जैसे कि हम सब जानते है कि ज्यादातर लड़कियों की तुलना में लड़कों का ह्रदय ज्यादा कठोर माना जाता है। लड़कियां लड़कों से ज्यादा भावुक होतीं हैं, और वह छोटी-छोटी बातों पर ही रोने लग जातीं हैं, जबकि लड़के मज़बूत दिल के होते हैं. लेकिन, क्या आपको पता है कि यह दिल का नहीं, दिमाग का मामला होता है। एक नए शोध के अनुसार लड़के अपनी अलग दिमागी संरचना के कारण ही लड़कियों की तुलना में कम भावुक होते हैं।

स्विट्ज़रलैंड की यूनिवर्सिटी बासेल के नौरा मारिया ने बताया है कि, उनको एक रिसर्च से पता चला है कि, किसी व्यक्ति के स्वभाव में भावहीनता व कठोरता का सीधा संबंध दिमाग की अलग-अलग सरंचनाओं से होता है। इस शोध से यह भी पता चला है कि, सामान्य तौर पर विकसित होते लड़कों के दिमाग में एंटीरियर ‘ग्रे मैटर’ ज्यादा होता है|

इससे पहले हुए एक शोध में भी यही कहा गया था. कि, लड़कों और लड़कियों के भावनात्मक स्तर में अंतरका संबंध दिमाग से है। इस शोध के अनुसार लड़कों और लड़कियों के दिमाग में नसों की बनावट अलग-अलग होती है, इसीलिए उनमें चीजों को समझने का तरीका भी अलग-अलग होता है।

अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिका “प्रोसेडिंग्स ऑफ नैशनल एकैडमी ऑफ साइंसेज” की रिसर्च बताती है कि, महिलाओं और पुरुषों के दिमाग में सबसे बड़ा अंतर है कि, महिलाओं के दिमाग के दोनों हिस्से एक-दूसरे से बेहतर रूप से जुड़े होते हैं। एक हिस्सा आसानी से दूसरे हिस्से तक सूचना पहुंचाता है, जबकि पुरुषों में ऐसा नहीं होता लेकिन, उनके लिए यह कोई मायूसी की खबर नहीं है.बलकि अच्छी बात यह है कि, इसी कारण पुरुष कुछ कामों को बेहतर ढंग से कर पाते हैं।

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