सुबह के समय करें ये काम, दूर होगा दुर्भाग्य!

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आपने लोगों को यह कहते सुना होगा कि अच्छे कर्मों का फल अच्छा ही मिलता है और बुरे कर्म करें तो उसे बुरा फल प्राप्त होता है। लेकिन, कई बार अच्छे कर्म करने के बाद भी व्यक्ति का दुर्भाग्य उसका साथ नहीं छोड़ता।

व्यक्ति का भाग्य उसका साथ नहीं देता। ऐसा ग्रहों के बुरे प्रभाव के कारण होता है। ज्योतिष शास्त्र कुछ ऐसी चीजों का वर्णन करता है जिन्हें यदि नियमित रूप से सुबह के समय किया जाये तो दुर्भाग्य से छुटकारा पाया जा सकता है।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही सरल उपायों के बारे में जिन्हें करने से ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है। तो चलिए जानते हैं :-

सुबह उठते ही करें इस मंत्र का जाप

शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के हाथ में मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और भगवान विष्णु का स्थान है।  इसलिए सुबह उठकर हाथ जोड़कर इस मंत्र का जाप करें और फिर हथेली को देखें। ऐसा करने से व्यक्ति का दुर्भाग्य दूर होता है।

 “कराग्रे वसति लक्ष्मीः, कर मध्ये सरस्वती। 

  करमूले तू गोविंदा, प्रभाते कर दर्शनम्।।“

तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाएं

हिंदू धर्म में तुलसी एक पवित्र स्थान है। ऐसा माना जाता है कि तुलसी की नियमित पूजा करने से दुर्भाग्य दूर होता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

सुबह उठकर नियमित रूप से स्नान आदि करने के बाद तुलसी के घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर जाती है।

सूर्य देव को अर्घ्य दें

सूर्य ग्रह को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य माता-पिता से संबंधित है। इसलिए नियमित रूप से सूर्य देव को जल अर्पित करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है।

स्नान के बाद तांबे के बर्तन में जल डालने से व्यक्ति को हर कार्य में सफलता मिलती है। समाज में मान सम्मान मिलेगा। साथ ही पितृ दोष से मुक्ति भी मिलती है।

मछलियों को आटे की गोलियां डालें

सुबह स्नान आदि करने के बाद समीप स्थित किसी कुएं या तालाब में मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर डालें। इससे माता लक्ष्मी आप पर प्रसन्न होंगी धन की समस्या का निदान होगा।

गायत्री मंत्र का करें जप

हिंदू धर्म में वैसे तो कई मंत्र बताए गए हैं। गयात्री मंत्र भी इनमें से एक है इस मंत्र का बहुत अधिक महत्व है। रोज सुबह उठकर इस मंत्र का जप करने से व्यक्ति में पॉजिटिविटी आएगी और इस तरह की परेशानी दूर हो सकती है।

साथ ही कहते हैं कि गायत्री मंत्र के जाप से दुख और दरिद्रता का नाश होता है। इस मंत्र का जप करने से व्यक्ति को सफलता मिलने लगती है।

ऊं भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

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