क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का आज जन्मदिन है।  उनका जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ था। उनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस और माँ का नाम प्रभावती था। वह अपने परिवार में 9 वें नंबर के बच्चे थे। नेता जी बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में बहुत तेज़ थे। आइए जानते है नेताजी के बारे कुछ रोचक तथ्य:-

 

  • साल 1942 में नेता जी हिटलर से मिले थे, लेकिन हिटलर के मन में भारत को आज़ाद करवाने के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं थी। हिटलर ने नेताजी को सहायता के लिए कोई स्पष्ट वचन नहीं दिया था।
  • नेताजी भगत सिंह को बचाना चाहते थे। उन्होंने गांधी जी से कहा कि वह अंग्रेजों से किया वादा तोड़ दें, लेकिन नेताजी भगत सिंह को बचाने में नाकाम रहे।
  • नेताजी की भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में रैंक 4 थी, लेकिन आज़ादी की जंग में शामिल होने के लिए उन्होंने भारतीय सिविल सेवा की आरामदेह नौकरी ठुकरा दी थी।
  • नेताजी को जलियावाला हत्याकांड ने इस कदर विचलित कर दिया था कि वह सब कुछ छोड़कर भारत की आज़ादी के संग्राम में शामिल हो गए।
  • 1943 में बर्लिन में नेताजी ने आज़ाद हिंद रेडियो और फ्री इंडिया सेंटर की स्थापना की थी।
  • 1943 में स्थापित हुए आज़ाद हिंद बैंक ने दस रुपये के सिक्के से लेकर एक लाख रुपये के नोट जारी किये थे, एक लाख रुपये के नोट पर सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर छापी गयी थी।
  • नेताजी ने ही गांधीजी को राष्ट्रपिता कह कर संबोधित किया था।
  • नेताजी को 1921 से 1941 के बीच 11 बार भारत की अलग-अलग जेलों में कैद में रखा गया था।
  • नेताजी का ऐसा मानना था कि अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने के लिए सशक्त क्रांति की आवश्यकता है, लेकिन गांधी जी अहिंसक आंदोलन में विश्वास करते थे।
  • नेताजी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दो बार अध्यक्ष चुना गया था।
  • नेताजी की मृत्यु कैसे हुई, यह गुत्थी आज भी अनसुलझी है। उनकी मृत्यु की आज तक कोई पुष्टि नहीं हो सकी। यहां तक कि भारत सरकार भी उनकी मौत के बारे में कुछ नहीं बोलना चाहती।
  • 17 मई 2006 को जस्टिस मुखर्जी कमीशन ने एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें इस बात का जिक्र था कि रंकजी मंदिर में पाई जाने वाली राख नेताजी की नहीं थी। हालांकि इस रिपोर्ट को भारत सरकार द्वारा ठुकरा दिया गया और यह मामला आज भी एक रहस्य ही है।

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