ये हैं साल 2015 की 10 बड़ी खोजें!

  1. कैंब्रियन जीनोमिक्स, जो एक सिंथेटिक जीव विज्ञान कंपनी है, ने फण्ड के माध्यम से 60 करोड़ रूपये की राशि एकत्रित की थी. उन्होंने इस एकत्रित की राशि से एक ऐसी डीएनए लेज़र का निर्माण किया जो नये जीवों को विकसित करती है. यह लेज़र असल में डीएनए में परिवर्तन करती है.
  2. एक नये वैज्ञानिक अध्ययन में आया है कि प्लूटो को छोड़कर ऐसे दो और भी ग्रह हैं जो सूर्य का चक्कर लगाते हैं. हालाँकि वैज्ञानिकों को अभी तक उनके बारे में अधिक जानकारी नहीं मिली है.
  3. मास्को स्टेट यूनिवर्सिटी ने दुनिया में पहला ऐसा डाटाबेस तैयार किया है जिसमें हमारी पृथ्वी पर रहने वाले हर जीवों के डीएनए की जानकारी स्टोर है.
  4. वैज्ञानिकों ने एक ऐसे टिक्सओबैकटिन(Teixobactin) की खोज की है, जो पहला ऐसा एंटीबायोटिक है जिसके उपयोग से वैज्ञानिक मिट्टी से एंटीबायोटिक(जीवाणुनाशक) दवाओं को निकाल सकेंगे.
  5. शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में खोपड़ी की मांसपेशियों को विकसित किया है जो बाहरी उत्तेजनाओं पर वैसे ही प्रतिक्रिया (response) देती है जैसे असल में मानव की खोपड़ी की मांसपेशियां देती हैं.
  6. एम्आईटी(MIT) के भौतिक वैज्ञानियों ने पता लगाया है कि सूक्ष्माणु(उप – परमाणविक कण) को प्रकाश के गति के जितना गतिमान किया जा सकता है. यह अणु इस गति को खुद ही संचालित करते हैं.
  7. शोधकर्ताओं ने सफलतापूर्वक ऐसा बैक्टीरिया विकसित किया है जो हाइड्रोजन गैस को शराब आधारित ईंधन में बदल देगा.
  8. वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ब्लैक होल की खोज की है जो सूरज से 12 अरब गुणा भारी है.
  9. डेलट यूनिवर्सिटी के एक पीएचडी उम्मीदवार ने उच्च गुणवत्ता वाली ग्राफीम विकसित की है, जो पिछली विधि से 1000 गुणा सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली है. ग्राफीम एक ऐसी तकनीक होती है जिसको शब्दों की लेखन प्रणाली के वर्णन के लिए उपयोग किया जाता है.
  10. स्पेसएक्स(SpacesX) ने हाल ही में DSCOVR नाम का उपग्रह लांच किया है जो सूर्य से आने वाले अति-अधिक उत्सर्जन की जानकारी पहले से ही पहुंचा देगा क्योंकि सूरज से निकलने वाला यह उत्सर्जन संचार प्रणाली, बिजली के ग्रिड और उपग्रहों पर बुरा प्रभाव छोड़ती है.

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