कृष्ण जन्माष्टमी पर करें बांसुरी से जुड़े ये वास्तु उपाय, आएगी जीवन में खुशहाली!

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हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि बांसुरी भगवान कृष्ण को सबसे प्रिय है।

वास्तु शास्त्र में भी बांसुरी को बहुत शुभ माना गया है। ऐसे में बांसुरी से जुड़े कुछ उपाय करके आप अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये उपाय…

वास्तु दोष दूर होगा

बांसुरी भगवान कृष्ण को बहुत प्रिय थी। वह हमेशा बांसुरी अपने साथ रखते थे। ऐसे में अगर आपके घर में वास्तु दोष है और इससे आप परेशान हैं तो जन्माष्टमी के दिन घर में एक बांसुरी लाकर रात्रि में कृष्ण जी की पूजा में अर्पित करें और दूसरे दिन उस बांसुरी को अपने घर में पूर्व की दीवार पर तिरछी लगा दें। वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से आपके घर का वास्तु दोष धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा।

व्यापार में लाभ के लिए

वास्तु शास्त्र के अनुसार जिस घर में लकड़ी की बांसुरी होती है उस घर में कान्हा की कृपा हमेशा बनी रहती है। बांसुरी को शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

ऐसे में घर के मुख्य द्वार पर बांस की सुंदर बांसुरी टांगना समृद्धि को आमंत्रित करेगा। इसके अलावा यदि आपका व्यवसाय अच्छा नहीं चल रहा है तो अपने कार्यालय या दुकान के मुख्य द्वार के ऊपर दो बांसुरी लगाएं।

चली जाएगी नकारात्मक ऊर्जा

बांसुरी बजाने पर उससे उत्पन्न ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार वातावरण में होता है। ऐसे में अगर आपको लगता है कि घर में नकारात्मक शक्तियों का वास है तो भगवान कृष्ण को चांदी की बांसुरी चढ़ाएं।

यदि आप चांदी की बांसुरी नहीं खरीद सकते हैं, तो आप बांस की बांसुरी भी खरीद सकते हैं। श्रीकृष्ण को बांसुरी अर्पित करने के बाद उस बांसुरी को अपने घर के ड्राइंग रूम में रख दें।

दाम्पत्य जीवन में प्यार के लिए

यदि पति-पत्नी के बीच अनबन हो तो जन्माष्टमी के दिन एक बांसुरी लेकर आएं और उस बांसुरी को भगवान कृष्ण को अर्पित करने के बाद उस बांसुरी को अपने बिस्तर के पास रखें। ऐसा करने से आपका दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा।

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