पब्लिक फ्रिज जिसमें सिर्फ खाना ही नहीं बल्कि मिलते है जूते, किताबें और कपड़े!

ग्लोबल हंगर इंडेक्स के अनुसार भारत में 15.2% जनता को भरपेट खाना नहीं मिल पाता है. ऐसे में अगर अमीर लोगों के फ्रिज में पड़ा खाना जिसे वे अंततः कूड़े में फैंक देते हैं अगर एक पब्लिक फ्रिज में रख दिया जाए तो भूख की यह समस्या भारत से हमेशा के लिए मिट सकती है.

इस जीवनदायक आईडिया को साकार किया है आर्थोडेंटिस्ट डॉ. इसा फातिमा जैस्मीन ने. उन्होंने एक फ्रिज पब्लिक प्लेस में लगाया है जो हर समय खाने-पीने के सामान से भरा रहता है.

यह कोई आम फ्रिज नहीं है, यह ऐसी फ्रिज है जिससे कोई भी कुछ भी निकालकर खा सकता है। फ्रिज सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक खुला रहता है। इस फ्रिज की सुरक्षा के लिए एक गार्ड भी है।

चेन्नई के इलियट बीच पर रखा फ्रिज हजारों लाखों लोगों का पेट भरता है। अब आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर इस फ्रिज में खाना कौन रखता होगा तो आपको बता दें इसमें खाना रखने वाला कोई और नहीं बल्कि वहीं के लोग है। लोग ही फ्रिज में खाना रख जाते हैं, चाहे वो घर का बना हो या किसी रेस्‍टोरेंट से लाया गया हो।

कोई भी इंसान जो भूखा है वो फ्रिज खोल सकता है और इसमें रखी कोई भी चीज खा सकता है।

इस फ्रिज में सिर्फ खाना ही नहीं बल्कि किताबें, कपड़ें, खिलौने और जूते भी दान कर सकते हैं। फ्रिज से लगा एक शेल्‍फ भी है जिसमें इन सामानों को रखा जा सकता है और जिसे इसकी जरूरत हो वह इसे ले सकते हैं।

तो कैसा लगा आइडिया? क्यों न आप भी खाने और घरेलु सामान को कूड़ेदान में न फेंक कर किसी जरुरतमंद को दान करें. आखिर अपना ही देश तो है और इसके गरीबमुक्त समाज के निर्माण में क्यों न अपना योगदान दें?

जब KBC के सेट पर लेडी ने कहा “मेरे पति अभिषेक” ऐसा था बिग बी का रिएक्शन

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कौन बनेगा करोड़पति में आज अमिताभ बच्चन के सामने होंगी बिहार की नेहा।

आज केबीसी का ये चौथा एपिसोड प्रसारित होगा. अमिताभ बच्चन ने नेहा से कई सवाल पूछे जिनके जवाब सुनकर तो अमिताभ बच्चन चौंक गए. रिटायर बैंक मैनेजर की बहू की इस सफलता से पूरे परिवार में जश्न का माहौल है. हालांकि नेहा ने कितनी रकम जीती है इसका खुलासा तो एपीसोड देखने के बाद ही हो सकेगा.

नेहा बिहारशरीफ की रहने वाली है, और उनका ससुराल नवादा में है. केबीसी में चयन होने पर उनके मायके और और ससुराल के लोग काफी खुश हैं. ससुर अरुण कुमार पांडेय ने कहा कि हम लोग बहू की इस सफलता से बहुत खुश हैं.

नेहा के शोख अंदाज के कारण पूरा एपिसोड देखने लायक बताया जा रहा है. कई बार तो नेहा के जवाब सुनकर अमिताभ बच्चन भी चौंक गए हैं. कार्यक्रम के दौरान नेहा अमिताभ से कहती हैं कि उनके जेठ का नाम अमित है, तो जेठानी का नाम जया है.

इसपर अमिताभ नेहा से पूछते हैं कि आपके घर में और कितने लोग हैं जिनके नाम हमारे परिवार से मिलते जुलते हैं. इस बात का जो जवाब नेहा ने दिया उस पर अमिताभ चौंक गए.

नेहा ने बताया की मेरे पति का नाम अभिषेक है. इस बात को सुनकर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा.

 

इन देशों में कभी नहीं डूबता सूरज, जानिये क्या है वजह

प्रकृति के कुछ ऐसे नियम भी है जो लाखों-हज़ारों सालों से चलते आ रहे हैं। इनमें प्रमुख है रात और दिन. रात और दिन प्रकृति का ऐसा नियम है जिसमें दिन के बाद रात आती है और रात के बाद दिन. लेकिन कुछ ऐसी भी जगहें हैं जहाँ प्रकृति द्वारा बनाया गया यह नियम भी फेल हो जाता है.

जी हाँ दुनिया में ऐसी कुछ जगहें है जहाँ कभी सूर्य अस्त ही नहीं होता है. इस देशों में इतने बड़े बड़े दिन होते है कि यहां रात या अँधेरे का पता ही नहीं चलता. आइए जानें कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में.

आइसलैंड

icelandआइसलैंड उत्तर पश्चिमी यूरोप में उत्तरी अटलांटिक में ग्रीनलैंड और नार्वे के मध्य बसा एक खूबसूरत देश है. आइसलैंड में आपको सुंदर झरने, पहाड़, ज्वालामुखी, ग्लेशियर और प्रकृति के खूबसूरत नजारे सब का मन मोह लेते हैं. यहां की एक और खास बात यह है कि यहाँ रात को भी सूरज की रोशनी का आनंद लिया जा सकता है. आइसलैंड में मई से लेकर जून तक सूरज कभी नहीं डूबता है.

नॉर्वे

norwayनार्वे यूरोप महाद्वीप में स्थित एक खूबसूरत देश है. यहाँ भी कई स्थानों पर मई से लेकर जुलाई तक यानी पूरे 76 दिनों तक यहां रात को भी सूरज चमकता है. ऐसी रोमांचित जगहों का मजा लेने के लिए लोग दुनिया के हर कोने से यहाँ आते है. इसलिए नार्वे को ‘लैंड ऑफ द मिडनाइट सन’ नाम से भी जाना जाता है.  नॉर्वे के उत्तरी छोर पर मौजूद हेमरफेस्ट शहर में रात 12:40 पर सूरज डूबता है, और उसके 40 मिनट बाद उग जाता है।

अलास्का

alaskaअलास्का उत्तर अमेरिकी महाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी छोर में स्थित अमेरिकी का एक राज्य है. अलास्का के कुछ हिस्सों में भी मई से लेकर जुलाई अंत तक सूर्य नही छुपता है. अलास्का में सिर्फ मध्यरात्रि में करीब 51 मिनट के लिए सूर्य अस्त होता है और फिर से सूर्योदय हो जाता है.

स्‍वीडन

swedenस्‍वीडन, यूरोप महाद्वीप में स्थित एक खूबसूरत देश है. स्‍वीडन में भी करीब 100 दिनों तक यानि मई से लेकर अगस्त तक सूरज नहीं डूबता है.

फिनलैंड

finlandफिनलैंड एक खूबसूरत देश है. यहाँ का मौसम बहुत ही सुहावना और मनमोहक होता है. इसलिए यहाँ पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है. फिनलैंड में अधिकांश हिस्‍सों में गर्मी के दौरान यहां के लोगों को लगभग 73 दिनों अंधेरा नसीब नहीं होता है.

कनाडा

कनाडा के इनुविक और कुछ अन्य उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में, गर्मियों के दौरान लगभग 56 दिनों तक सूरज उगता है और केवल दिन होता है। इनविक के लोग इन 56 दिनों को एक उत्सव की तरह मनाते हैं। मछली पकड़ना और शिकार करना जुलाई के मध्य में ग्रेट नॉर्दर्न आर्ट्स के वार्षिक उत्सव में भाग लेना, टुंड्रा पर गोल्फ खेलना और मिडनाइट “सन फन रन” में हिस्सा लेना ये सब गतिविधियां गर्मियों के समय में आधी रात को शुरू होती हैं। इनविक उत्तर पश्चिमी कनाडाई शहर आर्कटिक सर्कल के उत्तर में दुनिया के एक छोटे से क्षेत्र का हिस्सा है। जो वर्तमान में “आधी रात का सूरज” के रूप में जाना जाता है।

एक्स्ट्रा टैलेंट के साथ बॉलीवुड सितारे

प्रतिभा की कोई सीमा नहीं है. विशेष रूप से बॉलीवुड में भारत के सबसे प्रतिभावान लोग हैं. अभिनय एक आसान काम नहीं है और उससे भी ज्यादा मुश्किल भारत के लोगों का मनोरंजन करना है. इसके लिए आपके पास निश्चित रूप से प्रतिभा होनी चाहिए.

खुशमिजाज लोग यह 9 गलतियाँ कभी नहीं करते

हम अपना बहुत समय खुश रहने वाले लोगों की आदतों और उनकी मानसिकता के बारे में जानने के लिए लगा देते हैं, लेकिन हम यह जानना भूल जाते हैं कि वह कौन-कौन सी गलतियाँ नहीं करते जिनसे वह खुश रहते हैं. यह हैं 9 ऐसी गलतियाँ जो खुश रहने वाले लोग कभी नहीं करते.

वह आलोचना नहीं करते

ज्यादातर खुश रहने वाले लोग किसी भी व्यक्ति की आलोचना करना पसंद नहीं करते. अगर उनको किसी के अच्छे के लिए आलोचना करनी भी है तो वह बहुत निम्र स्वभाव से उस व्यक्ति को समझाते हैं. खुश रहने वाले लोग हमेशा दूसरों का ख्याल रखते हैं और वह उनको दुखी नहीं करते.

वह अपने से दूसरों की तुलना नहीं करते

खुश रहने वाला व्यक्ति अपनी जिंदगी से हमेशा संतुष्ट रहता है. उनके पास जो कुछ भी होता है वह उसी के आभारी होते हैं और वह अपनी जीवनशैली को दूसरों की जीवनशैली से तुलना नहीं करते.

वे शिकायत नहीं करते

हर चीज के बारे में शिकायत करना एक ऐसा लक्ष्ण है जो आपका ध्यान उन चीजों पर केंद्रित करता है जो आपके पास नहीं हैं. आप अपनी जिंदगी में वह सब कुछ नहीं पा सकते जिसे पाने की आप में इच्छा है. खुशमिजाज लोग इस बात को जानते हैं कि हर बार शिकायत करते रहना किसी समस्या का हल नहीं है.

वे अतीत में नहीं रहते

अतीत में रहने वाले लोग अक्सर उदास ही रहते हैं. वह हर बार अपनी अतीत में हुई गलतियों के बारे में ही सोचते रहते हैं, लेकिन असल में यह समय की बर्बादी होती है. असल में जिंदगी का मुख्य लक्ष्य है कि सकरात्मक रहें और अपने बेहतर भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करें.

वे समय बर्बाद नहीं करते

खुशमिजाज लोग वर्तमान में रहते हैं और वर्तमान के हर पल को अच्छे से इस्तेमाल करते हैं.

वे दूसरों को बदलने की कोशिश नहीं करते

खुशमिजाज लोग अपने मित्रों को जैसे वो हैं वैसे ही स्वीकार करते हैं. वह उनको जबरदस्ती बदलने की कोशिश नहीं करते.

खुशमिजाज लोग व्यक्तिगत विकास की प्राथमिकताओं को नहीं भूलते

वे सिर्फ अपने सपनों के बारे में, अपने उदेश्यों के बारे में, अपनी दैनिक आदतों और अपने स्वास्थ्य के बारे में सोचते हैं. ऐसा करने से वह अपने जीवन के लक्ष्यों को पाते हैं.

वे लोगों के फैंसलों के बारे में चिंता नहीं करते

खुशमिजाज लोग इस बात की चिंता कभी नहीं करेंगे कि दूसरे लोग उनके बारे में क्या सोच रहे हैं? वह वही करते हैं जो वो चाहते हैं और वह दूसरे लोगों की पसंदगी और नापसंदगी के बारे में नहीं सोचते.

वह ज्यादा नहीं सोचते

खुश रहने वाले लोग यह जानते होते हैं कि ज्यादा सोचने से ही अवसाद, चिंता और तनाव जैसी समस्याएँ पैदा होती हैं. इसीलिए वह ज्यादा नहीं सोचते.

10 अविष्कार जो जल्दी ही आपकी लाइफ बदल कर रख देंगे!

हम विज्ञान और तकनीक के युग में जी रहे हैं. यहाँ हर रोज नए अविष्कार होते हैं. यहाँ पेश हैं कुछ अत्याधुनिक वैज्ञानिक अविष्कार जो आपके जीवन को बदल कर रख देंगे. इनमें से कुछ का तो यूज़ शुरू भी हो चुका है

शनि शिंगणापुर: बिना दरवाजे के घरों वाला अनोखा गांव!

आज के जमाने में कौन ऐसा घर बनाता है जिसमे दरवाजा ना लगा हो। लेकिन इस दुनिया में एक ऐसा गांव भी है जहां किसी भी घर में दरवाजे नही होते। इतना ही नहीं बल्कि खिड़कियों तक में भी दरवाजे नहीं लगाते।

शनि शिंगणापुर
बिना दरवाजों के घरों वाला यह गांव महाराष्ट्र में है जिसका नाम शनि शिंगणापुर है। यह गांव महाराष्ट्र में ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपने अनोखे घरों के लिए जाना जाता है।

इस गांव में रहने वाले लोग चाहे किसी भी धर्म के हों, लेकिन सभी के घरों में ऐसा ही है। और तो और यहां के लोगों को अपने सामान की भी चिंता नहीं रहती कि बिना दरवाजे के कोई घर में घुस कर चोरी कर ले क्योंकि यहां कोई चोरी होती ही नहीं।

शनि शिंगणापुर गांव के लोगों द्वारा घरों में दरवाजे ना लगवाने के पीछे का कारण यहां पर विराजमान शनि महाराज का होना है। लोगों का मानना है कि शनि महाराज ही उनके घरों की रक्षा करते हैं। शनि के कोप के चलते यहां कोई चोर फटकता तक नहीं। ऐसा यहां पर पिछले 350 सालों से चला आ रहा है।

यहां के निवासियों के मुताबिक आज से करीब 350 साल पहले इस गांव में जबरदस्त बरसात हुई थी जिसमें सभी घरों के दरवाजे बह गए। उसी बारिश के दौरान एक 5 फुट से भी बड़ी और 1 फुट चौड़ी काले पत्थर की शिला बहकर आई। यह शिला गांव के किनारे स्थित एक पेड़ के सहारे खड़ी हो गई। इसे गांव के चरवाहों ने देखा और वहां से हटाना चाहा तो इसमें से खून बहने लगा तो उसे वैसे ही छोड़ दिया।

इसके बाद शनि महाराज किसी सपने में आए कहा कि किसी भी घर में दरवाजा लगाने की जरूरत नहीं, यहां कोई डर नहीं। इसके बाद लोगों ने इसे भगवान शनि की प्रतिमा को पूजना शुरू कर दिया और मंदिर बना दिया।

माना जाता है कि शनि शिंगणापुर में शनि महाराज अब तक कई चमत्कार भी दिखा चुके हैं। शनि महाराज का पूरे गांव में पहरा रहता है तथा वे ही इनके घरों की रक्षा करते हैं।

देखें वीडियो में:

“ब्लू व्हेल”- Suicide गेम जिसमें ख़ुदकुशी करने पर बनते हैं विनर!!

‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ नाम की खतरनाक गेम लोगों की जान ले रही है. मेट्रो वेबसाइट के मुताबिक ‘ब्लू व्हेल’ के कारण रूस में अब तक 130 बच्चे खुदकुशी कर चुके है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर में अब तक करीब 200 से ज्यादा लोग “ब्लू व्हेल चैलेंज” खेलकर आत्महत्या कर चुके है  इनमें से अकेले रूस में ही 130 लोग मारे गये हैं जिनमे से ज्यादातर अवयस्क हैं. भारत, चीन, अमेरिका और पाकिस्तान समेत दुनिया के 19 देशों में भी इस गेम को खेल कर आत्महत्या करने या कोशिश करने के सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं.

पढ़ें: मोबाइल गेम का चैलेंज पूरा करने के लिए मुंबई के 14 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या!

यह गेम 25 साल के रूसी नागरिक  फिलिप बुडेकिन ने साल 2013 में बनाया था.  इस गेम को खेलकर सुसाइड का पहला केस रूस में साल 2015 में आया. इसके बाद फिलिप को जेल में डाल दिया गया. हालांकि, फिलिप का दावा है कि खुदकुशी करने वाले बायोलॉजिकल कचरा होते हैं और यह गेम समाज में सफाई के लिए बनाया गया है

सुसाइड गेम में हैं 50 टास्क

  • ‘द ब्लू व्हेल गेम’ में 50 दिन तक हर रोज टास्क बताए जाते हैं.
  • हर टास्क को पूरा करने पर बाजु पर एक कट लगाने के लिए कहा जाता है.
  • आखिर में व्हेल की आकृति उभरती है.
  • इसमें हाथ पर ब्लेड से एफ-57 उकेरकर फोटो भेजने को कहा जाता है.
  • इसके साथ ही सुबह 8 बजे उठकर हॉरर वीडियो या फिल्म देखने के लिए और क्यूरेटर को भेजने के लिए कहा जाता है.
  • हाथ की 3 नसों को काटकर उसकी फोटो क्यूरेटर को भेजनी होती है.
  • सुबह ऊंची से ऊंची छत पर जाने को कहा जाता है.
  • कागज पर व्हेल बनाकर क्यूरेटर को भेजना होता है.
  • व्हेल बनने के लिए तैयार होने पर अपने पैर में ‘यस’ उकेरना होता है. और नहीं तैयार होने पर अपने को चाकू से कई बार काटकर सजा देना होता है.
  • स्टेज चार में छत पर जाना होता है.
  • क्यूरेटर के द्वारा भेजी गई म्यूजिक को सुनना होता है.

49 टास्क पूरे करने के बाद…

  • 50वें दिन प्लेयर को किसी ऊंचे छत से कूदकर खुदकुशी कर विजेता बनने की बात कही जाती है.

केंद्र सरकार ने ऑनलाइन कंप्यूटर एवं मोबाइल गेम ‘‘ब्लूव्हेल चैलेंज’’ खेलने वाले बच्चों पर दुष्प्रभावों की शिकायत के बाद इस गेम पर रोक लगाते हुये प्रमुख सर्च इंजन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यह गेम डाउनलोड करने संबंधी लिंक हटाने को कहा है. इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सर्च इंजन गूगल इंडिया, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और याहू इंडिया के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप को ब्लूव्हेल चैलेंज गेम को डाउनलोड करने की सुविधा या इससे जुड़ा कोई लिंक अपने प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने को कहा है.

 

 

मोबाइल गेम का चैलेंज पूरा करने के लिए मुंबई के 14 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या!

मुंबई के अंधेरी ईस्ट में 9वीं में पढ़ने वाले 14 साल के मनप्रीत ने 6 मंजिला बिल्डिंग से कूदकर जान दे दी. आशंका जताई गयी है कि ब्लू व्हेल चैलेंज नाम की ख़तरनाक मोबाइल गेम का टास्क पूरा करने के लिए उसने यह कदम उठाया.

वह पिछले कुछ दिन से इसी गेम में व्यस्त था. इस गेम में 50 लेवल होते हैं और अंतिम लेवल का अंतिम टास्क जान देना होता है. देखें: “ब्लू व्हेल”- Suicide गेम जिसमें ख़ुदकुशी करने पर बनते हैं विनर!!

उसके दोस्तों के मुताबिक, मनप्रीत ने गूगल पर खुदकुशी के तरीके भी सर्च किए थे. मौत से पहले उसने रूस जाने की भी बात की थी, जहां उसे सीक्रेट ग्रुप के साथ गेम खेलनी था. इस खेल से जुड़ा भारत में खुदकुशी का ये पहला मामला है.

हालाँकि मनप्रीत के घरवालों का मानना है कि मनप्रीत सुसाइड गेम खेलने का आदि नहीं था और यह महज़ एक दुर्घटना थी. जबकि दोस्तों के अनुसार वह गेम खेल रहा था और इसके बारे में सोशल मीडिया पर फोटो आदि शेयर भी कर रहा था. उनके अनुसार मनप्रीत ने सुसाइड से ठीक पहले एक सेल्फी भी अपलोड की थी.

 

10 साल की रेप विक्टिम ने दिया बेटी को जन्म, मामा ने किया था यौन-शोषण

चंडीगढ़।। रेप की शिकार महज 10 साल की विक्टिम ने चंडीगढ़ के एक हॉस्पिटल में  बेटी को जन्म दिया है। वीरवार को सर्जरी से उसकी डिलिवरी कराई गई। अब लड़की और नवजात बेटी की हालत खतरे से बाहर है और उन्हें स्पेशल केयर में रखा गया है।

लड़की की डिलिवरी 35वें हफ्ते में कराई गई है, क्योंकि उसके पेट में पल रहे बच्चे का वजन 2.1 किलो से भी कम था। ऐसे में नॉर्मल डिलिवरी में जान जाने का खतरा था।

इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस घटना में लड़की के मामा ने उसका शारीरिक-शोषण किया था, जिससे वो प्रेग्नेंट हो गई। इसका पता तब चला जब उसके पेट में दर्द हुआ और उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया जहाँ पर पता चला कि उसके पेट में 3 महीने गर्भ था।

इसके बाद लड़की के परिवार ने गर्भपात के लिए जुलाई महीने में चंडीगढ़ कोर्ट में अर्जी लगाई, लेकिन अबॉर्शन की इजाजत नहीं मिली।

परिवार सुप्रीम कोर्ट भी गया, लेकिन 32 हफ्ते यानि 7 महीने की प्रेग्नेंसी होने के चलते इजाजत नहीं मिली। कानूनन 26 हफ्ते के बाद कोर्ट की इजाजत के बगैर अबॉर्शन गैरकानूनी है। इस अवधि के बाद एबॉर्शन करने पर माँ की जान जा सकती है.

हॉस्पिटल में लड़की काउंसलिंग हुई तो पता चला कि उसके साथ उसके मामा ने 6 से 7 बार रेप किया था.

लड़की आज भी इस बात से अनजान है कि उसने किसी बच्चे को जन्म दिया है. उसे बताया गया है कि उसके पेट में पथरी थी जिसका ऑपरेशन किया गया है.

नवजात को कुछ दिन तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी उसकी देखरेख करेगी, क्योंकि विक्टिम की फैमिली उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के हवाले कर चुकी है। इसलिए नवजात 2 महीने तक कमेटी के पास रहेगी।