश कर राज्य के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया. कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने भारत से सैन्य सहायता प्राप्त करने के लिए को इंस्ट्रूमेंट ऑफ़ अक्सेशन पर हस्ताक्षर किये.

इस संधि के बाद भारत ने कश्मीर में अपनी सेना भेजी, जबकि पाकिस्तान ने आज़ाद कश्मीर आंदोलन की सहायता के लिए अपनी सेना को भेजा। भारतीय सेना बढ़त पर थी और कश्मीर से पाकिस्तान सेना को खदेड़ रही थी. कहा जाता है कि यदि सेना को कुछ घंटे और दे दिए गये होते तो वो पूरे कश्मीर से पाकिस्तान को पीछे धकेल देती लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु मसले को संयुक्त राष्ट्र में ले गये और संघर्ष विराम करना पड़ा. 1 जनवरी 1949 की रात को 23:59 बजे एक औपचारिक संघर्ष-विराम घोषित किया गया था। पाकिस्तान के नियंत्रण में भारत में जम्मू और कश्मीर का एक हिस्सा है, जिसे “पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके)” कहते हैं.

1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध

1965 में दूसरा c हुआ। 1947 की आज़ादी के बाद दोनो देशों के बीच कश्मीर मुद्दे के आलावा ‘कच्छ के रण’ की सीमा का विवाद भी था। कच्छ का रण गुजरात में स्थित है और यह एक दलदली और बंजर इलाका है। पाकिस्तान इसके एक बड़े हिस्से पर अपना हक मानता था। अप्रैल 1965 में कच्छ के रण में पाकिस्तान ने जानबूझकर झड़पे शुरू कर दी और इस ऑपरेशन का नाम ‘डेजर्ट हॉक’ रखा था।

यह जंग पाकिस्तान के ऑपरेशन जिब्रॉल्टर के साथ शुरू हुई, जिसके अनुसार पाकिस्तान की योजना जम्मू कश्मीर में सेना भेजकर वहां भारतीय शासन के विरुद्ध विद्रोह शुरू करने की थी। इसके जवाब में भारत ने भी पश्चिमी पाकिस्तान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले शुरू कर दिए। सत्रह दिनों तक चली, इस जंग में हज़ारों की संख्या में जानें गयी थी। संयुक्त राष्ट्र के निर्दिष्ट संघर्ष विराम के बाद ये जंग समाप्त हुई जिसमें दोनों तरफ के 3 से 4 हज़ार सैनिक मारे गये.

1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध

3 दिसंबर 1971 को भारत-पाक युद्ध की शुरुआत हुई। इस युद्ध को बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के नाम से भी जाना जाता है. इस युद्ध की शुरुआत पाकिस्तान द्वारा भारतीय वायुसेना के 11 स्टेशनों पर हवाई हमले करने से हुई, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय सेना पूर्वी पाकिस्तान में बांग्लादेशी स्वतंत्रता संग्राम में बंगाली राष्ट्रवादी गुटों के समर्थन में कूद पड़ी। मात्र 13 दिन चलने वाला यह युद्ध इतिहास में दर्ज सबसे छोटे युद्धों में से एक रहा।

युद्ध के दौरान भारतीय एवं पाकिस्तानी सेना का आमना- सामना हुआ और ये तब तक चला जब तक कि पूर्वी पाकिस्तानी में पाकिस्तान समर्पण अभिलेख पर ढाका में हस्ताक्षर नहीं कर दिये। अतीत का पूर्वी पाकिस्तान एक नया राष्ट्र बांग्लादेश घोषित हुआ।

1971 भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के सरेंडर करने के साथ ही इस युद्ध की समाप्ति हुई और एक नये देश बांग्लादेश का जन्म हुआ।

एक अनुमान के अनुसार इस युद्ध में लगभग 3 लाख बांग्लादेशी नागरिक हताहत हुए और 93000 पाकिस्तानी सैनिकों को भारतीय सेना द्वारा बन्दी बना लिया गया।

1999 का कारगिल युद्ध

कारगिल युद्ध, जिसे ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है, यह जंग 1999 में मई और जुलाई के बीच कश्मीर के कारगिल में हुई थी। 3 मई 1999 को इस जंग की शुरुआत हुई थी। पाकिस्तान की सेना और उग्रवादियों ने भारत और पाकिस्तान के बीच की नियंत्रण रेखा पार करके भारत की ज़मीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश की।

करीब 5,000 घुसपैठिए इस जंग में शामिल थे। भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाली जगहों पर हमला किया. 60 से अधिक दिनों तक चली, इस जंग में भारत ने पाकिस्तान को अपनी सीमा में वापिस जाने को मज़बूर कर दिया और पाकिस्तान पर विजय प्राप्त की।

26 जुलाई 1999 को यह जंग खत्म हुई, करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कारगिल में लड़ी गई, इस जंग में भारत ने लगभग 527 से ज्यादा वीर योद्धाओं को खोया था, वहीं 1300 से ज्यादा घायल हुए थे।

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