केरल के तिरुवनंतपुरम में बना पद्मनाभस्वामी मंदिर बहुत ही पुराना मंदिर है। इस मंदिर की विशेष बात यह है कि, इस मंदिर में 6 रहस्यमई तहखानें हैं। आपको बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर इन 6 रहस्यमई तहखानों में से 5 तहखानों को तो खोल दिया गया है लेकिन, 1 दरवाजे को अभी तक नहीं खोला गया है। आखिर क्यों नहीं खोला गया आखिरी दरवाजा जानने के लिए पूरा पढ़ें।

मंदिर से मिला लाखों करोड़ों का खजाना
अब तक खुले मंदिर के पांच तहखानों में से कीमती पत्थर, सोना और चांदी आदि कुछ मिल चुका है। इस खजाने की कीमत लगभग एक लाख करोड़ रुपये तक की आंकी जा चुकी है। हालांकि कुछ इतिहासकारों का कहना है कि, इस खजाने के पुरातात्विक महत्व को ध्यान में रखा जाए, तो इसकी सही कीमत का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है।
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अब तो इस मंदिर को दुनिया का सबसे अमीर मंदिर भी माना जा रहा है। मंदिर के खजाने की बात करें तो सरकार ने साफ कह दिया है कि ये खजाना मंदिर का है और उसके पास ही रहेगा, सरकार केवल इस पर नज़र रखेगी।
आखिरी दरवाजे का रहस्य
आपको बता दें कि पहले पांच चेम्बर खोलने के बाद आखिरी चेम्बर ‘बी’ नहीं खुल स्का क्योंकि, इसका कुछ खास रहस्य है। चेम्बर ‘बी’ में तीन दरवाजे हैं, पहला दरवाजा लोहे की झड़ों से बना है।
दूसरा लकड़ी से बना एक भारी दरवाजा है, और अंतिम दरवाजा लोहे का बना बड़ा ही मजबूत है, जो की बंद पड़ा है, और उसे खोला नहीं जा सकता क्योंकि, उस पर लोहे के दो नाग बने हुए हैं, और उस पर एक चेतावनी भी लिखी हुई है कि, अगर इसे खोला गया तो अंजाम बहुत बुरा होगा।
शाप से है ग्रस्त आखिरी दरवाजा
आखिरी इस दरवाजे की एक और विशेष बात यह भी है कि, इस पर न तो ताले लगे हैं, और न ही कोई कुंडी। कहा जाता है कि इसे एक मंत्र से बंद किया गया था, जिसे अष्टनाग बंधन मंत्र कहते हैं।
माना जाता है कि, वह चेम्बर एक अनोखे शाप से ग्रस्त है। यदि कोई भी उस चेम्बर के दरवाजे तक जाने का प्रयास करता है तो, वह बीमार हो जाता है या उसकी मौत भी हो सकती है।
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