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	<title>लक्षद्वीप Archives - Interesting Facts, Information in Hindi - रोचक तथ्य</title>
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	<description>रोचक तथ्य और जानकारी हिन्दी में!</description>
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		<title>लक्षद्वीप का कायाकल्प और प्राकृतिक सौंदर्य को खतरा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mamta Bansal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Jun 2021 04:22:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[तकनीक]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्राकृतिक सौंदर्य]]></category>
		<category><![CDATA[लक्षद्वीप]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हमारे देश में जितने भी पर्यटन स्थल हैं, वे अधिकतर ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक हैं। इनमें विशाल किले, राजा महाराजा, नवाब, बादशाह, और शहंशाहों द्वारा बनवाए गए अनेक स्थल सदियों से आकर्षण का केंद्र रहे हैं। इसी तरह धार्मिक स्थल हैं जो पूरे देश में आस्था के प्रतीक और प्राचीन वास्तु कला के अद्वितीय भंडार [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>हमारे देश में जितने भी पर्यटन स्थल हैं, वे अधिकतर ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक हैं। इनमें विशाल <a href="https://fundabook.com/philosophers-stone-paras-pathar-kept-fort-genie-guard-amazing/">किले</a>, राजा महाराजा, नवाब, बादशाह, और शहंशाहों द्वारा बनवाए गए अनेक स्थल सदियों से आकर्षण का केंद्र रहे हैं।</p>
<p>इसी तरह धार्मिक स्थल हैं जो पूरे देश में आस्था के प्रतीक और प्राचीन वास्तु कला के अद्वितीय भंडार हैं। इनका सौंदर्य अनूठा, आलौकिक और अद्भुत है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त <a href="https://fundabook.com/increase-hemoglobin-natural-methods/">प्राकृतिक</a> सौंदर्य के प्रतीक अनेक स्थल हैं जो अपनी विविधता के लिए प्रसिद्ध हैं। ऐसे ही स्थलों में अरब सागर में स्थित लक्षद्वीप है जो अपने प्राकृतिक संपदा के लिए विख्यात है। अभी तक यह क्षेत्र सैलानियों के लिए एक तरह से प्रतिबंधित रहा है।</p>
<p>सरकार अब इसे भी देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए खोलना चाहती है। इसका विरोध भी हो रहा है और इसे पर्यावरण संरक्षण में बाधक कहकर अनेक राजनीतिक और सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों द्वारा अनावश्यक बताया जा रहा है।</p>
<h2><img data-recalc-dims="1" fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone wp-image-26574" src="https://i0.wp.com/fundabook.com/wp-content/uploads/2021/06/deeeep.jpg?resize=696%2C432&#038;ssl=1" alt="" width="696" height="432" srcset="https://i0.wp.com/fundabook.com/wp-content/uploads/2021/06/deeeep.jpg?resize=300%2C185&amp;ssl=1 300w, https://i0.wp.com/fundabook.com/wp-content/uploads/2021/06/deeeep.jpg?resize=356%2C220&amp;ssl=1 356w" sizes="(max-width: 696px) 100vw, 696px" /></h2>
<h2>लक्षद्वीप अनूठा द्वीप समूह</h2>
<p>फरवरी 2019 में विज्ञान प्रसार के लिए एक फिल्म बनाने के लिए लक्षद्वीप जाना हुआ। इस फिल्म का विषय था कि समुद्र के पानी से ऊर्जा अर्थात बिजली का उत्पादन करने से हमारी विज्ञान प्रयोगशालाओं ने जो प्रयास किए हैं और उनके फलस्वरूप जो उपलब्धियां हासिल की हैं उन्हें इंडिया साइंस चैनल के माध्यम से दर्शकों को अवगत कराना।</p>
<p>फिल्म निर्माण के समय इस क्षेत्र के सौंदर्य को निहारने और इसकी विशेषताओं से परिचित होने का अवसर था। सबसे पहले इस अनूठे क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य की बात करते हैं।</p>
<p>32 वर्ग किलोमीटर में फैले लक्षद्वीप में 36 स्थल हैं। इनमें 27 द्वीप हैं जिनमें से 10 में आबादी है और17 में कोई नहीं रहता। तीन रीफ हैं जो पर्यावरण की दृष्टि से अनमोल धरोहर हैं छः सैंड बैंक हैं जिनका भी इकोसिस्टम की दृष्टि से बहुत महत्व है।</p>
<p>लगभग 70 हजार की जनसंख्या वाले इस केंद्र शासित प्रदेश में कुछ इलाके ऐसे हैं जहां केवल 10 लोग रहते हैं। यह पूरा अनुसूचित जनजाति क्षेत्र है और यहां की आबादी 9% मुस्लिम है।</p>
<p>शेष 3% में अधिकतर प्रशासनिक, सैन्य तथा अन्य सरकारी सेवाओं के लोग हैं ।स्थानीय आबादी हालांकि एक ही धर्म से संबंधित है लेकिन उनका व्यवहार इतना धर्मनिरपेक्ष है कि वहां बाहर से आने वाले व्यक्ति को लगता है कि उसमें और उनमें कोई अंतर नहीं है।</p>
<p><img data-recalc-dims="1" decoding="async" class="alignnone wp-image-26575" src="https://i0.wp.com/fundabook.com/wp-content/uploads/2021/06/deeep.jpg?resize=696%2C457&#038;ssl=1" alt="" width="696" height="457" srcset="https://i0.wp.com/fundabook.com/wp-content/uploads/2021/06/deeep.jpg?resize=300%2C197&amp;ssl=1 300w, https://i0.wp.com/fundabook.com/wp-content/uploads/2021/06/deeep.jpg?w=640&amp;ssl=1 640w" sizes="(max-width: 696px) 100vw, 696px" /></p>
<p>स्वागत सत्कार, बातचीत से उनके मिलनसार होने का आभास धरती पर एक कदम रखते ही हो जाता है। इस तरह से मदद करने और किसी भी प्रकार की अपेक्षा न रखने की प्रवृत्ति यहां स्थानीय आबादी में इतनी है कि अगर किसी को कहीं रहने की सुविधा न मिले तो उसे यह अपने घर ठहरने तक में कोई असुविधा महसूस नहीं करते और उनकी कुछ सुविधा का ध्यान रखने में कोई कमी नहीं रखते।</p>
<p>राजधानी कवारती में अधिकतर सरकारी कार्यालय हैं और पूरे क्षेत्र का प्रशासन यहीं से चलता है। रहने के लिए जो भी होटल या गेस्ट हाउस है वह सरकारी हैं और यहां आने से पहले यह निश्चित कर लेना होता है कि इनमें रहने के लिए जगह उपलब्ध है और बुकिंग करा ली गई है। कई बार तो इसके लिए कई सप्ताह इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि बहुत सीमित मात्रा में निवास की सुविधाएं हैं।</p>
<p>जहां तक पानी का संबंध है तो अभी भी यहां सब जगह खारा <a href="https://fundabook.com/these-plants-planted-water-hindi/">पानी</a> ही उपलब्ध है। पीने का पानी बहुत सीमित मात्रा में उपलब्ध है। यह या तो बोतल बंद बाहर से आता है या फिर डीसैलिनेशन प्लांट से नलों के जरिए प्राप्त होता है। यह नल जगह-जगह लगे हुए हैं जहां से पानी भरकर घरों तक लाया जाता है।</p>
<p>अगर इस क्षेत्र का विकास करना है और उसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करना है तो सबसे पहले बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था करनी होगी।</p>
<p>वैसे भी यह दोनों स्थानीय आबादी की मूलभूत आवश्यकताएं हैं जिनकी पूर्ति किए बिना लक्षद्वीप के शहर कवारती को स्मार्ट सिटी का आकार देना संभव नहीं है।</p>
<p>लक्षद्वीप के पर्यटन की दृष्टि से जो दीप विकसित किए जा सकते हैं उनमें बंगाराम पहले से ही सैलानियों का पसंदीदा स्थल है। जिन अन्य द्वीपों पर आबादी है उनका विकास जीवन के लिए आवश्यक सुविधाओं का प्रबंध करने से ही होगा। इनमें स्कूल, शौचालय,अधिकार प्रमुख हैं।</p>
<p>नई प्रशासनिक घोषणा से बीफ को प्रतिबंधित करने और उसके स्थान पर मछली और अंडों का सेवन करने पर जोर देना कहीं से भी उचित नहीं है। बीफ का प्रचलन रोकने से स्थानीय आबादी के रोष का कारण बनना ठीक नहीं।</p>
<p>यदि गौरक्षा ही उद्देश्य है तो उसके लिए अलग से व्यवस्था की जानी चाहिए ना कि ऐसा काम किया जाए जिससे विरोध की लहर पैदा हो जाए। अल्कोहल की अनुमति देना भी तर्कसंगत नहीं क्योंकि अभी तक यह क्षेत्र की इस व्यसन से अपरिचित है।</p>
<p>पर्यटकों का स्वागत अल्कोहल के स्थान पर किसी अन्य भारतीय पेय पदार्थ किया जा सकता है। इससे न केवल विदेशियों को एक भारतीय पेय का स्वाद मिलेगा बल्कि वे उसे अपने साथ भी ले जाना पसंद करेंगे।</p>
<p>जहां तक कानून व्यवस्था की बात है, यह प्रदेश अभी तक अपराध से लगभग अछूता है। यहां चोरी, डकैती ,लूटपाट जैसी घटनाएं लगभग न के बराबर होती हैं। जनसंख्या एक दूसरे के साथ सहयोग करने और आपसी विश्वास की जीवन चर्या का अंग मानती है।</p>
<p>पंचायत चुनावों में भाग लेने के लिए दो बच्चों की सीमा बना देना न केवल हास्य पद है बल्कि गैर कानूनी भी है क्योंकि अभी तक संविधान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।</p>
<p>विकास करना ही अगर उद्देश्य है तो सबसे पहले क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकताओं को ही पूरा कर ले तो काफी होगा।<br />
पंजाब केसरी से साभार&#8230;&#8230;।</p>
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