विश्व के इतिहास में ऐसी कई घटना हुई जिन्होंने सारी दुनिया को हिला कर रख दिया। यह घटनाएं चाहे धर्म-कर्म के नाम पर हो या फिर क्रूर शासकों की क्रूरता और सनकपन के कारण सैकड़ों लोगों ने आत्महत्या की ।
अमेरिकी इतिहास में जिम जोंस का नाम क्रूर घटनाओं के कारण आज भी लिया जाता है। ऐसी कई घटनाएं है जिनके कारण कई लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी। आज हम आपको कुछ ऐसी ही घटनाओं के बारे में बताएंगे:-
पिपुल्स टेंपल
18 नवंबर 1978 को अमेरिका के इंडियाना में 918 लोगों ने सामूहिक आत्म्हत्या की थी। इसमें 276 बच्चे भी शामिल थे। इसको जोंसटाउन भी कहा जाता है। इस घटना ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था।
इस घटना के बाद एक टेप भी सामने आया जिसमें सामूहिक आत्महत्या की बाते करते सुना गया था। इतना ही नहीं इस टेप में आत्महत्या के तरीकों पर भी चर्चा करते हुए लोगों को सुना गया था। पिपुल्स टेंपल के तौर पर इस घटना को आज भी याद किया जाता है।
इस घटना को जिस शख्स ने अंजाम दिया था उसका नाम जिम जॉन्स था। इस घटना को यह कहते हुए अंजाम दिया गया था कि वह सामूहिक आत्महत्या नहीं कर रहे हैं बल्कि एक निर्दयी दुनिया के खिलाफ क्रांति लाने के लिए कदम उठा रहे हैं। इस दौरान जॉन्स को छोड़कर सभी को साइनाइड दिया गया था जबकि खुद उसने अपनी जान गोली मारकर ली थी।
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सोलर टेंपल
स्विटरज़लैंड , फ्रांस और कनाडा में मौजूद द ऑर्डर ऑफ द सोलर टेंपल एक गुप्त सोसाइटी और संप्रदाय थे। जो नाइट्स टेंपलर के आदर्शों को मानते थे । वर्ष 1984 में इसकी स्थापना जिनेवा में जोसेफ डी मैंब्रो और एल जौरेट ने की थी।
इस समूह को 1994 में कई सामूहिक आत्महत्याओं और एक के बाद एक हत्याओं, की वजह माना जाता था। दरअसल, अक्टूबर 1994 में टोनी ड्युटॉइट के तीन माह के नवजात बच्चे की क्यूबेक, मॉरिन-हाइट्स स्थित संस्था के केंद्र में लकड़ी से गोद-गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
इसकी वजह यह थी कि उस बच्चे को डी मैंबो ने बाइबिल के हिसाब से ईसा का विरोधी माना गया था। इसके कुछ दिन बाद पश्चिमी स्विटजरलैंड के चेइरी और सैलवान नामक दो गांवों व मॉरिन हाइट्स में इनर सर्किल के 15 सदस्यों ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
सोलर टेंपल की घटना भी इसी तरह का एक और उदाहरण है। इस घटना में करीब 74 लोगों ने सामूहिक आत्म्हत्या की थी। जिन लोगों ने आत्म्हत्या की थी उनका मानना था कि इस दुनिया के पाखंड और उत्पीड़न के खिलाफ यह कदम उठाया गया है। इस घटना को जोसफ डी मेंब्रो ने अंजाम दिया था। जेनेवा की इस घटना ने भी लोगों के दिलों में डर फैलाने का काम किया था।
बुराड़ी आत्महत्या कांड दिल्ली
बुराड़ी में एक परिवार के 11 सदस्यों के आत्महत्या के मामले ने पूरे देश को हिला दिया है। जिसमें घर के सभी सदस्यों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली । जबकि एक बुजुर्ग महिला का शव जमीन पर पड़ा मिला ।
इस घटना में 7 महिलाओं और 4 पुरुषों के शव मिले। इस घटना का मुख्य कारण धर्म-आस्था बताया गया है । जिसके चलते घर के सभी सदस्यों ने आत्महत्या कर ली।
हैवेन्स गेट
24 से 27 मार्च के बीच अमेरिका के केलिफोर्निया में रैंचो सांता -फे हैवेन्स गेट के 39 लोगों ने सामूहिक आत्म्हत्या कर ली थी। केलिफोर्निया में घटी इस घटना को आज भी अमेरिका नहीं भूल सका है। रैंचो सेंटा फे इलाका उत्तर में सेन डियागो से मिलता है।
यहां मौजूद कुछ ग्रुप्स का मानना था कि इस तरह का कदम उठाकर उनके शरीर की आत्मा दूर चली जाएगी। उनका विश्वास था कि इस के बाद उनकी आत्मा दूर स्थित हैली कॉमेट (अंतरिक्ष) पर चली जाएगी।
इस घटना में हैवन गेट के दो ऐसे सदस्य बच गए थे, क्यूंकि यह दोनों ही उस वक्त वहां पर नहीं थे, जहां यह घटना घटित हुई थी। फरवरी 1998 में इस घटना से बचे हुए लोगो ने भी आत्महत्या कर ली थी।
बांग्लादेश की एडम फैमिली
यह घटना बांग्लादेश के दूसरे सबसे घनी आबादी वाले माइमेनसिंह में 2007 की है, जिसमें एक ही परिवार के 9 सदस्यों ने ट्रेन के आगे कूदकर सामूहिक आत्महत्या कर ली थी। इस घटना को एडम हाउस के तौर पर याद किया जाता है।
घटना के बाद उनके घर से मिली डायरी से पता चला कि यह परिवार एडम पंथ (आदम पंथ) को मानता था। उनके घर का नाम भी एडम हाउस था।
परिजनों का मानना था कि वे आदम और हव्वा (एडम एंड ईव) जैसा शुद्ध जीवन जीना चाहते थे, और इसलिए उन्होंने खुद को किसी बाहरी के संपर्क से दूर करने और किसी भी धर्म की पाबंदी से मुक्त होने के लिए यह रास्ता चुना। वह चाहते थे कि उनके जीवन पर किसी भी धर्म विशेष पाबन्दी न हो l