मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी से ऐसे बचें!

मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए स्वास्थ्य दिशानिर्देश

आपको अपने मोबाइल फोन के बारे में यह बात पता होनी चाहिए कि आपका मोबाइल फोन कई बार बहुत मज़बूत संकेत संचारित करता है, जो आपके लिए बहुत खतरनाक हो सकते हैं. माता-पिता को अपने बच्चों से मोबाइल फोन दूर रखना चाहिए, क्योंकि यह उनके स्वास्थ के लिए खतरनाक हो सकता हैं. इसलिए आपको मोबाइल फोन को उपयोग करते समय इन बातों का पता होना चाहिए.

  1. मोबाइल से थोड़ी दूरी बनाये रखें. हमेशा मोबाइल का उपयोग नहीं करते रहना चाहिए.
  2. मोबाइल को कानों से लगाकर सुनने की बजाए हमेशा मोबाइल हेडसेट (ब्लू-टूथ) का उपयोग करें.
  3. आपको मोबाइल फोन अपने कान पर जोर से लगाकर नहीं सुनना चाहिए, क्योंकि मोबाइल की रेडियो फ्रीक्वेंसी (Radio Frequency) आपकी ऊर्जा का अवशोषण कर लेती है.
  4. मोबाइल फोन पर ज़्यादा समय तक किसी से बातें ना करें.
  5. जहाँ भी संभव हो सके मोबाइल पर किसी को काल करने की बजाए, एसएम्एस (sms) का उपयोग करें. हो सके तो मोबाइल पर बातचीत मोबाइल के स्पीकर मोड से करें.
  6. उस जगह पर जाकर बातचीत करें, जहाँ पर मोबाइल सिग्नल अच्छा है, क्योंकि अगर मोबाइल का रेडियो सिग्नल कमज़ोर है, तो मोबाइल अपने आप ट्रांसमिशन सिग्नल बढ़ा देता है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बेहतर नहीं होता.
  7. धातु और पानी, मोबाइल फोन के अच्छे सुचालक होते हैं. इसलिए हो सके तो अपने धातु के फ्रेम वाले चश्मे उतार कर ही मोबाइल पर बातचीत करनी चाहिए.
  8. अगर आप किसी को काल कर रहे हो, तो शुरू में मोबाइल पर काल करते समय आपको फोन अपने कानों से नहीं लगाना चाहिए. मोबाइल को कानों से उस समय तक दूर रखना चाहिए, जब तक रिसीवर फोन नहीं उठाता, क्योंकि मोबाइल शुरू में दुसरे मोबाइल को काल करते समय बहुत अधिक रेडिएशन उत्पन्न करता है, जो आपके दिमाग पर प्रभाव डालती है.
  9. अगर आपके पास लैंडलाइन है, तो हो सके मोबाइल की बजाए उसका इस्तेमाल करें.
  10. अगर आपका फोन ओन है, तो इसे अपनी छाती से लगाकर या अपनी पैंट की जेब में ना रखें, क्योंकि मोबाइल से निकलने वाली रेडिएशन आपके दिल को और आपकी प्रजनन क्षमता को नुक्सान पहुंचा सकती है.
  11. बच्चों को मोबाइल फोन कम इस्तेमाल करने चाहिए, क्योंकि बच्चों पर मोबाइल फोनों से निकलने वाली रेडिएशन लंबे समय तक अपना बुरा प्रभाव छोड़ती है.
  12. जिन लोगों ने अपना मेडिकल इम्प्लांट कराया है, उनको अपना मोबाइल अपने से 15 सेंटीमीटर की दूरी पर रखना चाहिए.
  13. मोबाइल खरीदते समय मोबाइल की एसएआर मूल्य की जांच करनी चाहिए. आप अपने मोबाइल का एसऐआर (SAR) नंबर इन्टरनेट से भी देख सकते हो.
  14. मोबाइल फोन को कार या किसी बस में इस्तेमाल करने से इसके संकेत ओर भी ज़्यादा बढ़ जाते हैं, जो आपकी सुनने की क्षमता पर प्रभाव डालते हैं. इसलिए मोबाइल फोन का बस या कार में कम इस्तेमाल करना चाहिए.

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World Emoji Day- तो ऐसे हुई इमोजी (आइकन्स) की शुरुआत!

हर साल दुनियाभर में 17 जुलाई को वर्ल्ड इमोजी डे मनाया जाता है। साल 2014 से ही यह डे मनाया जा रहा है। आज के वक्त में टैक्सट मैसेज में इमोजी (आइकन्स) का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होता है। शायद ही कोई होगा, जो चैटिंग के दौरान एक-दूसरे को इमोजी न भेजें। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि इमोजी के जरिए लोग अपनी भावनाओं को आसानी से समझा पाते हैं। रोने से लेकर गुस्सा और बुखार सब एक इमोजी के जरिए समझाया जा सकता है। आइए आज जानते हैं इमोजी (आइकन्स) की शुरुआत कैसे शुरू हुई थी!

इमोजी की शुरूआत 1990 के दशक में 176 रंग-बिरंगे आइकन्स से हुई थी। आज इनकी संख्या 2500 से अधिक है। ज़्यादा से ज़्यादा नए जुड़ रहे इमोजी स्मार्टफोन्स पर चैटिंग की आदतों को बदल रहे हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर चैटिंग करने वालों के पास चुनने के लिए हजारों तरह के इमोजी हैं, परंतु कुछ लोगों को अभी भी ये कम लगते हैं।

उन्हें लगता है कि इनमें उनके समुदाय या उनकी लुक वाले लोगों का जरा भी प्रतिनिधित्व नहीं है। स्माइलीज तथा उनका प्रयोग करने वालों का अध्ययन बर्लिन फ्री यूनिवर्सिटी के एक भाषाविज्ञानी एनातोत स्टेफानोवित्स कर रहे हैं।

वह जानना चाहते हैं कि लोग इनका उपयोग किस तरह से करते हैं और यह भी कि लोग कितनी तरह के इमोजी चाहते हैं और क्या इनकी कोई सीमा भी है। वैबसाइट यूनिकोड सभी सोशल मीडिया पर उपलब्ध इमोजी की जानकारी रखती है।

इसके अनुसार वर्तमान में इनकी कुल संख्या 2,623 है। अमेरिका आधारित यह संकाय टैक्स्ट सॉफ्टवेयर के लिए कोडिंग तैयार करती है। कोई भी इसके पास नए इमोजी कैरेक्टर का सुझाव भेज सकता है।

परंतु प्रस्ताव के साथ उसे जारी किए जाने के लिए दमदार दलील तथा इसका अर्थ भी बताना होता है। धैर्य भी खूब चाहिए, क्योंकि इमोजी जारी होने की पूरी प्रक्रिया में सालों लग सकते हैं। विशेषज्ञों को नए इमोजी के लिए लगातार आग्रह मिलते रहते हैं और उन्हें यह तय करना पड़ता है कि किन्हें डिवैल्प करना है।

लम्बे समय से नए रंग या आकार वाले इमोजी तैयार करने की बजाय सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व पर जोर देने की मांग ज़्यादा होने लगी है। शायद यही वजह है कि सिर पर खिजाब पहने चेहरा उन इमोजी का हिस्सा है, जिन्हें हाल ही में जारी किया है।

जानकारों के अनुसार यह तो बस शुरूआत है। जल्द ही अन्य धार्मिक संकेतों वाले इमोजी भी लांच होंगे। इस तरह के इमोजी की मांग इसलिए भी बढ़ रही है, क्योंकि लोग इनमें खुद को देखने की चाह रखते हैं।

स्कॉटलैंड में तो लाल बालों वाली इमोजी लांच किए जाने को लेकर बाकायदा एक पटीशन पेश की गई। यह इमोजी अगले वर्ष तक आ सकता है। जिस पर इस वर्ष की शुरूआत में यूनिकोड में सहमति बनी है।

2015 में ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने एक इमोजी को ‘वर्ड ऑफ द यीअर’ घोषित किया था, जो इनकी अहमियत को साफ जाहिर करता है। जिस इमोजी को इसने ‘वर्ड ऑफ द यीअर’ के रूप में चुना था, उसे ‘फेस विद टीयर्स ऑफ जॉय’ (खुशी के आंसुओं वाला चेहरा) के नाम से जाना जाता है।

डिक्शनरी के प्रवक्ता के अनुसार इमोजी अब संवाद का महत्वपूर्ण अंग बन चुके हैं, ऐसे अंग जो भाषाओं के बंधन से भी मुक्त हैं। जानकारों के अनुसार चैटिंग करने वालों को अब केवल शब्दों से संतुष्टि नहीं होती है, इसीलिए वे सोशल मीडिया पर संवाद का अटूट हिस्सा हैं। जिनसे विभिन्न भावों को तुरंत जाहिर किया जा सकता है।

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आज है खण्डग्रास चंद्र ग्रहण, जानें ग्रहण काल में क्या करें, क्या न करें!

आज खण्डग्रास चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। अतः नियम एवं संयम के साथ स्नान जप, तप, और हवन यज्ञ के द्वारा बाधाओं की निवृत्ति एवं सुखों की प्राप्ति के लिए अनुष्ठान करना चाहिए। मन तथा बुद्धि पर पड़े प्रभाव से लाभ उठाने के लिए जप, ध्यानादि का विधान है। खण्डग्रास चंद्र ग्रहण के समय किए गए जप, यज्ञ, दान आदि का सामान्य की अपेक्षा बहुत अधिक महत्व वर्णित है। आइए जानते हैं खण्डग्रास चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें, क्या न करें, रखें इन विशेष बातों का ध्यान।

  • ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, ज़रूरतमंदों को वस्त्रदान से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।
  • गर्भवती महिला को ग्रहण के समय विशेष सावधान रहना चाहिए। 3 दिन या 1 दिन उपवास करके स्नान-दानादि का ग्रहण में महाफल है, किंतु संतानयुक्त गृहस्थ को ग्रहण और संक्रांति के दिन उपवास नहीं करना चाहिए।
  • ग्रहण वेध के पहले जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियां डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते। ग्रहण के दिन पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना चाहिए।
  • ग्रहण के समय गुरु मंत्र, ईष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम जप अवश्य करें। न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है। ग्रहण के अवसर पर दूसरे का अन्न खाने से 12 वर्षों का एकत्र किया हुआ सब पुण्य नष्ट हो जाता है।
  • ग्रहण के स्पर्श के समय स्नान, मध्य के समय होम, देव पूजन और श्राद्ध तथा अंत में सचैल (वस्त्र सहित) स्नान करना चाहिए। स्त्रियां सिर धोए बिना भी स्नान कर सकती हैं।
  • ग्रहण के समय ताला खोलना, सोना, मलमूत्र का त्याग, मैथुन और भोजन ये सब कार्य वर्जित हैं।
  • ग्रहण काल में स्पर्श किए हुए वस्त्र आदि की शुद्धि हेतु बाद में उसे धो देना चाहिए तथा स्वयं भी वस्त्र सहित स्नान करना चाहिए।
  • ग्रहण के समय भोजन करने वाला मनुष्य जितने अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक अरुंतुद नरक में वास करता है।
  • ग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल प्राप्त होता है।
  • सामान्य दिन से चंद्र ग्रहण में किया गया पुण्य कर्म (जप, ध्यान, दान आदि) 1 लाख गुना और सूर्य ग्रहण में 10 लाख गुना फलदायी होता है। यदि गंगाजल पास में हो तो चंद्र ग्रहण में 1 करोड़ गुना और सूर्य ग्रहण में 10 करोड़ गुना फलदायी होता है।
  • चंद्र ग्रहण में 3 प्रहर (9) घंटे पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। बूढ़े, बालक और रोगी डेढ़ प्रहर (4.30 घंटे) पूर्व तक खा सकते हैं।
  • ग्रहण के समय कोई भी शुभ व नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।
  • ग्रहण वेध के प्रारंभ में तिल या कुशमिश्रित जल का उपयोग भी अत्यावश्यक परिस्थिति में ही करना चाहिए और ग्रहण शुरू होने से अंत तक अन्न या जल नहीं लेना चाहिए।
  • ग्रहण के दिन पत्ते, तिनके, लकड़ी और फूल नहीं तोड़ने चाहिए, बाल तथा वस्त्र नहीं निचोड़ने चाहिए व दंतधावन नहीं करना चाहिए।
  • ग्रहण पूर्ण होने पर जिसका ग्रहण हो, उसका शुद्ध बिंब देखकर भोजन करना चाहिए।

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16 जुलाई को है चंद्र ग्रहण, जानें कैसा होगा राशियों पर असर!

इस वर्ष 16-17 जुलाई 2019 की रात के दरम्यान चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। खास बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। इस ग्रहण का असर भारत के साथ ही आस्ट्रेलिया, अफ्रीका, एशिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिका में भी होगा। ग्रहण खण्डग्रास चंद्र ग्रहण होगा। इस चंद्र ग्रहण की अवधि 2 घंटे 59 मिनट रहेगी। देश में यह चंद्र ग्रहण 16-17 जुलाई की रात 1.31 बजे प्रारंभ होकर तड़के 4.30 बजे तक रहेगा। चंद्र ग्रहण में ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक लग जाएगा। इस बार चंद्र ग्रहण और गुरु पूर्णिमा पर्व एक साथ होगा। आइए जानते हैं इस चंद्र ग्रहण का कैसा होगा राशियों पर असर।

मेष राशि

भावनात्मक संबंधों को लेकर संजीदा हो सकते हैं। विशेषकर पारिवारिक वातावरण में अपेक्षाएं थोड़ा कष्टकारी हो सकती हैं। अपनी माता की सेहत पर विशेष ध्यान दें। रक्तचाप जैसी समस्या हो सकती है। इस समय अस्थमा के रोगियों को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने की ज़रुरत है।

उपाय भावनाओं पर नियंत्रण रखें और मधुर वाणी का प्रयोग करें। साथ ही साथ उदर विकार से बचने की चेष्टा करें। अन्न के साथ मूंगा दान करें।

वृषभ राशि

एक तरफ मन बहुत सारी कल्पनाओं को लेकर उत्साहित होगा, लेकिन दूसरी तरफ परिवार में किसी श्रेष्ठ व्यक्ति की कटु आलोचना कष्टकारी हो सकती है। परिवार में किसी की कही गई बातों का बुरा ना मानें। जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग होगा और बड़ा ही उत्साहित और आनंदमय दिन होगा।

उपाय छोटी-मोटी बातों को नज़रंदाज करें। अनावश्यक खर्चों से बचें और लंबे समय तक खाली पेट ना रहें। चांदी दान करें।

मिथुन राशि

थोड़ी सी भावनात्मक संवेदनशीलता बढ़ी हुई नज़र आएगी। किसी पुरानी व मार्मिक बात को बहुत ज़्यादा सोचने पर परेशान हो सकते हैं। विशेषकर दांपत्य जीवन में आज के दिन किसी भी तरह की कटु बात ना करें। आर्थिक और अन्य सभी दृष्टिकोण से दिन अच्छा कहा जाएगा।

उपाय पुरानी और कटु बातों को स्मरण मत करें। दांपत्य जीवन में सुखद ढंग से व्यतीत करने की चेष्टा करें। आज के दिन किसी को धन या कर्ज़ ना दें।

कर्क राशि

आपकी राशि से षष्ठ भाव में चन्द्र का यह ग्रहण आपके लिए थोड़ा हानिकारक हो सकता है। विशेषकर मानसिक रूप से आप परेशान रहेंगे। पारिवारिक वातावरण से भावनात्मक कष्ट हो सकता है। कुछ पुरानी बातें आपको अवसाद ग्रस्त कर सकती हैं। किसी पारिवारिक सदस्य अथवा जीवन साथी से तनाव हो सकता है। आर्थिक चिंताएं बढ़ेंगी साथ ही कुछ स्वास्थ संबंधी कठिनाइयां उत्पन्न होगी।

उपाय क्रोध पर नियंत्रण रखें, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें, स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखें और चोट से बचें। चावल दान करें।

सिंह राशि

आकस्मिक कुछ चिंताएं मन को परेशान कर सकती हैं। साथ ही साथ भविष्य के प्रति नकारात्मक विचार आपको निराशा की अनुभूति करा सकते हैं, लेकिन आर्थिक दृष्टिकोण से कुछ लाभ के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही साथ किसी अच्छे संबंध के सहयोग से आपकी समस्याओं में सुधार भी मिलने के आसार भी दिख रहे हैं।

उपाय चिंताओं का त्याग करें ईश्वरी व्यवस्था पर आस्था रखें। भगवान का स्मरण करें। विशेषकर हनुमान जी की आराधना करें।

कन्या राशि

यह ग्रहण आपकी राशि के लिए काफी लाभकारी रहेगा। उत्साह मे वृद्धि और आर्थिक दृष्टिकोण से भी लाभ के आसार हैं। कार्य क्षेत्र में भी उत्साह बना रहेगा। परिजनों का सहयोग प्राप्त होगा। दांपत्य जीवन सुखद होगा। पिता के स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं थोड़ा परेशान कर सकती हैं। अनावश्यक खर्चों से मन परेशान हो सकता है।

उपाय माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें तथा पैसे के लेन-देन में सावधानी बरतें।

तुला राशि

पारिवारिक एवं भावनात्मक सम्बन्धो को लेकर आप थोड़ा संजीदा हो सकते हैं। परिजनों का सहयोग मिलेगा। उत्साह में वृद्धि होगी। पुरानी समस्याएं सुलझते नज़र आएंगे। आर्थिक दृष्टिकोण से अच्छा समय कहा जाएगा। दांपत्य जीवन में छोटे-मोटे विवाद परेशान कर सकते हैं।

उपाय नजदीकी और संवेदनशील संबंधों में पुरानी मार्मिक बातों पर चर्चा ना करें। कम्बल दान करें।

वृश्चिक राशि

मन धार्मिक आस्थाओं से परिपूर्ण होगा। कुछ महत्वपूर्ण मामलों में आर्थिक अभाव महसूस हो सकता है। जीवनसाथी से कुछ वैचारिक मतभेद संभव है। विशेषकर आर्थिक मामलों को लेकर के वैचारिक मतभेद संभव है। भाई अथवा सहकर्मी से कुछ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं।

उपाय किसी भी समस्या पर संयम से काम लें। जीवनसाथी से संवाद में मधुर वाणी का प्रयोग करें। साथ ही साथ खुद के भी खान—पान पर परहेज रखें।

धनु राशि

मन व्यग्र और नकारात्मक चिंताओं से ग्रसित हो सकता है। आपकी क्रोध में वृद्धि हो सकती है। नौकरी अथवा कार्य पैसे में समस्याएं मन पर दबाव बनाएंगी। भविष्य को लेकर के मन भयग्रस्त होगा। जिसका स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। हालांकि आर्थिक दृष्टिकोण से कोई नकारात्मक बात नहीं है, लेकिन मानसिक तौर पर अत्यधिक मन पर दबाव, आपके लिए हानिकारक हो सकता है।

उपाय आपको इस दिन हनुमान जी की आराधना काफी लाभकारी होगी। संबंधों में कटु वाणी का प्रयोग ना करें।

मकर राशि

भावनात्मक रूप से मन परेशान और व्यग्र होगा। पिता के स्वास्थ्य अथवा परिवार की चिंताएं मन पर प्रभावी रहेंगी। मन में कुछ नकारात्मक विचार भी आपको उद्वेलित कर सकते हैं। हांलाकि समुचित अर्थव्यवस्था से आर्थिक समस्याएं तो हल हो जाएंगी। किसी प्रणय संबंध को लेकर के मन व्याकुल हो सकता है।

उपाय अपने भावनात्मक उद्वेग पर नियंत्रण करें। पीला वस्त्र दान करें।

कुंभ राशि

कार्य क्षेत्र में व्यस्तता भरा दिन होगा। आर्थिक दृष्टिकोण से भी लाभ के अच्छे आसार हैं। मन संतान संबंधी दायित्वों एवं समुचित आर्थिक संसाधनों को जुटाने पर केंद्रित होगा। बहुत दिनों से चली आ रही कोई समस्या का हल होगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता से मन थोड़ा परेशान हो सकता है।

उपाय क्रोध पर नियंत्रण करें। मां दुर्गा की आराधना करें, इससे मन को शांति मिलेगी। सफेद मोती दान करें।

मीन राशि

मन आर्थिक व्यवस्था एवं पारिवारिक जिम्मेदारी की पूर्ति में केंद्रित रहेगा। कार्य एवं पैसे को लेकर के कुछ नकारात्मक चिंताएं उत्पन्न हो सकती हैं। अत्यधिक खर्चों से भी मन परेशान होगा। कार्यक्षेत्र में व्यस्तता बढ़ेगी। मां का भावनात्मक सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर परेशान हो सकती हैं।

उपाय हनुमानजी की आराधना आपके लिए काफी लाभकारी हो सकती है। हल्दी के साथ चने की दाल दान करें।

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क्या सचमुच मछलियों की बारिश होती है??

क्या सचमुच मछलियों की बारिश होती है?? क्या आसमान से घड़ियाल गिर सकते हैं? जी हाँ, कई बार ऐसे कई उदाहरण सामने आये हैं, जिनमें मछलियों की बारिश हुई यानि मछलियों को आसमान से नीचे गिरते हुए देखा गया. जो मछली आकाश से नीचे गिरती है, यह वही मछली होती है, जो पानी में पाई जाती है. तो ऐसा क्या होता है कि पानी की मछली आकाश में पहुँच जाती है?

कुछ वैज्ञानिकों और शौधकर्तायों ने इस घटना पर विस्तृत अध्ययन किया गया है. आम सहमति यही है कि यह सब जलस्तम्भ या बवंडर यानि Tornado के कारण होता है. जब बवंडर समंदर के धरातल को पार करते हैं, तो ऐसी अवस्था में ये पानी के तूफ़ान का रूप ले लेते हैं. तब यह पानी का तूफ़ान मछलियों के साथ अन्य जीवों यहाँ तक कि सांपों, केकड़ों, कछुओं व घडियालों को भी अपने अंदर समा लेता है. मछलियां और अन्य जीव बवंडर के साथ उड़ने लगती हैं और तब तक उड़ती रहतीं हैं, जब तक हवा की रफ्तार कम नहीं हो जाती और जब हवा की रफ़्तार कुछ कम हो जाती है, तो ये जमीन पर गिरती हैं, तो ऐसा लगता है, जैसे मछलियों की बारिश हो रही है.

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बिल इवांस की पुस्तक के अनुसार पानी के जीव एक साल में चालीस बार आसमान से नीचे गिरते हैं. बहुत सारे जीव आसमान से नीचे गिरते हुए देखे गए हैं. इनमें सांप, कीड़े, घोंघे और केंकड़े हैं. यहाँ तक घडियाल जैसे आकार के जीवों को भी आकाश से नीचे गिरते हुए देखा गया है, हालांकि यह बहुत कम होता है. वायु का प्रवाह बहुत ज़्यादा होने के कारन यह आकाश में उड़ते रहते हैं. यह तब तक नहीं नीचे गिरते, जब तक हवा की गति धीमे नहीं हो जाती.

अगर आपको मछलियों या मेंढकों की बारिश होती दिखे, तो घबराना नहीं, बस तुरंत अपने घर की खिड़कियाँ को बंद कर लेना.

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बेहतरीन फोटोग्राफर बनने के लिए 10 मददगार टिप्स

क्या आप एक बेहतर फोटोग्राफर बनना चाहते हैं ? बेहतर फोटोग्राफर बनने के लिए आपको सिर्फ थोड़ा सा अनुभव चाहिए. यह हैं अच्छा फोटोग्राफर बनने के लिए 10 बेहतरीन टिप्स.

अच्छे चित्र लेने के लिए 10 टिप्स.

अपने कैमरे के फोकस को अपने विषय (Subject) की ओर रखें

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अपने कैमरे के माध्यम से सीधी आँख से विषय (subject) को देखने से आपको बेहतरीन तस्वीर मिलेगी. जब आप किसी की फोटो ले रहे हो, तो अपने कैमरे के फोकस को व्यक्ति की आँख की तरफ टिका लें और उनके मुस्कराते हुए दृश्य की फोटो अपने कैमरे से खींच लें.

एक सादे पृष्ठभूमि का उपयोग करें (use a plain background)

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एक सादे पृष्ठभूमि (background) से आपके फोटोग्राफर के विषय के बारे में पता चलता है. जब आप कैमरे के दृश्यदर्शी (viewfinder) के माध्यम से अपने विषय (subject) को देखते हैं, तो आपको विषय के आसपास के खेत्र का अध्ययन करना चाहिए.

बाहर फ़्लैश का प्रयोग करें (use the flash outdoors)

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उज्ज्वल सूरज, आपके विषय के आसपास बदसूरत गहरी छाया बना सकता है. आप अपने कैमरे के फ़्लैश का उपयोग करते हुए अपने विषय के चेहरे पर पड़ रही छाया को हटा सकते हैं. जब आप धूप में लोगों की तस्वीरें ले रहे हैं, तो आपको अपने कैमरे की फ़्लैश चालू रखनी चाहिए.

कैमरे को विषय के पास ले जाएँ (move in close)

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अगर आपका विषय (Subject) एक कार से छोटा है, तो आपको विषय की तस्वीर जूम लेकर या एक-दो कदम पास जाकर खींचनी चाहिए. आपके द्वारा ली गयी पूरी तस्वीर आपके विषय की ही होनी चाहिए. यही आपका मुख्य लक्ष्य होना चाहिए.

बीच से स्थान-परिवर्तन करें (move it from the middle)

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आपके विषय का कैमरे के फोकस में मिडिल में होना एक अच्छी जगह नहीं है. आप अपने द्वारा ली जाने वाली तस्वीर में अपने विषय को कैमरे के फोकस में एक तरफ करके अपनी तस्वीर में जान डाल सकते हैं. ऐसा करने से पहले आपको अपने कैमरे के फोकस को लॉक करना पड़ेगा.

फोकस को लॉक करना (Lock the focus)

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अगर आपका विषय केंद्र (Center) में नहीं है, तो आपको कैमरे के फोकस को लॉक करना पड़ेगा. अगर आप धुंधलेपन वाली तस्वीर नहीं लेना चाहते, तो आपको पहले अपने कैमरे के फोकस को अपने विषय पर लॉक करना पड़ेगा, जिससे आपके विषय की तस्वीर अच्छी तरह से आएगी.

आपको अपने कैमरे की फ़्लैश की सीमा का पता होना चाहिए (know your flash range)

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हम में से कई लोगों को अपने फ़्लैश की रेंज के बारे में नहीं पता होता. इसी वजह से हमारे द्वारा ली गयी ज़्यादातर तस्वीरें अच्छी नहीं होती. ज़्यादातर कैमरों में फ़्लैश की सीमा 15 फीट या 5 कदम दूरी से अधिक नहीं होती. एक फोटोग्राफर को अपने विषय की तस्वीर अपने कैमरे की फ़्लैश रेंज में ही लेनी चाहिए.

तस्वीर हमेशा रौशनी वाली जगह पर लें (watch the light)

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हर एक तस्वीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रौशनी होती है. रौशनी आपके फोटोग्राफी में बहुत मायने रखती है. अगर आपको विश्वास नहीं होता, तो आप अँधेरे में अपने विषय की तस्वीर लेकर देखें. रौशनी में ली गयी तस्वीर, अँधेरे में ली गयी तस्वीर से ज़्यादा बेहतर होगी.

कुछ लंबरूप (vertical) तस्वीरें भी लें

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यह खूबी आपके कैमरे की विशेषताओं को जानने में बहुत मददगार होगी. तो अगली बार अपने कैमरे से तस्वीर लेने से पहले अपने कैमरे को बगल (sideways) वाली स्थिति में कर लें और फिर तस्वीर लें.

तस्वीर निर्देशक बनो (be a picture director)

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तस्वीर लेने से पहले आपके द्वारा ध्यान में रखे गये उपरोक्त टिप्स आपके द्वारा ली गयी तस्वीरों में बहुत सुधार लायेंगे.

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दुनिया में 10 सबसे अजीबोगरीब डर!!!

शायद हम सभी किसी ना किसी चीज़ के भय से ग्रस्त रहते हैं, कुछ लोग ज़्यादा डरते हैं और कुछ लोग कम. लेकिन कई लोगों को बहुत ही अजीब चीज़ों से डर लगता है. जैसे कि यह 10 अजीबोगरीब डर (Phobia) जो बहुत बेतुके हैं, फिर भी लोगों को इन से डर लगता है. तो आइए जानते हैं दुनिया के 10 सबसे अजीबोगरीब डर के बारे में…..

सड़क को पार करने से डरना (Agyrophobia)

जो लोग इस फोबिया से ग्रस्त होते हैं, उन्हें सड़कों, राजमार्गों और अन्य मार्गों को पार करने से भय लगता है. इस डर से ग्रस्त लोगों को शहर में आराम से रहने के लिए बहुत समस्या आती है.

खाना पकाने का डर (Mageirocophobia)

यह डर बहुत दुर्लभ होता है. इस डर से ग्रस्त व्यक्ति में कमज़ोरी आ जाती है और अस्वस्थ भी होने लगता है. यह दुर्लभ डर (Phobia) ज़्यादातर अकेले रहने वाले लोगों में होता है. यह डर अत्यंत कौशल व्यक्तियों में भी हो सकता है.

गुड़िया के खिलौने से डरना (Pediophobia)

यह डर बहुत ही तर्कहीन है. इस डर से पीड़ित व्यक्ति को गुड़िया के खिलौनों से डर लगता है. पीड़ित व्यक्ति गुड़िया के खिलौनों के साथ-साथ रोबोट जैसे दिखने वाले खिलौनों से भी डरता है. इस डर में पीड़ित व्यक्ति को लगता है कि गुड़िया का खिलौना जीवित हो उठेगा.

रात के खाने में वार्तालाप का डर (Fear of Dinner Conversation)

बेशक कई बार रात के खाने में वार्तालाप का डर बहुत अजीब हो सकता है, लेकिन कई लोग रात के खाने के समय साथ वाले लोगों से वार्तालाप करने में बहुत ज़्यादा डरते हैं.

दर्पण को देखने का डर (Eisoptrophobia)

यह डर बहुत ही भावनात्मक होता है. इस डर से पीड़ित व्यक्ति को दर्पण देखने से बहुत भय लगता है. पीड़ित व्यक्ति को दर्पण देखते समय बहुत ही चिंता होने लगती है. बेशक उसे पता होता है कि यह चिंता तर्कहीन है. असल में यह डर अंधविश्वास पर आधारित डर है, इस डर से पीड़ित व्यक्ति को लगता है कि अगर वह दर्पण के सामने आएगा, तो वह अलोकिक दुनिया के साथ संपर्क में आ जायेगा.

शैतान का डर (Demonophobia)

यह डर बहुत आसामान्य और डरावना होता है. यह डर उन लोगों में होता है, जो अलौकिक शक्तियों, आत्माओं में विश्वास रखते हैं. उनको भूतों के बारे में बातें करने से, भूतों की फिल्मों देखने में बहुत डर लगने लगता है.

सास से डरना (Pentheraphobia)

शादीशुदा लोगों में यह डर पाया जाता है. यह डर पश्चिमी समाज में बहुत आम है. इस डर में शादीशुदा लोग अपनी सास से डरते हैं. इस डर को कई तरह के उपायों से खत्म किया जा सकता है. लेकिन सबसे आम उपाय तालाक होता है.

पी-नट बटर को खाते समय मुंह में चिपकने का डर (Arachibutyrophobia)

इस डर का मुख्य कारण होता है, यह कल्पना करना कि यदि खाते समय मूंगफली का मक्खन या उसके जैसी मिलती जुलती खाने वाली चीजें यदि मुंह में ही चिपक जाए. तो क्या होगा? इस डर से पीड़ित व्यक्ति को इसी बात का डर लगा रहता है. यह डर बहुत विचित्र है. यह डर किसी को भी बहुत आसानी से लग सकता है.

बैठने का डर (Cathisophobia)

इस डर से पीड़ित व्यक्ति को कहीं पर बैठने से डर लगता है. इस डर कि शुरुआत उस समय होती है, अगर कोई व्यक्ति गलती से किसी बुरी चीज़ पर बैठ जाता है. जिसके बाद उसे बैठने से डर लगने लगता रहता है. लेकिन कई मामलों में यह डर पीड़ित में तब जन्म लेता है, जब उसको स्कूल के समय किसी प्रभावशाली व्यक्ति के सामने बैठने के लिए कहा जाता है.

वेंत्रिलोक्विस्ट डम्मी से डर (Automatonophobia)

वेंत्रिलोक्विस्ट (Ventriloquist’s) एक ऐसा खिलौना होता है, जो कलाकारों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है. इस खिलौने में कलाकार अपना हाथ डाल कर अलग-अलग आवाज़ें निकालते हैं. जिससे दर्शकों को लगता है कि खिलौना बोल रहा है. बहुत से लोगों को इन खिलौनों से भी डर लगता है. इस डर से पीड़ित व्यक्ति को लगता है कि खिलौना सच्च में बोलने लग गया.

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दुनिया के अजीबोगरीब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड!!

दुनिया में अजीबोगरीब लोगों की कमी नहीं है। आपको दुनिया के हर कोने में ऐसे कई शख्स मिलेंगे, जो अपने आप में किसी अजूबे से कम नहीं हैं। कुछ अजूबे तो ऐसे हैं, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए बरसों प्रैक्टिस करते हैं, कई तरह के त्याग करते हैं और फिर जब वे रिकॉर्ड बना लेते हैं, तो रातों रात दुनियाभर में फेमस हो जाते हैं। हटके करने की चाह में कुछ लोगों ने ऐसे कारनामे कर डाले, जिसके बारे में कभी किसी ने सोचा भी नहीं होगा। आज हम आपको बताने जा रहे हैं, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज अजीबोगरीब रिकॉर्डस।

सबसे लम्बी टांगों का रिकॉर्ड

रूस की एकैटेरिना लिसिना दुनिया की सबसे लंबी टांगों वाली महिला है। वह दुनिया की सबसे लंबी प्रोफेशनल मॉडल है। उनकी बाईं टांग 132.8 सेंटीमीटर और दाहिनी टांग 132.2 सेंटीमीटर लम्बी है। महिलाओं की श्रेणी में सबसे लम्बी टांगों का वर्ल्ड रिकॉर्ड एकैटेरिना लिसिना के नाम है। उनसे पहले यह रिकॉर्ड रूसी महिला स्वेतलाना के पास था। उसके घर में प्रत्येक सदस्य की लम्बाई छह फीट से ज़्यादा है।

सबसे लंबी पलकें

चीन की महिला यू जियांक्सिया के नाम सबसे लंबी पलकों का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। यू जियांक्सिया की ऊपरी बांई पलक की लंबाई 12.40 सेंटीमीटर नापी गई थी। उनकी पलकें 12.40 सेंटीमीटर यानी कि 4.88 इंच लंबी हैं।

सबसे लंबे नाखून

अमेरिका के टेक्‍सास की रहने वाली महिला अयाना विलियम्‍स के नाम सबसे लंबे नाखून रखने का रिकॉर्ड है। उनके नाखूनों की लंबाई 8 फीट 10.9 इंच है। अयाना पिछले 20 सालों से अपने नाखून बढ़ा रही हैं। आपको बता दें कि उन्‍हें अपने नाखूनों को पॉलिश करने में 20 घंटे का समय लगता है।

सबसे जल्दी बैलून फुलाने का रिकॉर्ड

जब कभी हमें कोई गुब्बारे फुलाने के लिए कहे, तो हम दो-तीन गुब्बारे फुलाकर थक जाते हैं। अमेरिका के कोलाराडो में हंटर इवन नाम के शख्स के पास एक घंटे में सबसे जल्दी बैलून फुलाने का रिकॉर्ड है। इवान ने पास एक घंटे में अपने मुंह से 910 गुब्बारे फुलाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

7 साल की उम्र में कमाता है करोड़ों रुपए

रेयान खिलौनों का रिव्यू करता है और उसका अपना यूट्यूब चैनल है, जो ‘रेयान टॉय्ज रिव्यू’, के नाम से चलता है। इसमें कारें, सामान्य खिलौने, एक्शन फिगर्स आदि शामिल हैं। वह अपने घर पर ही खिलौनों का रिव्यू करता है और उसके पैरेंटस उन वीडियो को अपलोड करते हैं। मात्र 7 साल के रेयान ने एक साल ने 155 करोड़ रुपए की कमाई की और फोर्ब्स की लिस्ट में शामिल हो गया। यूट्यूब के अनुसार, रेयान के चैलन के कुल 1.73 करोड़ फॉलोअर्स हैं। उनके चैनल को कुल 26 अरब से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। रेयान के माता-पिता ने मार्च 2015 में रेयान टॉय्ज-रिव्यू चैनल शुरू किया था।

सबसे लंबी पूंछ वाली बिल्ली

साइगनस नाम की पालतू बिल्ली का सबसे लंबी पूंछ का गिनीज रिकॉर्ड है। साइगनस की पूंछ की लंबाई 44.66 सेंटीमीटर है।

बालों का सबसे ऊँचा घोंसला

लॉस एंजिल्स, अमेरिका के बेनी हार्लेम का हाई टॉप फेड, यानी बालों का सबसे ऊँचा घोंसला है। बेनी हारलेम को अपने बाल बनाने में दो घंटे का समय लगता है और दरवाजे से गुज़रते वक्त ध्यान रखना पड़ता है, वरना 2 घंटों की मेहनत बर्बाद भी हो सकती है। उन्होंने 10 सालों से बाल नहीं कटवाए हैं। उनके नाम सबसे ऊंचे टॉप फेड (एक तरह का हेयर स्टाइल, जिसमें किनारे के बाल तो कटवाए जाते हैं, लेकिन ऊपर के बाल बढ़ने के लिए छोड़ दिए जाएं) का गिनीज रिकॉर्ड है। उनके टॉप फेड की ऊंचाई 52 सेंटीमीटर है।

सबसे जल्दी क्यूब सॉल्व करना

ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले फैलिक्स जैमडेग के पास सबसे कम टाइम में रूबिक क्यूब सॉल्व करने का रिकोर्ड है। ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले इस स्टूडेंट ने महज 4.73 सेकेंड में क्यूब सॉल्व कर लिया था।

सबसे भारी साइकिल

बेल्जियम के इंजीनियर जेफ पीटर्स ने दुनिया की सबसे भारी साइकिल बनाई है। बताया जा रहा है कि इस साइकिल का वजन 860 किलो है।

सबसे लंबे बाल

गुजरात की नीलांशी पटेल 16 साल की उम्र में 5 फीट 7 इंच लंबे बाल बढ़ाकर दुनिया की पहली टीन-एजर बन गई हैं। इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। महेसाणा की रहने वाली नीलांशी बताती हैं कि 6 साल की उम्र में हेयरड्रेसर ने उनके बाल अच्छे से नहीं काटे थे। तब उन्होंने ठान लिया था कि वे कभी बाल नहीं काटेंगी।

मधुमक्खियों के लिए शरीर को बनाया घर

यदि एक मधुमक्खी आपको डंक मार दे, तो आपके शरीद के अंदर सिहरन पैदा हो जाती है। लेकिन चीन का बीकीपर शी पिंग मधुमक्खियों से खेलता है। जी हां, बीकीपर शी पिंग ने अपने शरीर पर 3 लाख 31 हजार मधुमक्खियों को बैठाकर वल्र्ड रिकॉर्ड बनाया।

सबसे बूढ़े बॉडी बिल्डर

अमेरिका के जिम एरिंगटन पिछले 70 सालों से बॉडी बिल्डिंग से जुड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं। उनकी उम्र 84 साल है। इस साल उन्होंने सबसे बूढ़े बॉडी बिल्डर के रूप में गिनीज बुक में जगह बनाई है।

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भारतीय संविधान से जुड़ी कुछ खास बातें!!

भारत राज्‍यों का एक समूह है। य‍ह संसदीय प्रणाली की सरकार का एक स्‍वतंत्र गणराज्‍य है। यह गणराज्‍य भारत के भारतीय संविधान के अनुसार चलता है, जिसे संविधान सभा द्वारा 26 नवम्‍बर 1949 को ग्रहण किया गया था और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। विश्व में भारत का संविधान सबसे बड़ा लिखित संविधान है।

संविधान की विशेषता 

भारत के संविधान की मुख्य विशेषता यह है कि वह संघात्मक भी है और एकात्मक भी। भारत के संविधान में संघात्मक संविधान की विशेषताएं दी गई हैं। दूसरी विशेषता यह है कि आपातकाल में भारतीय संविधान में एकात्मक संविधानों के अनुसार केंद्र को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए नियम बनाये गए हैं।

आइए जानते है कुछ ऐसे ही महत्वपूर्ण तथ्य भारतीय संविधान के बारे में :-

    • संविधान किसी भी देश का सर्वोच्च कानून होता है।
    • ‘संविधान का निर्माता’ डॉ. भीमराव अम्बेडकर को कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने भारतीय संविधान में निर्माण में मुख्य भूमिका निभाई थी।
    • जब भारत का संविधान बनाया गया, तो उसमें प्रेस और जनता को भाग लेने की पूरी स्वतंत्रता थी। संविधान सभा को बनाने में 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन का समय लगा था तथा इसमें 114 दिन बैठकें कर के संविधान बनाया गया था।
    • भारतीय संविधान को हाथों से लिखा गया था, इसमें किसी भी प्रकार की टाइपिंग या प्रिंटिंग का उपयोग नहीं किया गया था।
    • जवाहरलाल नेहरू, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम संविधान सभा के मुख्य सदस्य थे.constitution
    • 11 दिसंबर, 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान का अध्यक्ष चुना गया था, जो कि अंत तक भारतीय संविधान के अध्यक्ष बने रहे।
    • भारतीय संविधान में 465 अनुच्छेद, तथा 12 अनुसूचियां हैं, जिन्हें 22 भागों में विभाजित किया गया हैं।
    • संविधान की धारा 74 (1) में यह बताया गया है कि मंत्रि परिषद राष्‍ट्रपति की सहायता से होगी और इसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा।
    • भारतीय संविधान अब तक का सबसे लंबा लिखित संविधान है और इसके अब तक 100 संशोधन हो चुके हैं।
    • ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द संविधान के 1976 में हुए 42वें संशोधन अधिनियम द्वारा प्रस्तावना में जोड़ा गया। यह सभी धर्मों की समानता और धार्मिक सहिष्णुता सुनिश्चित करता है।
    • भारत मे किसी भी नागरिक को दोहरी नागरिकता प्राप्त नहीं है।  जाति, रंग, नस्ल, लिंग, धर्म या भाषा के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता और सभी को बराबर का दर्जा और अवसर प्राप्त है।
    • भारत में संविधान बनने से पहले ब्रिटिश सरकार द्वारा बनाए गए एक्ट 1935 को मानते थे।
    • भारतीय संविधान को बनाने के लिए संविधान सभा पर कुल अनुमानित लागत 1 करोड़ रुपये थी।

जानिए कैसे बना सकते है अपने बालों को खूबसूरत और सिल्की

जब हम हेयर वॉश करते हैं, तो बालों का पसीना और अनावश्यक ऑयल बाहर निकल जाता है। इसके लिए अपने शैंपू की किस्म पर भी विशेष ध्यान दें, क्योंकि कोई भी शैंपू इस्तेमाल करना या उसे बदलते रहना भी बालों की ग्रोथ के लिए हानिकारक हो सकता है। विंटर में स्ट्रांग शैंपू इस्तेमाल करने की अपेक्षा माइल्ड शैंपू ही इस्तेमाल करें। एक भ्रम के अनुसार अधिक झाग वाले शैंपू से बाल अच्छी तरह साफ हो जाते हैं, जिसके कारण अधिकांश महिलाएं इसी प्रकार के शैंपू इस्तेमाल करना चाहती हैं, परन्तु इससे बाल जल्दी ड्राई हो जाते हैं। इसलिए बिना कैमिकल वाले शैंपू का ही इस्तेमाल करें। आप चाहें तो हेयर्स को शैंपू करते समय इसका दो बार भी इस्तेमाल कर सकती हैं।

ऐसा हो शैंपू

शैंपू की किस्म की बात करें, तो अधिक पी.एच. का शैंपू हेयर्स को नुक्सान पहुंचा सकता है। इसलिए 4 से 6 के बीच वाले पी.एच. शैंपू का ही प्रयोग करें। इससे जहां हेयर्स की नमी बरकरार रहेगी, वहीं ये अधिक ड्राई भी नहीं होंगे।

जैसे हेयर वैसा शैंपू

कर्ली हेयर के लिए सॉफ्टनैस शैंपू तथा स्ट्रेट ऑयली हेयर के रूटीन वॉश के लिए नैचुरल शैंपू का इस्तेमाल करना चाहिए। रूखे हेयर्स को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती, है, सो इसके लिए मॉयश्चराइजर युक्त शैंपू का ही इस्तेमाल करें। हेयर्स की चमक बरकरार रखने के लिए इन्हें कंडीशन करना न भूलें, परन्तु इस बात का ध्यान रखें कि इसे सिर की त्वचा पर न लगाएं।

नैचुरल हेयर ब्रिसल ब्रश करें इस्तेमाल

हेयर्स में नैचुरल ऑयल बरकरार रखने के लिए हमेशा नैचुरल ब्रिसल ब्रश का ही इस्तेमाल करना चाहिए। इससे सिर की स्किन से ऑयल हेयर्स तक पहुंचता है और हेयर्स को पोषण मिलता है। इस बात का ध्यान रखें कि प्लास्टिक हेयर ब्रश के इस्तेमाल से बाल टूटते और बेजान बनते हैं। नैचुरल ब्रिसल ब्रश का यह फायदा भी है कि इससे सिबेशियस ग्लैंड्स में ऑयल उत्पन्न होता है। जब यह ऑयल और हेयर्स का पसीना मिलता है, तो एसिड मैंटल बनता है, जो एक प्रोटैक्टिव लेयर बनाता है, जिससे हेयर्स की नैचुरल तरीके से रक्षा होती है।

मौसम का असर

अक्सर देखा जाता है कि सर्दियों में महिलाएं तेल लगा लेती हैं, परन्तु जब हम घर से बाहर निकलते हैं, तो इनमें मिट्टी के कण अधिक फंस जाते हैं। ऐसे में शैंपू का इस्तेमाल भी बार-बार करना पड़ता है और ज़्यादा बार शैंपू इस्तेमाल करने से बाल अधिक रूखे हो जाते हैं। मायश्चराइजर ट्रीटमैंट कम से कम सप्ताह में एक बार कराने से इस समस्या से छुटकारा मिलता है।

बायोलॉजिकल प्रोसैस और बालों की हाइजीन

हेयर केयर एवं सिर की स्किन की देखभाल दोनों बातें ही एक-दूसरे के साथ जुड़ी हैं, क्योंकि हेयर्स की ग्रोथ त्वचा में से ही होती है। हेयर्स के जैविक भाग हेयर फोलिकल, हेयर रूट, सिबेशियस ग्लैंड्स त्वचा के अंदर ही होते हैं। यही कारण है कि हर मौसम में बालों के रखरखाव हेतु सिर की स्किन की सफाई नियमित रूप से करना बेहद ज़रूरी है।

मसाज करें

हेयर्स को जड़ से मज़बूत बनाने के लिए ऑयल बेहद ज़रूरी है। इससे हेयर्स को पोषण मिलता है। हफ्ते में 3 बार हेयर्स में ऑयल लगा कर अच्छी तरह से मसाज करें। इससे ये जड़ से मज़बूत होते हैं।

सर्दियों में डेंड्रफ की समस्या

डेंड्रफ की समस्या से बचने के लिए तेल को गुनगुना कर सिर पर लगाएं और बाद में तौलिए को गर्म पानी में भिगो कर निचोड़ने के बाद बालों में दस-पन्द्रह मिनट तक लपेट कर रखें।

संतुलित भोजन लें

बालों को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में प्रोटीन की मात्रा अधिक लें। हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, दूध आदि। ड्राई फूट्स और ओमेगा थ्री फैटी एसिड्स लेने से बाल स्ट्रांग एवं शाइनी बनते हैं। आयरन एवं आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों का भी सेवन करें। ये बालों का पोषण कर उन्हें जड़ से मज़बूत बनाते हैं। तली भुनी चीजों एवं मसालेदार भोजन से परहेज करें।

इन बातों का रखें ख्याल

  • कभी भी गीले बालों में रबड़ बैंड का इस्तेमाल न करें और रात के वक्त बालों में रोलर न लगाएं।
  • बाल धोने के लिए बहुत ज़्यादा गर्म पानी इस्तेमाल न करें। इसके इस्तेमाल से बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और ये जल्दी टूटने लगते हैं।

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