जानिए किस्से महान खिलाड़ियों के!!

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रोमन सम्राट थियोडोसियस द्वारा 15 साल पहले प्रतिबंध किए जाने के बाद प्राचीन ओलंपिक खेलों की परंपरा को पहले आधुनिक ओलंपिक खेलों के रूप में यूनान की राजधानी एथेंस में 1896 मैं दोबारा शुरू किया गया था इनके लगभग 125 वर्ष के इतिहास में कुछ सबसे सफल खिलाड़ियों के बारे में आपको बता रहे हैं।

खेलों की दुनिया में ओलंपिक सबसे बड़ी प्रतियोगिता है हर खिलाड़ी इस में भाग लेने और मेडल जीतने का सपना देखता है जो उन्हें सर्वश्रेष्ठ साबित करने के बाद ही दुनियाभर में सम्मान भी दिलाता है।

आज इस पोस्ट में हम आपको सबसे अधिक ओलंपिक मेडल जीतने वाले महान खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं।

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माइकल फेल्प्स, तैराक (अमेरिका)

जब माइकल फेल्प्स छोटे थे तो पानी के अंदर अपना चेहरा डालने से डरते थे परंतु इस डर पर जीत हासिल करते हुए कम उम्र में ही अपनी मेहनत से तैराकी के चैंपियन बन गए।

‘बाल्टिमोर बुलेट’ या ‘फ्लाइंग फिश’ के नाम से मशहूर माइकल का ओलंपिक में दबदबा रहा। उन्होंने सिडनी 2000, एंथैंस 2004, बीजिंग 2008, लंदन 2012 और रियो 2016 ओलंपिक में भाग लिया और कुल मिलाकर 28 मैडल जीते जिनमें 23 स्वर्ण पदक, 3 रजत पदक और 2 कांस्य पदक हैं।

विजेता बनने के बाद भी उनका संघर्ष खत्म नहीं हुआ। ओलंपिक के बाद वह गंभीर डिप्रेशन में गए थे। इसकी वजह से वह आगे खेलना नहीं चाहते थे और उनकी जीने की इच्छा भी खत्म हो गई थी परंतु उन्होंने इच्छाशक्ति मजबूत करके खुद को संभाला और आज उनकी उपलब्धियां इतनी बड़ी है कि इनकी बराबरी करना किसी के लिए भी बहुत कठिन है।

लारिसा लैतिनीन,जिमनास्ट(रुस)

सोवियत यूनियन की यह जिम्नास्ट दुनिया की सबसे सफल महिला खिलाड़ी थीं। उनके नाम सबसे ज्यादा ओलंपिक मैडल जीतने वाली महिला खिलाड़ी का भी कीर्तिमान है।

उन्होंने मेलबोर्न 1956,रोम 1960 और टोक्यो 1964 ओलंपिक में हिस्सा लिया और नौ स्वर्ण पदक जीते। साथ ही 5 रजत और 4 कांस्य पदक भी उन्होंने अपने नाम किए।

पावो नुरमी,एथलीट (फिनलैंड)

‘फ्लाइंग फिन’ या ‘फैंटम फिन’ के नाम से विख्यात पावो नुरमी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ियों में से एक रहे हैं।

गरीबी की वजह से उन्हें 12 साल की उम्र में स्कूल छोड़ कर काम करना पड़ा। अपने देश के खिलाड़ी हंस से प्रेरित होकर उन्होंने खूब मेहनत की और कामयाबी पाई।

1500 मीटर से 20 किलोमीटर दौड़ में उन्होंने 22 रिकॉर्ड बनाए थे। उन्होंने अपने देश का 3 ओलंपिक एंटपर्व 1920, पैरिस 1924 और एम्सटर्डम 1928 में प्रतिनिधित्व किया और 9 स्वर्ण पदक जीते।

मार्क स्पिट्ज,तैराक(अमरीका)

अपने प्रशंसकों और दोस्तों के बीच ‘मार्क द शार्क’ नाम से प्रसिद्ध यह अमरीकी तैराक अपने जमाने का माइकल फेलप्स था। तैराकी में 1968 से लेकर 1972 ओलंपिक तक उनका दबदबा रहा।

उन्होंने मैक्सिको सिटी 1968 और म्युनिख 1972 ओलंपिक्स में 9 स्वर्ण पदक जीते। इनके अलावा इन खेलों में उन्होंने दो रजत पदक भी अपने नाम किए।

कार्ल लुइस, एथलीट (अमरीका)

कार्ल लुइस अमरीकी ‘ट्रैक एंड फील्ड’ के बादशाह थे जिन्होंने कोई 10 ओलंपिक मैडल जीते । इनमें नौ स्वर्ण पदक शामिल थे। इनके अलावा उन्होंने आठ विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण पदक भी जीते।

लॉस एंजेल्स 1992, सिओल 1988, बार्सिलोना 1992 और एटलांटा 1996 ओलंपिक में भाग लिया और दौड़ से लेकर लंबी कूद जैसे खेलों में शानदार प्रदर्शन किया।

उसेन बोल्ट,धावक (जमैका)

जमैका के फर्राटा धावक उसने बोर्ड 21 वीं सदी के महान एथलीट हैं। 100 मीटर और 200 मीटर के इस विश्व रिकॉर्ड धारी ने 8 बार ओलंपिक में गोल्ड मैडल जीते हैं।

2017 में उन्होंने लंदन वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद संन्यास ले लिया था लेकिन जब तक वह खेले, ओलंपिक के 200 मीटर और 100 मीटर की दौड़ में उन्हें कोई पीछे नहीं छोड़ सका। वह ओलंपिक स्पर्धाओं में हमेशा पहले नंबर पर रहे।

पंजाब केसरी से साभार…..।

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