तो ऐसे देती है महारानी एलिजाबेथ अपने कर्मचारियों को गुप्त संकेत

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इंगलैंड की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के हाथों में हमेशा लाऊनर ब्रांड का हैंडबैग दिखाई देता है। इस बेहद महंगे हैंडबैग का इस्तेमाल वह केवल जरूरी सामान रखने के लिए ही नहीं करती हैं बल्कि अपने कर्मचारियों को गुप्त संकेत देने में भी यह उनके काम आता है।

राजवंश इतिहासविद् हूगो विकर्स ने खुलासा किया है कि महारानी शासकीय समारोहों के दौरान बिना कुछ कहे अपने कर्मचारियों को अपनी इच्छा बताने के लिए कई गुप्त संकेतों का इस्तेमाल करती हैं। ऐसे ही कुछ संकेतों के लिए वह अपने हैंडबैग का प्रयोग भी करती हैं।

जैसे कि इसे एक से दूसरे हाथ में पकड़ना इस बात का संकेत है कि वह बातचीत खत्म करके आगे बढ़ना चाहती हैं। यह भी कहा जाता है कि समारोहों में अपने हैंडबैग को टेबल पर रखने का मतलब होता है कि महारानी वहां से निकलने के लिए तैयार हैं।

टेबल पर महारानी द्वारा अपना हैंडबैग रखना एक तरह से उनकी ‘लेडीज-इन वेटिंग’ (सहायिका) के लिए यह हिदायत होती है कि 5 मिनट में उन्हें वहां से निकलना है जिसके लिए वह सभी जरूरी इंतजाम कर ले।

तीसरा गुप्त संकेत है अपनी वैडिंग रिंग यानी शादी की अंगूठी को चुपके से घुमाना जिसका अर्थ है कि वह वर्तमान वार्तालाप को तुरंत खत्म करना चाहती हैं। हालांकि, ऐसा पूरी शालीनता से किया जाता है। उनका कोई सहयोगी आकर बहाने से उन्हें वहां से ले जाता है।

हैंडबैग को एक से दूसरे हाथ में बदलने का अर्थ यह भी है कि वह अपने हैल्पर्स को करीब चाहती हैं। बकिंघम पैलेस में आधिकारिक बैठकों के दौरान भी महारानी एक गुप्त संकेत करती हैं।

जिससे स्टाफ समझ जाता है कि उन्हें दरवाजा खोल कर मेहमान को वहां से बाहर तक ले जाना है। केवल महारानी ही नहीं, उनके शाही परिवार के अन्य सदस्य भी अपने हैंडबैग का इस्तेमाल महज एक एक्सैसरीज से बढ़ कर करते हैं।

हाल ही में शाही परिवार के एक करीबी सूत्र ने बताया था कि डचैस ऑफ कैम्ब्रिज कैथरीन एक क्लच बैग का प्रयोग खास कारण से भी करती हैं। यदि 35 वर्षीय कैथरीन को किसी व्यक्ति से हाथ मिलाने में संकोच हो तो वह अपने क्लच को आगे की ओर दोनों हाथों में पकड़ लेती हैं।

खास है महारानी का हैंडबैग

क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के प्रत्येक लाऊनर हैंडबैग में उनके लिए विशेष रूप से लम्बे हैंडल लगाए जाते हैं ताकि हाथ मिलाते वक्त अवरोध पैदा न हो। महारानी आसानी से खुलने वाले हैंडबैग पसंद करती हैं इसलिए उनमें न तो शोल्डर बैग है और न ही जिप उनके बैग हमेशा एक आईने, मेल खाते पर्स तथा चश्मा रखने वाले केस से युक्त होते हैं।

लाऊनर ब्रांड के हैंडबैग्स से महारानी का लगाव तब शुरू हुआ।  जब 1968 में लाऊनर कम्पनी के संस्थापक सैम लाऊनर ने उन्हें एक हैंडबैग भेजा। इसके बाद कम्पनी को शाही परिवार के लिए हैंड बैग बनाने का रॉयल वारंट मिल गया।

तब से कम्पनी महारानी के लिए 200 से ज्यादा हैंडबैग बना चुकी है। कम्पनी का काले रंग वाला पेटेंट डिजाइन महारानी का पसंदीदा रहा हैं। परंतु हाल के वर्षों में उनके हाथों में गाढे रंग वाले हैंडबैग भी दिखाई देते रहे हैं। कहा जाता है कि उनके हैंडबैग्स में जरूरत की चीजें होती हैं, जैसे कि मिंट फ्लेवर वाली टॉफी, लिपस्टिक, रुमाल तथा एक फाऊंटेन पैन्।

सूत्रों के अनुसार शाही हैंडबैग में एक छोटी-सी हुक भी होती है। जिससे इसे गुपचुप ढंग से टेबल के नीचे लटकाया जा सकता है। इन बैगों का मूल्य 1 लाख 35 हजार रुपए तक होता है। जिन्हें शाही परिवार के सदस्य बार-बार इस्तेमाल करते हैं और कुछ तो इन्हें रिसाइकिल भी करवाते हैं।

 

सिक्किम में बना यह खूबसूरत एयरपोर्ट

आपको बता दें कि भारत देश में एक नया एयरपोर्ट बनाया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी दुवारा कुछ दिन पहले ही किया गया है. इस हवाई अड्डे को दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों में से एक कहा जा सकता है, क्योंकि यह हवाई अड्डा हिमालय के पर्वतों के बीच बनाया गया है.

सिक्किम राज्य का यह पहला एयरपोर्ट

हिमालय में स्थित सिक्किम राज्य में दुनिया का तीसरा सबसे ऊंचा पर्वत कंचनजंगा है. ये राज्य आठ पर्वतों के माध्यम से तिब्बत, भूटान और नेपाल से जुड़ा हुआ है. सिक्किम राज्य में यह पहला एयरपोर्ट पकयोंग में बनाया गया है. जो राज्य की राजधानी गंगटोक से 30 किलोमीटर दूर है.

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एयरपोर्ट की बनावट

चीन की सीमा से 60 किलोमीटर की दूरी पर ये एयरपोर्ट 201 एकड़ में फैला है और पकयोंग गांव के ऊपर एक पहाड़ पर बनाया गया है. जो कि समुद्र तल से  4,500 फुट ऊंचा है. हवाई अड्डे का रनवे 1.75 किलोमीटर लंबा जिसके दोनों सिरों पर गहरी घाटियां हैं. इसमें दो पार्किंग और एक टर्मिनल बिल्डिंग है, जहां एक समय में लगभग 100 यात्री मौजूद हो सकते हैं.

पुंज लॉयड द्वारा बनाया गया है एयरपोर्ट

एक भारतीय कंपनी पुंज लॉयड के प्रवक्ता के मुताबिक मुश्किल जगह और खराब मौसम की वजह से ये नौ साल का प्रोजेक्ट बेहद चुनौतीपूर्ण और रोमांचक रहा. सिक्किम में अप्रैल से सितंबर तक बारिश होती है जो कि काम में एक बड़ी बाधा थी. इस इलाके में भूकंप भी काफ़ी ज्यादा आते हैं, जो कि इंजिनियरों के लिए एक और चुनौती थी.

इस हवाई अड्डे को गहरी घाटियों में 263 फीट लंबी दीवार खड़ी कर बनाया गया है. पुंज लॉयड कंपनी का कहना है कि यह दुनिया की सबसे ऊंची मज़बूती के लिए बनाई गई दीवारों में से एक है.

यह हवाई अड्डा सिक्किम में पर्यटकों भी आकर्षित करेगा.

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7 साल छोटे एक्टर के साथ लिव इन में रही यह कॉमेडियन

7 साल छोटे एक्टर के साथ लिव इन में रही यह कॉमेडियन

अर्चना पूरण सिंह छोटे पर्दे की बहुत ही फेमस कॉमेडियन हैं। वह बॉलीवुड में अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए जानी जाती हैं। बता दें कि अर्चना टीवी और फिल्म दोनों में काम कर चुकी हैं। उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग जगह बना रखी है। अर्चना के जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिंदगी के दिलचस्प किस्से-

  • अर्चना का जन्म एक पंजाबी परिवार में 26 सितंबर 1962 को देहरादून में हुआ था। देहरादून में ही उन्होंने अपनी स्कूल की पढ़ाई की। अर्चना को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था, जिस कारण वह पढ़ाई बीच में छोड़कर मॉडलिंग में करियर बनाने के लिए वह मुंबई आ गयी।
  • अर्चना ने सबसे पहले मुंबई में ऐड फिल्में करना शुरू किया था। शुरुआत में उन्हें मिला बैंड-एड का विज्ञापन काफी चर्चित भी हुआ था।
  • अर्चना ने अपना बॉलीवुड करियर 1987 में फिल्म ‘जलवा’ से शुरू किया था जिसमें नसीरुद्दीन शाह थे। वैसे तो ये फिल्म हिट रही थी लेकिन अर्चना लोगों की नजरों में नहीं आ सकीं।
  • छोटे पर्दे पर भी इन्होंने कई सीरियल्स में काम किया है ‘जाने भी दो यारों’, ‘श्रीमान श्रीमती’, ‘अर्चना टॉकीज’ ‘नच बलिए’ और ‘कॉमेडी सर्कस’ जैसे कई इनके फेमस सीरियल्स हैं।
  • कॉमेडी सर्कस को अर्चना दुनिया की सबसे अच्छी जॉब मानती हैं।
  • रोचक बात ये है कि अब इन्हें सिर्फ हंसने के पैसे मिलते हैं। ये सप्ताह में 6 दिन छुट्टी पर रहती हैं और सिर्फ 1 दिन काम करती हैं। उसके लिए भी इन्हें अच्छी रकम मिलती है।
  • वैसे इनकी मर्दों वाली हंसी भी खूब फेमस है जिस पर मजाक बनते रहते हैं।
  • अर्चना की पहली शादी कामयाब नहीं हो पाई थी, जिसके बाद उनकी मुलाकात एक्टर परमीत सेठी से हुई।
  • अर्चना परमीत के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगीं। शादी करने से पहले दोनों लंबे समय तक लिव- इन में रहे। बता दें कि अर्चना परमीत से 7 साल बड़ी हैं।
  • अपनी पहली शादी की नाकामयाबी के बाद अर्चना दूसरी शादी नहीं करना चाहती थीं।
  • वो सोचती थीं कि पुरूष दबंग और इनसेंसिटिव होते हैं। लेकिन फिर परमीत ने उनका पूरा नज़रिया ही बदल दिया।
  • दोनों ने 30 जून 1992 को शादी की। इनके दो बच्चे हैं- आर्यमान और आयुष्मान।

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अद्भुत सेल्फी लेने के लिए किया जाता है इस यंत्र का उपयोग

आज के युग में हम सब सेल्फी के रुझान में बहुत व्यस्त रहने लगे हैं, और सेल्फी लेने के अंदाज़ भी दिन भर बदलने लगें हैं. अगर आप वी सेल्फी लेने के शौकीन हैं तो इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें. आज हम आपको एक ऐसे यंत्र के बारे में बताने जा रहें हैं, जो कि आपको अद्भुत सेल्फी लेने की लिए आपकी मदद करेगा।

ड्रोन एक्स प्रो से लें अद्भुत सेल्फी

आपको बता दें कि सेल्फी स्टिक के बाद जिस यंत्र का उपयोग अद्भुत सेल्फी लेने के लिए किया जाता है उसका नाम ड्रोन एक्स प्रो है. इस यंत्र से आप कुछ दूरी से भी सेल्फी ले सकते है. ड्रोन एक्स प्रो हवा में उड़ने वाला यंत्र है जिसके कारण वह अनोखे प्रकार की सेल्फी भी खींच सकता है.

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जर्मन इंजीनियरों ने किया डिज़ाइन

ड्रोन एक्स प्रो दो जर्मन इंजीनियरों द्वारा डिज़ाइन किया गया था. इसे नियंत्रित करना काफी आसान है. और, यह आपके फोन पर लाइव स्ट्रीम भी कर सकता है.

उपयोग करना आसान

इसका उपयोग करना बहुत आसान है. सबसे पहले, आपको एक ऐप इंस्टॉल करना होगा (मैन्युअल में क्यूआर कोड स्कैन करें)। एक बार ऐसा करने के बाद, ऐप को अपने ड्रोन से कनेक्ट करें और ऐप शुरू करें। 10 सेकंड से भी कम समय में आप अपने ड्रोन को उड़ा सकते हैं.

ड्रोन एक्स प्रो के लाभ

ड्रोन एक्स प्रो की कीमत 99 डॉलर हैं, और वह केवल ऑनलाइन ही उपलब्ध हैं. ड्रोन एक्स प्रो के मुख्य लाभ इसकी पोर्टेबिलिटी, कीमत, और कैमरा हैं. ड्रोन एक बड़े स्मार्टफोन के समान आकार है. यह किसी भी जेब या बैग में आराम से फिट हो सकता है. ड्रोन एक्स प्रो में भी एक अविश्वसनीय होवरिंग क्षमता है.

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हार्ट अटैक से पहले दिखते हैं ये लक्षण, इन्‍हें नजरअंदाज करना होगा खतरनाक!

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हार्ट अटैक किसी को भी हो सकता है। इसके कुछ खास लक्षण होते हैं जिनकी अनदेखी करना ठीक नहीं है। आइए जानें कुछ ऐसे ही लक्षणों के बारे में। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि हार्ट अटैक सिर्फ पुरुषों को होता है महिलाओं को नहीं लेकिन आजकल की बदलती लाइफस्टाइल के दौरान हार्ट अटैक की समस्या किसी को भी हो सकती है। हार्ट अटैक के दौरान कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें अनदेखा करना महंगा पड़ सकता है। आइए जानते हैं क्या हैं वो लक्षण जिन्हें भूलकर भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।

शरीर के ऊपरी भाग में तेज दर्द

गर्दन, पीठ, दांत, भुजाएं और कंधे की हड्डी में दर्द होना हार्ट अटैक के लक्षण हैं। इसे ‘रेडीएटिंग’ दर्द कहते हैं। यह इसलिए होता है क्योंकि दिल की कई धमनियां यहां समाप्त होती हैं जैसे उंगलियों के पोर जहां दर्द केंद्रित होता है।

चक्कर आना

चक्कर आना या सिर घूमना हार्ट अटैक का एक अन्य लक्षण है। यह हृदय को जाने वाली एक शिरा में अवरोध होने के कारण होता है। जब आपको अपने अंदर ये बदलाव दिखे तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। इसे काम के प्रेशर के चलते होने वाली कमजोरी या फिर कोई दूसरा कारण ना समझें। हार्ट अटैक के लक्षणों को अक्सर लोग मामूली समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं। जिसके परिणाम बाद में झेलने पड़ते हैं।

सीने में दर्द

लोग सोचते है कि हार्ट अटैक का लक्षण केवल सीने में दर्द नहीं हो सकता परंतु निश्चित तौर पर ऐसा होता है। लक्षणों पर ध्यान देने के बजाय यदि आप को कुछ नए लक्षण महसूस हो रहे हैं और वे दूर नहीं हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। डॉक्टरों के अनुसार बाद में पछताने से अच्छा है कि सुरक्षित रहें।

जबड़े में दर्द

यदि आपके जबड़े में दर्द है है तो इसका अर्थ है कि आपको हार्ट अटैक आया है क्योंकि इसके पास जो नसें होती हैं वे आपके हृदय से निकलती हैं। यदि दर्द बना रहे तो आपको दांतों की परेशानी है। यदि यह थोड़ी-थोड़ी देर में होता है तथा जब आप थक जाते हैं और यह दर्द बढ़ जाता है तो यह दिल से संबंधित हो सकता है।

जी मिचलाना, उलटी, पेट खराब होना

हार्ट अटैक के समय पुरुषों की तुलना में महिलाओं में जी मिचलाना, उलटी या अपचन जैसे लक्षण अधिक दिखाई देते हैं। यह अक्सर इसलिए होता है क्योंकि दिल को रक्त पहुंचाने वाली दायीं धमनी जो दिल में गहराई तक जाती है, अवरुद्ध हो जाती हैं।

सांस लेने में परेशानी

एक अध्ययन से पता चला है कि लगभग 42% महिलाएं जिन्हें हार्ट अटैक आया उन्हें सांस लेने में परेशानी की समस्या का सामना करना पड़ा। हालांकि पुरुषों में भी यह लक्षण होता है परंतु महिलाओं में सीने में दर्द के बिना सांस लेने में परेशानी जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

पसीना आना

यदि आप रजोनिवृत्ति के दौर से नहीं गुजर रही हैं और फिर भी आपको अचानक पसीना आने लगे तो संभल जाएं। इस लक्षण की अनदेखी ना करें तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपंर्क करें।

इन देशों में होतें हैं सबसे ज्यादा बलात्‍कार

 

विकसित और धनी देश जहाँ होतें हैं सबसे ज्यादा बलात्‍कार

बलात्‍कार दुनिया भर में घिनौना अपराध माना जाता है। कड़े कानून और सजा के बावजूद दुनिया भर में हर साल बलात्कार के लाखों मामले दर्ज़ किए जाते हैं।

विश्व भर के लगभग सभी देशों चाहे वह विकसित देश है या अविकसित, विकासशील है या पिछड़ा, सभी में बलात्कार के बहुत अधिक मामले दर्ज़ होते हैं। बलात्कार जैसे संगीन जुर्म को कई बार हम पिछड़ेपन, अनपढ़ता आदि से जोड़ते हैं लेकिन परेशानी की बात यह है कि जो देश आधुनिक, सभ्य और कुलीन माने जाते हैं वहाँ पर भी बहुत अधिक बलात्‍कार होते हैं।

इस लेख में हम कुछ ऐसे देशों के बारे में चर्चा करेंगे जो विकसित हैं, जो उच्च सामाजिक संस्कृति और मानवीय मूल्यों को मानने वाले माने जाते हैं लेकिन फिर भी वहाँ पर बहुत अधिक बलात्कार होते हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका

इस देश को दुनिया का सबसे ताकतवर, समृद्ध और रहने के लिए उत्तम देश माना जाता है। USA टुडे द्वारा जारी किये गए आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में 19.3% महिलाएं और 2% पुरुष अपनी पूरी लाइफ में एक बार रेप का शिकार होते हैं। अमेरिका में प्रति एक लाख जनसंख्या पर 27.3 बलात्कार के मामले दर्ज़ होते हैं। यानि 2019 की गणना के अनुसार हर साल 89834.7* मामले दर्ज़ होते हैं।

ब्रिटेन

ब्रिटेन को दुनिया का सबसे विकसित और शाही देश माना जाता है। लेकिन फिर भी ब्रिटेन में भी 2018-19 साल में लगभग 59 हज़ार बलात्‍कार के मामले दर्ज़ किए गए। यानि हर एक दिन करीब 160 लोगों के साथ रेप।

नार्वे

नार्वे संयुक्त राष्ट्र की मानव विकास सूची के टॉप पर है। लेकिन बलात्कार के अनुपात में भी यह पीछे नहीं है। कम जनसंख्या वाले इस विकसित देश में हर साल 1000 मामले दर्ज़ किए जाते हैं जोकि 19.2 प्रति लाख की दर से काफी ज्यादा है।

स्‍वीडन

स्वीडन को समृद्ध और शाही देश माना जाता है। हालांकि स्‍वीडन में हर चौथी महिला बलात्‍कार या यौन शोषण का शिकार होती है। स्वीडन की सरकार भी महिलाओं के साथ बलात्‍कार को एक बहुत ही गंभीर समस्‍या मान चुकी है. 1975 में यहां रेप के 421 केस दर्ज हुए थे लेकिन 2018-19 में यह आंकड़ा 6374 हो गया।

जर्मनी

जर्मनी भी विकसित देशों में शामिल हैं। दुर्भाग्य से यह उन देशों में से एक है जहां रेप बहुत ज्यादा होता है। 2019 के आंकड़ों के अनुसार यहाँ बलात्कार के 7850 मामले दर्ज़ किए गए हैं।

फ्रांस

1980 तक बलात्कार को फ्रांस में अपराध नहीं माना जाता था। उसके बाद महिला कानून के तहत इसे शामिल किया गया है। अब यहाँ रेप को बड़ा अपराध माना गया है। 2018-19 में यहां लगभग 11000 बलात्कार हुए।

इटली

इटली यूरोप का एक अन्य विकसित और पर्यटन से भरपूर देश है जहां हर साल लाखों पर्यटक घूमने आते हैं। यहाँ भी हर साल लगभग 5000 रेप के मामले सामने आते हैं।

डेनमार्क

डेनमार्क बहुत अधिक धनी और समृद्ध देश है। हालांकि यहाँ पर भी बहुत अधिक बलात्कार होते हैं। माना जाता है कि ज्यादातर रेप काम-काजी स्‍थलों में होते हैं.

बैल्जियम

बैल्जियम भी एक धनी और समृद्ध देश है। हालांकि यहाँ पर भी बहुत अधिक बलात्कार होते हैं। माना जाता है कि ज्यादातर रेप काम-काजी स्‍थलों में होते हैं. कम जनसंख्या वाले इस देश में हर साल लगभग 3500 मामले सामने आते हैं।

ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया भी बलात्कार की ऊंची दर वाला विकसित देश है। कुछ सर्वे के अनुसार ऑस्ट्रेलिया को रहने योग्य देशों की सूची में शीर्ष देशों में रखा गया है। यह खुशहाल देशों की सूची में शीर्ष पर है। ऑस्ट्रेलिया में हर साल 27.6 प्रति 1 लाख की ऊंची दर से लगभग 7500 बलात्कार दर्ज़ होते हैं।

न्यूज़ीलैंड

न्यूज़ीलैंड एक अन्यथा शांत और समृद्ध देश है। लेकिन बलात्कार के केसों के मामले में न्यूज़ीलैंड भी काफी ऊंचे पायदान पर है। कम जनसंख्या वाले इस देश में हर साल 25.8 की दर से 1300 रेप होते हैं।

(* नोट: बलात्कार की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि एक अनुमान के अनुसार लगभग 40% महिलाएं ही केस दर्ज़ करवाती हैं)

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करीना कपूर ख़ान के बर्थडे पर जानिये उनका सफ़र

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21 सितंबर को बॉलीवुड की स्टाइलिश और चार्मिंग अभिनेत्री करीना कपूर ख़ान का जन्मदिन होता है। इस साल करीना अपना 38 वां बर्थडे मना रही हैं। करीना कपूर ने अपने करियर की शुरूआत फ़िल्म ‘रिफ्यूजी’ से की थी। इस फ़िल्म के लिए उनकी सभी आलोचकों ने भी खूब सराहना की थी। इतना ही नहीं इस फ़िल्म के लिए उन्‍हें सर्वश्रेष्‍ठ नवोदित अभिनेत्री का फ़िल्मफेयर पुरस्‍कार भी मिला था।

  • करीना कपूर का जन्‍म मुंबई में हुआ था। आप जानते हैं कपूर खानदान में जन्मीं करीना का परिवार बॉलीवुड के सबसे चर्चित और कामयाब घरानों में से रहा है।
  • राज कपूर की पोती, रणधीर कपूर की बेटी, ऋषि कपूर और राजीव कपूर की भतीजी से लेकर करिश्मा कपूर और रणबीर कपूर जैसे भाई बहन वाली करीना के लिए ज़िंदगी आसान नहीं रही है।
  • पिता रणधीर कपूर और मां बबीता जो अपनी दौर की एक पॉपुलर अभिनेत्री रही हैं एक दूसरे से तब अलग ही रह रहे थे जब करीना बड़ी हो रही थीं। करीना तमाम मुश्किलों के बीच अपने आपको स्थापित करती गयीं।
  • करीना का निक नेम है ‘बेबो’। लेकिन, उनके नामकरण की कहानी भी दिलचस्प है। दरअसल जब बबीता मां बनने वाली थी, तब वह एना करेनिना किताब पढ़ती थीं और उसी किताब से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी बेटी का नाम करीना कपूर रख दिया।
  • कपूर खानदान की बेटी और बहू फ़िल्मों में नहीं आती थीं। लेकिन, करिश्मा कपूर और उनकी छोटी बहन करीना कपूर ने इस परंपरा को बदल कर अपने करियर को एक नयी ऊंचाई देने में कामयाब रहीं।
  • करीना कपूर को उनका पहला फ़िल्मफेयर पुरस्कार फ़िल्म ‘जब वी मेट’ के लिए मिला था। उस दौरान शाहिद कपूर संग उनके रोमांस की भी खूब ख़बरें आती थीं। बाद में दोनों सम्मानजनक रूप से एक दूसरे से अलग हो गए।
  • करीना बॉलीवुड की इकलौती अभिनेत्री हैं जिन्होंने फ़िल्म ‘हीरोइन’ में एक-दो नहीं बल्कि 138 डिजाईनर साड़ियां पहनी थीं।
  • करीना ने साल 2012 में अभिनेता सैफ़ अली ख़ान से शादी कर ली। शादी से पहले यह जोड़ी पांच साल तक लिव इन में थे।
  • करीना ने सैफ़ के सामने शादी के लिए एक शर्त रखी थी कि शादी के बाद भी वो फ़िल्मों में काम करना जारी रखेंगी! सैफ़ ने उनकी यह शर्त मान ली।
  • नवाब खानदान की बहू करीना शादी के बाद भी अपने तमाम फैंस का दिल जीतती रही हैं। अपनी बेबाकी और अपने ख़ास अंदाज़ के लिए जानी जाती हैं करीना।
  • करीना बॉलीवुड की एक ट्रेंडसेटर रही हैं। जीरो साइज़ फीगर से लेकर बेबी बंप फ्लॉन्ट करने तक करीना हमेशा कॉन्फिडेंट और एक नयी राह बनाती नज़र आयीं।

दुनिया के सबसे खतरनाक पेड़

दुनिया के सबसे खतरनाक पेड़

वैसे तो हम सबने सुना है कि पेड़ हमारे लिए बहुत लाभदायक होते हैं, वह हमारे वातावरण को साफ़-सुथरा रखते हैं। क्या आप जानते है कि धरती पर कुछ ऐसे पेड़ पाए जाते हैं, जो कि आपकी जान तक ले सकते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी ही पेड़ों की प्रजातियों के बारे में बता रहे है, जो हमारे लिए बहुत ही खतरनाक है।

पोषमवुड

पोषमवुड वृक्ष दुनिया के खतरनाक पेड़ों में से एक है। इसकी सबसे खतरनाक बात यह कि इस पर लगे हुए फल पकने के बाद एक बम की तरह धमाका करते हुए फट जाते है। फल फटने के बाद उसके बीज हवा में करीब 240 किलोमीटर प्रति घंटा से फैलते है। अगर कोई इंसान इनकी चपेट में आ जाए, तो वह गंभीर रूप से घायल हो सकता है।

जिमपी स्टिंगर

जिमपी स्टिंगर वृक्ष ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह वृक्ष देखने में काफी सुंदर लगता है, लेकिन इसके ऊपर दिखने वाले कांटे, जो इसको सुंदर बनाते हैं, असल में ये कांटे बेहद ख़तरनाक होते है, क्योंकि इन कांटे में ज़हर होता है, अगर ये जहर इंसानी शरीर के अंदर चला जाए तो इंसान की मौत भी हो सकती है।

सेर्बेरा ओडोलम

क्या आप जानते है कि यह पेड़ कितना खतरनाक हो सकता है, वैसे तो आप इसका अंदाजा इसके नाम से भी लगा सकते है, इसे “सुसाइड ट्री” के नाम से भी जाना जाता है। ये पेड़ मुख्य रूप से भारत और एशिया के कई देशों में पाया जाता है। इस पेड़ पर एक खतरनाक फल उगता है, जो बेहद ज़हरीला होता है। इस फल को खाने से इंसान की जान भी जा सकती है।

टैक्सस बैक्टाटा

यूरोप, अफ्रीका और एशिया में पाया जाने वाला टैक्सस बैक्टाटा भी एक बेहद ज़हरीला पेड़ है। सिर्फ बीज को छोड़कर इस पेड़ के हर एक हिस्से में “टैक्सीन” नाम का ज़हर होता है। इस पेड़ में जो ज़हर पाया जाता है, उसे “टैक्सीन” कहा जाता है। ये ज़हर अगर किसी इंसान को दे दिया जाए तो उसकी चंद घंटों में मौत हो जाती है।

मेंचिलीन

मेंचिलीन नामक का यह पेड़ फ्लोरिडा, कैरेबियन सागर के आस-पास पाया जाता है। इसे दुनिया के सबसे ज़हरीले वृक्ष के रूप में ‘गिनीज़ ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स’ में शामिल किया गया है। लोगो को इस पेड़ से दूर रखने के लिए इस पेड़ पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए है।

इस पेड़ का सबसे विषैला भाग इसके फल होते है। यदि कोई इस पेड़ का फल खा ले तो उसकी मौत भी हो सकती है।

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जानिए कैसे समझे कुत्तों की भाषा को

जैसे कि आपको पता है कि कुत्ता पालतू जानवरों में से सबसे अधिक वफ़ादार होता है, इसलिए ज्यादातर लोग इस जानवर को अपने घरों में पालते हैं। लेकिन आज हम आपको इन कुत्तों की विशेष बात के बारे में बताने जा रहे हैं। क्या आप जानते हैं कि, कुत्ते भी बोलते हैं? जी हां कुत्तों का बोलना उनकी भावनाओं द्वारा होता है। भौंकना, तथा गुर्राना आदि के माध्यम से कुत्ते अपने मालिक को बहुत कुछ कहते हैं।

वैज्ञानिकों ने भी किया साबित

अब तो वैज्ञानिकों ने भी साबित कर दिया गया है कि कुत्ते बोलते है और उनके पास इस बात के सबूत भी हैं। उनका मानना है कि कुत्ते मनुष्य से बात करने के लिए अपनी भाव-भंगिमाओं का प्रयोग करते हैं। कुत्तों की भाषा का रहस्य खोलने का पहला प्रयास सालफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया था। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए 37 कुत्ते लिए, जिनके मालिकों ने उनकी रोजमर्रा की फिल्में बनाई थीं, और अपनी टीम को उसका निरीक्षण करने को कहा।

कुत्तों दुवारा दिए जाने वाले संकेत

जमीन पर लोटना, पंजों को उठाना तथा कूदना उन 19 भाव-भंगिमाओं में शामिल था, जिनका निरीक्षण किया गया था। बालों को सहलाने, दरवाजा खोलने, खिलौना तथा खाना मांगने जैसी कुछ बातें वैज्ञानिकों ने देखीं जिनके लिए कुत्ते विभिन्न विशेष भाव-भंगिमाओं का प्रदर्शन करते थे।

आपको बता दें कि पत्रिका ‘एनीमल कोग्निशन’ में एक अध्ययन प्रकाशित किया गया था जिसमें कहा गया है कि, एक ही विनती के लिए अलग-अलग कुत्ते अलग-अलग संकेतों का इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण के लिए यदि एक कुत्ता अपनी पीठ के बल ज़मीन पर लेटता है, तो उसका अर्थ है कि, उसके पेट को खुजलाया जाए। सबसे अधिक जिस भाव-भंगिमा का प्रयोग कुत्ते करते हैं, वह अपने मालिक की ओर देख कर अपनी खाने की कटोरी की ओर देखना जिसका सीधा-सा अर्थ है कि, उन्हें कुछ खाने लिए चाहिए।

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कैसे बचें टाल-मटोल की आदतों से

वैसे तो काम से बचने के लिए हम सब ही टाल-मटोल करते रहते है। लेकिन, यह आदत हमारे लिए बहुत बुरी होती हैं.  समय के साथ टाल मटोल की आदतें व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य, उसके संबंधों और उसकी सम्पूर्ण कुशलता के लिए भी हानिकारक साबित होती है। अगर आप टाल-मटोल की आदतों से बचना चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें।

आपको बता दें कि हमारे दिमाग का एक हिसा ‘लिम्बिक सिस्टम’ होता है जो कि हमारी इस आदत के लिए जिम्मेदार होता है। यही हिसा हमारे दिमाग की सोच को नकारात्मक करता है और हमको वो काम करने से रोकता है, जिसमें मेहनत ज्यादा लगती है। इसी हिस्से पर हमारी भावनाएं तथा हमारी प्रतिक्रियाएं निर्भर करती हैं।

हालांकि, यह आवश्यक नहीं है कि, हमेशा आपका दिमाग आपको टाल-मटोल करने पर मजबूर कर दे । हमारे दिमाग में एक और हिसा ‘प्रीफ्रंटल कोटेंक्स एरिया’ भी होता हैं, जो जटिल कार्यों को करने में हमारी मदद करता है।

दो रणनीतियों के तहत आप टाल-मटोल की आदत से हमेशा के लिए बच सकते हैं।

पहली रणनीति

आपको बता दें कि एक रिसर्च से पता चला है कि, लोग उन कार्यों को पूरा करने में ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं, जो अधूरे हों। ऐसे में दिमाग को थोड़ी सी जानकारी देने से ही यह मन ही मन में उस काम पर विचार करने लगेगा और काफी सम्भावना है कि, आप उस काम को वक्त पर खत्म करने का प्रयास शुरू कर देंगे।

दूसरी रणनीति

तनाव तथा दिमाग में एक जटिल संबंध होता हैं। तनाव कम हो तो दिमाग लापरवाह बना रहता है। बहुत ज्यादा तनाव होने पर दिमाग सुन्न जाता हैं।

दूसरी ओर तनाव का स्तर यदि एक उपयुक्त सीमा तक रहे तो दिमाग में ‘स्ट्रैस हार्मोन्स’ का इतना स्तर बना रहता है कि, दिमाग को काम पर पूरा ध्यान लगाने, तथा पूरी क्षमता से कार्य करने की ताकत मिलती रहती है।