10 बड़े अंतर जिनकी वजह से अलग-अलग हैं हॉलीवुड-बॉलीवुड

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भारत के महानगर मुंबई में स्थित भारतीय सिने जगत इंडस्ट्री को बॉलीवुड के नाम से भी जाना जाता है. वहीँ दूसरी और, संयुक्त राज्य अमेरिका के लॉस-एंजलिस महानगर के पड़ोस में स्थित हॉलीवुड को विश्व सिनेमा की राजधानी भी कहा जाता है.

एक और जहाँ उच्च-तकनीक और अर्थव्यवस्था के कारण हॉलीवुड में बेहतरीन एनीमेशन, साइंस फिक्शन  और एपिक(Epic) और वार (War) मूवीज बनती हैं वहीँ बॉलीवुड में ड्रामा, रोमांस, एक्शन आदि पर आधारित फ़िल्में प्रमुख होती हैं. जाहिर है यहाँ हम बात करेंगे उन बातों की जो बॉलीवुड और हॉलीवुड को एक दूसरे से अलग करती हैं. यदि आप हॉलीवुड और बॉलीवुड, दोनों तरह की फिल्मों के शौकीन हैं, तो यकीनन ये अंतर आपने भी महसूस किये होंगे.

ये रहे वह 10 अन्तर, जो एक बॉलीवुड फ़िल्म को, हॉलीवुड फ़िल्मों से अलग करते हैं.

तकनीक का अंतर

हॉलीवुड में बनने वाली फिल्मों में फिल्म के फिल्मांकन से लेकर फिल्म की प्रमोशन तक में उच्च तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है.

आमतौर पर हॉलीवुड में हल्के रंगों का प्रयोग किया जाता है. वहीं, बॉलीवुड की अधिकतर फिल्मों में Costume से लेकर सेट्स तक, सबकुछ एकदम रंगीन और तड़क-भड़क होता है.

2. हॉलीवुड में आम पारिवारिक फिल्मों में पारंपरिक चीज़ें नहीं दिखाई जातीं. इनमें सबकुछ आधुनिक तरीके में दिखाया जाता है. इसके उलट, बॉलीवुड में शादी से लेकर गोदभराई तक, दीपावली से लेकर होली तक, सबकुछ पारंपरिक अंदाज़ में ही दिखाया जाता है.

3. बॉलीवुड की फिल्मों में इमोशनल सीन में, कलाकार खुल कर अपनी भावनाएं दिखाते हैं. जबकि हॉलीवुड में कलाकार अपने चेहरे पर बहुत ज़्यादा भाव नहीं लाते.

4. हॉलीवुड में गानें बैकग्राउंड में बजते हैं, लेकिन बॉलीवुड में ये कहानी का हिस्सा होते हैं, जिन पर फ़िल्म में सब लोग नाच कर अपनी भावनाओं का आनंद लेते है.

5. हॉलीवुड की कॉमेडी फ़िल्म में, मुख्य किरदार की लाइफ़ में होने वाली अजीबोगरीब घटनाएं दिखा कर हंसाया जाता है, तो दूसरी तरफ़ बॉलीवुड फ़िल्मों की कॉमेडी Loud होती है.

बॉलीवुड फ़िल्मों में चुटकुलों और कलाकारों के आपसी संवाद के माध्यम से दर्शकों को हंसाने की कोशिश की जाती है.

6. हॉलीवुड और बॉलीवुड दोनों इन्डस्ट्री में बनने वाली साइन्स फ़िक्शन फ़िल्मों में काफ़ी अन्तर होता है. हॉलीवुड की सुपरहीरो वाली फ़िल्म, तकनीकी तौर पर काफ़ी बेहतर होती हैं. वहीं बॉलीवुड की साइन्स फ़िक्शन फ़िल्में, बचकाने कॉस्ट्यूम और बेकार विज़ुअल इफ़ेक्ट्स के कारण कॉमेडी फ़िल्म ज़्यादा लगती हैं.

7. हॉलीवुड फ़िल्म में Couple का एक-दूसरे को छोड़ देना आम बात होती है. बॉलीवुड फ़िल्मों में ऐसा नहीं होता है, बॉलीवुड में हीरो और हीरोइन को सिर्फ़ मौत ही जुदा कर सकती है.

8. हॉलीवुड फ़िल्मों की अभिनेत्रियां पतली, लम्बी और फ़िट होती हैं. उनका शरीर बिल्कुल परफ़ेक्ट होता है. लेकिन बॉलीवुड की अभिनेत्रियां ज़ीरो साइज़ में विश्वास नहीं करती हैं. इनका ज़्यादा फ़ोकस चेहरे की सुन्दरता पर होता है.

9. हॉलीवुड में फ़िल्म मशहूर होती हैं. बॉलीवुड में फ़िल्म स्टार मशहूर होते हैं. हॉलीवुड में अगर फ़िल्म अच्छी है, तो उस फ़िल्म के अभिनेता भी मशहूर होते हैं और स्टार बन जाते हैं. जबकि बॉलीवुड में दर्शक तभी फ़िल्म देखने जाते हैं, जब फ़िल्म का स्टार मशहूर हो. बॉलीवुड फ़िल्म स्टार से मशहूर होती है.

10. हॉलीवुड फ़िल्में आमतौर पर जो Message देना चाहती हैं, उसका संकेत भर देती हैं. उसके बाद दर्शक अपने आपको Message से जोड़ लेते हैं. जबकि बॉलीवुड फ़िल्मों में मेसेज काफ़ी क्लियर होता है.

अगर देखा जाए तो हॉलीवुड की फ़िल्में हमारे दिमाग़ से बात करती हैं, जबकि बॉलीवुड फ़िल्में सीधे दिल को छू जाती हैं. हर इन्डस्ट्री और फ़िल्म का अपना एक दर्शक वर्ग होता है. भारत को फिल्म इंडस्ट्री में काफ़ी धनी कहा जा सकता है, क्योंकि यहां पर हर तरह के सिनेमा और संस्कृति को पसंद करने वाले लोग रहते हैं. बॉलीवुड और हॉलीवुड दोनों फ़िल्म इन्डस्ट्री अपने आप में बेहतरीन हैं.

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