Wednesday, May 29, 2024
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ऐसे दस कारण जिसकी वजह से भारत दुनिया में सुपर पॉवर नहीं बन सकता

10 कारण जिसकी वजह से भारत कभी सुपर पॉवर देश नहीं बन पायेगा.
क्या भारत अमेरिका, रूस, चीन की तरह एक महाशक्ति (Super Power) देश बन पायेगा? इस सवाल का जवाब शायद हर भारतीय जानना चाहेगा. वर्तमान में भारत जिस तरह की समस्याओं का सामना कर रहा है, उस से तो लगता है कि भारत का महाशक्ति बनने का सपना सिर्फ सपना ही रह जायेगा.

धार्मिक उग्रवाद

भारत में धार्मिक उग्रवाद की समस्या बहुत लंबे समय से है, जो भारत की तरक्की के रास्ते को बहुत मुश्किल बना देती है. भारत के इतिहास में ऐसी कई घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनके पीछे धार्मिक उग्रवाद मुख्य कारण था.

वामपंथी उग्रवाद

भारत में नक्सलियों द्वारा वामपंथी उग्रवाद चलाया जाता है, जो भारत की पिछले एक दशक से सबसे बढ़ी समस्या बनी हुई है. नक्सलियों ने भारत के कई हिस्सों में अपना अधिकार जमाया हुआ है और यह नक्सली साल में कई बार हमला करते हैं. यह नक्सली समाजिक और राजनितिक ताकतों में आने वाली अस्थिरता की वजह से वजूद में आये. इस उग्रवाद के चलते भारत कभी भी सुपर पॉवर बनने के बारे में सोच भी नहीं सकता.

भ्रष्टाचार

भारत में भ्रष्टाचार बहुत बढ़ी समस्या है. जिसकी वजह से भारत में 2 जी, कैग जैसे घोटाले हुए. यह समस्या बहुत ही गंभीर है. जिसकी वजह से भारत में विदेशी निवेश बहुत कम है और जिससे दुनिया के विकसित देश यहां पर व्यपार चलाने का जोखिम नहीं लेते. इस समस्या से भारत में गरीब ओर गरीब और अमीर ओर अमीर होते जा रहे हैं.

सार्वजनिक संस्थाओं का पतन

भारत की उच्च न्यायपालिका को छोड़कर भारत के विश्वविद्यालय, पुलिस विभाग, सिविल सेवाएं, न्यापालिकाएं तेज़ी से पतन की तरफ जा रहे हैं. यह विभाग लोगों को अच्छी सेवाएं देने से बुरी तरह से असफल रहे हैं.

अमीर और गरीब में अंतर

भारत में अमीर और गरीब लोगों में खाई बढ़ती ही जा रही है, भारत में किसानों द्वारा की जाने वाली आत्महत्याओं ने ही पूरे देश का ध्यान यहां पर रहने वाले गरीबों की तरफ खींचा है. जिससे भारत में पिछले 10-15 वर्षों से गरीबों की स्थिति को सुधारने के प्रयास किये जा रहे हैं. भारत को अगर दुनिया में सुपर पॉवर बनना है, तो सबसे पहले देश में गरीबी की समस्या को खत्म करना होगा. जिसको शायद कई दशक लग जायेंगे.

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पर्यावरणीय दुर्दशा

भारत के पर्यावरण में भी एक स्थानीय स्तर पर गिरावट हो रही है, इसमें से नदियों में रसायनिक प्रदूशन, भूमिगत जलवाही स्तर में भारी कमी और नदियों के पानी का सूखना मुख्य हैं. जिसने लोगों के जीवन को बहुत बुरी तरह से प्रभावित किया है. भारत को विकसित देश बनने से पहले इन कुदरती स्रोतों को बचाना होगा.

मीडिया की उदासीनता

भारतीय मीडिया कई मुख्य मुद्दे जैसे की बढ़ती आय में असमानता और पर्यावरण की समस्याओं को कवर करने में बुरी तरह से असफल रही है.

राजनितिक अराजकता

भारत में राजनितिक अराजकता भी मुख्य मुद्दा है, जिसका मुख्य कारण यहां की केंद्र और राज्य की सरकारों के बीच गठबंधन की कमी है, जिसके परिणामस्वरूप लोगों के लिए लंबे समय की अच्छी स्वास्थ्य, शिक्षा आदि नीतियाँ बनाने में बहुत मुश्किलें आती है.

अस्थिर पढ़ोसी

भारत के लंबे समय से अपने पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान से सीमा को लेकर मतभेद दिन पर दिन बढ़ रहे हैं. जिसकी वजह से भारत की सरकार को सीमा रक्षा बजट भी बढ़ाना पड़ता है और ज्यादातर धन लोगों की भलाई में ना लगकर रक्षा बजट में लग जाता है.

सीमा विवाद

भारत में आज़ादी के 68 साल बाद भी अनसुलझे सीमा विवाद हैं. इन विवादों में मुख्य कश्मीर और भारत के उत्तर पूर्वी (नागालैंड और मणिपुर) हिस्से हैं. जो भारत का हिस्सा नहीं बनना चाहते और इन हिस्सों में आतंकवाद भी सबसे ज्यादा है.

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