“हिटलर कभी चैन की नींद न सो सका”, हिटलर के बारे में रोचक तथ्य

विश्व का शायद ही कोई व्यक्ति हिटलर के नाम से अपरिचित होगा। दूसरे विश्व युद्ध के लिए जिम्मेदार हिटलर विशेषकर अपने सनकी व्यक्तित्व के कारण हमेशा चर्चित रहा है। उसके रहन सहन तथा खान-पान से जुड़ी कुछ अनजानी बातें यहां आपको बता रहे हैं:

  • जर्मनी का तानाशाह बनने के बाद हिटलर अपनी सुरक्षा के संबध में इतना अधिक चिंतित रहने लगा कि वह चैन की नींद नहीं सो पाया। दिन – रात उसको यही गम सताने लगा कि उसकी कभी भी हत्या हो सकती है। इस कारण वह काफी हद तक अन्धविश्वासी तथा शंकालु बन गया।

  • हिटलर को नींद बहुत कम आती थी इसीलिए वह अपना काम प्रायः रात में ही करता था। रात में भोजन के बाद विश्व के प्रमुख अखबारों की खबरें विभिन्न भाषाओं के विशेषज्ञों द्वारा जर्मन भाषा में हिटलर को बताई जाती थीं।
  • हिटलर के निवास स्थान के इर्द-गिर्द हवाई जहाजों को मार गिराने वाली तोपें लगी हुई थीं।महल की और जाने वाली हर सड़क के नीचे बारूदी सुरंगे बनई हुई थीं। हर दरवाज़े पर ईलैक्ट्रिक आई(बिजली की आंख)लगी थी। और अगर कोई छिप कर किसी दरवाजे पर घुसने की कोशिश करता तो फौरन पता चल जाता तथा अपने आप महल के दरवाजे बंद हो जाते।
  • अंतिम दो वर्षों में हिटलर की आंखे काफ़ी कमजोर हो गईं लेकिन वह इस दोष को स्वीकार करने में अपना अपमान समझता था।गोपनीय मंत्रणाओं में तो वह अवश्य चश्मा लगा लेता था लेकिन भारी भीड़ के सम्मुख उसने कभी चश्मा नहीं लगाया।उसके भाषण मुख्यतः मोटे अक्षरों वाले टाइपराइटर पर ही टाइप किए जाते थे।
  • हिटलर के महल के एक कमरे में दुनियाभर के नक्शे थे। लंदन का तो नक्शा ऐसा था कि उसमें वहां का एक-एक घर चित्रित था। यूरोप और जर्मनी का कांसे का बना एक नक्शा भी इस कमरे में था।
  • विभिन्न पत्रों को लिखते समय वह भिन्न-भिन्न रंग की पैंसिलें प्रयोग में लाता था। शत्रु को लाल रंग की पेंसिल से, मित्र को हरे रंग की पेंसिल से,और अति गोपनीय संदेशो को वह बहुधा नीली पेंसिल से लिखा करता था।
  • हिटलर के पास प्रतिदिन 600 पत्र आया करते थे। महल में 2 अत्यंत शक्तिशाली रेडियो सैट व ट्रांसमीटर सैट भी भी थे। इनकी कार्य प्रणाली गुप्त रहती थी। इनके माध्यम से हिटलर अपनी फौजों को आदेश दे सकता था।
  • हिटलर के महल में 5 कमरे ऐसे थे जिनमें सिर्फ हिटलर और उसका ज्योतिषि ही जा सकते थे। उन कमरों का नाम, चेंबर्स ऑफ स्टार्स, यानी नक्षत्र कक्ष था। उसका ज्योतिषि अवस्तेज 35 वर्ष का था। दुबले-पतले और काले रंग के इस व्यक्ति का दावा था कि वह सितारों की सहायता से भविष्य के बारे में बहुत कुछ बता सकता है। जब वह हिटलर के पास होता तो कोई भी हिटलर के कमरे में नहीं जा सकता था।
  • हिजलिज नामक नौकर पर भी हिटलर को पूर्ण विश्वास था। 10 से भी अधिक वर्षों तक हिटलर के साथ रहा और हिटलर की गुप्त सभाओं तथा यात्राओं में वह हमेशा उपस्थित रहता था।
  • सन 1942 के आसपास हिटलर के पास मर्सिडीज की दो जुड़वां कारें थीं। प्रत्येक कार की लंबाई 20 फुट तथा वजन 10 हजार पौंड था। कार की सुरक्षा के लिए सवा इंच मोटी लोहे की चादर और आधा इंच मोटा शीशा लगा रहता था। इन कारों का प्रयोग वह यूरोप के पराजित देशों की यात्राओं के समय करता था।
  • हिटलर के कपड़े कभी नाप पर पूरे नहीं उतरते थे क्योंकि वह दर्जी को नाप देने से चिढ़ता था। असैनिक पोशाक के लिए सिर्फ स्याह और भूरा रंग पंसद था।
  • हिटलर को अपने कुत्ते के साथ- साथ पक्षियों से बहुत प्यार था ।उसने निवास स्थान पर दुनिया भर के पक्षी संग्रह किये थे।
    हिटलर उन पक्षियों को अपने हाथों से दान देता था। एक बार उसका एक प्यारा पक्षी मर गया तो हिटलर की आँखों में आंसू आ गए। उस पक्षी को बकायदा दफनाया गया तथा उसकी स्मृति में कब्र पर कांसे की एक तख्ती लगाई गई।

“पंजाब केसरी” से साभार

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