जानिए टाइगर स्नेक से जुड़े कुछ रोचक तथ्य, जिसके डंक से बच पाना है मुश्किल

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टाइगर स्नेक दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया का एक बड़ा और अत्यधिक विषैला सांप है। टाइगर स्नेक का नाम उनकी बाघ जैसी धारियों के नाम पर रखा गया है। हालाँकि, कुछ टाइगर स्नेक में धारियाँ नहीं होती हैं। टाइगर स्नेक दुनिया के सबसे जहरीले सांपों में से एक है। ये पानी में भी आसानी से तैर सकते हैं।

जब उन्हें खतरा महसूस होता है, तो वे खुद को जमीन से ऊपर उठा लेते हैं और अपने सिर और गर्दन को लगभग एक कोबरा की तरह चपटा कर लेते हैं।

यह स्नेक आम तौर पर लगभग 1 मीटर लंबे होते हैं लेकिन 1.5 मीटर तक बढ़ सकते हैं। उनका सिर उनकी गर्दन से थोड़ा चौड़ा और अलग होता है। टाइगर स्नेक के शरीर का रंग ग्रे-ब्राउन और काला होता है और इसका निचला भाग हल्का पीला या नारंगी होता है।

खुराक

इसके आहार में खाद्य स्रोतों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल होती है। वे मुख्य रूप से मेंढक खाते हैं, लेकिन वे अन्य सरीसृपों (reptiles), पक्षियों, छोटे स्तनधारियों और मछलियों का भी सेवन करते हैं।

आवास

टाइगर स्नेक कई प्रकार के आवासों में पाए जा सकते हैं। ये अक्सर खाड़ियों, नदियों या दलदलों के पास देखे जाते हैं। ये आमतौर पर जमीन पर रहने वाले सांप होते हैं, लेकिन उन्हें छोटे पेड़ों और झाड़ियों पर चढ़ते हुए भी देखा गया है।

यह सांप गर्म रातों में अधिक सक्रिय रहता है। टाइगर स्नेक ठंडे महीनों को बिलों में बिताते हैं। इसके सामान्य आवास में ऑस्ट्रेलिया के तटीय क्षेत्र शामिल हैं।

अगर इनके प्रजनन की बात करें तो टाइगर सांप एक समय में 20 से 30 जीवित बच्चों को जन्म देते हैं। वे आमतौर पर वसंत ऋतु में संभोग करते हैं और गर्मियों में बच्चों को जन्म देते हैं।

टाइगर स्नेक के जहर में शक्तिशाली न्यूरोटॉक्सिन, कोगुलेंट, हेमोलिसिन और मायोटॉक्सिन होते हैं। इसके काटने के बाद 30 मिनट से 24 घंटे के अंदर व्यक्ति की मौत हो जाती है।

इसके लक्षणों में पैर और गर्दन में दर्द, झुनझुनी, सुन्नता और पसीना आना शामिल है, इसके बाद सांस लेने में कठिनाई और पक्षाघात (लकवा) की काफी तेजी से शुरुआत होती है।

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