क्या जिंदा होंगे मैमथ 21वीं सदी में

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मैमथ एक विशालकाय हाथी सदृश जीव था जो अब विलुप्त हो चुका है। यह साइबेरिया के टुंड्रा प्रदेश में बर्फ में दबे एक हाथी का नाम है, जो अब विलुप्त हो चुका है, परन्तु बर्फ के कारण जिसका संपूर्ण मृत शरीर आज भी सुरक्षित मिला है। आकार में मैमथ वर्तमान हाथियों के ही बराबर होते थे, परंतु कई गुणों में उनसे भिन्न थे।

विश्व भर में देखी गई ब्लॉकबस्टर फिल्म “द जुरासिक पार्क” में पत्थरों में बने कीटों से निकाले गए. डी.एन.ए. द्वारा वैज्ञानिकों ने डायनासोरों के क्लोन को तैयार किया था.खैर वह तो एक काल्पनिक फिल्म थी परंतु कुछ इसी तरह की तकनीक को हार्वर्ड के वैज्ञानिक हकीक़त में बदलने के प्रयास कर रहे है.

उनके प्रयास सफल रहे तो इस तकनीक के बूते अपने अस्तित्व के खात्मे के 4000 वर्षों बाद प्राचीन हाथी यानी वूल्ली मैमथ एक बार फिर 21वीं सदी में जिंदा हो सकते है. हार्वर्ड के वैज्ञानिकों की एक टीम गत दो वर्षों से एक डी.एन.ए. एडिटिंग तकनीक पर काम कर रही है ताकि प्राचीन हाथियों का निर्माण किया जा सके.

इस टीम का लक्ष्य एक ऐसा हाईब्रिड भ्रूण तैयार करना है जो इन प्राचीन मैमथ और आधुनिक हाथियों के डी.एन.ए. से तैयार हो सके.वैज्ञानिकों का दावा है की वे सफलता के बेहद करीब है और अगले दो वर्षों में वे इस भ्रूण को बनाने में कामयाब होंगे.

इसके बाद इस भ्रूण को किसी असली हाथी के अंदर सुरक्षित रखा जाएगा या फिर किसी कृत्रिम कोख में रखा जाएगा. हालाँकि, इसे हाथी की कोख में रखना एक तरह से क्रूरता होगा इसलिए अधिक सम्भावना है कि कृत्रिम कोख का ही इस्तेमाल होगा

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