शरद पूर्णिमा के महत्व और किस देवता की पूजा करने से मिलेगा अपार धन!!!

“शरद पूर्णिमा “ इस दिन को बहुत ही शुभ माना जाता है। इसे कोजागरी व्रत के रूप में भी मनाया जाता है। यह दिन इतना शुभ और अच्छा  होता है, कि एक छोटे से उपाय बड़ी से बड़ी मुश्किल भी  टल जाती हैं। माना तो यह भी जाता है कि केवल खीर बना कर खाने से ही सेहत को कई फायदे मिल जाते हैं। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। इसे रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पूरे वर्ष में सिर्फ  इसी दिन चंद्रमा सोलह कलाओं से निपुण होता है, और इससे निकलने वाली किरणें इस रात्रि में अमृत के सामान होती  हैं। शरद पूर्णिमा की रात  को दूध की खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखी जाती है। माना जाता है, कि चंद्रमा की किरणें जब खीर पर पड़ती है, तो वह खीर अमृत के समान गुणकारी और लाभकारी हो जाती हैं। इसलिए इस दिन खीर का सेवन किया जाता है।

शरद पूर्णिमा का व्रत 13 अक्टूबर रविवार को रखा जाएगा।

शरद पूर्णिमा व्रत मुहूर्त :-

पूर्णिमा आरंभ 13 अक्टूबर को 00:38:45 से

पूर्णिमा समाप्त 14 अक्टूबर 2019 को 02:39:58 तक रहेगी

शरद पूर्णिमा महत्व

शरद पूर्णिमा के दिन का एक विशेष महत्व है l इस  दिन भगवान कृष्ण महारास रचना प्रारंभ करते हैं। देवीभागवत महापुराण के अनुसार गोपिकाओं के प्रेम को देखते हुए भगवान कृष्ण ने आज के दिन चंद्र को महारास का इशारा दिया था। चंद्र ने भगवान कृष्ण का संकेत समझते ही अपनी शीतल रश्मियों से प्रकृति को ढक दिया और उन्हीं किरणों ने भगवान कृष्ण के चेहरे की चमक को सजा दिया। कृष्ण और गोपिओं के अटूट प्रेम को देखकर चंद्रमा ने अपनी अमृत किरणों से पवित्र वर्षा आरंभ कर दी, जिसमें भीगकर गोपियाँ अमरता को प्राप्त हो गई और भगवान कृष्ण के अमर प्रेम का हिस्सा बनीं।

शरद पूर्णिमा की पूजा

शरद पूर्णिमा को मां लक्ष्मी, चंद्र देव, भगवान शिव, कुबेर और कृष्ण की पूजा करने से घर में खुशियां आती है , और साथ अपार धन की प्राप्ति  होती है।  शरद पूर्णिमा को  चंद्र की पवित्र किरणें आंगन में पड़ने से खुशियां आती है। इसलिए यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन रात में की गई चंद्र पूजन और आराधना से साल भर के लिए लक्ष्मी और कुबेर की कृपा प्राप्ति होती है। इसके अलावा आत्म विस्वास में वृद्धि, स्मरण शक्ति में बढ़ोतरी, अस्थमा से छुटकारा, ग्रह बाधा से रोकथाम और घर से निर्धनता मिटाने  जैसी समस्याओं का समाधान होता है।

  1. मां लक्ष्मी की पूजा

शरद पूर्णिमा की रात में माँ लक्ष्मी की पूजा करने से धन सम्पति का लाभ प्राप्त होता है। इस दिन माँ लक्ष्मी के इस मन्त्र का जाप करना चाहिए।

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

2 .  कुबेर भगवान की पूजा

शरद पूर्णिमा को कुबेर महाराज की पूजा भी करनी चाहिए। इनकी पूजा करने से भी घर में धन की कमी ख़त्म होती है l  उनकी पूजा के लिए भी एक मन्त्र का जाप करना चाहिए।

ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन धान्याधिपतये

धन धान्य समृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा।।

3 . भगवान शिव की पूजा

शिवलिंग का जल स्नान कराने के बाद पंचोपचार पूजा यानी सफेद चंदन, अक्षत, बेलपत्र, आंकडे के फूल व मिठाई का भोग लगाना चाहिए। इस दिन अपनी इच्छाओ की पूर्ति के लिए इस शिव मंत्र का ध्यान करना चाहिए। इससे जीवन में शुभ-लाभ प्राप्त होता है, शिव मंत्र मृत्युभय, दरिद्रता व हानि से रक्षा करने वाला माना गया है l

पंचवक्त्र: कराग्रै: स्वैर्दशभिश्चैव धारयन्।

अभयं प्रसादं शक्तिं शूलं खट्वाङ्गमीश्वर:।।

दक्षै: करैर्वामकैश्च भुजंग चाक्षसूत्रकम्।

डमरुकं नीलोत्पलं बीजपूरकमुक्तमम्।।

  1. गोपीकृष्ण की रासलीला

कहते हैं शरद पूर्णिमा की रात भगवान कृष्ण ने गोपियों संग रास रचाया था। इसमें हर गोपी के साथ एक कृष्ण नाच रहे थे। गोपियों को लगता रहा कि कान्हा बस उनके साथ ही थिरक रहे हैं।

महा ज्ञानी रावण दवारा किये गए 10 ऐसे कार्य जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे !!!

रावण एक महा ज्ञानी पंडित होने के साथ एक ज्योतिष था। वह वास्तु और विज्ञान का ज्ञान भी रखता था, और तो और वह दिव्य और मायावी शक्तियों का ज्ञान भी रखता था। उसके द्वारा 10 ऐसे कार्य किए गए, जिनके बारे में जानकर आप हैरान रह जायँगे।

1 .शिव तांडव स्त्रोत : रावण ने अपने आराध्य शिव की स्तुति में ‘शिव तांडव स्तोत्र’ की रचना की थी।

2.रावण संहिता : रावण संहिता जहां रावण के पुरे जीवन के बारे में बताती है, वहीं इसमें ज्योतिष की बहुत सी जानकारियां भी मिलती है।

  1. महान ग्रन्थ:- महा ज्ञानी रावण दवारा लिखत चर्चित ग्रन्थ – 1. दस शतकात्मक अर्कप्रकाश, 2. दस पटलात्मक उड्डीशतंत्र, 3. कुमारतंत्र,  4. नाड़ी परीक्षा।

3.अन्य ग्रंथ :  माना जाता हैं कि रावण ने ही अरुण संहिता, अंक प्रकाश, इंद्रजाल, प्राकृत कामधेनु, प्राकृत लंकेश्वर, रावणीयम आदि पुस्तकों की रचना भी की थी।

4.रक्ष संस्कृति : रावण ने सभी की रक्षा करने के लिए ‘रक्ष’ संस्कृति की स्थापना की थी। रावण ने असंगठित राक्षस समाज को एकत्रित कर उनके कल्याण के लिए कई कार्य किए थे।

5.रावण की वेधशाला : रावण की सेना में अस्त्र-शस्त्र या यंत्र बनाने वाले एक से एक वैज्ञानिक थे,जिन्हे इन चीज़ो के बारे में ज्ञान था। जैसे शुक्राचार्य भार्गव, शंबूक, कुंभकर्ण और वज्रज्वला। उन्होंने मिलकर ही दारू पंच अस्‍त्र, सूर्यहास खड्‌ग, मकर मुख, आशी विष मुख, वाराह मुख जैसे विध्‍वंसकारी अस्‍त्रों का निर्माण किया था। खुद रावण ने उसकी वेधशाला में दिव्‍य-रथ का निर्माण किया था।

6.’रावण हत्था’ वाद्य यंत्र :  भारत में एक वाद्य यंत्र है। यह प्रमुख रूप से राजस्थान और गुजरात में बजाया जाता है। रावण ने इसका आविष्कार किया था। रावण के ही नाम पर इसे ‘रावण हत्था’ या ‘रावण हस्त वीणा’ कहा जाता है। कुछ लोग इसे वायलिन का पूर्वज भी बताते हैं।  बाद में इसे सारंगी के रूप में विकसित किया गया।

7.रावण के हवाई अड्डे : रावण के पास वायुसेना भी थी। कहा जाता हैं कि उसानगोड़ा, गुरुलोपोथा, तोतूपोलाकंदा और वारियापोला नामक उसके हवाई अड्डे थे, और पुष्पक नामक उसके पास एक विमान था।

8.जलपोत : रामायण के अनुसार रावण के पास वायुयानों के साथ  कई समुद्री जहाज़ भी थे। रामायण में केवट प्रसंग से यह सिद्ध होता है, कि साधारण मनुष्य के पास नाव थी, तो रावण के पास समुद्री जहाज़ होना स्वाभाविक है। रामायण में कैवर्तों की कथा से तथा लोक साहित्य में रघु की विजय से स्पष्ट हो जाती है।

9.मधुमक्‍खी यंत्र : लंका में दूरभाष की तरह उस युग में ‘दूर नियंत्रण यंत्र’ था जिसे ‘मधुमक्‍खी’ कहा जाता था। वि‍भीषण को लंका से निष्काषित कर दिया था, तब वह लंका से प्रयाण करते समय मधुमक्‍खी और दर्पण यंत्रों को भी राम की शरण में ले गया था।

10.लंका में लिफ्ट : लंका में यांत्रिक सेतु, यांत्रिक द्वार और ऐसे चबूतरे भी थे  , जो बटन दबाने से ऊपर-नीचे होते थे। ये चबूतरे संभवत: लिफ्‍ट थे।

कहा जाता है कि महा ज्ञानी रावण की कुछ इच्छाएं अधूरी ही रह गई : रावण चाहता था कि उसके महल में सोने की  सुगंध आए और मदिरा की दुर्गंध समाप्त हो जाए। स्वर्ग तक सीढ़ियां बनाई जाए और समुद्र के खारे पानी को मीठे पानी में बदल दिया जाए। वह यह भी चाहता था कि सभी लोग गौरे दिखाई दें कोई भी काला ना हो l

यह भी पढ़े :-

watch-will-smith-margot-robbie-insult-one-another

वास्तुदोष निवारण के उपाय

वास्तुशास्त्र ज्योतिष की एक महत्वपूर्ण शाखा है। वास्तुदोष मकान-निर्माण और उसके उपयोग में पायी जाने वाली त्रुटियों के बारे में बताता है। वास्तुदोष होने के कारण घर में व्यर्थ कलह, धन-हानि, स्वास्थ्य-समस्याएँ, दुर्भाग्य और मानसिक शांति से संबन्धित समस्याएं सामने आती हैं।

माना जाता है कि घर-निर्माण में वास्तु का ध्यान रखना चाहिए। लेकिन कई बार हमें ऐसे घर में रहना पड़ता है जिसमें वास्तुदोष पाया जाता है लेकिन जिसके निर्माण में हमारी स्वयं की भूमिका नहीं होती। लेकिन कुछ खास उपायों को अपना कर हम वास्तुदोष से होने वाली समस्याओं से बच सकते हैं।

वास्तु शास्त्र एक ऐसी विद्या है जिसके अंदर मनुष्य की लगभग सभी समस्याओं का समाधान छिपा है। बस जरूरत है उस पर सही रूप से अमल करने की।

  • अगर आप बीम के नीचे बैठकर काम करते हैं तो इस आदत को बदलें। बीम के नीचे बैठना सेहत खराब करता है क्योंकि बीम पूरे घर की नकारात्मकता को समेट लेता है इसलिए स्थायी रूप से यहां बैठने से बचें।
  • रात्रि में दिशा देखकर ही सोएं। पूर्व एवं दक्षिण मुखी होकर सोना लाभकारी एवं शुभ होता है। उत्तर और पश्चिम मुखी सोना अशुभ होता है।
  • बैडरूम में शौचालय यास्नान घर हो तो उसके प्रयोग में विशेष सावधानी रखें। उनके दरवाजे हमेशा बंद रखें क्योंकि उससे नकारात्मक ऊर्जा आती है।
  • अगर घर में दवाइयों की खाली बोतलें रखी हुई हैं या प्रयोग में न आने वाली दवाइयां रखी हैं या खराब हो चुकी दवाइयां पड़ी हैं तो उनको तुरंत फैंक दें अन्यथा बीमारियां घर से कभी जाएंगी नहीं।
  • घर में युद्ध अथवा दुखद तस्वीर, ठहरे जल की तस्वीर । या पेंटिंग न लगाएं अन्यथा घर में अशांति का माहौल होगा।
    बच्चों को बिस्तर पर पढ़ने से रोकें। पढ़ते समय बच्चों का मुख पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। इससे पढ़ने में एकाग्रता आती है।
  • पूजा का कमरा मुख्य द्वार के सामने नहीं होना चाहिए। पूजा के कमरे में कभी भी अंधेरा नहीं होना चाहिए। पूजा घर में अंधेरा होने से पूरे परिवार के स्वास्थ्य की हानि होती है।
  • अपने बैडरूम या ड्राइंग रूम में कभी भी पूजा का मंदिर न । रखें। यह अशुभ होता है।
  • घर को साफ रखें व हर सामान सही तरह से रखें। बिखरी हुई चीजें नकारात्मकता देती हैं।
  • पलंग के अंदर बाक्स में कभी भी नुकीली चीजें, टूटी-फूटी चीजें और बंद घड़ी न रखें।
  • घर के नलों से पानी अगर रिसता हो तो इससे धन हानि व मानहानि होती है।
  • घर में हमेशा सेंधा नमक से पोंछा लगवाएं। इससे नकारात्मकता दूर ही नहीं बल्कि खत्म हो जाती है।
  • तुलसी का पौधा घर के ईशान कोण में रखने से घर के लोगों की आयु बढ़ती है।
  • घर में कांटेदार और कड़वे पेड़-पौधे लगाने से घर में रहने वाले लोगों में बैर उत्पन्न होता है। इससे पिता-पुत्र भी शत्रु बन जाते हैं।
  • घर में अगर जूते-चप्पल इधर-उधर पड़े होते हैं तो इससे मान-सम्मान कम हो जाता है।
  • भोजन करते समय मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में ही रखें। रसोई घर में सुबह-शाम धूप-दीप जरूर करें।
  • घर का मुख्य द्वार अगर दक्षिण मुखी है तो घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने बड़ा शीशा लगाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर से ही वापस चली जाएगी।

ये भी पढ़ें

पेड़ के पत्‍ते हरे क्यों होते हैं?

हम जानते हैं कि पेड़-पौधे बढ़ते हैं। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि किसी भी जीव-जन्तु के विकसित होने की भांति पेड़-पौधे भी विकसित होते हैं। इस विकास के लिए भोजन जरूरी है। तो सवाल पैदा होता है कि पेड़ भोजन कैसे करते हैं? जवाब है क्लोरोफिल जैसे घटकों की मदद से।

क्लोरोफिल के कारण पत्तों का रंग हरा होता है।
क्लोरोफिल के कारण पत्तों का रंग हरा होता है

दरअसल पेड़-पौधे भोजन के लिए सूर्य के प्रकाश का उपयोग करते हैं। पेड़ों के पत्ते सूर्य के प्रकाश को ऊर्जा के रूप में संग्रहित (store) करते हैं। बाद में इस संग्रहित ऊर्जा का उपयोग पेड़ भोजन के रूप में करते हैं।

क्लोरोफिल

ऊर्जा के भोजन भोजन के रूप में निर्माण की इस प्रक्रिया में पत्तों में पाये जाने वाले कुछ घटक(components) मदद करते है। ऐसे ही घटकों में मुख्य घटक है क्लोरोफिल। क्लोरोफिल अधिकतर पेड़ों की भोजन-निर्माण की प्रक्रिया जिसे प्रकाश संश्लेषण कहा जाता हैं में मुख्य भूमिका अदा करता है।

क्लोरोफिल हरे रंग का होता है। सूर्य का प्रकाश क्लोरोफिल के निर्माण यानि पोषण को बढ़ा देता है जिसकी वजह से यह पत्तों में अपनी मौजूदगी को हरे रंग के रूप में दर्शाता है। यही क्लोरीफिल भोजन के निर्माण में पेड़-पौधों की सबसे अधिक सहायता करता है।

सूर्य के प्रकाश की गैरमौजूदगी के परिणाम स्वरूप पत्तों में मौजूद अन्य घटक जोकि समान्यता पीले रंग का होता है बढ़ जाता है। इसी कारण सूर्य के प्रकाश के अभाव में पेड़ों के पत्ते पीले रंग के हो जाते हैं। कुछ पेड़ों के पत्तों में मौजूद अन्य सामान्य घटक जो कि लाल, बैंगनी आदि रंगों के होते हैं भी अपना प्रभाव दिखाते हैं इसी वजह से कुछ पेड़ों के पत्ते अन्य रंग में भी प्रदर्शित करते हैं।

आपने देखा होगा कि शरद ऋतु में जब सूर्य की रौशनी अधिक ताकतवर नहीं होती पेड़ पौधों के पत्तों के रंग अधिक हरे नहीं होते बल्कि वे पीले, लाल या बैंगनी रंग के दिखते हैं। इसमें भी यही लॉजिक काम करता है। यानि अन्य घटक अधिक ताकतवर होकर अपना रंग दिखा पाते हैं।

ये भी पढ़ें:

एक अच्छे मित्र या सच्चे मित्र के दस गुण

किसी भी व्यक्ति के जीवन को सफल और खुशनुमा बनाने में कुछ ख़ास लोगों का अहम हाथ होता है. इनमें से कुछ लोग आपके परिवार से, तो कुछ लोग बाहर से भी हो सकते हैं. सच्चे मित्र इस लिस्ट में सबसे ऊपर होते हैं. सच्चे मित्र का मिल जाना अपने आप में बेहद भाग्यशाली भेंट है.

लेकिन समस्या यह है कि सच्चे मित्र को कैसे पहचाना जाए? आईये, जानते हैं वह 10 गुण, जिनसे आप जान सकते हैं कि सच्चे मित्रों की क्या विशेषता होती हैं और जिनको जान कर आप सच्चे और स्वार्थी मित्रों में भेद कर सकते हैं.

आपकी पीठ पीछे बुराई नहीं करते

do-not-speak-behind-your-back
सच्चे दोस्त आपके साथ बेवजह नाटक पन या बनावटीपन नहीं दिखाते. अगर आपका मित्र आपकी व्यक्तिगत या गोपनीय बातें दूसरे लोगों से शेयर करता है, तो सच मानिए वह आपका सच्चा मित्र नहीं है. उसे तुरंत छोड़ देने में ही आपकी भलाई है.

नीचा दिखाने की कोशिश नहीं करते

insulting-people
आपके सच्चे मित्र आपको कभी नीचा दिखाने की कोशिश नहीं करते. वह आपसे हमेशा शांति से बात करते हैं, ना कि मतभेद को बढ़ाने का काम करते हैं. वह आपसे हमेशा आपके गुणों के बारे में बात करते हैं, ना कि आपकी कमियों के बारे में. हाँ आपकी कमियों का उल्लेख वे आपको प्रोत्साहित करने के लिए करते हैं, न की आपको नीचा दिखाने के लिए.

अच्छे दोस्त व्यर्थ की बहस में नहीं पड़ते

Friends-do-not-useless-debateआपका एक सच्चा दोस्त आपसे कभी भी व्यर्थ की बहस शुरू नहीं करता. आप जैसे हो वैसे ही वह आपको अपना दोस्त मानता है और आपसे प्रतिद्वंदी की तरह व्यवहार नहीं करता. वह आपसे कभी भी ऐसी बहस नहीं शुरू करेगा, जिसमें आप कभी जीत नहीं सकते।

सच्चे मित्र आपको सुनते हैं

true-friends-listening-for-you
आपके सच्चे मित्र आपको अच्छी तरह से सुनते और समझते हैं और आपकी बातचीत के बीच बाधा नहीं डालते. एक सच्ची दोस्ती ऐसी स्थिति में कभी संतुलित नहीं रहती, जिसमें एक बातचीत कर रहा हो और दूसरा उसकी बातचीत में टोका-टोकी कर रहा हो. तो आपको भी अपने मित्र को सुनना चाहिए, क्योंकि आप भी सच्चे मित्र बनना चाहते हैं न!

आपको हतोत्साहित नहीं करते

true-friend-not-discourage-you
वे आपको लक्ष्यों में आगे बढ़ने में कभी भी आपको हतोत्साहित (discourage) नहीं करते. एक अच्छा दोस्त हमेशा आपके व्यक्तिगत् विकास में बाधक आपकी कमजोरियों को आपको बताता है. वह ऐसा दया-भावना या घृणा-भावना से नहीं करते, बल्कि वह आपका भला और विकास चाहते हैं. ऐसा करके, वे आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं.

अतीत के बारे में कभी बात नहीं करते

true-friend-never-talked-about-your-past
एक अच्छा मित्र आपके अतीत के संबंध में कभी नहीं बात करेगा. यदि आप उनको अपने अतीत की कमजोरियों या गलतियों के बारे में कुछ बता भी देंगे, तो वह आपको उसे भूलने और अतीत से सीखने की सलाह देते हैं, न कि आपकी बातों को दूसरों को बताकर मज़े लेते हैं.

वे आप का साथ नहीं छोड़ते

Best-Friend
एक अच्छा दोस्त भावनात्मक रूप से बुद्धिमान होता है. वह आपको इसलिए नहीं ठुकराता, क्योंकि लोग आपको अच्छा नहीं मानते या आपके बारे में आपके मित्रों को गलत राय देते हैं. बुरे समय में जब कोई आपके साथ नहीं होता, तब भी सच्चा मित्र आपका साथ नहीं छोड़ता.

[adinserter block=”10″]

वे आपकी सफलता से नहीं जलते

best-friends-are-not-jealous-of-your-success
आपका अच्छा दोस्त आपकी सफलता से कभी भी ईर्ष्या नहीं करते. उनको यह पता होता है कि उनके दोस्तों की सफलता उनके लिए सबसे बड़ी ख़ुशी है. वे जानते हैं कि आपकी सफलता आपकी मेहनत का नतीजा है. वे आपकी सफलता को दिल से मनाते हैं और इसे आपके साथ इंजॉय करते हैं.

[adinserter block=”12″]

वे आपको आंकने की कोशिश नहीं करते

best-friends-are-not-only-pass-time
एक सच्चा दोस्त कभी भी आपको जज (judge) नहीं करेगा. यानी वह कभी आंकने की कोशिश नहीं करता कि आप कितने अच्छे, बुरे, परफेक्ट या इम्पेर्फेक्ट हो. वह आपको जैसे आप हो वैसे ही स्वीकार करता है, क्योंकि उसे पता होता है कि वह खुद भी परफेक्ट नहीं है. वह आपको आपकी कमियों के लिए उलाहना नहीं देता और न ही आपकी कमियों के लिए आपको छोड़ता है.

केवल ‘टाइमपास’ दोस्ती नहीं

friendship-not-only-pass-timeआपका अच्छा दोस्त आपसे थोड़े समय के लिए या टाइम-पास दोस्ती नहीं करता, बल्कि वह लंबे समय तक आपसे दोस्ती निभाता है. जब कभी आपको कोई बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वह हमेशा आपकी मदद के लिए तैयार रहते हैं. वह ऐसा शख्स होता है जब जरुरत पड़ने पर आपको सबसे पहले उसकी याद आती है. वह आपको निराश नहीं करता.

[adinserter block=”13″]

यदि आपके पास ऐसे दोस्त हैं, जिनमें यह सब गुण हैं, तो यकीन मानिए आप सचमुच में भाग्यशाली हैं और आप ऐसे मित्रों को कभी नहीं छोड़ना चाहेंगे।

9 सितंबर का इतिहास

0

9 सितंबर का इतिहास

  • 1504  -माइकल एंजिलियो द्यारा बनाई गई डेविड की मूर्ति को लोगों के सामने प्रदर्शित किया गया।
  • 1553  -ब्रिटेन के लिचफिल्ड शहर की स्थापना की गई।
  • 1776 -अमेरिकी संसद कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर देश का नाम ‘यूनाइटेट कॉलोनीज़’ से बदलकर संयुक्त राज्य अमेरिका किया।
  • 1791 -यूनाइटिड स्टेट्स की राजधानी का नाम वॉशिंगटन डी.सी. आज के दिन ही राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन के नाम पर रखा गया।
  • 1850 -प्रसिद्ध हिन्दी लेखक और नाटककार भारतेन्दु हरिश्चंद्र का जन्म हुआ था।
  • 1905  -भारतीय दार्शनिक हुसैन शा का जन्म हुआ था।
  • 1915  -प्रसिद्ध भारतीय क्रांतिकारी जतिन्द्रनाथ सान्याल और अंग्रेज़ों के बीच उड़ीसा के काप्टेवाड़ा में संघर्ष।
  • 1920 -अलीगढ़ का एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय में रूपांतरित हो गया।
  • 1940 -जॉर्ज स्टिबिट्ज ने कम्प्यूटर का पहला रिमोट ऑपरेशन शुरू किया।
  • 1944 -यूरोपीय देश बुल्गारिया 9 सितंबर  नाजी नियंत्रण से मुक्त हुआ।
  • 1945  -प्रथम कंप्युटर बग की खोज हुई।
  • 1947  -भारत के सुविख्यात कलामर्मज्ञ तथा चिन्तक आनन्द कुमार स्वामी का निधन हुआ था l
  • 1949  -भारत की संविधान सभा ने हिन्दी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया।
  • 1967 -बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता अक्षय कुमार जन्म हुआ था।
  • 1968  -भारत के प्रसिद्ध उपन्यासकार, कहानीकार, निबंधकार, नाटककार, क्रान्तिकारी, पत्रकार रामवृक्ष बेनीपुरी का निधन हुआ था।
  • 1982  -कश्मीर के नेता शेख अब्दुल्ला का निधन हुआ था।
  • 2001 –वीनस विलियम्स ने छोटी बहन सेरेना को ग्रैंडस्लैम फ़ाइनल में हराया।
  • 2005  -चीन बीजिंग स्थित छाओयांग पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण।
  • 2008  -हिन्दी साहित्य के मूर्धन्य रचनाकार तथा लोकवार्ताकार डॉ.अर्जुनदास केशरी को ‘साहित्य महोपाध्याय’ अलंकरण प्रदान करने की घोषणा की गई।
  • 2009  -रेल मंत्रालय ने गृह मंत्रालय की तर्ज पर अपने कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली शुरू करने की घोषणा की।
  • 2011 -पुराविज्ञानियों ने एक अवशेष का पता लगाया है। यह मनुष्य का सबसे पुराना पूर्वज है जो लगभग 20 लाख वर्ष पूर्व पृथ्वी पर पाया जाता था। यह बंदर जैसा दिखता है और इसका नाम ‘आस्ट्रेलोपिथिकस सेडिबा’ है।
  • 2012  -आज ही के दिन इंडियन स्पेस एजेंसी ने सबसे भारी विदेशी सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया।

यह भी पढ़ें

कैसे थकावट महसूस होने पर भी अपने आप को जगाए रखें!!
interesting-facts-about-google-2

 

टॉप कॉस्मेटिक ब्रांड्स, जो रखे आपकी स्किन और सौन्दर्य का ख्याल

0

आज के समय म हर कोई खूबसूरत दिखना चाहता है। खुद  को आकर्षक बनाने के लिए बाज़ार  में हजारों ऐसे कॉस्मेटिक उपलब्ध हैं, जिनका आप इस्तेमाल कर सकते हैं।  सभी महिलाओं को कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करना हमेशा से पसंद रहा है। इसके लिए सभी अनेक प्रकार के प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते है।

इंडियन बाज़ार में आपको हजारों की संख्या कास्मेटिकस मिलेंगे लेकिन कौन सा ब्रांड अच्छा हैं, इसे पहचानना आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है।  आपकी इसी मुश्किल को कम करने के लिए आज हम आपको टॉप के कॉस्मेटिक ब्रांड के बारे में जानकारी देने जा रहे है, जिसमें से आप अपनी पसंद के कॉस्मेटिकस चुन सकते हैं।

मैक (Mac)

मैक (MAC) का इस्तेमाल कॉस्मेटिक के रूप में किया जाता है। मैक के प्रोडक्टस की शुरुआत 1984 को कनाडा के टोरंटो मैं फ्रैंक टॉस्कन और फ्रैंक एंजेलो द्वारा की गई थीl शुरुआत मे कंपनी ने यह  प्रोडक्ट  केवल अमीर  लोगों  के  लिए ही बनाये  थे । परन्तु धीरे धीरे इसका प्रचलन बढ़ने लगा और आज आम लोग भी इसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते है l

मैक के प्रोडक्ट टॉप 3 कॉस्मेटिक ब्रांड्स में से सबसे ऊपर माने जाते है, जिसके कारण मैक प्रोडक्ट की सालाना बिक्री $ 1 बिलियन डॉलर (1,000,000 रुपया) से अधिक है।

मैक के प्रोडक्टस

मैक के सबसे ज्यादा लोकप्रिय प्रोडक्ट

मैक के प्रोडक्ट 500 से 5000 रुपए तक की सीमा के भीतर उपलब्ध हैं।

मैक की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती हैं। मैक प्रोडक्ट से किया गया मेकअप पूरे दिन रहता है और पानी का भी इस पर कोई असर  नहीं होता। मैक के प्रोडक्ट बाज़ार मैं आसानी से मिल जाते हैl

मैक एक ऐसा ब्रांड है जिससे की हम कम प्रोडक्ट्स से पूरा मेकअप कर सकते है।  उदाहरण के तोर पर ऑय शैडो का इस्तेमाल कई तरह से कर सकते है, जैसे कि हाइलाइटर, ब्लशर और लिप लाइनर इत्यादि। मैक के प्रोडक्ट इतने बहुआयामी(multi functional) है कि केवल 5 प्रोडक्ट से ही  आप अपना पूरा मेकअप कर सकते है l मैक के बहुत से प्रोडक्ट्स है जैसे कि फाउंडेशन, हाइलाइटर , लिप लाइनर  इत्यादिl

कस्टमर सर्विस

इसकी कस्टमर सर्विस भी बहुत अच्छी है। अगर आपको कोई गलत प्रोडक्ट आ जाता है, तो कस्टमर सर्विस वाली उसे आसानी से बदल देते हैl

लोरियल (L’Oreal)

मैक के बाद दूसरे नंबर पर लोरियल का नाम आता है। लोरियल कॉस्मेटिक की खोज जर्मन वंश के एक युवा फ़्रांसिसी रसायन शास्त्री यूजीन पॉल लुई शुलर ने 1909 में की थी। उन्होंने एक ओरेल नामक  हेयर डाई सूत्र विकसित किया था। जिसे उन्होंने पेरिस के हेयरड्रेसर को बेचने का फैसला कियाl इस कंपनी के मार्गदर्शक और सिद्धांत के कारण ओरेल का नाम लोरियल बन गया l

लोरियल  के सबसे ज्यादा लोकप्रिय प्रोडक्ट

लोरियल  के प्रोडक्ट 155 से 6000 रुपए तक की सीमा के भीतर उपलब्ध हैं।

किसी भी कॉस्मेटिक की गुणवत्ता हमेशा केंद्रीय होती है। जैसे की लोरियल ने  सर्वप्रथम हेयर डाई के व्यवसाय में अपनी शुरुआत की, परन्तु धीरे धीरे कंपनी ने अन्य सौंदर्य उत्पादों में अपनी भागीदारी की। लोरियल के आज के समय  में सौंदर्य व्यवसाय के सभी क्षेत्रों में 500 से अधिक प्रोडक्ट है:-  जैसे कि बालों का रंग(हेयर स्टाइलिंग), स्थायी(straightening), शरीर और त्वचा की देखभाल, क्लींजर, मेकअप और खुशबू(perfume)।

लोरियल के प्रोडक्ट सबसे अधिक बालो के लिए फायदेमंद है। लोरियल के प्रोडक्ट में हेयर कलर के इस्तेमाल से बहुत अच्छे रिजल्ट प्राप्त हुए है, और यह 1 से 2 महीने तक टिकता है, ये हमारे बालो को झड़ने से भी रोकता है, और इन्हे मजबूत भी बनाता है। अब अगर काजल की बात करे तो लोरियल का काजल दुनिया भर में विख्यात है।

कस्टमर सर्विस

लोरियल की कस्टमर सर्विस भी बहुत अच्छी  है। लोरियल प्रोडक्ट हम घर से भी मंगवा सकते है। यंहा तक की एक फ़ोन करने से या फिर ईमेल से भी आप यह प्रोडक्ट मंगवा सकते हो।

रेवलॉन(Revlon)

रेवलॉन कॉस्मेटिक प्रोडक्ट की शुरुआत न्यूयॉर्क शहर में 1932 में की गई थी। इसे न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया गया था। यह एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय सौंदर्य प्रोडक्ट कंपनी है। रेवलॉन के प्रोडक्ट त्वचा की देखभाल, और खुशबू  (perfume ) के लिए विख्यात है।

रेवलॉन के सबसे ज्यादा लोकप्रिय प्रोडक्ट

रेवलॉन दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे प्रसिद्ध कॉस्मेटिक कंपनियों में से एक है। इसमें  विषेशकर त्वचा की देखभाल के प्रोडक्ट और सैलून-गुणवत्ता वाले जैसे कि बालों के प्रोडक्ट और सौंदर्य प्रोडक्ट शामिल हैं। दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित लिपस्टिक रेवलॉन की आती है, रेवलॉन सुपर चमकदार लिपस्टिक उच्च प्रभाव वाले रंग के लिए माइक्रोफाइन पिगमेंट के साथ तैयार की गई है। जो आपके होठों को मॉइस्चराइज़ करती है और हाइड्रेशन को बढाती है l

भारत में लोरियल  के प्रोडक्ट 150 से 1000 रुपए तक की सीमा के भीतर उपलब्ध हैं।

कस्टमर सर्विस

रेवलॉन  की भी अन्य प्रोडक्ट की तरह अच्छी  सर्विस है।  इस प्रोडक्ट को भी हम घर  से मंगवा सकते  है। रेवलॉन के प्रोडक्ट दवारा किया गया मेकअप दिन भर रहता है और चेहरे पर फैलता भी नहीं। यदि कोई प्रॉडक्ट हमें पसंद नहीं आता है, तो हम उसे वापिस भी कर सकते हैं l

मेबेलिन(Maybelline)

मेबेलिन कंपनी  की खोज 1915 में 19 वर्षीय थॉमस लाइल विलियम्स के दवारा की गई थी। विलियम्स ने अपनी बड़ी बहन माबेल को उनकी पलकों पर वैसलीन और कोयले की धूल का मिश्रण लगाने को कहा, ताकि वे एक गहरा, फुलर लुक दे सकें। 1917 में, कंपनी ने Maybelline Cake Mascara का उत्पादन किया जिसे 1960 के दशक में रोज़मर्रा के उपयोग के लिए एक आधुनिक कॉस्मेटिक प्रोडक्ट माना गया ।  दूसरी ओर अल्ट्रा लैश को पहला मास-मार्केट ऑटोमैटिक के तौर पर प्रकाशीत  किया गया।

मेबेलिन के सबसे ज्यादा लोकप्रिय प्रोडक्ट

भारत में मेबेलिन के प्रोडक्ट 100 से 5000 रुपए तक की सीमा के भीतर उपलब्ध हैं।

मेबेलिन के प्रोडक्ट की गुणवत्ता बहुत अच्छी मानी जाती  है। इसके प्रोडक्ट्स बहुत अच्छे किसम के होते है। इसके दवारा किया गया मेकप लांग लास्टिंग होता है।  इसके नेल पेंट्स, लिप्सिक बहुत अच्छी होती है। इसमें चेहरे की क्रीम, फाउंडेशन, कॉम्पैक्ट पाउडर, ब्लश, प्राइमर और लिप प्रोडक्ट्स भी आते है।

कस्टमर सर्विस

मेबेलिन में कस्टमर सर्विस ग्राहकों को सेवा देने का प्रावधान है। इसके  लिए ईमेल और फ़ोन नंबर भी उपलब्ध है।मेबेलिन के प्रोडक्ट हम ऑनलाइन भी खरीद सकते है।

कलरबार (Colorbar)

कलरबार कॉस्मेटिक्स भारत के ब्यूटी कॉस्मेटिक्स के प्रमुख ब्रांडों में से एक है, जो अपने उपभोक्ताओं को रंगों की एक विस्तृत श्रृंखला में विश्व स्तर के अभिनव ब्रांड प्रदान करने के वादे के साथ विकसित किया गया है। इसमें महिलाओ के चेहरे, आंखों, होंठों और नाखूनों के लिए उत्पादों का एक पूरा संग्रह प्रदान करते हैं।

 

 

कलरबार के सबसे ज्यादा लोकप्रिय प्रोडक्ट

भारत में कलरबार  के प्रोडक्ट 100 से 3000 रुपए तक की सीमा के भीतर उपलब्ध हैं।

Colorbar एक लंबे समय से  सबका  पसंदीदा भारतीय ब्रांड रहा है,  भारत में शीर्ष 10 colorbar मेकअप उत्पादों की सूची में उल्लेख है।  साथ ही दर्जनों और ब्रांड एक सदस्यता भी प्रदान करता है, जिसमें आप अपनी खरीद का 5% अंक के रूप में इकट्ठा कर सकते हैं साथ ही नए लॉन्च की जानकारी पहले से प्राप्त कर सकते हैं। और तो और इसमें स्टोर और काउंटर पर विशेष सहायता प्राप्त कर सकते हैं l

कस्टमर सर्विस

कलरबार की कस्टमर सर्विस के लिए जब हम ऑर्डर देते है। तो हमे एक शिपिंग ईमेल प्राप्त होता है। जिससे हम उस ईमेल या ऑर्डर के माध्यम से अपना ट्रैकिंग नंबर पा सकते हैं। और अपने प्रोडक्ट का पता लगा सकते है। कि प्रोडक्ट किस समय प्राप्त होगा।

वीएलसीसी (VLCC)

श्रीमती वंदना लूथरा द्वारा 1989 में सौंदर्य प्रोडक्टस की शुरुआत की गयी थी।  वीएलसीसी आज अपने सौंदर्य, कल्याण उत्पादों और सेवाओं के व्यापक पोर्टफोलियो के लिए व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त कर चुका है । वीएलसीसी समूह  वर्तमान में भारत, यूएई, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, कतर, कुवैत, केन्या, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल और सिंगापुर सहित 150 से अधिक शहरों और एशिया और अफ्रीका में सफलतापूर्वक चल रहा हैं।

VLCC के सबसे ज्यादा लोकप्रिय प्रोडक्ट

भारत में लोरियल  के प्रोडक्ट 80 से 1000 रुपए तक की सीमा के भीतर उपलब्ध हैं।

VLCC  के प्रोडक्ट्स भारत के साथ साथ अन्य देशो मैंने भी इस्तेमाल किये जाते है। भारत मैं इसका इस्तेमाल ऊँची दरों पर किया जाता है। इसका मेकप भी लॉन्ग लास्टिक होता है।

 कस्टमर सर्विस

वीएलसीसी कस्टमर केयर सपोर्ट एंड सर्विस इंडिया उपयोगकर्ताओं को निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने में मदद करता है और वीएलसीसी इंडिया द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में प्रश्नों को स्पष्ट करता है। जिसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध है l

Krylon

Krylon बर्लिन, जर्मनी में स्थापित एक विश्वव्यापी सौंदर्य प्रोडक्ट कंपनी है। krylon को 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बर्लिन में स्थापित किया गया था। 1968 की फीचर फिल्म “Planet of the Apes” में इस्तेमाल किए गए सिलिकॉन मास्क के साथ krylon को हॉलीवुड जगत में एंट्री मिलीl

 

 

Krylon  के सबसे ज्यादा लोकप्रिय प्रोडक्ट

भारत में krylon के प्रोडक्ट 100 से 5000 रुपए तक की सीमा के भीतर उपलब्ध हैं।
Krylon के इस्तेमाल के बहुत अच्छे परिणाम निकले है।  इन प्रोडक्टस का इस्तेमाल अधिकतर फिल्मों  और मंच पर काम करने वाले लोग करते है।  यह काफी अच्छे  प्रोडक्ट्स है। इसका मेकप भी लोंग लास्टिंग होता है।

कस्टमर सर्विस

Krylon प्रोडक्टस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। यह मेक-अप उद्योगों में सबसे अच्छी कॉस्मेटिक कंपनी है। सभी पेशेवर मेकअप कलाकार krylon कंपनी के प्रोडक्ट का उपयोग करते हैं। कंपनी का कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में ब्रांड नेम है, इसके लिए  हेल्पलाइन नंबर और ईमेल की सुविधा भी उपलब्ध हैl

बॉबी ब्राउन

बॉबी ब्राउन एक अमेरिकी पेशेवर मेकअप कलाकार है, बॉबी ब्राउन कॉस्मेटिक्स के संस्थापक और पूर्व-सीईओ हैं।  ब्राउन ने श्रृंगार और सौंदर्य के बारे में आठ किताबें लिखी हैं।  वह स्वास्थ्य पत्रिका के कंट्रीब्यूटिंग ब्यूटी एंड लाइफस्टाइल एडिटर और एल्विस डुरान और मॉर्निंग शो रेडियो प्रसारण के ब्यूटी एंड लाइफस्टाइल एडिटर हैं। 2015 में वह बॉबी ब्राउन के रूप में सूचीबद्ध हुए थे l

बॉबी ब्राउन के सबसे ज्यादा लोकप्रिय प्रोडक्ट

भारत में बॉबी ब्राउन के प्रोडक्ट 100 से 5000 रुपए तक की सीमा के भीतर उपलब्ध हैं।

 कस्टमर सर्विस

हर चीज़ के लिए एक अच्छी नींव का होना जरुरी होती है और प्राकृतिक दिखने के लिए अच्छे प्रोडक्ट का चयन करना उससे भी जरुरी होता है। बॉबी ब्राउन स्किन फाउंडेशन हमारी तव्चा को प्राकृतिक लुक देता है और हमारी सुंदरता को बढ़ता है।

 

6 सितंबर का इतिहास

0

6 सितंबर का इतिहास

  • 1522 -समंदर के रास्ते पृथ्वी का पूरा चक्कर लगाने वाला पहला जहाज विक्‍टोरिया आज ही के दिन स्पेन लौटा था।
  • 1838 -पंजाब के महाराज रणजीत सिंह के सबसे छोटे पुत्र दलीप सिंह का जन्म हुआ था।
  • 1889 -स्वतंत्रता सेनानी शरत चंद्र बोस का जन्म हुआ।
  • 1905 –अटलांटा जीवन बीमा कंपनी की शुरुआत हुई।
  • 1914 -फ्रांसएवं जर्मनी के बीच मार्ने का युद्ध प्रारम्भ हुआ।
  • 1929 –फ़िल्म निर्माता यश जौहर का जन्म हुआ था।
  • 1939 -दक्षिण अफ्रीका ने नाजी जर्मनी पर युद्ध की घोषणा की।
  • 1952 -कनाडा टी.वी. की मॉन्ट्रियल में शुरुआत हुई।
  • 1958 –अमेरिका ने अटलांटिक सागर में परमाणु परीक्षण किया।
  • 1965 -भारतीय सेना ने तीन जगहों से सीमा पार कर पश्चिमी पाकिस्तान पर हमला किया था।
  • 1971 -भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी देवांग गांधी का जन्म हुआ था।
  • 1972 -हिंदुस्‍तानी शास्‍त्रीय संगीत के दिग्‍गज उस्‍ताद अलाउद्दीन खान का निधन हुआ था।
  • 1988-सोवियत संघ ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
  • 1998 -जापानके फ़िल्म निर्माता और निर्देशक अकिरा कुरोसावा का निधन हुआ था।
  • 2000 -संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान द्वारा संयुक्त राष्ट्र सहस्त्राब्दि शिखर सम्मेलन का शुभारम्भ हुआ।
  • 2005 -परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक मेजर धनसिंह थापा का निधन हुआ था।
  • 2008 –डी. सुब्बाराव ने भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर का कार्यभार संभाला।
  • 2009 -कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री हरचरण सिंह बराड़ का निधन हो गया।
  • 2011 –नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार भारत–पाकिस्तान सीमा रेखा सुरक्षा के लिए सीमा परलगाई गई फ्लड लाइटों के कारण अंतरिक्ष से दिखाई देने वाली विश्व की सर्वाधिक जगमग सीमा रेखा है।
  • 2011 -रूस ने पर्म शहर के निकट हुई दुर्घटना में दो पायलटों की मौत के बाद मिग-31 लड़ाकू विमान की उड़ान पर रोक लगा दी।
  • 2011 -संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के अनुसार सीरिया में मार्च से शुरु हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक 2200 लोग मारे जा चुके हैं।
  • 2012 –अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए बराक ओबामा डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बने।

यह भी पढ़ें

रोचक तथ्य- म.प्र. और गुजरात की जीवन रेखा नर्मदा नदी
amazing-moments-captured-perfectly-timed-phot

गुब्बारों की दैत्य से प्यार तक की कहानी

मेले और बाज़ार में रंग बिरंगे गुब्बारों (Balloon) को देखकर ऐसा लगता है कि, केवल बच्चो के खेलने भर का एक खिलौना हैl जब्कि गुब्बारों का इतिहास जाने तो पता चलता है कि गुब्बारों से लड़ाई भी लड़ी गयी है | गुब्बारों की खोज का किस्सा भी अत्यधिक रोचक है | दरअसल गुब्बारों की शुरुवात 17 वीं  शताब्दी में फ़्रांस में दो भाई रहते थे, एक का नाम स्टीफन और दुसरे का नाम जोसेफ था | दोनों फ़्रांस के एनोएन नगर में रहते थे | दोनों भाइयो की इच्छा थी कि उड़ने की कला सीखी जाए | उन्होंने सोचा यदि कागज का एक थैला बनाकर उसमे भाप भर दी जाए तो वह हवा में तैरेगा|

गुब्बारे का अविष्कार

5 जून 1783 का दिन था | कागज का 10 मीटर व्यास का एक खोखला गोला बनाकर इसे एक खम्भे के उपर बाँध दिया और नीचे भूसा जलाया गया | भूसे के जलने से धुँआ बना वह कागज के खोखले गोले में समाता गया | धुँआ भरने से गोला हल्का होने लगा और कुछ ही मिनटों में 1800 मीटर की उचाई पर जा पहुंचा | मगर वह जल्दी ही वापस नीचे गिरने लगा |

हाइड्रोजन गैस का इस्तेमाल

[adinserter block=”33″]इस प्रयोग की खबर फ़्रांस के ही एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक चार्ल्स को लगी | चार्ल्स ने इस प्रयोग को दोहराने का निश्चय किया | चार्ल्स को पता था कि धुएं के बदले यदि हाइड्रोजन गैस भरी जाये तो गुब्बारा ज्यादा उपर तक जाएगा क्योंकि हाइड्रोजन गैस हवा से साढ़े चौदह गुना हल्की होती हैl इसलिए चार्ल्स ने धुएं के बदले हाइड्रोजन गैस का इस्तेमाल किया |गुब्बारा उड़ाने के लिए चंदा इकट्ठा किया | अपने साथियो की मदद से उसने 4 मीटर व्यास का रेशम का एक गुब्बारा बनाया और अंदर से उस पर गोंद पोत दिया ताकि गैस बाहर न निकल जाए | उस समय हाइड्रोजन गैस लोहे पर गंधक के अम्ल की क्रिया से बनाई जाती थी | 23 अगस्त 1783 को एक दिन पूर्व रेशम के गोले को 3 किमी दूर एक मैदान में ले जाया गया | वहा उसे देखने के लिए लोगो की भीड़ इकट्ठी हो गयी थी | लोग रहस्यमयी निगाहों से गुब्बारे को देख रहे थे |

शाम पांच बजे गुब्बारा उड़ाया गया | गुब्बारा काफी हल्का था | दो मिनट से भी कम समय में वह 100 मीटर की उंचाई पर उड़ गया | देखते देखते बरसात होने लगी और गुब्बारा एक बादल में ओझल हो गया | ऐसा अनुमान लगाया कि गुब्बारा 6000 मीटर की ऊँचाई तक गया होगा | गुब्बारा पेरिस से 25 किमी दूर एक खेत में जा गिरा | गुब्बारे को गिरते हुए दो किसानों देखा, जिससे देखकर उन्हें बड़ा आश्चर्य हुआ |

गुब्बारे को देखकर लोगो के  मन का वेहम

[adinserter block=”33″]उस समय गुब्बारा उडाना किसी जादू से कम नही था वे गुब्बारे को आसमान से उतरने वाला कोई दैत्य समझ बैठे | वो डर के मारे उसके नजदीक नही जा रहे थे | उन्होंने गुब्बारे पर दूर से पत्थर मारने शुरू कर दिए | नतीजा यह हुआ कि गुब्बारा फट गया | फिर उनमे से एक साहसी किसान उसके पास गया और धीरे से फटे गुब्बारे को एक घोड़े की पुंछ से बांधकर गाँव की ओर ले गया | गाँव के पादरी के पास जाकर किसान ने प्रार्थना की, कि वह उन्हें इस जानवर के बारे में जानकारी दी | पादरी ने देखा कि गुब्बारे के साथ चमड़े के एक थैले में कागज पर चार्ल्स नाम लिखा था और एक सूचना लिखी थी जिस किसी को भी गुब्बारा मिले ,वह इसको लिखे हुए पते पर पहुँचा दे |दोनों किसान बेहद खुश हुए |

गुबारों से हुई लड़ाई

जैसे जैसे गुब्बारों का प्रचलन बढ़ने लगा, वैसे वैसे उसके साथ अनेक प्रयोग किये जाने लगे | सन 1808 में दो लोगों ने गुब्बारे के जरिये हवा में लड़ाई लड़ी | ये दो आदमी एम.डी.ग्राडपर और एम.एल.पिक थे | दोनों के बीच एक अभिनेत्री को लेकर लड़ाई चल रही थी | दोनों ने गुब्बारों द्वारा युद्ध करने का फैसला किया | इस युद्ध में पिक और उसके सहायक मारे गये और ग्रांडपर पेरिस से 30 किमी दूर जाकर उतरे |

चार्ल्स की जान का खतरा

वैज्ञानिक चार्ल्स की जान का खतरा उसके द्वारा उडाये गये गुब्बारे की घटना के कारण टल गया था | वास्तव में चार्ल्स राजा के यहाँ नौकरी करता था | राजा को दुश्मनों ने जेल में डाल दिया ,इसलिए चार्ल्स को भी पकड़ लिया थाl राजा को मौत की सजा सुना दी गयी थी लेकिन चार्ल्स के गुब्ब्बारे वाली बात बतलाई तो कुछ लोगो ने उन्हें पहचान लिया और उनको बचा लिया गया |

गर्म हवा के गुब्बारे का आविष्कार

[adinserter block=”33″]फ़्रांस में दो वैज्ञानिक 1804 में अनेक वैज्ञानिक यंत्रो के साथ एक गुब्बारे से उड़े | वे यह जानना चाहते थे कि क्या चुम्बकीय सुई काफी उंचाई पर भी वैसा ही व्यवहार करती है जैसे पृथ्वी पर करती है ? इस उड़ान में एक घटना घटी जिसने एक गडरिया लडकी को लगा कि यह कोई चमत्कार है गुब्बारा 2100 मीटर की ऊंचाई तक उड़ा | आज गुब्बारों का प्रयोग प्रचार माध्यम के रूप में किया जाता है |गुब्बारे पर विज्ञापन छापकर उसको हवा में छोड़ दिया जाता है |

एक वक़्त था जब लोग इस गुब्बारे से डर रहे थे और आज लोग इन गुबारों को अपनी हर ख़ुशी में शामिल करते है. यहां तक की अब तो गुबारों को प्रेम और ख़ुशी का प्रतीक माना जाता है।

ये पांच बैंक दे रहे हैं एफडी(FD) पर सबसे ज़्यादा ब्याज

0

एफडी यानि फ़िक्स्ड डिपॉजिट सबसे आम वित्तीय साधनों में से एक है जिसमें लोग अपने पैसे का निवेश करते है। कई लोग इक्विटी से अधिक बैंक एफडी पसंद करते है। फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी के तहत जमा धन को एक निश्चित समय तक छोड़ना पड़ता है। इस अवधि में बैंक जमा रकम पर ब्याज देता है। बाजार में निवेश के तमाम आधुनिक विकल्प मौजूद होने के बावजूद आज भी बैंक में फिक्स डिपॉजिट करना सबसे आसान और सुरक्षित विकल्प माना जाता है। इसमें निवेशक को तय अंतराल पर निश्चित रिटर्न मिलना तय होता है, साथ ही बाज़ार के उतार-चढ़ाव का भी इस पर कोई असर नहीं पड़ता।

एफडी खाता खोलना

एक बैंक में एक जमा खाता खोल सकते हैं, वो भी वहां जहां पहले से ही एक बचत खाता है। कुछ बैंक आपको बचत बैंक खाता खोलने के बिना एफडी खाता खोलने की अनुमति दे सकते हैं। हालाँकि, बैंक द्वारा आपको बचत खाते के बिना एफडी लगाने की अनुमति देने की स्थिति में आपको अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) प्रक्रिया से गुज़रना होता है। आपको आईडी प्रूफ की सेल्फ अटेस्टेड फोटोकॉपी जैसे पैन, और एड्रेस प्रूफ जैसे आधार, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट आदि और रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो देने के लिए कहा जाता है। आपको मूल दस्तावेजों को दिखाना होता है, जो तुरंत बाद में वापस कर दिए जाते है।

न्यूनतम और अधिकतम निवेश राशि

जमा खाता खोलने के लिए आवश्यक न्यूनतम राशि एक बैंक से दूसरे बैंक में भिन्न होती है। एक एफडी में निवेश करने के लिए अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं होती है।

एफडी का कार्यकाल

[adinserter block=”33″]न्यूनतम और अधिकतम कार्यकाल, जिसके लिए एक एफडी रखी जा सकती है। आमतौर पर, एफडी 7 दिनों की न्यूनतम अवधि के लिए और अधिकतम 10 वर्षों के लिए निवेश कर सकते है। आप उस अवधि को चुन सकते हैं, जिसके लिए आप अपनी आवश्यकता के अनुसार अपनी एफडी रखना चाहते हैं।

ब्याज भुगतान

एफडी पर दी जाने वाली ब्याज दर उस अवधि पर निर्भर करेगी, जिसके लिए आप एफडी में निवेश कर रहे हैं वरिष्ठ नागरिकों को आम तौर पर उच्च ब्याज दर की पेशकश की जाती है। एफडी रखने के समय चुने गए पे-आउट अंतराल पर जमाकर्ताओं के खाते में ब्याज जमा किया जाता है। आम तौर पर, कोई व्यक्ति बैंक द्वारा प्रस्तुत मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक या वार्षिक आधार पर ब्याज प्राप्त करने के विकल्पों में से चुन सकते है।

बैंकों के ब्याज दर

1 साल का समय

बैंक का नाम

 

ब्याज दर (%) मिश्रित रूप से 10,000 रुपये में क्या होगा?
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 8.00 10824
लक्ष्मी विलास बैंक 7.75 10798
आरबीएल बैंक 7.70 10793
इंडसइंड बैंक 7.50 10771
बंधन बैंक 7.35 10756

 

कर लगाना

एफडी पर प्राप्त ब्याज निवेशक के हाथों में पूरी तरह से कर योग्य है। यह आपके आयकर स्लैब में लागू दरों पर लगाया जाएगा। वर्तमान कर कानूनों के अनुसार, यदि किसी एक वित्तीय वर्ष में ब्याज भुगतान 10,000 रुपये से अधिक है, तो बैंक द्वारा टीडीएस काट लिया जाएगा। टीडीएस से बचने के लिए फॉर्म 15G या फॉर्म 15H (जैसा कि लागू होता है) बैंक में जमा कर सकते है।

समय से पहले वापसी

[adinserter block=”33″]किसी भी आवश्यक आवश्यकताओं के मामले में, परिपक्वता तिथि से पहले अपने एफडी को तोड़ सकते है। बैंक द्वारा समय से पहले निकासी पर जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माना राशि एक बैंक से दूसरे बैंक में भिन्न होती है। कभी-कभी, बैंक समय से पहले निकासी सुविधा के साथ-साथ एफडी की पेशकश करते हैं

ऋण सुविधा

ऋण प्राप्त करने के लिए एक जमानत के रूप में एफडी का उपयोग कर सकते हैं। स्वीकृत अधिकतम ऋण आमतौर पर मूल जमा का एक निश्चित प्रतिशत होता है। यह प्रतिशत हर बैंक में अलग-अलग हो सकता है।

नामांकन की सुविधा

एफडी के लिए नामांकन सुविधा भी उपलब्ध है।

 स्वचालित नवीनीकरण (Renewal)

[adinserter block=”33″]एफ.डी. पूरी होने पर, यदि कोई विशेष निर्देश नहीं दिया गया है, तो अधिकांश बैंक एफडी को उसी अवधि के लिए स्वचालित रूप से नवीनीकृत (renewal)  कर देते हैं, जिसके लिए शुरू में एफ.डी. पूरी होने की तारीख में प्रचलित ब्याज दरों पर रखा गया था। यदि आप अपने एफडी का स्वत: नवीनीकरण नहीं चाहते हैं, तो आपको खाता खोलने के फॉर्म पर इस विकल्प को चुनना होगा। यदि आप इसका उल्लेख करना भूल गए हैं, तो आप परिपक्वता के दिन बैंक शाखा का दौरा कर सकते हैं और उन्हें समर्थक का श्रेय देने के लिए कह सकते हैं।

नेट-बैंकिंग

आजकल, बैंक आपके खाते में नेट-बैंकिंग के माध्यम से ऑनलाइन एफ.डी. खाता खोलने की सुविधा प्रदान करते हैं। शारीरिक रूप से एक शाखा का दौरा किए बिना एफडी में निवेश कर सकते हैं। हालांकि, याद रखें कि यदि आपका बैंक ऑनलाइन निवेश करता है तो आप मुद्रित एफ.डी. रसीद / सलाह जारी नहीं कर सकते हैं ।

फिक्स डिपॉजिट करवाने के फायदे

[adinserter block=”33″]किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में एफ.डी. कराने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसमें किसी तरह का रिस्क नहीं रहता। एफडी में वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर भी सामान्य से ज्यादा होती है।

इसके अलावा एफ.डी. की समय अवधि समाप्त होने के बाद निवेशक को पूरी राशि ब्याज सहित वापस मिल जाती है। बैंकों की एफडी की दर समय दर समय बदलती रहती है। आमतौर पर सभी बैंक एफडी पर 8-12 फीसदी तक निश्चित रिटर्न देते हैं। कई दफा बैंक अधिक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से ग्राहकों को फिक्स्ड डिपॉजिट पर ऊंची दर का भी ऑफर देते हैं।