जानिए क्या रहस्य है आसमान में नॉदर्न लाइट्स का

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हम सबको रात के समय आसमान केवल काला ही दिखाई देता है, लेकिन इस धरती के कुछ हिस्सों में,रात को आसमान का नज़ारा बहुत रंगीन दिखाई देता है। यहाँ पर आकाश में हरा, पिला, नारंगी आदि कई रंग नज़र आते है।  यह अद्भुत घटना नॉदर्न लाइट्स के नाम से जानी जाती है।

वर्ष में दो बार यूरोप और अलास्का में आधी रात को आसमान में रंग-बिरंगी रोशनियां दिखाई देती हैं।यह रोशनियां पृथ्वी के नॉर्थ तथा साऊथ मैग्नेटिक पोल पर भी दिखाई देती हैं, जिन्हें ‘नॉर्दर्न लाइट’ कहा जाता है। इनका आकार 20 से 640 किलोमीटर तक होता है।

नॉर्दन लाइट्स यानि कि उत्तर ध्रुवीय प्रकाश जिसको आरोरा बॉरेलस भी कहते हैं। ये लाइट्स पृथ्वी और सूर्य के वातावरण के विभिन्न कणों की टक्कर से उत्पन्न होती हैं। और दोनों ही पोल्स यानि उत्तरी और दक्षिण ध्रुवों में दिखती है । दक्षिण में दिखने वाली लाइट्स को हम ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस कहते हैं, ज्यादातर यह लाइट्स सर्दी के मौसम में आसमान में नाचती हुई नज़र आती हैं|लेकिन, अगर आसमान में बादल हो जाए, चाँद की रौशनी छा जाए या फिर शहर में  जगमगाहट हो तो इन लाइट्स को देखना बहुत मुश्किल होता है|

अलास्का, नार्वे, आइसलैंड, स्वीडन, साइबेरिया, कनाडा और ग्रीनलैंड में भी ये रोशनियां दिखाई देती हैं। इनके आकार, रंग और ऊंचाई के अनुसार इन्हें अलग -अलग नाम दिए गए हैं | कनाडा के काकवा अलबर्ट में 15 सितम्बर 2017 की आधी रात को नॉर्दर्न लाइट का एक नया पैटर्न खोजा गया था, जिसे स्टीव नाम दिया गया था। नॉर्थ पोल के पास बसे और भी कई देशों में यह लाइट्स दिखाई देती हैं।

असल में नॉर्थ पोल के पास हवा में गैस के कण घूमते रहते हैं। यहां पर 6 महीने का दिन होता है, और 6 महीने की रात होती है । जब इन गैस के कणों पर आधी रात को सूर्य की रोशनी पड़ती है, तो आसमान में रंगबिरंगी रोशनियां चमकने लगती हैं।

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