अजीबो गरीब परंपरा: एक ऐसा राज्य जहां बहनें भाइयों को मरने का श्राप देती हैं

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आज भाई-बहन की प्यारी बॉन्डिंग का पर्व रक्षा बंधन है। यह पर्व सावन मास की पूर्णिमा के दिन पूरे देश में मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उसके सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। यह पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को दर्शाता है।

वहीँ दूसरी ओर आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत के एक राज्य में बहनें अपने भाइयों को मरने का श्राप देती हैं। यह सुनकर आपको यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह बिल्कुल सच है। हालांकि बहने इस श्राप का प्रायश्चित भी करती हैं।

आज हम इस पोस्ट में हम इसी अजीब परम्परा के बारे में बताने जा रहे है तो चलिए जानते हैं

कहां मनाई जाती है यह परंपरा

यह अजीबोगरीब परंपरा छत्तीसगढ़ में मनाई जाती है। राज्य के जशपुर जिले में एक विशेष समुदाय के लोग इसका पालन करते हैं। इस समुदाय की लड़कियां अपने भाइयों को मरने का श्राप देती हैं और ऐसा भाई दूज के दिन किया जाता है।

भाई दूज के दिन बहनें सुबह उठने के बाद भाइयों को श्राप देती हैं। इसका प्रायश्चित करने के लिए बहनें अपनी जीभ पर कांटा चुभाती हैं।

इसके बाद जशपुर जिले में विशेष समुदाय की लड़कियां भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। सालों से इस परंपरा का पालन किया जा रहा है।

पौराणिक कहानी

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक बार यमराज एक ऐसे व्यक्ति को मारने के लिए धरती पर आए, जिसकी बहन ने उसे कभी श्राप नहीं दिया था।

ऐसा व्यक्ति यमराज को भी मिल जाता है, लेकिन जब उसकी बहन को उसके बारे में पता चलता है तो वह उसे श्राप दे देती है  जिसकी वजह से यमराज उसके प्राण नहीं ले पाते हैं। इससे इस व्यक्ति का जीवन बच जाता है। तभी से यहाँ बहनों द्वारा अपने भाइयों को श्राप देने की परंपरा चली आ रही है।

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