स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: लौहपुरुष की अदभुत प्रतिमा के बारे रोचक तथ्य!

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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) यानि दुनिया की सबसे ऊंची सरदार वल्लभभाई पटेल ( Vallabhbhai Patel) की प्रतिमा का आज(बुधवार) को गुजरात में लोकार्पण हो गया. लौहपुरुष सरदार पटेल की आज 141वीं जयंती है.

आपके बता दें कि सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था। एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में उन्होंने भारत देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था. लेकिन भारत के स्वंतंत्र होने के बाद भारत की सैंकड़ो रियासतों को भारत में विलय करने में जिस विवेक, समझदारी, दृढ-निश्चय, कठिन परिश्रम और लगन का परिचय दिया जिसके कारण उन्हें भारत का लौह पुरुष भी कहा जाता है। सरदार पटेल भारत के पहले गृहमंत्री भी थे।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रतिमा के बारे में

सरदार पटेल की महानता के चलते ही एक यादगार रूप में नर्मदा नदी के तट पर उनकी बहुत विशाल, सुन्दर और भव्य प्रतिमा बनाई गई है, जिसको स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का नाम दिया गया है। यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

आपको बता दें कि “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” देखने में बहुत अद्भुत है और इसको काफी दूरी से देखा जा सकता है. प्रतिमा की कुल ऊंचाई 182 मीटर के करीब है। इसे विश्व की विशालतम प्रतिमा माना जा रहा है.

इस प्रतिमा का कुल वज़न 1700 टन है. मूति॔ के पैर की ऊंचाई 80 फ़ीट, हाथ की ऊंचाई 70 फ़ीट, कंधे की ऊंचाई 140 फ़ीट और चेहरे की ऊंचाई 70 फ़ीट है। ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ न्यूयॉर्क में स्थित प्रसिद्ध स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के आकार से लगभग दोगुना ऊँची है।

इस मूर्ति को लार्सन एंड टुब्रो कंपनी ने बनाया है, और इसको बनाने में लगभग 3 साल का समय लगा है। इस प्रतिमा बनाने में 1,347 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 235 करोड़ रुपये प्रदर्शनी हॉल और सभागार केंद्र पर खर्च किये गये. वहीं 657 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगले 15 साल तक ढांचे के रखरखाव पर खर्च किए किए जाएंगे. 83 करोड़ रुपये पुल के निर्माण पर खर्च किये गये.

इस मूर्ति के निर्माण की जिम्मेदारी प्रसिद्ध शिल्पकार राम वी. सुतार की थी और उन्होंने यह कार्य बड़े अच्छे से निभाया है. इस मूर्ति के कारण उनके नाम की चर्चा अब विश्व भर में है। राम वी. सुतार को साल 2016 में सरकार ने पद्म भूषण अवार्ड से सम्मानित किया था। इसके अलावा वे ‘बांबे आर्ट सोसायटी’ के लाइफ टाइम अचीवमेंट समेत अन्य पुरस्कार से भी नवाजे गए थे।

राम वी. सुतार इन दिनों मुंबई के समुंदर में लगने वाली शिवाजी की प्रतिमा की डिजाइन भी तैयार करने में जुटे हैं. महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि यह प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को भी पीछे छोड़ देगी और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी.

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्मारक की आधारशिला 31 अक्तूबर, 2013 को पटेल की 138 वीं वर्षगांठ के मौके पर रखी गई थी, जब पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे. इसके लिये बीजेपी ने पूरे देश में लोहा इकट्ठा करने का अभियान भी चलाया गया.

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