3 सितंबर का इतिहास

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3 सितंबर का इतिहास

  • 1617 –मुमताज़ महल (नूरजहाँ) की पुत्री रोशन आरा बेगम का जन्म  हुआ था।
  • 1650 –इंग्लैंड तथा स्कॉटलैंड के बीच डनबर की लड़ाई।
  • 1783 –अमेरिका और ब्रिटेन के बीच पेरिस की संधि के साथ क्रांतिकारी युद्ध समाप्त हो गया।
  • 1791 –फ्रांस की नेशनल एसेंबली ने  फ्रांसीसी संविधान को पारित किया।
  • 1900 -रूसी सेना ने  रूस तथा मंचूरियाई सीमा के दोनों तरफ आमूर नदी पर नियंत्रण स्थापित किया।
  • 1922 –कनाडाई मेज़ो सोप्रानो सैली टेरी का जन्म  हुआ।
  • 1923 –सुप्रसिद्ध तबला वादक किशन महाराज का जन्म हुआ था।
  • 1924  -चीन में गृह युद्ध की शुरुआत हुई।
  • 1943 -दूसरे विश्व युद्ध के दौरान मित्र राष्ट्रों ने  इटली पर हमला किया।
  • 1964 -अमेरिकी अटॉर्नी जनरल रॉबर्ट केनेडी ने  इस्तीफा दिया।
  • 1971 -कतर  स्वतंत्र राष्ट्र बना।
  • 1974 -भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी राहुल साघवी का जन्म  हुआ था।
  • 1976 -भारतीय फिल्म अभिनेता विवेक ओबेराय का जन्म  हुआ था।
  • 1984 -दक्षिण अफ्रीका ने  संविधान को अंगीकार किया।
  • 1992 -भारत की प्रसिद्ध महिला पहलवान साक्षी मलिक का जन्म  हुआ था।
  • 2004 -रुसी सैनिकों ने  अपहरणकर्ताओं के कब्‍जे से स्कूल मुक्त कराया।
  • 2006 –यूरोप का पहला त्रिवर्षीय चंद्र मिशन समाप्त। भारतीय मूल के भरत जगदेव ने गुयाना के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
  • 2008  –राजेन्द्र कुमार पचौरी को संयुक्त राष्ट्र की संस्था जलवायु परिवर्तन के अन्तर सरकारी पैनल (आईपीसीसी) का पुनः प्रमुख चुना गया।
  • 2009 –आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई. एस. रेड्डी की  हेलीकाप्टर दुर्घटना में मौत हो गयी।
  • 2014 –भारत और पाकिस्तान में अचानक अायी बाढ़ के कारण दो सौ से ज्यादा लोगों की मौत।

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3 सितंबर का इतिहास
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2 सितंबर का इतिहास

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2 सितंबर का इतिहास

  • 1573 – अकबर ने  में गुजरात फ़तह किया।
  • 1666 – लंदन में  को भीषण आग लगने से छह लोगों की मौत हुई और दस हज़ार इमारतें नष्ट हो गयी।
  • 1789 – अमेरिका में  को राजस्व विभाग बनाया गया।
  • 1789 –अमेरिका में  को राजस्व विभाग बनाया गया।
  • 1798 – अंग्रेजो ने  में हैदराबाद के निजाम के साथ समझौता किया।
  • 1798 – अंग्रेजो ने  में हैदराबाद के निजाम के साथ समझौता किया।
  • 1806 – भूस्खलन के कारण  में स्विटजरलैंड का एक पूरा शहर बर्बाद हो गया।
  • 1885 – केरल  के प्रसिद्ध समाज सुधारक टी. के. माधवन का जन्म  को हुआ था।
  • 1941 – प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री साधना का जन्म  को हुआ था
  • 1945 – जापान द्वारा हार स्वीकार कर लिए जाने के बाद  में छह साल तक चला दूसरा विश्व युद्ध समाप्त हुआ।
  • 1955 – भारत के प्रसिद्ध विद्वान, साहित्यकार और शिक्षा शास्त्री अमरनाथ झा का निधन  को हुआ था।
  • 1970 – कन्याकुमारी में  को विवेकानन्द स्मारक का उद्घाटन हुआ।
  • 1970 – नासा ने  में चांद पर जाने के लिए अपने दो अपोलो मिशन को कैंसिल कर दिया।
  • 1971– भारतीय अभिनेता पवन कल्याण का जन्मको हुआ था।
  • 1976 – मराठी भाषा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार विष्णु सखाराम खांडेकर का निधन  को हुआ था।
  • 1984 –भारतीय मॉडल और अभिनेत्री उदिता गोस्वामी का जन्म को हुआ था।
  • 1988 – भारतीय क्रिकेटर इशांत शर्मा का जन्म को हुआ था।
  • 1989 – भारतीय पार्श्वगायक इश्मीत सिंह सोढ़ी का जन्म  को हुआ था
  • 1999 –भारतीय तैराक बुला चौधरी इंग्लिश चैनलमें दो बार पार करने वाली प्रथम एशियाई महिला बनीं।
  • 2000 –मैनहट्टन परियोजना में अग्रणी भूमिका निभाने वाले वैज्ञानिक जॉन सिम्पसन का निधन  में हुआ।
  • 2001 -विश्व में पहला हृदयरोपण करने वाले दक्षिण अफ़्रीका के अग्रणी हृदय विशेषज्ञ क्रिश्चियन बर्नार्ड का साइप्रस में निधन  में हुआ।
  • 2005 – अमेरिका में  को आए कैटरीना तूफान ने भारी तबाही मचाई।
  • 2006 – पश्चिमी ईराक में  को 3 भारतीयों और 11 पाकिस्तानियों की अपहरण के बाद हत्या
  • 2007 –अल्बानिया  में विश्व का पहला रासायनिक हथियार युक्त राष्ट्र बना।
  • 2008 –कानपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.बी.एन.अस्थाना को  में उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सरस्वती सम्मान देने की घोषणा की गई।

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नदियों के बारे में रोचक तथ्य
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1 सितंबर का इतिहास

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1 सितंबर का इतिहास

  • 1574  -सिक्खों के तीसरे गुरु गुरु अमरदास जी का निधन हुआ था।
  • 1908  -भारतीय सिनेमा के खलनायक अभिनेता के. एन. सिंह का जन्म हुआ था।
  • 1909  -प्रसिद्ध साहित्यकार फ़ादर कामिल बुल्के का जन्म हुआ था।
  • 1921  -भारतीय क्रिकेटर माधव मंत्री का जन्म हुआ था।
  • 1933  -हिन्दी के कवि और ग़ज़लकार दुष्यंत कुमार का जन्म हुआ था।
  • 1939  –जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण करने के साथ ही द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत हुई।
  • 1947  -भारत के राजनीतिज्ञों में से एक पी. ए. संगमा का जन्म हुआ था।
  • 1947  -भारतीय मानक समय को अपनाया गया।
  • 1956  -भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की स्थापना हुई।
  • 1962  -महाराष्ट्र के कोल्हापुर में शिवाजी विश्वविद्यालय की स्थापना।
  • 1964  -इंडियन ऑयल रिफ़ाइनरी और इंडियन ऑयल कम्पनी को विलय करके इंडियन ऑयल कॉपरेशन बनाई गयी।
  • 1970  -भारतीय अभिनेत्री पद्मा लक्ष्मी का जन्म हुआ था।
  • 1973  -मशहूर धारावाहिक अभिनेता राम कपूर का जन्म हुआ था।
  • 1994  -उत्तरी आयरलैंड में आयरिन रिपब्लिकन आर्मी ने युद्ध विराम लागू किया।
  • 2000   -चीन ने तिब्बत होते हुए नेपाल जाने वाले अपने एकमात्र रास्ते को बंद किया।
  • 2004  -पाकिस्तान के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ मेहर खान विलियम्स को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने उप उच्चायुक्त नियुक्त किया।
  • 2005  –सद्दाम हुसैन ने सशर्त रिहाई की अमेरिकी पेशकश ठुकराई।
  • 2007  –फिजी के अपदस्थ प्रधानमंत्री लाइसेनिया करासे नौ महीने बाद राजधानी सुवा लौटे।
  • 2006  -एग्जिट पोल के जनक और टेलिफ़ोन सर्वे में सैपलिंग मेथड विकसित करने में मददगार वाडेन मिटोफ़्स्की का निधन हुआ था।
  • 2008  –बाटा शू कंपनी के सीईओ रहे थॉमस जे बाटा का निधन हुआ।
  • 2008  -तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने डी. सुब्बाराव की भारतीय रिजर्व बैंक के 22वें गर्वनर के रूप में नियुक्ति की घोषणा की।
  • 2008  –यूनियन बैंक ऑफ़ इण्डिया ने अपना लोगो बदला।
  • 2009 -वायस एडमिरल निर्मल कुमार वर्मा को  भारतीय नौसेना का प्रमुख नियुक्त किया गया।
  • 2009 -सर्वोच्च न्यायालय में जसवंत सिंह की किताब पर गुजरात में प्रतिबंध लगाए जाने के मामले में राज्य सरकार को  नोटिस दिया।

 

धरती की विशालकाय नदी अमेज़न के बारे में रोचक तथ्य
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नदियों के बारे में रोचक तथ्य

नदी धरती पर बहने वाली एक जलधारा होती है। नदियों का स्रोत आमतौर पर बर्फ का ग्लेशियर यानि हिमनद, झील, प्राकृतिक स्रोत या झरना अथवा बारिश का पानी होता है। किसी भी नदी का समापन किसी बड़ी, सागर, झील या मरुस्थल में होता है।

नदियों के बारे में रोचक तथ्य
अमेज़न नदी- दुनिया की सबसे विशाल नदी

अधिकतर मानव सभ्यताएं नदियों के किनारों पर ही फली-फूलीं। इसलिए कहा जा सकता है कि नदियां ही मानव जीवन-यापन की सबसे महत्वपूर्ण जीवन रेखाएँ हैं। नदियां देश भर में बड़ी संख्या में लोगों के लिए पीने का पानी, सस्ता परिवहन, बिजली और आजीविका प्रदान करती हैं।

यहाँ हम धरती की जीवन रेखाओं यानि नदियों के बारे में रोचक एवं ज्ञानवर्धक तथ्य संकलित करके लाये हैं।

  • धरती पर बहने वाली सबसे लंबी नदी नील नदी है। यह नदी अफ्रीका में बहती है। इसकी कुल लंबाई 6,853 किलोमीटर (4,258 मील) है । नील नदी ग्यारह अफ्रीकी देशों तंजानिया, युगांडा, रवांडा, बुरुंडी, कांगो, केन्या, इथियोपिया, इरिट्रिया, दक्षिण सूडान, सूडान और मिस्र में से होकर बहती है।
  • दुनिया की दूसरी सबसे लंबी नदी अमेज़न नदी है। यह लगभग 6400 किलोमीटर लंबाई (4000 मील) का सफर तय करती है। अमेज़न नदी पानी की मात्रा के हिसाब से धरती की सबसे बड़ी नदी है।
  • कई स्थानों पर अमेज़न नदी की चौड़ाई 11 किलोमीटर तक है। बरसात के दिनों में नदी की चौड़ाई आश्चर्यजनक रूप से 190 किलोमीटर(120 मील) तक पहुँच जाती है। (अमेज़न के बारे में पढ़ें)
  • चीन की यांग्त्ज़ी नदी 6,300 किलोमीटर (3915 मील) चलने वाली दुनिया की तीसरी सबसे लंबी नदी है। नदी पूरी तरह से एक देश के भीतर बहने वाली दुनिया की सबसे लंबी नदी है।
  • ऐसे 18 देश हैं जिनमें एक भी नदी नहीं है।
  • 700 से अधिक नदियों के साथ बांग्लादेश को “नदियों की भूमि” के रूप में जाना जाता है।
  • मिसौरी नदी उत्तरी अमेरिका की सबसे लंबी नदी है।
  • पश्चिमी मोंटाना के रॉकी पर्वत से निकल कर मिसौरी सेंट लुइस के मिसिसिपी नदी के उत्तर में मिसिसिपी नदी में प्रवेश करने से पहले 3,767 किलोमीटर (2,341 मील) पूर्व और दक्षिण में बहती है। मिसौरी नदी दुनिया की 15 वीं सबसे लंबी नदी है।
  • यूरोप की सबसे लंबी नदी वोल्गा है। यह रूस में लगभग 3,685 किलोमीटर (2,290 मील) बहती है और कैस्पियन सागर में गिरती है। यह पानी के हिसाब से यूरोप की सबसे बड़ी नदी है।
  • कांगो नदी 220 मीटर (720 फीट) से अधिक गहराई वाली विश्व की सबसे गहरी नदी है। यह नील नदी के बाद अफ्रीका की दूसरी सबसे लंबी नदी है और पानी की मात्रा में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी नदी है (अमेज़ॅन के बाद)।
  • सिंधु नदी भारत में से होकर बहने वाली सबसे लम्बी नदी है।

धरती की विशालकाय नदी अमेज़न के बारे में रोचक तथ्य

अमेज़न (पुर्तगाली और स्पेनिश में रियो अमेज़न) एक विशाल नदी है जो दक्षिण अमेरिका में बहती है। अमेज़न नदी का स्रोत पश्चिमी दक्षिण अमेरिका के एंडीज़ पहाड़ों में है। यह वहाँ से पूर्व में अटलांटिक महासागर में बहती है। यह ब्राजील, पेरु, बोलविया, कोलम्बिया तथा इक्वाडोर से होकर बहती है। अधिकांश अमेज़न नदी और उसकी कई सहायक नदियाँ ब्राज़ील में पड़ती हैं।

अमेज़न नदी

अमेज़न धरती की विशालतम नदी

अमेज़न नदी पानी की मात्रा के हिसाब से धरती की सबसे बड़ी नदी है। इस नदी के पानी की मात्रा इससे छोटी अगली आठ सबसे बड़ी नदियों के पानी के जोड़ से भी ज्यादा है। अमेज़ॅन नदी दुनिया की दूसरी सबसे लंबी नदी भी है। यह लगभग 6400 किलोमीटर लंबाई (4000 मील) का सफर तय करती है।

अमेज़न, दुनिया में सबसे बड़ा जल निकासी बेसिन है। यह दुनिया की कुल पानी के प्रवाह का लगभग पांचवां हिस्सा है। बरसाती मौसम के दौरान अमेज़ॅन के कुछ हिस्सों की चौड़ाई 120 मील (190 किमी) से अधिक है। अपने विशाल आकार के कारण, इसे कभी-कभी ‘द रिवर सी‘(The River Sea) भी कहा जाता है।

इसकी इतनी अधिक चौड़ाई के कारण इस नदी पर पुलों का अभाव है। अमेज़ॅन के किनारों पर नौ देशों के लगभग तीन करोड़ लोग बसते हैं। ये देश हैं – ब्राज़ील, बोलिविया, पेरू, इक्वेडोर, कोलंबिया, वेनेज़ुएला, गयाना, फ्रेंच गयाना और सूरीनाम। इनमें दो-तिहाई आबादी ब्राज़ील के लोगों की है।

अमेज़न जैव विविधता का केंद्र है और यहाँ जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के बेशुमार किस्में पाई जाती हैं। अमेज़ॅन के वर्षावन से होकर बहने वाली 6,437 किलोमीटर लंबी अमेज़ॅन नदी दुनिया की दूसरी सबसे लंबी नदी है। दुनिया के समुद्रों में जितना मीठा पानी जाता है उसमें अमेज़ॅन का योगदान 20 प्रतिशत है।

रोचक तथ्य- म.प्र. और गुजरात की जीवन रेखा नर्मदा नदी

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नर्मदा नदी मध्य भारत में बहती है। अगर केवल भारत के अंदर बहने वाली सबसे लंबी नदियों की बात की जाये तो गोदावरी और कृष्ण के बाद यह तीसरी सबसे लंबी नदी है। इस नदी को रेवा नदी के नाम से भी जाना जाता है। नर्मदा को देश की सबसे पवित्र नदियों में से एक माना जाता है।

नर्मदा नदी पर जल प्रपात
नर्मदा नदी पर जल प्रपात

नर्मदा मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अमरकंटक के पठार से निकलती है। यह स्थान समुद्र तल से 3500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। अमरकंटक से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर जाकर यह नदी दुग्धधारा जलप्रपात और 10 किलोमीटर की दूरी पर कपिलधारा जलप्रपात बनाती हैं।

नर्मदा नदी उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच एक पारंपरिक सीमा का निर्माण करती है। खंबात की खाड़ी (Gulf of Khambhat) से होकर अरब सागर में गिरने से पहले यह पूर्व से पश्चिम की और 1,312 किमी दूरी तय करती है। यह स्थान गुजरात के भरूच शहर के पश्चिम में 30 किमी (18.6 मील) दूर है।

नर्मदा की अनोखी विशेषता

नर्मदा की अनोखी विशेषता यह है कि यह पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है। इसके विपरीत भारत की अधिकांश नदियाँ पूर्व की ओर बहती हैं। गुजरात और मध्य प्रदेश राज्य में इसके विशाल योगदान के कारण इसे “मध्य प्रदेश और गुजरात की जीवन रेखा” भी कहा जाता है।

नर्मदा नदी जलोढ़ मिट्टी के उपजाऊ मैदानों से होकर बहती है जिसे “नर्मदाघाटी” कहा जाता है। यह घाटी लगभग 320 किमी (198.8 मील) तक फैली हुई है। यहीं पर दक्षिण की ओर से कई महत्वपूर्ण सहायक नदियाँ आकर इसमें शामिल होती हैं जिनमें शार, शाककर, दधी, तवा (सबसे बड़ी सहायक नदी) और गंजल शामिल हैं। वहीं हिरन, बरना, चोरल, करम और लोहर जैसी महत्वपूर्ण सहायक नदियां उत्तर से आकर जुड़ती हैं।

यह नदी भारत के कुल 4 राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात से होकर गुजरती है। आखिर में यह नदी पश्चिम की तरफ जाकर खम्बात की खाड़ी में गिरती है। नर्मदा नदी भारतीय उपमहाद्वीप की पांचवीं सबसे लंबी नदी है।

नर्मदा नदी की लंबाई

इस नदी की कुल लम्बाई लगभग 1310 किमी है। मैकल पर्वत, अमरकंटक के शिखर से शुरू हो कर गुजरात के भरूच शहर के समीप अरब सागर में गिरती है।

नर्मदा नदी की सहायक नदियाँ

इस नदी की उपनदियाँ है शार, शाककर, दधी, बडनेरा, बंजर, तवा, हिरन, बरना, चोरल, करम और लोहर आदि।

नदी पर बांध

इस नदी पर चार मुख्य बांध हैं, महेश्वर बाँध, इंदिरा सागर बाँध, सरदार सरोवर बाँध, रानीपुर बाँध आदि।

हिन्दू धर्म में नर्मदा नदी का महत्व

पुराणों में नर्मदा नदी के बारे में 2 कथाएं प्रचलित है।

पहली कथा: कहते हैं तपस्या में बैठे भगवान शिव के पसीने से नर्मदा प्रकट हुई। नर्मदा ने प्रकट होते ही अपने अलौकिक सौंदर्य से ऐसी चमत्कारी लीलाएं प्रस्तुत की कि खुद शिव-पार्वती चकित रह गए। तभी उन्होंने नामकरण करते हुए कहा- देवी, तुमने हमारे दिल को खुश कर दिया। इसलिए तुम्हारा नाम हुआ नर्मदा। नर्म का अर्थ है- सुख और दा का अर्थ है- देने वाली।

दूसरी कथा: मैखल पर्वत पर भगवान शंकर ने 12 वर्ष की दिव्य कन्या को अवतरित किया महारूपवती होने के कारण विष्णु आदि देवताओं ने इस कन्या का नामकरण नर्मदा किया। इस दिव्य कन्या नर्मदा ने उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर काशी के पंचक्रोशी क्षेत्र में 10,000 दिव्य वर्षों तक तपस्या करके प्रभु शिव से कुछ ऐसे वरदान प्राप्त किए जो कि अन्य किसी नदी के पास नहीं है।

नर्मदा नदी की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि यह नदी मध्य भारत के लिए किसी आलौकिक वरदान से कम नहीं है।

आगे पढ़ें: भारत की 10 सबसे लम्बी नदियाँ

जर्मन शेफर्ड – कुत्तों की पालने योग्य सबसे पसंदीदा नस्लों में से एक

जर्मन शेफर्ड एक मध्यम से बड़े आकार का कुत्ता है । इसे जर्मनी मूल का होने के कारण ही यह नाम मिला है। यह नाम German + Shepherd का संयोजन है। हिन्दी में शेफर्ड(Shepherd) का अर्थ है गड़रिया यानि भेड़ों को चराने वाला। जर्मन शेफर्ड एक कामकाजी कुत्तों की नस्ल है जिसे पुराने समय में भेड़ बकरियों को कंट्रोल करने का काम लिया जाता था।

जर्मन शेफर्ड एक मध्यम से बड़े आकार का कुत्ता है

जर्मन शेफर्ड नस्ल को इनके ब्रिटिश नाम अल्सेशियन (Alsatian) के नाम से भी जाना जाता है। जैसा कि इनके नाम Shepherd से ज्ञात होता है ये कुत्ते भेड़ों के झुंड को चराने, उनकी रक्षा करने और उन्हें कंट्रोल करने के काम में माहिर होते हैं। आज भी यूरोपीय देशों में इसे इस काम में इस्तेमाल लिया जाता है। इस नस्ल के कुत्ते अत्यधिक वफादार माने जाते हैं।

जर्मन शेफर्ड नस्ल दुनिया की सबसे पसंदीदा कुत्तों की नस्लों में शुमार है। जर्मन शेफर्ड नस्ल के कुत्ते उनकी ताकत, बुद्धि, प्रशिक्षण और आज्ञापालन के कारण विकलांगों के सहयोग व सहायता, खोज और बचाव, पुलिस और सैन्य भूमिकाओं और अभिनय सहित कई प्रकार के कार्यों के लिए आदर्श पालतू जानवर है।

इस नस्ल के कुत्तों की खासियत यह है कि ये अंत्यन्त शांत और सौम्य स्वभाव के साथ साथ अपने टारगेट के प्रति काफी आक्रामक भी होते हैं. हालांकि ये बहुत ज्यादा दोस्ताना(friendly) भी नहीं होते लेकिन बिना कारण किसी को नुकसान भी नहीं पहुंचाते।

रंग और आकार

आमतौर पर, जर्मन शेफर्ड या तो भूरे काले या फीके लाल-पीले व काले मिश्रित रंग का होते हैं। यह पूरे काले और सफेद रंग के भी होते हैं लेकिन दुर्लभ हैं।

नर जर्मन शेफर्ड की मानक ऊंचाई 60-65 सेमी (24-26 इंच) और मादाओं की 55-60 सेमी (22-24 इंच) है। नर कुत्ते का आकार 30–40 किलोग्राम जबकि मादा का वजन 20 से 33 किलोग्राम होता है। इस नस्ल के कुत्ते अन्य अधिकांश नस्लों के कुत्तों से लंबे होते हैं।

प्रशिक्षण

जर्मन शेफर्ड को विशेष रूप से उनकी बुद्धिमत्ता के लिए पाला जाता है। सही तरीकों को अपनाकर इन्हें प्रशिक्षित करना बहुत ही आसान है। ‘द इंटेलिजेंस ऑफ डॉग्स‘ नामक पुस्तक में, लेखक स्टेनली कॉरेन ने बुद्धिमानी के लिए जर्मन शेफर्ड को बॉर्डर कोलीज़ और पूडल्स के बाद तीसरे स्थान पर रखा है।

शोध में उन्होंने पाया कि वे केवल पाँच बार दोहराने पर वे साधारण कार्यों को सीखने की क्षमता रखते थे और उन्होंने 95% मौकों पर दिये गए पहले आदेश का पालन किया।

अपनी इस क्षमता के कारण ही पुलिस सेवा में सुराग और अपराधियों को ढूँढने का काम, गार्ड और खोज और बचाव कुत्तों के रूप में इस नस्ल को आदर्श विकल्प बनाता है क्योंकि वे अन्य नस्लों की तुलना में जल्दी से सीखने और निर्देशों की बेहतर व्याख्या और अमल करने में सक्षम हैं।

कीमत

एक जर्मन शेफर्ड के पिल्ले की कीमत 5000 से 25000 रुपये के बीच हो सकती है। कुत्ते के बालों के आधार पर भी इनकी कीमत में अंतर पाया जाता है। उन्हें सिंगल कोट (single coat) और डबल कोट(double coat) बालों वाली दो श्रेणियों में बांटा जाता है।

डबल कोट बालों वाले कुत्ते के बाल अधिक लंबे और रोएँदार होते है और इस प्रजाति को दुर्लभ और बेहतर माना जाता है। इसलिए इसकी कीमत भी ज्यादा होती है।

यदि आपके पास जर्मन शेफर्ड है तो यह किताब इसके स्वभाव को समझने और इसे आपके और करीब लाने में मदद कर सकती है। नस्ल विशेषज्ञों द्वारा लिखित यह बेस्ट सेलर किताब आपके पालतू जर्मन शेफर्ड की psychology यानि मनोविज्ञान को समझने में बहुत अधिक सहायक हो रही है ऐसा हजारों लोगों का मानना है।

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21 अगस्त का इतिहास

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21 अगस्त का इतिहास

  • 1639  -ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई (तत्कालीन मद्रास) की स्थापना की।
  • 1698  –रुस, डेनमार्क और पोलैंड के बीच त्रिकोणीय संधि हुई जो स्वीडन के विरोध में थी।
  • 1818  -भारत के प्रथम गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग का निधन हुआ था।
  • 1848  -अमेरिका ने न्यू मैक्सिको पर कब्जा किया।
  • 1849  -ऑस्ट्रिया ने इटली के शहर वेनिस में चालक रहित गुब्बारों से पहला हवाई हमला किया।
  • 1851  –ऑस्ट्रेलिया में सोने के क्षेत्रों की खोज हुई।
  • 1877  -भारत के सुविख्यात कलामर्मज्ञ तथा चिन्तक आनन्द कुमार स्वामी का जन्म हुआ था।
  • 1894 -नेटाल भारतीय कांग्रेस की स्थापना महात्मा गाँधी द्वारा की गई थी।
  • 1910 –जापान ने पांच साल तक कोरिया का संरक्षण करने के बाद उस पर कब्जा किया।
  • 1915  -फ़िल्म और रंगमंच अभिनेता, निर्देशक और नाटककार सोंभु मित्रा का जन्म हुआ था।
  • 1918  -भारत के पहले प्रवीण पायलट इन्द्रलाल राय प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान लंदन में जर्मनी के साथ हवाई लड़ाई में मारे गए।
  • 1921  -राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने विदेशी वस्त्रों की होली जलाई।
  • 1924  -हिंदी के प्रसिद्ध लेखक और व्यंगकार हरिशंकर परसाई का जन्म हुआ।
  • 1955  -प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता और राजनीतिज्ञ चिरंजीवी का जन्म हुआ था।
  • 1962  -विश्व के पहले परमाणु सम्पन्न समुद्री जहाज़ ने वर्जीनिया से जॉर्जिया तक की यात्रा पूरी की।
  • 1969  –अमेरिका में समुद्री तूफान आने से 255 लोगों की मौत।
  • 1978  -केन्या के पहले राष्ट्रपति जोमो केन्याता का निधन हुआ था।
  • 1996  -राज्य सरकार ने मद्रास का नाम बदलकर चेन्नई कर दिया।
  • 2008  –मध्य प्रदेश सरकार ने बनवासियों के लिए साधारण वन अपराध मामले और मुआवजा वसूली खत्म करने का निर्णय लिया।
  • 2014  -‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित कन्नड़ भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार, आलोचक और शिक्षाविद यू. आर. अनंतमूर्ति का निधन हुआ था।

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नदियों के बारे में रोचक तथ्य

 

अर्बेज़ होटल: जिसका एक हिस्सा फ्रांस में तो दूसरा‍ स्विट्जरलैंड में!!!

क्या आपने कभी ऐसा होटल देखा है जहां आप एक ही समय पर दो देशों में मौजूद हों? हो गए न! आप भी सोचने पर मजबूर. आइए जाने ऐसे ही एक होटल के बारे में. अर्बेज़ होटल (Arbez Hotel) जिनेवा के ला क्योर (La Cure ) इलाके में स्थित है. इस होटल को अर्बेज़ फ्रांको-सुइससे होटल (Arbez Franco-Suisse Hotel) के नाम से भी जाना जाता है. अर्बेज़ होटल फ्रांस और स्विटज़रलैंड दोनों देशों में आता है और इस होटल के दो-दो एड्रेस है.

arbez-in-france-and-switzerlandदरअसल इस होटल की खास बात यह है कि फ्रांस और स्विटज़रलैंड की सीमा इस होटल के बीचों बिच से गुजरती है. यही कारण इस होटल के एड्रेस दो-दो है. इस होटल के अंदर ही एक से दूसरे देश में पहुंच जाते हैं.

अर्बेज़ होटल को विभाजित भी दोनों देशों की सीमा को ध्यान में रख कर किया गया है जैसे कि होटल का बार स्विटजरलैंड में है तो बाथरूम फ्रांस में है. होटल में सभी कमरों को 2 हिस्सों में बांटा गया हैं. कमरों में लगाए गए डबल बेड कुछ इस तरह सेट किए गए हैं, कि ये आधे फ्रांस में और आधे स्विटज़रलैंड में हैं तकिए भी दोनों देशों के हिसाब से अलग अलग लगे हैं.

 

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अल्बर्ट आइंस्टीन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य!!

Arbez Hotel: One part of which is in France and the other in Switzerland !!!

10 सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली और पालने योग्य नस्ल के कुत्ते

कुत्ता सबसे ज्यादा वफादार, मिलनसार और पसंदीदा जानवर है। सदियों से ही कुत्ते मनुष्य की संगति में रहना पसंद करते आ रहे हैं। कुछ लोग स्वभाविक तौर पर कुत्तों को पालना पसंद करते हैं तो कुछ लोग शौकिया इन्हें पालना चाहते हैं। आज हमें हर गली-मोहल्ले में कुत्ते देखने को मिल जाते हैं।

साधारण तौर पर कुत्तों की सभी नस्लें पालने और सहचर्य योग्य होती हैं। परन्तु कुछ ऐसी भी नस्लें हैं जो सामान्य कुत्तों से अधिक संवेंदशील यानी सेंसिटिव, समझदार, सलीकेदार और मजबूत हैं। कुत्तों को उनके आकार, नस्ल, समझ और रंग रूप के आधार पर पालने या न पालने योग्य समझा जाता है।

यहाँ हम कुत्तों की दस ऐसी नस्लों के बारे में बता रहे हैं जो उपरोक्त विशेषताओं के आधार पर बहुत लोकप्रिय, समझदार और पालने योग्य हैं।

लैब्राडोर कुत्ते

labrador-retriever-breeds नस्ल के कुत्ते

लैब्राडोर नस्ल के कुत्ते भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, अमेरिका में बहुत ज्यादा पसंद किए जाते हैं। लैब्राडोर नस्ल के कुत्ते बहुत ही प्यारे और अनुशासित होते हैं। इन कुत्तों को बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सभी पसंद करते हैं।

पुलिस और सेना भी लैब्राडोर कुत्तों का इस्तेमाल करती हैं क्योंकि इस नस्ल के कुत्ते बहुत ही होशियार होते हैं। इनका खेलकूद में और गाइड के तौर पर भी उपयोग किया जाता है।

कीमत

भारत में एक लैब्राडोर पिल्ले की कीमत 5000-6000 रुपये से शुरू होती है जो 1 लाख रुपये तक जा सकती है। कीमत नस्ल की गुणवत्ता और वंशावली संयोजन (pedigree) पर निर्भर करती है। यदि आपको अच्छी गुणवत्ता वाला लैब्राडोर कुत्ता, जिसमें कोई आनुवांशिक विकार नहीं हो चाहिए, तो आपका बजट कम से कम 30,000 रुपये होना चाहिए।

जर्मन शेफर्ड

top-10-expensive-dogs-German-Shepherdजर्मन शेफर्ड कुत्तों की एक बड़ी नस्ल है। इन्हें जर्मनी मूल का होने के कारण ही यह नाम मिला है। जर्मन शेफर्ड नस्ल को इनके ब्रिटिश नाम अल्सेशियन (Alsatian) के नाम से भी जाना जाता है। जर्मन शेफर्ड नस्ल दुनिया की सबसे पसंदीदा कुत्तों की नस्लों में शुमार है।

जर्मन शेफर्ड नस्ल के कुत्ते इनकी ताकत, बुद्धि, प्रशिक्षण और आज्ञाकारिता के कारण विकलांगों के सहयोग व सहायता, खोज और बचाव, पुलिस और सैन्य भूमिकाओं और अभिनय सहित कई प्रकार के कार्यों के लिए आदर्श पालतू जानवर है।

कीमत

एक जर्मन शेफर्ड के पिल्ले की कीमत 5000 से 2500 के बीच हो सकती है।

यदि आपके पास जर्मन शेफर्ड है तो जर्मन शेफर्ड (बेस्ट ऑफ ब्रीड्स) नामक यह किताब इसके स्वभाव को समझने और इसे आपके और करीब लाने में मदद कर सकती है। नस्ल विशेषज्ञों द्वारा लिखित यह बेस्ट सेलर किताब आपके पालतू जर्मन शेफर्ड की psychology यानि मनोविज्ञान को समझने में बहुत अधिक सहायक हो रही है ऐसा हजारों लोगों का मानना है।

बुलडॉग

bulldog

बुलडॉग कुत्तों की एक बहुत ही प्रसिद्ध और पसंद की जाने वाली प्रजाति है. इनके ब्रितानी मूल के कारण इन्हें “इंग्लिश बुलडॉग” या “ब्रिटिश बुलडॉग” भी कहा जाता हैं. इस नस्ल के कुत्तों का स्वभाव बहुत ही शांतिपूर्ण होता है.

बुलडॉग नस्ल के कुत्ते बहुत ही भारी-भरकम होते हैं. इनके चेहरे पर बहुत सारी झुर्रियां होती हैं और इनकी नाक चपटी होती है. बुलडॉग नस्ल के कुत्ते, इंसानों के साथ बहुत जल्दी घुल मिल जाते हैं. इसी वजह से ज्यादातर लोग बुलडॉग को पालना पसंद करते हैं।

भारत में बुलडोग की कीमत 10 हज़ार रुपये से शुरू होकर 60 हज़ार तक है। यदि आप बुलडोग खरीदने के बारे में सोच रहे रहे हैं तो इस पेज पर आपको ब्रीडर्स के संपर्क मिल सकते हैं। देखें

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माल्टीज़ नस्ल के कुत्ते

maltese-dogमालटीज नस्ल के कुत्तों को लोग अधिकतर स्टेटस सिंबल के तौर पर रखना पसंद करते है. मालटीज नस्ल के कुत्तों की ऊंचाई ज्यादा नहीं होती हैं. इस नस्ल के कुत्ते “टॉय ब्रीड” के सबसे पुराने कुत्तों में से हैं. इन कुत्तो की एक विशेषता इनके मुलायम बाल हैं.

छोटे, मुलायम और प्यारे होने के कारण अधिकतर महिलाओं की पहली पसंद मालटीज नस्ल के कुत्ते होते हैं. इस बेहद ही प्यारे कुत्ते को  अपने घर का हिस्सा बनाने के लिए आपको औसत 30000 रुपए से 1.2 रुपये लाख तक खर्चने होंगे।

यदि आपके पास माल्टीज़ नस्ल का कुत्ता है या यदि आप इसे खरीदना चाहते हैं तो यह किताब आपकी मदद कर सकती है। देखें किताब

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बीगल्स प्रजाति

beagles-speciesबीगल्स नस्ल के कुत्ते बहुत ही शांत स्वभाव के होते हैं. बीगल्स नस्ल के कुत्तों के कान लम्बे होते हैं. इस नस्ल के कुत्तों में सूंघने की जबरदस्त क्षमता होती हैं. ये कुत्ते बहुत मित्रतापूर्ण होते हैं और ये कभी भी दूसरों को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं. यह प्रजाति मुख्यत इंग्लैंड में विकसित हुई है. इसकी कीमत औसतन 23000 से शुरू होती है।

dogsindia.comDogsIndia.com वैबसाइट कुत्तों के बारे में और इनके ब्रीडर्स के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाती है।

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गोल्डन रिट्रीवर

golden-retrieversगोल्डन रिट्रीवर प्रजाति मुख्यत स्कॉटलैंड की नस्ल है लेकिन यह ब्रिटेन, अमेरिका व भारत में भी पाए जाते हैं. इस प्रजाति के कुत्ते काफी समझदार होते हैं. इस प्रजाति के कुत्तों को इंसानों से साथ काफी लगाव होता है.

गोल्डन रिट्रीवर प्रजाति के कुत्तों को अधिकतर बच्चे बहुत पसंद करते हैं. इस प्रजाति को अपना बनाने के लिए 50000 रुपए से 2 लाख खर्च करने होंगे।

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जैक रसेल टेरियर प्रजाति

jack-russell-terrier-breedजैक रसल नस्ल मुख्यत इंग्लैंड की नस्ल है. इस प्रजाति के कुत्तों को खेलना-कूदना बहुत पसंद हैं. इन्हें एक जगह पर खाली बैठना बिल्कुल भी पसंदन नहीं हैं. ये हर समय कुछ न कुछ करते रहते है.

जैक रसल नस्ल के कुत्ते भी बीगल्स नस्ल के कुत्तों की तरह शांत स्वभाव के होते हैं. इस प्रजाति के कुत्तों को हमेशा ही एक अच्छी कंपनी की तलाश होती है जिनके साथ ये खेल सकें. इसकी कीमत औसतन 35000 रुपये से शुरू होती है। देखें लिंक

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पग प्रजाति

pug-speciesपग प्रजाति के कुत्ते चीन में विकसित हुए हैं. पग प्रजाति के कुत्ते बच्चों को बहुत पसंद आते हैं. पग नस्ल के कुत्ते शांत स्वभाव और आलसी होते हैं. इन्हें इंसानों की तरह सोना बहुत पसंद हैं. ये अधिकतर समय सोते ही रहते हैं.

पग नस्ल के कुत्तों की औसत आयु 12 से 15 साल तक होती है. इस छोटे से और प्यारे से पग को अपने घर का हिस्सा बनाने के लिए 40000 रुपए से $ 2 लाख खर्च करने होंगे।

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न्यूफाउंडलैंड कुत्ते

newfoundland-dogन्यूफाउंडलैंड नस्ल के कुत्तों को बच्चों का एक अच्छा दोस्त माना जाता है. न्यूफाउंडलैंड कुत्तों के शरीर में बतख की तरह जल प्रतिरोध कोट होता है और पंजे भी उसकी तरह झिल्लीदार होते हैं. इसलिए न्यूफाउंडलैंड नस्ल के कुत्ते पानी में आसानी से तैरते हैं.

न्यूफाउंडलैंड नस्ल के कुत्तों का उपयोग डूबते हुए लोगों को बचाने के लिए भी किया जाता हैं. दरसल ये मछुआरों के जाल को समुद्र में खींचकर ले जाते हैं और डूबते हुए लोगों को बचाते हैं. आप  30000 रुपए से $ 2 लाख की कीमत खर्च करके न्यूफ़ाउंडलैंड पिल्लों को पा सकते हैं।

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पूडल प्रजाति

poodle-dogपूडल अमेरिका में सबसे लोकप्रिय कुत्तों की नस्ल में से एक है. ये बहुत ही प्यारे होते हैं. इस नस्ल के कुत्तों को बहुत सारे लोगों से घिरे रहना पसंद होता है. पूडल नस्ल के कुत्ते बहुत ही चालाक होते हैं. इन कुत्तों का औसत आयु 12 से 15 साल होता है.

पूडल नस्ल के कुत्तों को सबसे बड़ी समस्या दूसरी नस्ल के कुत्तों से होती है, जिन्हें ये पसंद नहीं करते. इस नस्ल कि कीमत 50000 रुपए से $ 2 लाख के बीच है।