कोबरा सांप के बारे में रोचक तथ्य और जानकारी

नाग (इंग्लिश Naja, इंडियन कोबरा, भारतीय नाग) भारतीय उपमहाद्वीप का एक जहरीला सांप है। यद्यपि इसका जहर इंडियन क्रेट जितना घातक नहीं है और यह रसेल्स वाइपर जैसा आक्रामक नहीं है, किन्तु भारत में सबसे अधिक लोग इस सर्प के काटने से मरते हैं क्योंकि यह सभी जगह बहुतायत (अधिक मात्रा) में पाया जाता है। चूहे इसका मुख्य आहार है जिसके कारण यह अक्सर मानव बस्तियों के आसपास, खेतों में एवं शहरी इलाकों के बाहरी भागों में अधिक पाया जाता है।

नाग यानि कोबरा विषैले सांपों की उन प्रजातियों में से एक है जो गर्दन की पसलियों को फैला कर फन या हुड (hood) बनाते हैं। यद्यपि फन कोबरा सांप की विशेषता है लेकिन इसकी विभिन्न प्रजातियां निकटता से संबंधित नहीं हैं। वैसे कोबरा दक्षिणी अफ्रीका से लेकर दक्षिणी एशिया तक और दक्षिण पूर्व एशिया के द्वीपों में पाए जाते हैं।

कोबरा के जहर का कहर

कोबरा एक अंत्यन्त ज़हरीला सांप है जिसके अगले छोटे विष-दाँत जहर उगलते हैं। भारतीय नाग में सिनेप्टिक न्यूरोटॉक्सिन (synaptic neurotoxin) और कार्डिओटोक्सिन (cardiotoxin) नामक घातक जहर में शक्तिशाली न्यूरोटॉक्सिन जहर पाया जाता है। यह जहर शिकार के तंत्रिका तंत्र को पंगु बना देता है शरीर को लकवा मार जाता है। इसके काटने से मुंह से झाग निकलने लगता है और आँखों की रोशनी धुंधला जाती है। समय पर उपचार न मिलने पर इसका शिकार अंधा हो जाता है और अंतता मर जाता है।

एक वयस्क नाग की लंबाई 1 मीटर से 1.5 मीटर (3.3 से 4.9 फिट) तक हो सकती है। श्रीलंका की कुछ प्रजातियां लगभग 2.1 मीटर से 2.2 मीटर (6.9 से 7.9 फिट) तक हो जाती हैँ लेकिन यह दुर्लभ है।

अधिकतर लोग कोबरा (नाग) और किंग कोबरा (नागराज) को एक ही सांप समझते हैं लेकिन यह सच नहीं है। नागराज(king cobra) दरअसल भारतीय उपमहाद्वीप में पाये जाने वाला एक सबसे लंबा ज़हरीला सांप है जो मूलरूप से नाग(cobra) प्रजाति से संबन्धित नहीं है।

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