भारत की 5 महान यूनिवर्सिटीज जो विश्व पर करती थी राज!!

1838

वर्तमान में भारत में शिक्षा-व्यवस्थाप्रणाली के अवमूल्यन और इसमें फैले भ्रष्टाचार को देखते हुए इसमें कोई अचरज नहीं कि विश्व के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों यानी यूनिवर्सिटीज में भारत की एक भी यूनिवर्सिटी शामिल नहीं है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि विश्व का सबसे पहला विश्वविद्यालय भारत में ही था. वैदिक काल से ही भारत में गुरुकुल और आश्रम की परंपरा थी जिसके तहत इन केन्द्रों में शिक्षा दी जाती थी. यहाँ तक कि भारत  8वीं शताब्दी से लेकर 12वीं शताब्दी तक विश्व में शिक्षा का सबसे प्रसिद्ध केंद्र था. आज हम ऐसे ही प्राचीन विश्वविद्यालयों की बात करेंगे जो कि उस समय शिक्षा के मंदिर थे. अफ़सोस कि अब यह सब इतिहास की बातें हैं.

1नालंदा

प्राचीन काल में नालंदा यूनिवर्सिटी भारत ही नहीं बल्कि विश्व में उच्च शिक्षा का सबसे प्रसिद्ध और प्रमुख केन्द्र हुआ करता था. यह वर्तमान बिहार राज्य के पटना शहर से 88.5 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और राजगीर से 11.5 किलोमीटर में स्थित था. भारत घूमने आए चीनी यात्री ह्वेनसांग और इत्सिंग की यात्रा-वृतांत और संस्मरणों से इस विश्वविद्यालय का पता चला था. ऐसा माना जाता है कि इस विश्वविद्यालय में एक साथ लगभग दस हज़ार छात्रों को पढ़ाया जाता था और इसमें कम से कम दो हज़ार शिक्षक थे. नालंदा विश्वविद्यालय में न केवल भारत के बल्कि पूरी दुनिया से जैसे इंडोनेशिया, फारस, तुर्की, कोरिया, जापान, चीन, तिब्बत आदि देशों के विद्यार्थी पढने आते थे. नालंदा यूनिवर्सिटी में कम से कम 300 कमरे और विद्यार्थियों और शिक्षकों के अध्ययन के लिए नौ मंजिला विशालकाय पुस्तकालय भी था जिसमें लाखों पुस्तकें थी. इस विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम ने 450-470 इस्वी के दौरान की थी.

Back

LEAVE A REPLY