10 अक्टूबर का इतिहास

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10 अक्टूबर का इतिहास

  • 1756 – ब्रिटिश गवर्नर जनरल रॉबर्ट क्लाइव ने कलकत्ता पर पुन: कब्जे के लिए मद्रास से कूच किया।
  • 1893 – पहली कार नंबर प्लेट पेरिस, फ्रांस में दिखाई दिखाई गयी।
  • 1902 – कन्नड़ भाषा के विख्यात साहित्यकार के शिवराम कारंत का जन्म हुआ।n
  • 1906 – भारतीय उपन्यासकार आर. के. नारायण का जन्म हुआ।
  • 1910 – वाराणसी में मदन मोहन मालवीय की अध्यक्षता में प्रथम अखिल भारतीय हिन्दी सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
  • 1924 – भारत के प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह का जन्म हुआ।
  • 1942सोवियत संघ ने आस्ट्रेलिया के साथ अपने राजनयिक संबंध की शुरुआत की।
  • 1954 – बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा का जन्म हुआ।
  • 1956 – ग्रीष्मकालीन ओलंपिक मेलबोर्न ऑस्ट्रेलिया में शुरू हुआ।
  • 1969 – अमरीकी फुटबॉल में ग्रीन बे पैकर्स के मशहूर क्वार्टरबैक ब्रैट फार्व का जन्म हुआ।
  • 1971 – अमेरिका के एरिजोना के लेक हवासु शहर में लंदन ब्रिज को पुनर्निर्मित किया गया। इसे ब्रिटेन से ख़रीदकर तोड़कर अमेरिका लाया गया था।
  • 1978 – रोहिणी खादिलकर राष्ट्रीय चेस प्रतियोगिता जीतने वाली प्रथम महिला बनी।
  • 1981 – जासूस इंस्पेक्टर एलेक्जेंड्रा ड्रेक के माता-पिता लंदन में एक कार विस्फोट में मारे गए।
  • 1990 – अमेरिका का 67वां मानव अंतरिक्ष मिशन डिस्कवरी 11 अंतरिक्ष से लौटा।
  • 1991 – भारत ने विश्व कैरम प्रतियोगिता का टीम खिताब जीता।
  • 2001 – बांग्लादेश में ख़ालिदा जिया ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
  • 2003 – भारत ने इस्रायल रूस के साथ एवाक्स निर्माण के लिए समझौता किया।
  • 2004 – ऑस्ट्रेलिया के संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री जान हावर्ड की भारी जीत।
  • 2008 – निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
  • 2014 – भारत के कैलाश सत्यार्थी को नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गयी।
  • 2000 – श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री सिरीमाओ भंडारनायके का निधन हुआ।
  • 2011 – पद्मभूषण ग़ज़ल सम्राट जगजीत सिंह का सोमवार को मुंबई के लीलावती अस्पताल में निधन हो गया।
  • 2015 – दक्षिण भारतीय सिनेमा की मशहूर हास्य अभिनेत्री मनोरमा (तमिल अभिनेत्री) का निधन हुआ।

 

9 अक्टूबर का इतिहास

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9 अक्टूबर का इतिहास

  • 1624शाहजहाँ और मुमताज़ महल (नूरजहाँ) का सबसे छोटा पुत्र मुराद बख़्श का जन्म हुआ।
  • 1708स्वीडन और रूस की विश्व विख्यात लड़ाई जिसे डिनाइपर के नाम से जाना जाता है, उसकी स्वीडन की पराजय के साथ समाप्त हुई।
  • 1776 – अमेरिकी संसद ने आधिकारिक तौर पर देश का नाम यूनाइटेट कॉलोनीज से बदलकर संयुक्त राज्य अमेरिका किया।
  • 1855 – अमेरिकी आविष्कारक इसहाक सिंगर ने सिलाई मशीन मोटर का पेटेंट कराया।
  • 1865अमेरिका के पेंसिलवेनिया में तेल के लिए भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई थी।
  • 1874 – स्विट्जरलैंड के बर्न में वर्ल्ड पोस्टल यूनियन की स्थापना की गई।
  • 1877 – प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार, कवि, साहित्यकार तथा उड़ीसा के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता गोपबंधु दास का जन्म हुआ।
  • 1888 – अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति जार्ज वाशिंगटन की याद में बनाये गये वाशिंगटन स्मारक को जनता के लिए पहली बार खोला गया।
  • 1914 – प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी की सेना ने बेल्जियम के एंटवर्प पर कब्जा किया।
  • 1930 – अमेरिका में पहली महिला पायलट लॉरा इंगल्स अकेले अंतरमहाद्वीपीय उड़ान को पूरा करके कैलिफोर्निया के ग्लेनडेल में उतरी।
  • 1942 – स्वतंत्रता सेनानी बीबी अमर कौर ने लाहौर जेल गेट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्हें गिरफ्तार कर अंबाला जेल भेजा गया।
  • 1945 – प्रसिद्ध भारतीय सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान का जन्म हुआ।
  • 1949 – स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर सी. राजगोपालाचारी ने आधिकारिक रूप से प्रादेशिक सेना का उद्घाटन किया।
  • 1954 – अफ्रीकी देश अल्जीरिया में भूकंप से 1400 लोग मरे।
  • 1988 – पंजाब के स्वतंत्रता सेनानी सैफ़ुद्दीन किचलू का निधन हुआ।
  • 1998 – पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने इस्लामी शरीयत कानून को देश के सर्वाच्च कानून के रूप में अनुमोदित किया।
  • 2002 – भौतिकी का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के रैमण्ड डेविस और जापान के कोषिबा को संयुक्त रूप से देने की घोषणा की गई।
  • 2006 – गल ने यूट्यूब के अधिग्रहण की घोषणा की।
  • 2006 – भारतीय राजनेता कांशीराम का निधन हुआ।
  • 2007 – चीन ने भारत पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया।
  • 2009 – अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने लूनर क्रेटर ऑब्जर्वेशन एंड सेंसिंग सेटेलाइट (एलसीआरओएसएस) को प्रक्षेपित किया।
  • 2012 – लड़कियों की शिक्षा के प्रचार में अहम भूमिका अदा करने वाली मलाला को तालिबान ने उस समय गोली मारी थी, जब वह स्कूल जा रही थीं।
  • 2015 – भारतीय हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध संगीतकार तथा गायक रवीन्द्र जैन का निधन हुआ।

 

8 अक्टूबर का इतिहास

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8 अक्टूबर का इतिहास

  • 1844 – प्रसिद्ध वकील, न्यायाधीश और नेता बदरुद्दीन तैयब जी का जन्म हुआ।
  • 1871 – आज के दिन अमेरिका के शिकागो शहर में भयंकर आग लगी थी। कहा जाता है कि शिकागो के एक परिवार पैट्रिक और कैथरीन ओलियरी की गाय से बाड़े में उसके पास रखी लालटेन को ठोकर लगी और उससे आग लग गई.
  • 1926 – बालीवुड अभिनेता राजकुमार का जन्म हुआ।
  • 1932 – भारतीय वायुसेना का गठन हुआ।
  • 1936 – हिंदी के प्रसिद्ध कथाकार एवं उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद का निधन हुआ।
  • 1965 – लंदन की 481 फुट ऊँची डाकघर मीनार को खोला गया। यह इंग्लैंड की उस समय की सबसे ऊँची इमारत थी।
  • 1967 – बोलिविया में चो गुवारा और उनके दल के लोग पकड़े गए।
  • 1970 – सोवियत संघ के लेखक एलैकजेंडर सोल्जनित्सन को नोबेल पुरस्कार मिला।
  • 1979 – संपूर्ण क्रांति के प्रणेता और स्वतंत्रता सेनानी जयप्रकाश नारायण का निधन हुआ।
  • 1990 – भारतीय राजनीतिज्ञ, लेखक, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी कमलापति त्रिपाठी का निधन हुआ।
  • 1996 – कनाडा की राजधानी ओटावा में 1996 आयोजित सम्मेलन में लगभग 50 देश बारूदी सुरंगों पर विश्वव्यापी प्रतिबंध लगाने पर सहमत हुए।
  • 1998 – भारत फ्लाइट सेफ्टी फाउंडेशन का सदस्य बना।
  • 2000 – वोजोस्लाव कोस्तुनिका यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति बने।
  • 2001 –इटली के मिलान हवाई अड्डे पर दो विमानों की टक्कर 114 लोगों की मौत।
  • 2002 – पाकिस्तान ने शाहीन मिसाइल का पुनः परीक्षण किया।
  • 2003 – टोक्यो में आयोजित मिस इंटरनेशनल प्रतियोगिता में मिस वेनेजुएला गोजेदोर एजुआ ने खिताब पर कब्जा जमाया।
  • 2003ईरान की शिरीन इबादी को नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की।
  • 2004 – भारतीय गेहूं पर मौनसेंटो का पेटेन्ट रद्द।
  • 2004 – केन्या के पर्यावरणविद वांगरी मथाई को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया।
  • 2005 – कश्मीर में भूकंप से हजारों लोगों की मौत।
  • 2007बांग्लादेश के पूर्व गृहमंत्री मोहम्मद नसीम को 13 साल क़ैद की सज़ा हुई।

7 अक्टूबर का इतिहास

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7 अक्टूबर का इतिहास

  • 1586 – ग़ल सेना ने कश्मीर में प्रवेश किया।
  • 1708 – सिक्खों के गुरु गोविंद सिंह का निधन हुआ।
  • 1737 – बंगाल में 20 हजार छोटे जहाज के समुद्र में 40 फुट नीचे डूबने से तीन लाख लोगों की मौत।
  • 1840 – विलेम द्वितीय नीदरलैंड का राजा बना।
  • 1868 – अमेरिका में कोर्नोल विश्वविद्यालय खुला। इसमें 412 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ था, जो उस समय की सबसे बड़ी संख्या थी।
  • 1891 – स्वतंत्रता सेनानी तथा महात्मा गाँधी के निकट सहयोगी नरहरि पारिख का जन्म हुआ।
  • 1919 – गांधीजी की ‘नवजीवन पत्रिका प्रकाशित।
  • 1922 – प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बली राम भगत का जन्म हुआ।
  • 1924 – प्रसिद्ध कवि एवं आलोचक विजयदेव नारायण साही का जन्म हुआ।
  • 1940 – द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक व्यापक सैन्य कार्रवाई में रोमानिया जर्मनी के नियंत्रण में चला गया।
  • 1942 – अमेरिका और ब्रिटिश सरकार ने संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की घोषणा की।
  • 1949 – पूर्वी जर्मनी, डेमोक्रेटिक सरकार के अस्तित्व में आने के साथ एक अलग देश बना।
  • 1950 – चीन में कम्युनिस्ट शासन की स्थापना के एक वर्ष बाद इस देश की सेना ने तिब्बत पर आक्रमण कर के उसे अपने नियंत्रण में कर लिया।
  • 1950 – मदर टेरेसा ने कोलकाता में मिशनरीज ऑफ़ चैरिटी की स्थापना की थी।
  • 1952 – चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी बनी।
  • 1959 – सोवियत संघ के अंतरिक्ष यान लूनर-3 द्वारा चंद्रमा के छिपे हिस्से की तस्वीर ली गई।
  • 1971 – केरल के प्रसिद्ध राष्ट्रवादी नेता, स्वतन्त्रता सेनानी और समाज सुधारक के. केलप्पन का निधन हुआ।
  • 1978 – प्रसिद्ध भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी जहीर खान का जन्म हुआ।
  • 1992 – भारत में त्वरित कार्यवाइ बल का गठन किया गया था। इसका गठन विशेष रूप से सांप्रदायिक दंगों से सहानुभूति पूर्वक और विशेषज्ञतापूर्वक निबटने के लिए हुआ था। प्रकृतिक आपदाओं से निबटने में भी यह बल नागरिक प्रशासन की मदद करता है।
  • 1997 – सूर्य बहादुर थापा द्वारा नेपाल के नये प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण, भारत और रूस सुरक्षा सहयोग 2010 तक बढ़ाने के लिए सहमत।
  • 2000 – डब्ल्यूडब्ल्यूएफ – इंडिया ने पहला राजीव गांधी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार हासिल किया।
  • 2000 – जापान में मानव क्लोनिंग दंडनीय अपराध घोषित किया।
  • 2001 – आतंकवाद के ख़िलाफ़ अमेरिका का ऑपरेशन ‘एड्योरिंग फ़्रीडम’ शुरू हुआ।
  • 2003 पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ़ ने कट्टरपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान जारी रखने की घोषणा की।
  • 2004जर्मनी ने सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी का समर्थन किया।

6 अक्टूबर का इतिहास

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6 अक्टूबर का इतिहास

  • 1582ग्रेगरी के पंचांग के लागू होने के कारण पोलैंड, स्पेन, इटली तथा पुर्तगाल में यह दिन रद्द किया गया। यानि इस साल ऐसा कोई दिन नहीं आया।
  • 1661सिक्खों के सातवें गुरु हरराय का निधन हुआ।
  • 1679 – मुग़ल वंश का 12वाँ बादशाह नेकसियर का जन्म हुआ।
  • 1683 – 13 जर्मन परिवार जर्मनी के क्रेफेल्ड से फिलाडेल्फिया आए थे। इस दिन हर साल जर्मन अमेरिकी दिवस मनाया जाता है।
  • 1862 – भारतीय दंड संहिता कानून पारित हुआ और एक जनवरी से लागू हुआ।
  • 1935 – भारत में 32 साल के सबसे लंबे समय तक अंपायरिंग करने वाले जीवन डी घोष का बंगाल में जन्म हुआ।
  • 1946 – प्रसिद्ध अभिनेता एवं राजनीतिज्ञ विनोद खन्ना का जन्म हुआ।
  • 1957 – सोवियत संघ ने नोवाया त्रेमल्या में परमाणु परीक्षण किया।
  • 1963 – पंजाब के स्वतंत्रता सेनानी और ग्रैंड ओल्ड मैन बाबा खड़क सिंह का निधन हुआ।
  • 1973 – इसी दिन इसरायल के ऊपर मिस्र और सीरिया के फ़ौजों ने दो तरफा हमला शुरू कर दिया था।
  • 1983 –  पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाया गया।
  • 1986राजस्थान के प्रसिद्ध क्रांतिकारी तथा समाज सेवक गोकुलभाई भट्ट का निधन हुआ।
  • 1995 – यूनेस्को ने वर्ष संयुक्त राष्ट्र सहिष्णुता वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा 1994 में की।
  • 1995 – दो स्विस वैज्ञानिकों ने पृथ्वी के सौर व्यवस्था के बाहर गृह की पहली बार पहचान की।
  • 1999 – संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण सम्मेलन ऑस्ट्रेलिया की राजधानी वियना में प्रारम्भ।
  • 2002नेपाल के नरेश ज्ञानेन्द्र वीर विक्रम शाह देव ने सत्ता नहीं संभालने की घोषणा की।
  • 2006 – संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान में शांति रक्षकों को बल प्रयोग का अधिकार दिया।
  • 2007 – राजनीतिज्ञ, महाराष्ट्र के 9वें मुख्यमंत्री बाबासाहेब भोसले का निधन हुआ।
  • 2012 – प्रसिद्ध भारतीय वकील, नेता एवं पश्चिम बंगाल के 19वें राज्यपाल बी सत्या नारायण रेड्डी का निधन हुआ।
  • 2014 – अमेरिकी अभिनेत्री मारियन सेल्डस का निधन हुआ।

5 अक्टूबर का इतिहास

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5 अक्टूबर का इतिहास

  • 1524 – भारतीय इतिहास की प्रसिद्ध वीरागंना रानियों में से एक रानी दुर्गावती का जन्म हुआ।
  • 1676 – ईस्ट इंडिया कंपनी को इंग्लैंड के राजा से मुंबई में भारतीय मुद्रा ढालने का अधिकार मिला।
  • 1793 – फ्रांसीसी क्रांति के दौरान फ्रांस में ईसाई धर्म विस्थापित हुआ।
  • 1796 – स्पेन ने इंग्लैंड के खिलाफ़ युद्ध की घोषणा की।
  • 1805 – भारत में ब्रिटिश राज के दूसरे गवर्नर जनरल व कमांडर इन चीफ लार्ड कार्नवालिस का गाजीपुर में निधन हुआ।
  • 1864 – कलकत्ता शहर में चक्रवात से लगभग 50,000 लोगों की मौत हुई।
  • 1890 – समाज सुधारक तथा स्वतंत्रता सेनानी किशोरी लाल मशरूवाला का जन्म हुआl
  • 1944 – फ्रांस में महिलाओं को मताधिकार मिला।
  • 1981 – हिन्दी जगत् के प्रमुख साहित्यकार भगवतीचरण वर्मा का निधन हुआ।
  • 1988 – ब्राजील की संविधान सभा ने संविधान को मंजूरी दी।
  • 1989मीरा साहिब बीवी सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज बनी।
  • 1989 – तिब्बत के 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो को मानवाधिकारों के क्षेत्र में कार्य के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिला।
  • 1997 – राजधानी कम्पाला से नील नदी को स्रोत जिन्जा में प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया, भारतीय टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेसतथा महेश भूपति ने जिम कूरियर तथा एलेक्स ब्रायन को पराजित कर ‘चाईना ओपन टेनिस टूर्नामेंट का ख़िताब जीता।
  • 1999 – भारत ने व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (सीटीबीटी) पर होने वाली विशेष बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया।
  • 2004पश्चिम एशिया पर अरब देशों के प्रस्ताव का अमेरिका ने विरोध किया।
  • 2011 – भारत में दुनिया का सबसे सस्ता 2250 रुपये का टैबलेट पीसी ‘आकाश जारी किया गया।
  • 2011भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि सरकार या उसके विभागों द्वारा किसी विशेष उद्देश्य से अधिगृहीत की गई जमीन का उपयोग नहीं बदला जा सकता है। न ही इस जमीन को निजी प्रयोग के लिए किसी व्यक्ति को या व्यवसायिक कंपनियों को दिया जा सकता है।
  • 2011 – एप्पल द्वारा सिर्फ बोलने से एसएमएसई-मेल करने में सक्षम आईफोन 4एस जारी किया गया।
  • 2011ऐपल के पूर्व मुख्य कार्यकारी और सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स का 56 वर्ष की आयु में निधन हो गया है।

4 अक्टूबर का इतिहास 

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4 अक्टूबर का इतिहास

  • 1824मेक्सिको एक गणराज्य बना।
  • 1830नीदरलैंड से अलग होकर बेल्जियम साम्राज्य बना।
  • 1857 – प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं लेखक श्यामजी कृष्ण वर्मा का जन्म हुआ।
  • 1884 – बीसवीं शताब्दी के हिन्दी के प्रमुख साहित्यकार रामचन्द्र शुक्ल का जन्म हुआ।
  • 1927 – ‘भारतीय प्रशासनिक सेवा’ में भारत की दूसरी महिला अधिकारी तथा मध्य प्रदेश की भूतपूर्व राज्यपाल सरला ग्रेवाल का जन्म हुआ।
  • 1931 – हिंदी और बांग्ला पार्श्व गायिका संध्या मुखोपाध्याय का जन्म हुआ।
  • 1957 – सोवियत संघ ने पहला उपग्रह स्पुतनिक सफलता पूर्वक अंतरिक्ष में भेजा था।
  • 1974 – भारत ने दक्षिण अफ्रिका की सरकार की रंभेदी नीति का प्रतिरोध करने के लिए वहाँ जाकर डेविस कप में भाग लेने से इनकार कर दिया।
  • 1977 – भारत के विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को हिंदी में संबोधित किया। हिंदी में दिया गया यह पहला संबोधन था।
  • 1996 – पाकिस्तान के 16 वर्षीय बल्लेबाज़ शाहिद अफ़रीदी ने एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच में 37 गेंदों में शतक बनाकर विश्व कीर्तिमान रचा।
  • 2002पाकिस्तान में शाहीन प्रक्षेपास्त्र का परीक्षण किया गया।
  • 2006जूलियन असांजे ने विकीलीक्स की स्थापना की थी।
  • 2008 – अमेरिका की विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस एक दिन के लिए भारत यात्रा पर रहीं।
  • 2011 अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) के मुखिया अबू बकर अल बगदादी को वैश्विक आतंकवादी के रूप में चिन्हित किया और साथ ही उस पर एक करोड़ डॉलर का ईनाम भी रखा।
  • 2011 अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई की भारत यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ हुई बैठक में सामरिक मामले, खनिज संपदा की साझेदारी और तेल और गैस की खोज पर साझेदारी संबंधी तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
  • 2011 – सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में मंगलवार को शिक्षा मंत्रालय के समीप हुए एक आत्मघाती कार बम विस्फोट में कम से कम 65 लोग मारे गए।
  • 2011 – अलग तेलंगाना राज्य के लिए आंध्रप्रदेश में 22वें दिन भी हड़ताल जारी रही।
  • 2011 – दक्षिण पश्चिम पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के अख्तराबाद इलाके में शिया मुस्लिम समुदाय के 12 व्यक्तियों को हथियारबंद लोगों ने उनकी गाड़ी से उतारकर हत्या कर दी।
  • 2011 – भारतीय राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की यात्रा के दौरान भारत और स्विट्जरलैंड ने वित्तीय क्षेत्र में सहयोग के लिए द्विपक्षीय समझौता किया गया जिससे आयकर विभाग के बीच सहयोग बढने और स्विस बैंकों में भारतीयों के खातों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
  • 2011मैक्सिको के राष्ट्रीय मानव विज्ञान एवं इतिहास संस्थान ने उत्तर में स्थित दुरांगो प्रांत से प्राप्त मानवीय अस्थियों के आधार पर दावा किया है कि प्राचीन समय में यहां के आदिवासी नरभक्षी थे।
  • 2012 – चीन में आये भूस्खलन के बाद 19 लोग दबकर मरे।
  • 2015 – भारतीय फिल्म निर्देशक एवं निर्माता इदिदा नागेश्वर राव का निधन हुआ।

3 अक्टूबर का इतिहास

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3 अक्टूबर का इतिहास

  • 1657फ्रांसीसी सैनिकों ने मैड्रिक पर कब्जा किया।
  • 1735 – फ्रांस और छठे कैरल सम्राट ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • 1831मैसूर (अब मैसुरु) पर ब्रिटेन ने कब्जा किया।
  • 1863अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने अमेरिका में ‘थैंक्स गिविंग डे मनाए जाने की घोषणा की गई।
  • 1866इटली और ऑस्ट्रिया साम्राज्य के प्रतिनिधियों के बीच वियना समझौते पर हस्ताक्षर हुए। जिसके आधार पर ऑस्ट्रिया ने वेंनसी राज्य को इटली के हवाले कर दिया।
  • 1880 – पहले मराठी संगीत नाटक ‘संगीत शाकुन्ताल का पुणे में मंचन किया गया।
  • 1890 – उड़ीसा के समाजसेवी और सार्वजनिक कार्यकर्ता लक्ष्मी नारायण साहू का जन्म हुआ।
  • 1923 – भारत की पहली महिला स्नातक और पहली महिला फ़िजीशियन कादम्बिनी गांगुली का निधन हुआ।
  • 1949 – भारतीय फ़िल्म निर्देशक जे. पी. दत्ता का जन्म हुआ।
  • 1953 – प्रसिद्ध न्यायविद, अधिवक्ता और शिक्षाशास्त्री अल्लादि कृष्णास्वामी अय्यर का निधन हुआ।
  • 1953 – भारत के 45वें मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा का जन्म हुआ।
  • 1977 – पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
  • 1978कलकत्ता (अब कोलकाता) में पहला और दुनिया के दूसरे टेस्ट ट्यूब बेबी का जन्म हुआ।
  • 1984भारत की सबसे लंबी दूरी की ट्रेन हिमसागर एक्सप्रेस कन्याकुमारी से जम्मू तवी के लिए रवाना की गयी।
  • 1994 – भारत ने सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए औपचारिक रूप से अपना दावा पेश किया।
  • 1995चीन एवं इंग्लैंड के बीच हांगकांग के सुगम हस्तांतरण पर सहमति।
  • 1995 – पाकिस्तानी बल्लेबाज शाहिद अफरीदी ने एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच में 37 गेंदों में शतक बनाकर इतिहास रचा।
  • 2004लश्करतैयबा का राजनीतिक संगठन दो हिस्सों में बंटा।
  • 2007 – भारतीय लेखक एम.एन. विजयन का निधन हुआ।
  • 2008टाटा मोटर्स के चेयरमैन रतन टाटा ने सिंगूर से नैनो कार परियोजना अन्यत्र ले जाने की घोषणा की।
  • 2011अमेरिका में भ्रष्टाचार, वैश्विक उष्मण, गैरबराबरी आदि के विरुद्ध पिछले एक सप्ताह से ऑक्युपाइड वॉलस्ट्रीट आंदोलन चला रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्यवाई की गई एवं 700 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
  • 2011 – विश्व के चौथी वरीयता प्राप्त ब्रितानी टेनिस खिलाड़ी एंडी मरे ने अमेरिका के डोनल्ड यंग को हराकर एटीपी थाईलैंड ओपन का एकल खिताब जीत लिया है।

 

भारत के वे स्थान जहां दशहरा पर होती है रावण की पूजा!!!

दशहरा यानी विजयादशमी एक ऐसा दिन जब वैसे तो पूरे देश में रावण का दहन किया जाता रहा है, लेकिन देश के कुछ हिस्से ऐसे भी है जहाँ इस दिन रावण की पूजा करने का रिवाज़ हैं। ऐसा करने के पीछे उनके पास अपनी अपनी मान्यताएं हैं।

मंदसौर, मध्य प्रदेश

मंदसौर मध्य प्रदेश-राजस्थान की सीमा पर स्थित है। रामायण के अनुसार, मंदसौर रावण की पत्नी मंडोडरी का पैतृक घर था और इसीलिए रावण को मंदसौर के लोग दामाद मानते है। इसलिए वहाँ रावण की पूजा और सम्मान अद्वितीय ज्ञानी और भगवान शिव के भक्त के रूप में होती है । इस जगह में रावण की 35 फुट लंबी मूर्ति है। दशहरा पर, गाँव के लोग रावण की मौत पर शोक करते हैं और प्रार्थना करते हैं।

बिसरख, उत्तर प्रदेश

बिसरख को अपना नाम ऋषि विश्वरा के नाम पर मिला है – जो दानव राजा रावण के पिता थे । बिसरख में रावण का जन्म हुआ था और उन्हें यहां महा-ब्राह्मण माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि विश्वा ने बिसरख में एक स्वयंभू (स्वयं प्रकट) शिव लिंग की खोज की थी और तब से स्थानीय लोग ऋषि विश्वरा और रावण के सम्मान के रूप में उनकी पूजा करते है। बिसरख में, लोग नवरात्रि उत्सव के दौरान रावण की मृत आत्मा के लिए यज्ञ और शांति प्रार्थना करते हैं।

गडचिरोली, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र गडचिरोली की गोंड जनजाति रावण और उनके पुत्र मेघनादा की देवताओं के रूप में पूजा करती हैं। गोंड जनजातियों के अनुसार, रावण को वाल्मीकि रामायण में कभी भी बुरा नहीं दिखाया गया था और ऋषि वाल्मीकि ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि रावण ने कुछ भी गलत नहीं किया था और ना ही सीता को बदनाम किया था । यह तुलसीदास रामायण में ही था कि रावण एक क्रूर और शैतानी राजा था।

काँगड़ा, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा के खूबसूरत जिले में भी रावण दहन की प्रथा को मनाया नहीं जाता । पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण ने भगवान शिव को बैजनाथ, कांगड़ा में ही अपनी भक्ति और तपस्या के साथ प्रसन्न किया था । ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने उन्हें यहां ही वरदान दिया था। इसीलिए यहाँ रावण को भगवान शिव के महान भक्त के रूप में सम्मानित किया जाता है।

मांड्या और कोलर, कर्नाटका

भगवान शिव के कई मंदिर हैं जहां रावण की भगवान शिव के लिए उनकी अतुलनीय भक्ति के लिए पूजा की जाती है। फसल के त्यौहार के दौरान कर्नाटक के कोलार जिले के लोगों द्वारा लंकादिपति रावण की पूजा की जाती है। एक जुलूस में, भगवान शिव की मूर्ति के साथ, रावण के दस-सर वाले (दशानन) और बीस सशस्त्र मूर्तियों की भी स्थानीय लोगों द्वारा पूजा की जाती है। इसी प्रकार, कर्नाटक के मंड्या जिले में मलावल्ली तालुका में, भगवान शिव के लिए अपने समर्पण का सम्मान करने के लिए हिंदू भक्तों द्वारा रावण के एक मंदिर में उनकी पूजा की जाती है।

जोधपुर, राजस्थान

कहा जाता है कि राजस्थान के जोधपुर के मौदगील में ब्राह्मण रावण के विवाह के दौरान लंका से आए थे। मंडोडरी और रावण का विवाह किण चनवारी में हुआ था। जोधपुर के मौडिल ब्राह्मणों द्वारा हिंदू अनुष्ठानों के अनुसार लंकेश्वर रावण की प्रतिमाओं को जलाने के बजाय, श्राध और पिंड दान किया जाता है क्यूंकि वह खुद को उनके वंशजों मानते है ।

कर्नाटक – कोलार 

कर्नाटक में कुछ ग्रामीण इलाकों में दशहरा पर रावण की पूजा की जाती है। यहाँ के लोग रावण को विद्या और ज्ञान का प्रतीक मानते हैं। रावण के प्रतीक पुतले को सजाया जाता है और उसे देवी-देवताओं के समक्ष सम्मानपूर्वक स्थापित किया जाता है। यह परंपरा यह सिखाती है कि सभी पक्षों का सम्मान करना आवश्यक है, भले ही वह दुष्ट पात्र हो।

महाराष्ट्र – नागपुर 

महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में रावण को योग और विद्या का गुरु मानकर पूजा की जाती है। लोग मानते हैं कि रावण ने महर्षि ऋषियों से अनेक ज्ञान प्राप्त किया था। इसलिए, रावण का सम्मान कर उसका ज्ञान और वीरता याद किया जाता है।

उत्तराखंड 

उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में दशहरा पर रावण के सांकेतिक पूजन की परंपरा है। यह परंपरा स्थानीय देवी-देवताओं और पुरानी कथाओं से जुड़ी हुई है। ग्रामीण मानते हैं कि रावण की पूजा करने से शत्रु नष्ट नहीं होते बल्कि उनके साथ बुद्धिमानी से निपटना आता है

विजयादशमी : दशानन रावण के जीवन से सीखने योग्य बातें

आज विजयादशमी है। राम ने रावण को मारकर धरती को उसके अत्याचार से मुक्त कराया था। रावण अधर्म का प्रतीक था, पापी था, लेकिन ज्ञानी भी था। जिस तरह हम भगवान राम के जीवन की घटनाओं से सीखते हैं कि हमें अपनी जिंदगी में क्या करना चाहिए, वैसे ही रावण का जीवन सिखाता है कि हमें क्या-क्या नहीं करना चाहिए।

तो आज दशानन रावण के जीवन की 5 कहानियों से सीखें कि क्या गलतियां हमें नहीं करनी चाहिए।

मन की शांति सबसे बड़ा सुख है

रावण का मन शांत नहीं रहता था। संतुष्टि का भाव उसमें था ही नहीं। तीनों लोकों को जीतने के बाद भी रावण के मन में एक अशांति थी कि इतना शक्तिशाली होने के बाद भी कोई उसकी पूजा नहीं करता। नतीजतन उसने ऋषि-मुनियों को मारना शुरू कर दिया।

सारी दुनिया जीतने के बाद भी मन में एक असंतुष्टि थी कि लोग उसकी पूजा क्यों नहीं करते। जब रावण के अत्याचार बढ़ने लगे तो ऋषियों ने तप शुरू किए। यज्ञ और ज्यादा होने लगे। यज्ञ होने लगे तो रावण ने अपने अत्याचार और बढ़ा दिए। दुनियाभर में रावण का आतंक हो गया।

पूरी धरती परेशान हो गई। तब भगवान को उसे मारने के लिए अवतार लेना पड़ा। ये असंतुष्टि उसे पापके रास्ते पर ले गई और उसे अंतत: इसी असंतुष्टि के कारण मरना पड़ा। इसलिए हमेशा मन में संतुष्टि का भाव रखें। जो हमारे पास है, उसे स्वीकार करें।

बिना किसी की शक्ति का अनुमान किए चुनौती ना दें

रावण की नजर में सिर्फ वो खुद ही महान योद्धा था। वो हर किसी को युद्ध की चुनौती देता रहता था। ऐसे ही एक बार उसे वानरों के राज किष्किंधा के बारे में पता चला। वहां का राजा बाली काफी शक्तिशाली है ऐसा उसे पता चला। रावण ने बिना किसी विलंब के किष्किंधा का रूख किया।

रावण ने बाली को ललकारा, उस समय बाली अपने महल में नहीं था। उसका छोटा भाई सुग्रीव मौजूद था। सुग्रीव ने रावण से पूछा कि तुम कौन हो और क्यों बाली को पुकार रहे हो तो रावण ने जवाब दिया कि मैं बाली से युद्ध करना चाहता हूं या तो वो मुझसे युद्ध करे या फिर अपनी हार स्वीकार कर मेरी दासता स्वीकार करे।

सुग्रीव को रावण की इस बात पर हंसी आ गई। उसने कहा- महाराज बाली अभी संध्यापूजन के लिए समुद्र तट पर गए हैं।
कुछ ही देर में वो यहां चार समद्रों की परिक्रमा करके लौटेंगे। तब तुम्हारी इच्छा वैसे ही पूरी हो जाएगी।

रावण से रहा नहीं गया। उसने जैसे ही सुना कि बाली अभी पूजा करने समुद्र तट पर गया है, वो समुद्र किनारे पहुंच गया। बाली उस समय सूर्य को अर्घ्य दे रहा था, रावण ने पीछे से वार करने की कोशिश की, लेकिन बाली ने उसे पकड़ कर अपनी बाजू में दबा लिया। रावण छूटने की कोशिश करता रहा, लेकिन नहीं छूट पाया।

बाली ने चार समुद्र की परिक्रमा उसे अपनी कांख में दबाकर की। तब तक रावण को अपनी गलती का अहसास हो गया था कि उसने बिना बाली की ताकत का अंदाजा लगाए उस पर हमला करने की गलती कर दी।

जैसे ही बाली ने उसे छोड़कर पूछा कि बता तू क्या चाहता है, तो युद्ध करने की इच्छा से आए रावण ने बाली को मित्रता का प्रस्ताव दिया। रावण की ये गलती सिखाती है कि किसी की ताकत और कमजोरी को समझे बिना उसे चुनौती नहीं देनी चाहिए। इससे हमारी हार ही होती है।

अगर सही सलाह मिले तो उसे स्वीकार करें

वाल्मीकि रामायण का एक प्रसंग है। जब राम से शादी करने की जिद कर रही शूर्पणखा के नाक लक्ष्मण ने काट दिए तो वो अपने भाई रावण के पास पहुंची। उसने रावण को बताया कि उसके राज्य में कोई संन्यासी है, जो उसके लिए घातक हो सकता है। रावण तुरंत अपने रथ पर बैठकर निकल गया। वो सीधा अपने मामा मारिच के पास पहुंचा।

उसने मारिच से कहा कि उसके राज्य में कोई दो संन्यासी घुस आए हैं, उन्हें मारना है। मारिच एक बार पहले राम से युद्ध कर चुका था, राम ने घास के तिनके को तीर बनाकर छोड़ा ‘ और मारिच समुद्र पार जाकर गिरा था। मारिच ने रावण को समझाया कि राम से युद्ध करना उसके हित में नहीं है।

वो लौट जाए। रावण मान गया। वो फिर लौटकर अपने महल में आ गया। शूर्पणखा को जब पता चला कि रावण ने राम से बदला लेने का विचार त्याग दिया है तो उसने फिर जाकर रावण को बोलै कि वन में जो दो संन्यासी हैं, उनके साथ एक बड़ी सुंदर सी स्त्री भी है, जिसे रावण के पास होना चाहिए क्योंकि उसके जैसी कोई और सुंदर महिला संसार में नहीं है।

सीता की सुंदरता के बारे में सुनकर रावण ने सीता के हरण की योजना बनाई। वो फिर मारिच के पास पहुंचा। मारिच ने उसे फिर वही सलाह दी कि राम कोई सामान्य संन्यासी नहीं है, अवतारी पुरुष हैं।

उनसे दुश्मनी ना लें, लेकिन इस बार रावण नहीं माना और मारिच से कहा कि अगर वो सीता के हरण में उसकी सहायता नहीं करेगा तो उसे मार दिया जाएगा। मारिच ने सोचा, रावण के हाथ से मरने से बेहतर है, राम के हाथों मारा जाऊं। फिर मारिच ने स्वर्ण मृग बनने की योजना बनाई।

ये सीता हरण ही रावण के पूरे वंश का नाश का कारण बन गया। इस पूरे प्रसंग से सीख सकते हैं कि अगर कोई सही सलाह मिले तो उसे मानें, अपनी जिद और लालच में उस सलाह को ना ठुकराएं। ये आपके लिए भारी नुकसान का कारण बन सकता है।

रिश्ते अधिकार से नहीं चलते, समर्पण से टिकते हैं

वाल्मीकि रामायण कहती है, रावण के पास पुष्पक विमान तो था ही, जो उसने अपने भाई कुबेर से छीना था। इसके साथ ही रावण के पास एक दिव्य रथ भी था। रावण ने तीनों लोकों को इसी रथ पर बैठकर जीता था।

रावण जहां भी जाता वहां से राजकूमारियों, रानियों और अन्य सुंदर औरतों को उठाकर अपने महल में ले आता था। रावण के महल में करीब 10 हजार ऐसी औरतें थीं, जिन्हें वो अलग-अलग राज्यों से अपहरण करके लाया था।

रावण एक बार ऐसे ही लंका में सैंकडों महिलाओं को जीत कर ले आया। तब विभीषण ने रावण को बताया कि तुम अपने बल के अभिमान में कितनी औरतों को उनके पति और पिता को मार कर उठा लाए। तुम्हारे इन्हीं पापकर्मों का परिणाम हमारे परिवार को भुगतना पड़ रहा है।

रावण ने पूछा – ऐसा क्या हो गया जो तुम मुझसे इस तरह की बातें कर रहे हो। विभीषण ने जवाब दिया – तुम विश्वविजय के लिए निकले थे, दूसरे राजाओं के परिवार की औरतें लाने में व्यस्त थे, तब एक राक्षस ने हमारे राज्य पर हमला कर दिया। वो हमारी मौसी की बेटी, हमारी बहन को उठाकर ले गया। तुम दुनिया के साथ जो कर रहे थे. वो हमारे ही परिवार के साथ घट गया।

रावण को अपनी गलती का एहसास हुआ। वो अपनी बहन को बचाने निकला, लेकिन तब तक उसकी बहन ने उस राक्षस को अपना पति मान कर शादी कर ली।

ये कहानी सिखाती है कि हम दुनिया को जो देते हैं, वो ही लौटकर हमारे पास आता है। इसलिए, संसार में रहकर अच्छे काम करें। आप अच्छा करेंगे तो आपके साथ भी अच्छा ही होगा।

आप दुनिया के साथ जो करते हैं, वो आपके साथ भी होगा

रावण परम शिव भक्त था। भगवान शिव को उसने ऐसा प्रसन्न किया कि खुद भगवान शिव ने घोषित किया कि रावण उनका परमभक्त है। रावण ने खुद को शिव का सबसे बड़ा भक्त मान लिया। इस बात का उसे अहंकार हो गया।

एक दिन जब रावण सोने की लंका में बैठा था, तो उसे ख्याल आया कि उसके आराध्य भगवान शिव कैलाश पर्वत पर रहते हैं, जहां ना कोई भवन है ना कोई महल। रावण ने तय किया कि वो भगवान शिव को लंका में लेकर आएगा, ताकि वो उनके पास भी रह सके और भगवान भी सोने की लंका का वैभव भोग सके। रावण कैलाश पर्वत की ओर चल दिया।

उसने भगवान शिव को लंका ले जाने के लिए कैलाश पर्वत को उठाने की कोशिश की। एक हाथ कैलाश पर्वत के नीचे लगाया और उठाने लगा तो भगवान शिव ने अपने पैर के अंगूठे से पर्वत को दबा दिया। रावण का हाथ दब गया। वो कुछ कर नहीं पा रहा था।

तब उसने शिवतांडव स्तोत्र की रचना कर शिव को प्रसन्न किया। भगवान ने उसे समझाया कि वो अपनी भक्ति का अहंकार ना करे। अहंकार ही उसके विनाश का कारण हो सकता है। रावण ने रिश्तों में समर्पण से ज्यादा अधिकार पर जोर दिया, इसलिए उसे लगभग हर रिश्ते से हाथ धोना पड़ा।

भाई विभीषण छोड़ गया, कुंभकर्ण मारा गया, सारे बेटे मारेगए,पत्नियां अकेली रह गईं। रिश्तों में अधिकार की बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है, जबकि समर्पण रिश्तों को बचाता है।

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