WhatsApp में जुड़े ये नए फीचर्ज़, जानिये क्यों हैं खास?

फेसबुक लगातार WhatsApp में नए-नए फीचर्स जोड़ रहा है। मीडिया बंडलिंग और ऑल टाइप फाइल शेयरिंग फीचर के बाद अब व्हाट्सऐप में आएगा सबसे खास फीचर। इस नए फीचर के बाद आप व्हाट्सऐप में ही यूट्यूब चला सकेंगे।

जानिए व्हाट्सऐप के इन-ऐप यूट्यूब प्लेबैक फीचर के बारे में?

आप तो जानते ही है के आजकल व्हाट्सऐप का क्रेज दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। व्हाट्सऐप यूज़ करते वक्त आपने देखा होगा के कई बार आपके पास मैसेज में यूट्यूब के लिंक भी आए होंगे| लेकिन उन्हें प्ले करने के लिए आपको किसी ब्राउजर या यूट्यूब ऐप में ओपन करना पड़ता था लेकिन अब आप यूट्यूब लिंक को व्हाट्सऐप में ही ओपन कर पाएंगे।

यह फीचर iOS और एंड्राइड beta यूजर्स के लिए उपलब्ध किया जा रहा है| जल्द ही इसे आम यूजर्स के लिए भी जारी किया जा सकता है। एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर व्हाट्सऐप ऐप के 2.17.262 वर्जन और आईओएस ऐप के 2.17.40 वर्जन पर इस नए फीचर का इस्तेमाल किया जा सकता है।

WhatsApp ने सभी यूजर्स के लिए दो नए फीचर भी जारी किए हैं

एक तो यह है कि आप किसी भी टाइप की फाइल को व्हाट्सऐप पर शेयर कर सकेंगे। साथ ही एक से ज्यादा भेजे गए फोटोज अलग-अलग ना दिखकर एक साथ बंडल के रूप में दिखेंगे।

 

रामनाथ कोविंद: घासफूस की झोंपड़ी से राष्ट्रपति भवन तक का सफ़र

रामनाथ कोविंदपेशे से वकील, दृष्टिकोण से हिंदू विचारक, राजनीतिक संबद्धता से समर्पित भाजपा नेता, जाति से एक दलित नेता श्री रामनाथ कोविंद की जीवनी किसी गाथा से कम नहीं है.

रामनाथ कोविंद का जन्म कानपुर देहात की डेरापुर तहसील के गांव परौंख में 1 अक्टूबर 1945 को हुआ. उनके पिता मैकू लाल एक किसान थे जबकि उनकी माता का नाम कलावती देवी था. श्री कोविन्द दलित समुदाय कोली से सम्बंधित हैं.

उनका बचपन घोर गरीबी में बीता. घर के नाम पर उनके पास घास-फूस की बनी एक झोंपड़ी थी. बरसात के दिनों में यह बुरी तरह से टपकती थी. बारिश होने पर फूस की छत पानी को रोक नहीं पाती थी। वे सब भाई-बहन कमरे की दीवार से लग कर बारिश रुकने का इंतजार करते थे.

श्री कोविंद ने कानपुर से हाई-स्कूल और कॉमर्स में ग्रेजुएशन की. बाद में उन्होंने LLB की. वकालत की डिग्री लेने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की.  वकालत चल निकली. 1971 में बार कौंसिल ऑफ़ इंडिया में रजिस्टर्ड हुए. वह 1977 से 1979 तक दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील रहे. फिर सन 1980 से 1993 सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील रहे. इस दौरान सन 1977-78 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव भी रहे .

कोविंद 1998 से 2002 तक बीजेपी दलित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं. वह ऑल इंडिया कोली समाज के भी प्रेसिडेंट हैं. उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर भी सेवायें दी हैं. 8 अगस्त 2015 को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया था.

स्‍नातक की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने सिविल सर्विसेस परीक्षा दी. पहले और दूसरे प्रयास में नाकाम रहने के बाद तीसरी बार में उन्‍होंने कामयाबी हासिल की. कोविंद ने आईएएस जॉब इसलिए ठुकरा दिया क्‍योंकि मुख्‍य सेवा के बजाय उनका एलाइड सेवा में उनका चयन हुआ था. इसके बाद उन्होंने वकालत को पेशा चुना.

कोविंद वर्ष 1991 में बीजेपी में शामिल हुए. पार्टी के प्रवक्‍ता का पद भी उन्‍होंने संभाला है. कोविंद बीजेपी के दलित मोर्चे के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष का पद भी संभाल चुके हैं. कुष्‍ठ रोगियों के लिए काम करने वाली संस्‍था दिव्‍य प्रेम सेवा मिशन के कोविंद संरक्षक हैं.

1994 से 2006 तक श्री कोविंद राज्‍यसभा के सदस्य के रूप में बीजेपी का प्रतिनिधित्‍व कर चुके हैं. वर्ष 1994 में पहली बार राज्‍यसभा के लिए चुने गए थे. उनके परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं.

रामनाथ कोविंद बने भारत के 14वें राष्ट्रपति

Ram Nath Kovind राष्ट्रपतिरामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति होंगे। एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने यूपीए की प्रत्याशी मीरा कुमार को लगभग 3 लाख 34 हजार वोटों के अंतर से हराया। कोविंद को 65.65 फीसदी वोट मिले जबकि मीरा कुमार को 35.34 फीसदी वोट मिले।

कोविंद की जीत के बाद पीएम मोदी ने उनसे मिलकर बधाई दी। पीएम मोदी के साथ अमित शाह और अनंत कुमार भी मौजूद रहे।

देश के 14वें राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा है कि वह सर्वे भवन्तु सुखिनः की भावना से काम करेंगे। उन्होंने संविधान की रक्षा और मर्यादा बनाए रखने का भरोसा दिया। कोविंद ने संक्षिप्त और भावुक भाषण में मीरा कुमार को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और गरीबी में बिताए अपने बचपन को भी याद किया।

कोविंद ने कहा, ‘आज दिल्ली में सुबह से बारिश हो रही है। बारिश का मौसम मुझे बचपन के उन दिनों की याद दिलाता है जब मैं पैतृक गांव में रहता था। घर कच्चा था। मिट्टी की दीवारें थीं। बारिश के समय फूस की छत पानी को रोक नहीं पाती थी। हम सब भाई-बहन कमरे की दीवार से लग कर बारिश रुकने का इंतजार करते थे।

उन्होंने आगे कहा, “आज पता नहीं कितने ही रामनाथ कोविंद बारिश में भींग रहे होंगे। खेत में काम कर रहे होंगे, मजदूरी कर रहे होंगे, शाम को भोजन मिल जाए उसके लिए पसीना बहा रहे होंगे। मैं उन सभी से कहना चाहता हूं कि परौख गांव का यह रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन में उनका प्रतिनिधि बनकर जा रहा है।”

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सुपरमार्केट में करने लगा अजीब हरकतें, कमजोर दिल वाले न देखें यह CCTV फुटेज!!

मलेशिया की एक सुपरमार्केट में कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर लोग सन्न रह गये. सारा नजारा वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया.

सुपरमार्केट अजीब हरकतेंहुआ यह कि सुपरमार्केट स्टोर में  पहुंचा एक शख्स अचानक अजीबो-गरीब हरकतें करने लगा। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है इस व्यक्ति ने जैसे ही सामान निकालने के लिए अलमारी खोली उसे जैसे एक ऐसा झटका लगा जैसे कोई चीज उसके अंदर समा गई हो। इसके बाद उसका सारा शरीर कांपने लगा। साथ ही वह खुद से बातें करने लगा।

इस व्यक्ति की ऐसी हालत को देख कर वहां पर मौजूद सुपरमार्केट की कर्मचारी महिला और अन्य लोग डरकर भाग गए। कर्मचारी महिला शायद मदद  करे के लिए वापिस आई लेकिन व्यक्ति ने उसकी और इशारा करते हुए कुछ कहने की कोशिश की. यह देख कर वह महिला दोबारा भाग गयी.

फिर अचानक वह शख्स फर्श पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। जैसे ही वह बेसुध होकर गिरा, तभी शेल्फ पर से कुछ चीजें भी गिर पड़ी,  मानो किसी ने सेल्फ को धक्का मारा हो!!

लाइव लीक्स द्वारा पोस्ट किए गए इस वीडियो के साथ जानकारी भी दी गई है (पढ़ें) कि घटना में क्या हुआ और इसके बाद इस शख्श का क्या हुआ। यहां देखें वीडियो

पाकिस्तानी मीडिया में छपी 150 भारतीय सैनिकों की मौत की खबर, चीनी मीडिया ने डांटा

पाकिस्तानी मीडिया

चीन के सरकारी मीडिया ने पाकिस्तानी मीडिया की उन खबरों को ‘फर्जी ‘ बताकर खारिज कर दिया जिसमें दावा किया गया था कि सिक्किम सेक्टर में चीनी सेना द्वारा किए गए रॉकेट हमले में 150 से ज्यादा भारतीय सैनिक मारे गए।

मालूम हो कि पिछले एक महीने से भी लंबे समय से सिक्किम के पास डोकलाम सेक्टर में भारत और भूटान के साथ चीन का गतिरोध बना हुआ है। भारत और भूटान ने चीन द्वारा डोकलाम में सड़क बनाने पर आपत्ति जताई है। चीन इसे अपना बताकर यहां सड़क बनाना चाहता है।

इस पूरे विवाद के कारण भारत और चीन के बीच सीमा पर काफी तनाव है। ऐसे में पाकिस्तानी मीडिया भी मौके का फायदा उठाते हुए भारत के खिलाफ फर्जी खबरें बनाने में जुटी हुई है।

वेसे तो चीन और पाकिस्तान की काफी पक्की दोस्ती है, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया की इन फर्जी खबरों को चीन की ओर से भी समर्थन नहीं मिला है। चीनी मीडिया ने इन बेबुनियाद और फर्जी खबरों के लिए पाकिस्तानी मीडिया की आलोचना की है।

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र की मानें तो चीनी मीडिया ने ऐसी ‘निराधार’ खबरों के लिए पाकिस्तानी मीडिया की निंदा की है। पाकिस्तान के एक समाचार चैनल ने मंगलवार को दावा किया था कि चीनी सेना द्वारा भारतीय सीमा प्रतिष्ठानों पर किए गए रॉकेट हमले में कम से कम 150 भारतीय सैनिकों की मौत हो गई है। भारत ने पहले ही इन खबरों को निराधार बताकर खारिज कर दिया था।

भारत में स्थित चीनी दूतावास ने इन खबरों की आलोचना की है। कुछ पाकिस्तानी मीडिया संस्थानों ने दावा किया कि यह फर्जी खबर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर मौजूद अपुष्ट सूचना पर आधारित है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने बुधवार को अपनी एक खबर में पाकिस्तानी मीडिया की इन खबरों को ‘निराधार और फर्जी’ करार दिया है। चीनी अधिकारियों ने अब तक इन खबरों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है।

अखबार बेचने वाले ने खोजा “रोल बॉल” खेल

राजू दाभाडे, एक अखबार बांटने और बेचने उस शख्स का नाम है जिन्होंने अब अंतरराष्ट्रीय तौर पर प्रसिद्ध हो चुके “रोल बॉल” खेल का आविष्कार किया है। राजू दाभाडे रोलर स्केट्स को अखबारों को बांटने करने के लिए प्रयोग करते थे।

उन्होंने रोलर स्पीड स्केटिंग कैरियर से रिटायर होने के बाद, एक फिजिकल ट्रेनर के तौर पर काम किया।रोल बॉल

हालांकि, कॉम्पीटिशन वाली सोच को उन्होंने कभी नहीं छोड़ा. इसका नतीजा यह निकला कि उन्होंने एक ऐसे खेल का अविष्कार करने की सोची जिससे लोग ‘भारत के खेल के रूप में पहचान दिलाने का गौरव हासिल करने का अवसर प्रदान कराये”

पाकिस्तानी पिता ने बेटे के ऑपरेशन के बाद भारत के बारे में क्या कहा?

पाकिस्तान के 4 महीने के रोहान के दिल में छेद था। जब रोहान के माता-पिता को पता चला कि उसका इलाज पाकिस्तान में हो पाना नामुमकिन है तब उन्होंने भारत में इलाज कराने का प्लान बनाया। लेकिन भारत में मेडिकल वीजा पाना आसान नहीं था।

पिता कंवल सिद्दीकी ने इसके लिए सोशल मीडिया पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद मांगी और उनकी फरियाद तुरंत सुन ली गई। भारतीय विदेश मंत्री ने दो देशों के विवादों को दूर रखकर मानवीय धर्म को प्राथमिकता दी,जो खुद में एक मिसाल है।

इसके बाद, जून 2017 में रोहान को नोएडा के जेपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डॉ. आशुतोष मारवाह ने बच्चे की बीमारी के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा उसके दिल में छेद था और ह्रदय की बाईं तरफ रहने वाली अरोटा दाईं तरफ से आ रही थी। अरोटा और पल्मोनरी आर्टरीज को उन स्थान से हटाकर सही स्थान पर जोड़ा गया। 12 जून को हुई इस सर्जरी में करीब 5 घंटे का समय लगा।

डाक्टरों का कहना था कि रोहान का इलाज इतना आसान नहीं था. यह बीमारी 100 में से एक बच्चे को होती है. पाकिस्तानी पिता ने हमारे अस्पताल को चुना तो हमारी भी जिम्मेवारी थी कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ देते. किस्मत से हम ऐसा करने में कामयाब रहे. टीम ने पूरी मेहनत से इलाज किया।

जेपी हॉस्पिटल के शिशु ह्रदय रोग विभाग के निदेशक और वरिष्ठ सर्जन डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. आशुतोष मारवाह और उनकी टीम ने यह ऑपरेशन किया। आज रोहान पूरी तरह से दुरुस्त है और वह पाकिस्तान वापिस लौट रहा है।

भारत में बेटे के सफल इलाज के बाद रोहान के पिता कंवल रो पड़े और भारत का तहे दिल से शुक्रिया किया. अंत में उन्होंने कहा कि, दुश्मनी भुलाकर मानवता की मदद करना, यह सिर्फ भारत ही कर सकता है।

फेसबुक ने की चोर से अपनी साइकिल वापिस चुराने में मदद!

फेसबुक की मदद से चोरी हुई साइकिल का पता लगाने और वापिस पाने का मामला सामने आया है। वाकया लंदन का है, जहां जेनी मॉर्टन नाम की महिला को अपनी चोरी हो चुकी साइकिल फेसबुक के जरिए मिल गई।

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, ब्रिस्‍टल में रहने वाली जेनी मॉर्टन पेशे से साइकिलिस्‍ट हैं। वह कई साइकलिंग प्रतियोगिताओं में हिस्‍सा ले चुकी हैं। एक दिन उनकी पसंदीदा साइकिल किसी ने चुरा ली। जेनी ने फेसबुक पर अपनी चोरी गई साइकिल की तस्वीर शेयर की और लोगों से इसे ज्‍यादा से ज्‍यादा शेयर कराने की रिक्वेस्ट की ताकि किसी फेसबुक दोस्‍त को यदि यह साइकिल दिखे तो वह जेनी से संपर्क कर सके।

साइकिल के साथ जेनी मॉर्टनचोर को इस बात का बिल्‍कुल भी अंदाजा नहीं था। उसने साइकिल बेचने के लिए फेसबुक पर विज्ञापन दे दिया। संयोग से जेनी की साथी साइकिलिस्ट ने जब फेसबुक पर बेचने के लिए लगाई गई साइकिलों की खोज-पड़ताल की तो उन्हें वहां जेनी की साइकिल दिख गई।

इसके बाद दोनों ने बिक्रीकर्ता से वह साइकिल खरीदने की योजना बनाई। उन्होंने पुलिस से भी साइकिल खरीदने साथ चलने और इसे चुराने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करने का आग्रह किया, लेकिन पुलिस ने उनका अनुरोध ठुकरा दिया।

आखिर में जेनी मॉर्टन और उनकी सहेली ने खुद ही साइकिल बेचने का विज्ञापन देने वाले के साथ संपर्क किया और साइकिल खरीदने की बात कही। जेनी बताती हैं कि, वह जब उससे मिलने गई तो अपनी साइकिल तुरंत पहचान गईं।

उन्‍होंने बिक्रीकर्ता से कहा कि इस साइकिल की सीट थोड़ी ऊंची है। इसलिए खरीदने से पहले वह टेस्‍ट राइड करेंगी। बेचने वाले ने उन्हें साइकिल चलाकर देखने की इजाजत दे दी और महिला टेस्ट राइड के लिए निकली तो साइकिल लेकर सीधे घर चली आई।

चोर से साइकिल वापस हासिल करने के रोमांचक और मजेदार अनुभव को बयान करते हुए महिला ने बताया कि बेचने से पहले चोर ने साइकिल में हल्की-फुल्की खराबियों की मरम्मत भी करवा दी थी।

मौत के 123 दिन बाद महिला ने दिया जुड़वाँ बच्चों को जन्म!

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चमत्कार को नमस्कार है। चमत्कार तो होते ही ऐसे हैं जिन पर यकीन करना आसान नहीं होता। कुछ ऐसा ही डॉक्टरी चमत्कार ब्राजील में हुआ है जिसने सबको हैरानी में डाल दिया है. यह है एक मृत महिला का जुड़वाँ बच्चों को जन्म.

दरअसल दक्षिणी ब्राजील की एक 21 वर्षीय महिला की अक्तूबर 2016 में दिमागी आघात लगने के कारण ब्रेन डेड हो गयी थी. फ्रैंकलिन डीसिल्वा (Frankielen da Silva Zampoli Padilha) नामक यह महिला उस समय गर्भवती थी. डॉक्टर्स ने उसे सपोर्ट सिस्टम पर जीवित रखने का फैसला किया ताकि उसकी कोख में पल रह जुड़वाँ बच्चों को बचाया जा सकते. महिला को उस समय महज 9 सप्ताह यानि 2 माह का गर्भ था. औरत के ब्रेन डेड होने पर भी बच्चों के दिल धड़क रहे थे जिसे देखते हुए डॉक्टर्स और उसके पति ने यह फैसला लिया.

किसी भी ब्रेन डेड व्यक्ति को इतने लम्बे समय यानी 123 दिन तक जीवित रखने का भी यह रिकॉर्ड है. उस पर एक गर्भवती महिला को जीवित रखना और उसके जुड़वाँ बच्चों की सही सलामत डिलीवरी करवाना अपने आप में एक चमत्कार से कम नहीं है.

जुड़वां बच्चियां
फ्रैंकलिन की अपने पति और बड़ी बेटी के साथ एक पुरानी फोटो

डाक्टरों को उम्मीद नहीं थी कि महिला की मौत के बाद उसके गर्भ में पल रहे बच्चे जिंदा बच पायेंगे. लेकिन फिर भी डॉक्टरों ने अपनी तरफ से कोशिश जारी रखी और महिला को वेंटिलेटर पर रख दिया और बच्चों को जिंदा रखने की कोशिश की गई।

मौत के ठीक 123 दिनों के बाद महिला ने सिजेरियन से जुड़वाँ बच्चियों को जन्म दिया. हालाँकि यह एक प्री-मैच्योर डिलीवरी थी इसलिए बच्चियों को 3 महीने तक गहन-चिकित्सक देख-रेख में रखा गया. दोनों बच्चियां अब सामान्य हैं और अपनी नानी के पास रह रही हैं.

जुड़वाँ बच्चियां
फ्रैंकलिन की जुड़वां बच्चियां

मृतक महिला सिल्वा और उसका पति पिछले छह साल से साथ थे और उनकी पहले से दो साल की एक बेटी भी है। परिवार बच्चों को सही सलामत पाकर बेहद खुश है।

स्मार्टफोन की बैटरी खत्म करने वाले 10 Android Apps

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स्मार्टफोन की बैटरी को लेकर सभी लोगों को शिकायत रहती है। किसी को शिकायत है कि फोन की बैटरी 1 दिन चलती है तो किसी की आधा दिन| हम आपको बताते हैं के कि फोन की बैटरी को खाने वाली इन “Apps” की अहम भूमिका होती है|

आइए जानते हैं उन 10 Apps के बारे में जो आपके स्मार्टफोन की बैटरी की सबसे ज्यादा खपत करते हैं।

  1. इस लिस्ट में पहला नाम मशहूर गेम (Candy Crush Saga) कैंडी क्रश सागा का है। AVG के  मुताबिक यह ऐप सबसे ज्यादा बैटरी खपत करता है।

2. इस लिस्ट में दूसरा नाम (Pet Rescue Saga)पेट रेस्क्यू सागा का है। यह ऐप बैटरी के साथ-साथ स्टोरेज और डाटा को लेकर भी दिक्कत पैदा करता है।

3. तीसरा App ‘Clash of Clans’ है। यह एक मशहूर वॉर गेम ऐप है जो कुछ ही देर में बैटरी की जान ले लेता है।

4. इस लिस्ट में चौथे नंबर पर गूगल प्ले-सर्विस का भी नाम है। AVG के मुताबिक यह ऐप बैटरी, डाटा और स्टोरेज को खत्म करता है।

5. लिस्ट में 5वें नंबर पर देश का सबसे बड़ा फ्री क्लासिफाइड ऐप ओएलएक्स है।

6. छठे नंबर पर दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्किंग ऐप फेसुबक है। यह जब आपका लोकेशन ट्रैश करता है तब भी बैटरी खपत करता है।

7. इस लिस्ट में व्हॉट्सऐप भी 7वें नंबर पर है।

8वें नंबर पर सिक्योरिटी और एंटीवायरस वाले ऐप हैं जो आपके फोन के जंक फाइल हटाने और फोन को सिक्योर करने का दावा करते हैं। इनसे भी बैटरी जल्दी खत्म होती है|

9वें नंबर पर वेदर और क्लॉक विजेट वाले ऐप हैं जो बैटरी खत्म करते हैं।

10वें नंबर पर पोपुलर गेमिंग ऐप Solitaire है। बता दें कि यह लिस्ट एंटीवायरस सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी AVG ने जारी की है।

अब आप अपने स्मार्टफोन की बैटरी को खत्म होने से बचाने के लिए फालतू की Apps डिलीट कर सकते है और बिना शिकायत आप काफी देर तक अपने फ़ोन की बैटरी बचा सकते है. 🙂