पोवेग्लिया आइलैंड एक ऐसी जगह जहां से आज तक कोई वापिस नहीं लौटा

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दुनिया के ऐसे बहुत से स्थान हैं को खतरों से भरे हुए हैं। कई जगह बेहद जहरीले बेशुमार सांप हैं तो कई सक्रिय ज्वालामुखी वाले स्थान हैं। यानि कुछ ऐसे स्थान जहां जाना और मौत को बुलावा देना एक ही बात है।

ऐसी ही एक रहस्यमयी जगह है पोवेग्लिया। इटली में स्थित पोवेग्लिया आइलैंड दशकों से वीरान सुनसान टापू है जिसके बारे में इटली सरकार का कहना है:

प्रतिबंधित होने के बाद भी अगर कोई शख्स आइलैंड पर जाता है, तो वह उसकी खुद की जिम्मेदारी होगी

पोवेग्लिया आइलैंड है वेनीसिया झील के उत्तर में बसा हुआ था जो अब वीरान है। कहा जाता है कि पोवेग्लिया आइलैंड पर प्लेग के मरीजों को मरने के लिए छोड़ दिया जाता था. इस आइलैंड पर 1 लाख 60 हज़ार लोगों को उनके अंतिम समय पर यहां छोड़ा गया था. यहां पर मरीजों को मौत से पहले उनको रूह कंपा देने वाला टौर्चर भी दिया जाता था. जो लोग मर जाते थे, उन्हें वहीं पर दफ़ना दिया जाता था.

मानव अस्थियों से बनी हुई है मिट्टी

आपको बता दें कि यहां जाने पर अब सरकार ने रोक लगा दी गई है, क्योंकि यह आइलैंड बहुत खतरनाक है. इस आइसलैंड की 50 प्रतिशत मिट्टी मानव अस्थियों से बनी हुई है. इस आइलैंड पर इतनी मौते हो चुकी हैं की, मछुआरे जब मछली पकड़ने जाते हैं, तो उनके जाल में मछली की जगह इंसानों की हड्डियां आ जाती हैं.

कहा जाता है कि पोवेग्लिया आइलैंड पर प्लेग के मरीजों को मरने के लिए छोड़ दिया जाता था. इस आइलैंड पर 1 लाख 60 हज़ार लोगों को उनके अंतिम समय पर यहां छोड़ा गया था. यहां पर मरीजों को मौत से पहले उनको रूह कंपा देने वाला टौर्चर भी दिया जाता था. ऐसे में जो लोग मर जाते थे, उन्हें वहीं पर दफ़ना दिया जाता था.

जिंदा जला दिया गया था लोगों को

आपको बता दें कि जब यहां मरीजों की संख्या बढ़ गई थी, तो करीब लगभग 1 लाख 60 हज़ार बीमार लोगों को यहां जिंदा जला दिया गया था. इसके बाद ये आइलैंड पूरी तरह से वीरान हो गया.

मरीजों को दिखने लगे भूत

इस आईलैंड पर 1992 में एक मेंटल अस्पताल बनाया गया था, लेकिन कुछ समय बाद यहां के मरीजों को प्लेग के मरीजों के भूत दिखाई देने लगे और इसी डर में यह अस्पताल भी बंद कर दिया गया था.