सावधान! क्या आप में है वो आदत जो दुनिया के हर तीसरे व्यक्ति में है!

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यह एक ऐसी बात है जिसके लिए हम सब दोषी हैं। आप आधी रात को अचानक उठतें हैं और चाहे कोई कारण न भी हो, आप अपना फोन चैक करते हैं। खुद के प्रति ईमानदार रहते हुए बताएं कि क्या आप किसी महत्वपूर्ण कॉल की अपेक्षा कर रहे हैं? क्या रात के तीन बजे आपने कोई महत्वपूर्ण और जरूरी काम करना हैं? या क्या यह सिर्फ उन छोटी-छोटी आदतों में से एक है? यदि ऐसा है तो ऐसा करने वाले आप अकेले नहीं हैं।डिलोइट्टे की एक रिपोर्ट के अनुसार तीन में से एक व्यक्ति फोन का इतना आदी है कि वह रात के समय भी अपना फोन चैक करता रहता है। यदि 18 से 24 वर्ष के बीच की बात की जाए तो हर दो में से एक ऐसा करता है। हो सकता है आपको ऐसा लगे कि इसका कोई नुकसान नहीं है परन्तु यह अविश्वसनीय ढंग से खतरनाक है।

नींद विशेषज्ञ लगातार हमें इस बात की चेतावनी देते रहते हैं कि रात के वक्त फोन को चलाना हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। तो आपका मोबाइल आपके स्वास्थ्य को किस तरह प्रभावित करता है? यह आपके फोन द्वारा छोड़ी जाने वाली नीली रोशनी है जो हमारे शरीर को बताती है कि यह समय दिन का है, जिसका अर्थ यह है कि जब हम सोएंगे तो हमारी नींद की गुणवत्ता वैसी अच्छी नहीं होगी, जैसी होनी चाहिए।

सैलफोन की आदत ऐसे दूर करें

जागने के बाद आपके पहले 30 मिनट दिन की अच्छी शुरूआत को समर्पित होने चाहिएं। इसका सीधा सा अर्थ है- बैड से उठें, फ्रेश हों, ध्यान लगाएं तथा एक स्वास्थ्य नाश्ते की तैयारी करें।

नो फोन टाइम जोन पैदा करें

इसका अर्थ है कि आपके दिन के कम से कम दो घंटे (जब आप अधिक प्रोडक्टिव होते हों) आप अपना फोन बंद कर दें और पूरी तरह अपने काम के प्रति समर्पित हो जाएं।

कार में फोन ऑफ रखें

ड्राइविंग करते वक्त अपना फोन बंद कर दें ताकि आपके मन में उसका लालच तक पैदा न हो क्योंकि ड्राइविंग के वक्त मोबाइल फोन के इस्तेमाल से आपकी तथा लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ जाएगी।

वास्तविक बनें

जब आप किसी व्यक्ति के साथ बात करते हैं, भोजन करते हैं या एक कप कॉफी पीते हैं तो यह सब वास्तविक होता है। आपके सामने एक जीवित व्यक्ति होता है, उसने आप से मिलने के लिए अपने व्यस्त जीवन में से समय निकाला है और वह वास्तविक जिंदगी का समय आपके साथ शेयर कर रहा है।

उनसे ध्यान हटा कर मोबाइल पर ध्यान लगाना वैसा ही होगा जैसे आप कह रहे हैं, आप उतने महत्वपूर्ण नहीं हैं। यह एक बीमारी ही है कि हम अपने फोन के इतने आदी हैं कि हम अपने साथ वाले लोगों को भी नजरअंदाज करके ट्विटर, फेसबुक या मैसेजिज में उलझ जाते हैं। इसलिए वास्तविक बनना जरूरी हैं।

फोन के कारण नींद न गंवाएं

यदि आप देर रात को अपने मोबाइल फोन पर वीडियो गेम खेल रहे हैं, फेसबूक या मैसेजिंग में व्यस्त हैं तो आप अपनी इस आदत के कारण अपनी नींद गंवा रहे हैं। आपको सोने से एक घंटा पहले अपना फोन बंद कर देना चाहिए क्योंकि फोन का इस्तेमाल करके आप अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आपका फोन इतना मूल्यवान नहीं कि इस पर नींद कुर्बान कर दी जाए।

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