30 सितंबर, 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही “फ्लाईदुबई” की फ्लाइट FZ1073 की यात्रा सामान्य रूप से शुरू हुई। लेकिन उड़ान के दौरान एक अप्रत्याशित घटना ने स्थिति को गंभीर बना दिया जब ओमानी सह-पायलट ने कैप्टन स्मित को चाकू मार कर घायल कर दिया और विमान तेजी से नीचे गिरने लगा।
शुक्रवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर कैप्टन स्मित मच्छार ने कहा कि “उन्होंने ठान लिया था कि वह दूसरों की जान नहीं जाने देंगे”। हवा में सह पायलट के हमले में घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और उनमें जितनी भी ताकत बची थी, उसी के सहारे उन्होंने विमान को सुरक्षित बचा लिया। कैप्टन स्मित संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.) के एक अस्पताल में भर्ती हैं।
घटनाक्रम
बुधवार, 30 सितंबर, 2026 को यू.ए.ई. के दुबई से इसराईल के तेल अवीव जा रही “फ्लाईदुबई” की उड़ान एफजैड 1073 को हाईजैक करने की कोशिश की गयी. इस घटना में कॉकपिट में ओमानी मूल के सह-पायलट हमाम अलहामामी ने मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया , जिससे कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। इस उड़ान में 27 बच्चों समेत 174 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर इसरायली नागरिक थे। छह क्रू मेंबर्स सहित कुल 180 लोग इस हवाई जहाज में थे।
फर्श पर गिरा था और लगा विमान नीचे गिर रहा है
उन्होंने कहा, ‘मैं घायल हालत में (कॉकपिट के फर्श पर पड़ा था। मेरे अंदर जितनी भी ताकत बची थी, मैंने सही कदम उठाया।’ मच्छार ने कहा, ‘मैं अपनी जान बचाने के लिए लड़ रहा था, लेकिन साथ ही मैंने ठान लिया था कि मैं दूसरों को नहीं मरने दूंगा । वह बहुत अहम पल था। मैं आंखें बंद करके भी सोच सकता हूं कि विमान में क्या हो रहा था । उस पल मुझे एहसास हुआ कि विमान नीचे गिर रहा है। मुझे कई चोटें आई थीं।
वीडियो कॉल के दौरान मच्छार अस्पताल में बिस्तर पर थे और उनके सिर पर पट्टी बंधी हुई थी ।
हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे
मच्छार ने वीडियो कॉल पर प्रधानमंत्री को घटना के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि ‘जब भी मैं संकट में होता है, तो मेरे मन में बस एक ही बात आती है- मैं हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं। उस समय भी मैं हनुमान चालीसा का ही पाठ कर रहा था, और मुझे पता है कि भगवान ने मुझे बचाया।’
ठान लिया कि लोगों को मरने नहीं दूंगा
उन्होंने कहा, “मैं बुरी तरह घायल था, लेकिन मैंने खुद से कहा कि मुझे उठना होगा और कुछ करना होगा। उस समय, मैंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए पूरी ताकत लगाई।’
“स्मित, बस एक आखिरी ज़ोर लगाने की ज़रूरत है। बस कर डालो। दरवाज़ा बस वहीं है,” उसने मन ही मन सोचा। “उस समय भी मुझ पर हमला हो रहा था। मैंने दरवाज़ा खोला, बाकी सब लोग [कॉकपिट में] अंदर आ गए… मैं अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन साथ ही मुझे यह भी पता था कि मैं बाकी सबको मरने नहीं दे सकता।”। उन्होंने कहा, “दूसरे लोगों की भूमिका भी उतनी ही अहम थी।”
यात्रियों ने बताया कि कैसे खून से लथपथ कैप्टन ने उन्हें अंदर आने देने के लिए कॉकपिट का दरवाज़ा खोला; इसके बाद उन्होंने को-पायलट को काबू में किया और प्लेन की तेज़ी से होती गिरावट को संभाला, जो इतनी तेज़ थी कि प्लेन का रडर ही टूटकर अलग हो गया था।
घायल होने के बावजूद, कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोला, जिससे दूसरे लोग अंदर आ सके। इसके बाद क्रू सदस्यों और अन्य लोगों ने आतंकी ओमानी नागरिक को काबू में कर लिया। विमान में मौजूद दो अन्य अनुभवी पायलटों ने तुरंत नियंत्रण संभाल लिया। उन्होंने विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की ओर किया और उसे सुरक्षित रूप से उतारा।
Flightradar24 के अनुसार, उड़ान भरने के लगभग ढाई घंटे बाद मची अफरा-तफरी के बीच, बोइंग 737 मैक्स 8 लगभग एक मिनट में 10,000 मीटर से 5,100 मीटर की ऊंचाई तक नीचे आ गया। इसके बाद उसने जॉर्डन की सीमा के पास एक अजीब सा चक्कर लगाया और बुधवार सुबह (वहां के समय के अनुसार) सऊदी अरब के तबुक में लैंड किया।
डेंटिस्ट ने दी इमरजेंसी मेडिकल मदद
फ्लाइट में मौजूद डेंटिस्ट शोता मुसाएव ने कैप्टन स्मित मच्छर को इमरजेंसी मेडिकल मदद दी। एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में मुसाएव ने बताया कि घटना के बाद कैप्टन मच्छर बुरी तरह घायल हो गए थे। उन्होंने कहा, “जब मैं वहाँ पहुँचा, तो पायलट पहले से ही ज़मीन पर पड़े थे। उनका काफ़ी खून बह चुका था। हमें खून बहना रोकना था। हम उनकी हालत और ब्लड प्रेशर को स्थिर करने में कामयाब रहे।”
प्रधानमंत्री ने की जमकर सराहना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी, सूझबूझ और असीम धैर्य की जमकर सराहना करते हुए कहा कि “हिंदुस्तानी दूसरों की जान लेने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि वे दूसरों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार रहते हैं।”
मोदी ने वीडियो कॉल के ‘दौरान कहा, ‘देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए खुद को जोखिम में डालने वाले लोग हैं। आप अपने शरीर पर इतने घाव झेल रहे थे और स्वयं जीवन-मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे, उस समय भी आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, सभी यात्रियों के जीवन की परवाह की सबसे बड़ी बात आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है। इसीलिए मैं हृदय से गर्व अनुभव कर रहा हूं।”
पी.एम. से बात करते हुए भावुक हुए ‘मच्छार’
पी. एम. से बात करते हुए मच्छार भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “आपका फोन आया, यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है | माफ कीजिए सर, मैं आपके सामने रो रहा हूं। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरी आपसे बात होगी।”
पी. एम. मोदी ने कहा कि आपने इतना बड़ा काम किया है कि देश का हर नागरिक और दुनिया के लोग आपको देखना और आपसे बात करना चाहते हैं। आपने हनुमान चालीसा के बारे में जो बताया, उसके लिए मैं आपकी मां गीताबेन को प्रणाम करूंगा कि उन्होंने आपको ऐसे संस्कार दिए । मैं आपके पिता भूपेंद्रभाई को भी प्रणाम करूंगा।
ट्रम्प और नेतन्याहू ने सच्चा हीरो बताया
इसराईली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की और उन्हें सच्चा हीरो बताया | नेतन्याहू ने कहा कि मच्छार की बहादुरी से विमान में सवार 180 लोगों की जान बचाने में मदद मिली। अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कैप्टन मच्छार को हीरो बताया और उनकी बहादुरी की सराहना की।
यू.ए.ई. ने घटना को बताया ‘टेरर एक्ट’, ‘मच्छार’ की बहादुरी को किया सलाम
यू.ए.ई. के राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार अनवर गर्गश ने फ्लाई दुबई विमान को हाईजैक करने की कोशिश को आतंकवाद की घटना बताया है। यह पहली बार है जब अमीरात की ओर से इस घटना को ‘टैरर एक्ट’ बताया गया है। अनवर गर्गश ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की।
उन्होंने कहा कि फ्लाई दुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छार हर तरह की सराहना के हकदार हैं, क्योंकि उन्होंने आतंकवादी घटना और संभावित दुर्घटना के सामने साहस और जिम्मेदारी का परिचय दिया।
हमलावर को इस्लामी विचारधारा की ट्रेनिंग: नेतन्याहू
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बिना ज़्यादा जानकारी दिए दावा किया कि हमलावर को इस्लामी विचारधारा की ट्रेनिंग दी गई थी। उन्होंने फॉक्स न्यूज़ को यह भी बताया कि को-पायलट शायद इज़राइल के एविएशन नियमों में मौजूद किसी कमी का फ़ायदा उठाकर वहाँ पहुँच गया था। इन नियमों के तहत, उन देशों के पायलटों को इज़राइल के लिए उड़ान भरने की इजाज़त नहीं होती जिनके तेल अवीव के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं; ओमान के मामले में भी यही स्थिति है।
यात्री कौन थे?
इज़राइल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि फ़्लाइट में सवार लोग इज़राइल, भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि चार यात्रियों के पास अमेरिकी नागरिकता थी।
फ़्लाईदुबई ने कहा कि जब तक जाँच चल रही है, तब तक इज़राइल आने-जाने वाली उसकी फ़्लाइट्स रोक दी जाएँगी। नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने UAE के राष्ट्रपति से बात की, और वे इस बात पर सहमत हुए कि इज़राइल संदिग्ध से पूछताछ में शामिल होगा।
नेतन्याहू ने हाल के दिनों में सुरक्षा को लेकर कुछ खास न बताए गए, लेकिन गंभीर खतरों के बारे में चेतावनी दी थी। देश में हमास के नेतृत्व में 7 अक्टूबर, 2023 को इज़राइल पर हुए हमले की बरसी आने में अब एक हफ़्ता ही बचा है; इस हमले के बाद से कई युद्ध शुरू हो गए थे।
सार्वजनिक हुई ओमानी को-पायलट की पहचान
‘जागरण’ के अनुसार, कैप्टन स्मित मच्छर पर जानलेवा हमला करने वाले ओमानी को-पायलट की पहचान हमाम अलहामामी के रूप में हुई है।
‘अल अरबिया इंग्लिश’ की रिपोर्ट के अनुसार, कथित चरमपंथी विचारों को लेकर पैदा हुई चिंताओं की वजह से अलहामामी को पहले ओमान में विमान उड़ाने से रोक दिया गया था। इसके बाद उसने ओमान छोड़ दिया और अपना अधिकांश समय सीरिया में बिताया। आरोप है कि सीरिया में रहने के दौरान वह चरमपंथी विचारधारा के प्रभाव में आया और फिर यूएई चला गया।
‘सीएनएन’ के अनुसार, पिछले साल ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन ओमान एयर ने भी अलहामामी को उसके कट्टरपंथी विचारों के कारण ट्रेनिंग की भूमिका से हटा दिया था।
एक क्षेत्रीय राजनयिक सूत्र के हवाले से बताया गया कि प्रशिक्षण से हटाए जाने के बाद एयरलाइन ने उसे कोई दूसरा गैर-उड़ान कार्य सौंप दिया था।
सामान से बरामद हुआ फिलिस्तीन समर्थक साहित्य
i24 न्यूज के अनुसार, जांच अधिकारियों को अलहामामी के निजी सामान से फ्री फिलिस्तीन से जुड़े पर्चे और फिलिस्तीन समर्थक दस्तावेज मिले हैं। वह लगातार सार्वजनिक और निजी तौर पर फिलिस्तीन के समर्थन में और इजरायल के विरोध में बातें करता रहा था।
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की विस्तृत जांच कर रही हैं कि क्या इस हमले के पीछे कोई सुनियोजित आतंकी साजिश या इस्लामिक कट्टरपंथ की भूमिका थी।
तेल अवीव उड़ान के लिए सुरक्षा मंजूरी पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एक ओमानी नागरिक को तेल अवीव जाने वाली उड़ान के चालक दल में शामिल होने की अनुमति कैसे मिली। ओमान और इजरायल के बीच कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं और ओमान इजरायल को आधिकारिक मान्यता भी नहीं देता।
इजरायली अधिकारियों के अनुसार, देश की प्रमुख खुफिया एजेंसियां शिन बेट, मोसाद, सेना और परिवहन मंत्रालय संयुक्त रूप से इस बड़ी सुरक्षा चूक की जांच कर रही हैं।
क्या है आरोपी हमाम अलहामामी?
हमाम अलहामामी मूल रूप से ओमान का नागरिक है। उसका जन्म यूएई में हुआ था; उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई नागरिक हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, उसके पास किसी अन्य देश की दोहरी नागरिकता नहीं है।
उसने फ्लाईदुबई के साथ केवल आठ महीने पहले ही काम शुरू किया था, जबकि इससे पहले वह मोरक्को की राष्ट्रीय एयरलाइन रॉयल एयर मारोक के लिए उड़ान भर चुका था।
सऊदी अरब के तबूक में विमान की आपात लैंडिंग के बाद उसे हिरासत में लेकर यूएई को सौंप दिया गया है, जहां वह आतंकवाद की धाराओं में जांच का सामना कर रहा है।

